परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी ना होने के कारण मालवीय की पढ़ाई के लिए उनकी मां ने कंगन गिरवी रख दिए थे
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

BHU बनाने वाले मदन मोहन मालवीय मुफ्त में लड़ते थे गरीबों के मुकदमे; हिंदुओं को देते थे धर्मोपदेश

परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी ना होने के कारण मालवीय की पढ़ाई के लिए उनकी मां ने कंगन गिरवी रख दिए थे

Shiv Chaudhary द्वारा Shiv Chaudhary
25 December 2024
in इतिहास, चर्चित
मदन मोहन मालवीय राजनीति और स्वतंत्रता के आंदोलन में लगे थे लेकिन पत्रकारिता को लेकर उनके मन में उत्साह रहता था

मदन मोहन मालवीय राजनीति और स्वतंत्रता के आंदोलन में लगे थे लेकिन पत्रकारिता को लेकर उनके मन में उत्साह रहता था

Share on FacebookShare on X

महान स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षाविद, वकील और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय को उनकी जयंती के अवसर पर भारत याद कर रहा है। अंग्रेजों की नीतियों की मुखरता से आलोचना करने वाले मालवीय को भारत माता के सच्चे सेवक के तौर पर याद किया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बडे़ राजनेताओं ने मालवीय को याद किया है। पीएम मोदी ने उन्हें याद करते हुए कहा, “महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन। वे एक सक्रिय स्वतंत्रता सेनानी होने के साथ-साथ जीवनपर्यंत भारत में शिक्षा के अग्रदूत बने रहे।” उन्होंने कहा, “देश के लिए उनका अतुलनीय योगदान हमेशा प्रेरणास्रोत बना रहेगा।” मालवीय का जीवन बहुआयामी था और जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में उन्होंने अलग-अलग काम किए थे। 

मालवीय का शुरुआती जीवन

25 दिसम्बर 1861 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (तब इलाहाबाद) में मदन मोहन मालवीय का जन्म हुआ था। उनके पिता पंडित ब्रजनाथ कथा, प्रवचन और पूजा कर्म से परिवार का पालन करते थे। इनका असल उपनाम ‘चतुर्वेदी’ हुआ करता था लेकिन इन पूर्वज मध्य प्रदेश के मालवा से थे, इसलिए उन्हें ‘मालवीय’ कहा जाने लगा था। उन्होंने 5 वर्ष से ही संस्कृत की पढ़ाई शुरू कर दी थी और अंग्रेजी पर भी इनका अच्छी पकड़ थी। इनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी ना होने के कारण उनकी मां ने मालवीय की पढ़ाई के लिए कंगन गिरवी रख दिए थे।

संबंधितपोस्ट

कैप्टन स्मित ने PM मोदी को बताया, विमान में मौत से जंग के दौरान क्यों पढ़ रहे थे हनुमान चालीसा? ‘

दुनिया ने कहा ‘हीरो’, विपक्षी नेताओं की चुप्पी क्यों? कैप्टन स्मित मच्छार पर राहुल-अखिलेश से सवाल

Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

और लोड करें

मालवीय ने आठवीं तक की शिक्षा प्रयागराज से ही पूरी की और उन्होंने तब ही ‘मकरंद’ नाम से कविताएं लिखना शुरू कर दिया था। 1884 में उन्होंने कलकत्ता यूनिवर्सिटी से बीए की और इलाहाबाद के एक स्कूल में पढ़ाना शुरू कर दिया थे। 1885 में कांग्रेस की स्थापना के बाद वे उससे जुड़ गए और दिसंबर 1886 में दादा भाई नैरोजी की अध्यक्षता में हुए कांग्रेस के दूसरे अधिवेशन में उन्होंने परिषदों में प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर भाषण दिया था।

मदन मोहन मालवीय फ्री में लड़ते थे गरीबों के मुकदमे

उत्तर प्रदेश की कालाकांकर रियासत के नरेश इनसे बहुत प्रभावित थे और वे ‘हिंदुस्थान’ नामक समाचार पत्र निकालते थे। नरेश ने मालवीय को बुलाकर इसका संपादक बनाना चाहा तो मालवीय ने शर्त रखी की राजा कभी उनसे शराब पीकर बात नहीं करेंगे और वे ‘हिंदुस्थान’ के संपादक बन गए। एक दिन राजा ने अपनी शर्त तोड़ दी तो मालवीय ने इस्तीफा दे दिया और राजा के माफी मांगने के बाद भी वे अपने फैसले पर डटे रहे। राजा ने उनसे अनुरोध किया वे वकालत पढ़ें और इसका खर्च वे खुद देंगे तो मालवीय इसके लिए तैयार हो गए। 1891 में उन्होंने इलाहाबाद से एलएल.बी. करने के बाद ज़िला अदालत में वकालत शुरू कर दी और दिसंबर 1893 में इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने लगे। वे झूठे मुकदमे नहीं लेते थे और गरीब लोगों के लिए फ्री में अदालत में केस लड़ा करते थे।

