भारी मात्रा में लूट जमा किए गए। इसे इस तरह समझ लीजिए कि तैमूर की फौज का एक-एक शख्स रातोंरात अमीर हो गया। जो सबसे गरीब था, उसके पास भी कम से कम 20 गुलाम थे।
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    नेपाल में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़

    नेपाल में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़, रसुवा में भारी तबाही; कई लोग लापता

    BPSC परीक्षा रद्द/री-एग्जाम की मांग को लेकर छात्रों के प्रदर्शन की तस्वीरें

    BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग पर पटना में छात्रों का प्रदर्शन, बैरिकेडिंग तोड़ी, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

    दिमागी नक्सल

    बंदूक से आगे की लड़ाई  ‘दिमागी नक्सल’ और राष्ट्र को दिग्भ्रमित करने वाले नैरेटिव का खेल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    नेपाल में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़

    नेपाल में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़, रसुवा में भारी तबाही; कई लोग लापता

    BPSC परीक्षा रद्द/री-एग्जाम की मांग को लेकर छात्रों के प्रदर्शन की तस्वीरें

    BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग पर पटना में छात्रों का प्रदर्शन, बैरिकेडिंग तोड़ी, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

    दिमागी नक्सल

    बंदूक से आगे की लड़ाई  ‘दिमागी नक्सल’ और राष्ट्र को दिग्भ्रमित करने वाले नैरेटिव का खेल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जब बिना किसी ग़लती के काट डाले गए 1 लाख निर्दोष हिन्दू… तैमूर के नाम पर बच्चे का नाम रखने वालो, ज़रा दिल्ली हमले वाला इतिहास पढ़ लो

भारी मात्रा में लूट जमा किए गए। इसे इस तरह समझ लीजिए कि तैमूर की फौज का एक-एक शख्स रातोंरात अमीर हो गया। जो सबसे गरीब था, उसके पास भी कम से कम 20 गुलाम थे।

Anupam K Singh द्वारा Anupam K Singh
17 December 2024
in इतिहास, ज्ञान
तैमूर, दिल्ली, लाशें

तैमूर ने दिल्ली को बना दिया था शमशान, उबरने में लगे सालों

Share on FacebookShare on X

तैमूर लंग – एक ऐसा नाम, जो भारत में सदियों तक खौफ का पर्याय रहा। कम से कम दिल्ली और उसके आसपास के इलाक़ों में 14वीं शताब्दी में तैमूर का नाम बच्चों को डराने के लिए तो लिया ही जाता था। तैमूर के दिल्ली हमले का इतिहास इस शहर के सबसे काले अध्यायों में से एक है। कई वामपंथी इतिहासकारों ने तैमूर को ‘बहादुर’ बता कर उसका महिमामंडन भी किया। बच्चों को तैमूर की कहानियाँ पढ़ाई गईं, लेकिन भुला दिए गए वो अत्याचार जो उसने भारतीयों पर किए। भुला दिया गया कि कैसे तैमूर लंग ने दिल्ली में लाशें बिछाई थीं। कैसे भेड़-बकरियों की तरह इंसानों का खून बहाया गया था। आइए, तैमूर के उस असली इतिहास की बात करते हैं।

तैमूर के दिल्ली हमले का इतिहास और उसके बारे में असली जानकारी लोगों तक पहुँचानी इसीलिए भी आवश्यक है, ताकि आज के सेलेब्रिटी अपने बच्चों का नाम उसके नाम पर न रखें और उसका गुणगान न करें।

संबंधितपोस्ट

दिल्ली की सड़कें बनीं ‘स्विमिंग पूल’, कहीं डूबी गाड़ियां तो कहीं तैरते दिखे बच्चे

दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश, मौसम हुआ सुहाना; गुरुग्राम में जलभराव से बढ़ी परेशानी

थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

और लोड करें

तैमूर एक तुर्क-मंगोल आक्रांता था। उसने तैमूरी राजवंश की स्थापना की, जो अफगानिस्तान, ईरान और मध्य एशिया में फैला हुआ था। भारत में जो मुग़ल राजवंश था, वो तैमूर का ही वंशज था। तैमूर को कला एवं आर्किटेक्चर का संरक्षक व पोषक बता कर पेश किया जाता रहा है, लेकिन इसकी आड़ में उसकी क्रूरता को छिपा दिया जाता है। आज जिसे उज्बेकिस्तान कहते हैं, वहीं तैमूर का जन्म हुआ था। सन् 1370 के आसपास उसने चग़ताई ख़ानत को अपने नियंत्रण में लिया। इसके बाद उसने मंगोल साम्राज्य के ‘गोल्डन हॉर्ड’, ऑटोमन साम्राज्य, मिस्र-सीरिया के मामलुक सल्तनत और दिल्ली सल्तनत को विभिन्न सैन्य अभियानों में हराया।

कौन था क्रूर शासक तैमूर, कैसी थी उसकी फ़ौज

तैमूर खानाबदोश बरलास जनजाति की गोरगान शाखा से ताल्लुक रखता था। उसका अब्बा तुरगाई ट्रांसऑक्सियाना (वर्तमान उज्बेकिस्तान और उसके आसपास के इलाक़े) के काश क्षेत्र का गवर्नर था। तैमूर का जन्म 1320 के आपस हुआ था, सन् 1336 में एक तीर लगने के कारण वो लँगड़ा हो गया था। 1370 में वो बल्ख का शासक बना। तैमूर जिस भी क्षेत्र को जीतता, वहाँ माल-ए-अमान लगाता, यानी रक्षा कर (Tax)। तैमूर ने अपने सैन्य अभियानों को एकदम संगठित रूप से चलाया, यानी वो पूरी योजनाबद्ध तरीके से हमलों को अंजाम देता था। लेकिन, उसकी जीत के बाद जो कहर मचता था वो तो बिलकुल भी योजनाबद्ध नहीं होता था।

तैमूर की फौज इतनी भयानक थी कि उसके बारे में क्या ही कहा जाए। 15वीं सदी के सीरियाई इतिहासकार इब्न अरबशाह ने लिखा था, “तातार सेना का दृश्य विनाशकारी था। जंगली जानवर इकट्ठा होकर ज़मीन पर बिखरे हुए प्रतीत होते थे और सितारे तितर-बितर हो जाते थे, जब उसकी सेना इधर-उधर गमन करती थी। पर्वत चलते दिखाई देते थे जब सेना बढ़ती थी और कब्रें उखाड़ दी जाती थीं जब वह कूच करती थी। ऐसा लगता था मानो पृथ्वी हिंसक गति से हिल उठी हो।” (उस समय मंगोल और तुर्क जनजातियों को यूरोपियनों ने ‘तातार’