पत्रकार मदन मोहन मालवीय

मालवीय राजनीति और स्वतंत्रता के आंदोलन में लगे थे लेकिन पत्रकारिता को लेकर उनके मन में एक अलग तरह का उत्साह रहता था। मालवीय ने 1907 में एक हिंदी साप्ताहिक के रूप में ‘अभ्युदय’ शुरू किया और 1915 में इसे दैनिक बना दिया। उन्होंने 1910 में एक हिंदी मासिक ‘मर्यादा’ और 1921 में एक और हिंदी मासिक भी शुरू किया। मालवीय ने अक्टूबर 1909 में एक अंग्रेजी दैनिक ‘लीडर’ शुरू किया। वह 1924 से 1946 तक ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ के निदेशक मंडल के अध्यक्ष रहे।

गांधी ने उन्होंने बताया था ‘साफ धारा’

पंडित मदन मोहन मालवीय का राजनीतिक करियर कलकत्ता के 1886 के कांग्रेस अधिवेशन से शुरू हो गया था। इसके बाद वे चार बार (1909, 1918, 1930 और 1932) कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। महात्मा गांधी उनका बहुत सम्मान करते थे उन्होंने यंग इंडिया के एक अंक में मालवीय के बारे में लिखा था, “तिलक मुझे हिमालय की तरह लगते थे. जब मुझे लगा कि मेरे लिए इतना ऊंचा चढ़ पाना संभव नहीं होगा तो मैं गोखले के पास गया. वो मुझे एक गहरे समुद्र की तरह लगे।मुझे लगा कि मेरे लिए इतना गहरे उतर पाना संभव नहीं है।” गांधी ने लिखा, “अंत में मैं मालवीय जी के पास गया। वो मुझे एक साफ धारा की तरह लगे और मैंने तय किया कि मैं उस पवित्र धारा में डुबकी लगा लूं।”

महात्मा गांधी ने उन्हें ‘महामना’ की उपाधि दी थी और भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने उन्हें ‘कर्मयोगी’ का दर्जा दिया था। गोपाल कृष्ण गोखले और बाल गंगाधर तिलक दोनों का ही अनुयायी होने के कारण उन्हें स्वतंत्रता संग्राम में क्रमशः नरमपंथी और गरमपंथी दोनों के बीच की विचारधारा का नेता माना जाता था। वर्ष 1930 में जब महात्मा गांधी ने नमक सत्याग्रह और सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू किया, तो उन्होंने इसमें सक्रिय रूप से हिस्सा लिया और गिरफ्तार भी हुए। 1934 में सांप्रदायिक आधार पर चुनाव कराने के फैसले पर वे कांग्रेस के रवैये से नाराज हो गए और पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने एमएस अणे के साथ मिलकर कांग्रेस राष्ट्रीय दल की स्थापना की थी। हालांकि, उन्होंने कई विषयों पर महात्मा गांधी से मतभेद हुए लेकिन उनके प्रति गांधी के मदद में सम्मान कभी कम नहीं हुआ।

BHU की स्थापना

मालवीय तक्षशिला और नालंदा जैसे भारत के प्राचीन शिक्षा केंद्रों और पश्चिम के आधुनिक विश्वविद्यालयों की परंपराओं के साथ मिलकर एक विश्वविद्यालय बनाना चाहते थे। उन्होंने ज्ञान और आध्यात्मिकता की सदियों पुरानी भारतीय परंपरा के केंद्र के रूप में माने जाने वाले बनारस को इस विश्वविद्यालय के लिए चुना। उन्होंने नवंबर 1911 में हिंदू यूनिवर्सिटी सोसायटी की स्थापना की और दिसंबर 1911 में वकालत छोड़कर विश्वविद्यालय के निर्माण के काम में जुट गए। 1915 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय बिल पास हुआ और डॉ. एनी बेसेंट जैसी हस्तियों के सहयोग से फरवरी 1916 में इस विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी गई।

उन्होंने 1912 से ही विश्वविद्यालय के लिए धन संग्रह का व्यापक अभियान चला रखा था और बहुत से राजाओं, नेताओं और विद्वानों ने उन्हें दान दिया था। 1915 के शुरुआती दौर तक चंदे के तौर पर 50 लाख रुपए जमा हो गए थे जिसमें महाराजा बीकानेर, महाराजा जोधपुर और महाराजा कश्मीर ने दान दिया था। बताया जाता है कि मालवीय ने विश्वविद्यालय निर्माण हेतु चंदे के लिए पेशावर से लेकर कन्याकुमारी तक की यात्रा की थी और इस दौरान उन्होंने कुल 1 करोड़ 64 लाख रुपए जमा किए थे।

हैदराबाद के निजाम को मालवीय ने पढ़ाया पाठ

बीएचयू के निर्माण के दौरान देशभर में चंदा इकट्ठा कर रहे मदन मोहन मालवीय का हैदराबाद के निजाम को सबक सिखाने का किस्सा बहुत मशहूर है। मालवीय चंदा लने के लिए निजाम के पास पहुंचे और उनसे आर्थिक सहयोग देने को कहा जिसके लिए निजाम ने इनकार कर दिया। निजाम ने कहा कि दान में देने के लिए उनके पास सिर्फ जूती है। मालवीय इससे नाराज हो गए और निजाम की जूती उठाकर ले आए और चारमीनार के पास उसकी नीलामी शुरू कर दी। इसकी जानकारी जब निजाम को हुई तो उसे अपमान महसूस हुआ और उसने फिर मालवीय को बुलाया और चंदे के तौर पर भारी राशि देकर उन्हें विदा किया।

चौरी-चौरा और काकोरी के आरोपियों के वकील

मालवीय ने राजनीति में आने के बाद वकालत करना लगभग छोड़ दिया था लेकिन 1922 में उन्होंने चौरी-चौरा में शामिल लोगों को बचाने के लिए फिर वकील का कोट पहना और 172 लोगों में से 153 लोगों को बरी करवाया था। साथ ही, काकोरी ट्रेन एक्शन के दौरान जब मशहूर वकील जगतनारायण मुल्ला ने क्रांतिकारियों की पैरवी करने से मना कर दिया तो पंडित राम प्रसाद बिस्मिल ने सितंबर 1927 में मालवीय को एक पत्र लिखा था। इसके बाद मालवीय ने इस एक्शन में शामिल लोगों की रिहाई के लिए वायसराय को प्रतिवेदन भिजवाया जिस पर 78 लोगों ने हस्ताक्षर किए थे। हालांकि, वायसराय ने इस प्रतिवेदन को अस्वीकार कर दिया था।

मालवीय जीवन भर अपनी हिंदू पहचान से जुड़े रहे और उन्हें धर्म बदलने वाले हिंदुओं को पुन: हिंदू धर्म में वापसी की संकल्पना को शरू किया। 1932 में उन्होंने स्वदेशी विचार के प्रचार के लिए वाराणसी में अखिल भारतीय स्वदेशी संघ बनाया था। वे हमेशा इस बात को लेकर चिंतिंत रहते थे कि हिंदुओं को अपने धर्म की जानकारी कम है और वे इलाहाबाद के माघ मेले में लोगों को धर्म के उपदेश देने जाया करते थे।

आजीवन देश की आज़ादी का सपना देखने वाले भारत माता के इस लाल का 12 नवंबर 1946 को 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। पंडित जवाहरलाल नेहरू ने मालवीय को श्रद्धांजलि देते हुए कहा था, “वह उन महान लोगों में से एक थे जिन्होंने आधुनिक भारतीय राष्ट्रवाद की नींव रखी और इस पर एक-एक ईंट तथा एक-एक पत्थर रखकर भारतीय स्वतंत्रता का शानदार भवन खड़ा किया।” मालवीय को 2014 में मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था।

स्रोत: महामना मदन मोहन मालवीय, बीएचयू, स्वतंत्रता संग्राम, नरेंद्र मोदी, Mahamana Madan Mohan Malviya, Mahatma Gandhi, BHU, Freedom Fighters, Narendra Modi
Tags: BHUFreedom FightersMahamana Madan Mohan MalviyaMahatma GandhiNarendra Modiनरेंद्र मोदीबीएचयूमहामना मदन मोहन मालवीयस्वतंत्रता संग्राम
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘अटल जी के शब्द विपरीत स्थिति में नव सृजन की प्रेरणा देते थे…’: वाजपेयी की 100वीं जयंती पर पीएम मोदी का लेख

अगली पोस्ट

घृणा और शत्रुतापूर्ण राजनीतिक चरित्र का डरावना परिणाम

संबंधित पोस्ट

India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान
अर्थव्यवस्था

India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

5 October 2026

भारत और स्विट्जरलैंड के बीच सोमवार को हुई बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब भारत की एक दूसरी बड़ी व्यापार वार्ता—अमेरिका के साथ प्रस्तावित...

महिला सुरक्षा को लेकर नेहा बोरा पर उठे सवाल, पत्रकार रुचि तिवारी ने पुराने विवाद का किया जिक्र
चर्चित

महिला सुरक्षा को लेकर नेहा बोरा पर उठे सवाल, पत्रकार रुचि तिवारी ने पुराने विवाद का किया जिक्र

5 October 2026

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद सामने आया है। पत्रकार रुचि तिवारी ने महिला सुरक्षा...

Nobel Prize 2026: दिमाग की किस नस में छुपा है डर, खुशी और याददाश्त?
चर्चित

Nobel Prize 2026: दिमाग की किस नस में छुपा है डर, खुशी और याददाश्त?

5 October 2026

इंसान डरता क्यों है? किसी पुरानी घटना की याद अचानक क्यों लौट आती है? खुशी महसूस होने पर दिमाग में कौन-से न्यूरॉन सक्रिय होते हैं?...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

00:10:03

How Pakistan-Linked Drug Networks Are Targeting India | Coast Guard Deals a ₹3,000 Crore Blow

00:03:28

How SkyStriker Hunts Its Target: Inside India’s Loitering Munition

00:03:49

F-35 vs Rafale? Inside India’s Biggest Air Exercise

00:05:54

China and the Philippines Are Fighting a War With Maps, Not Missiles

00:05:55
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited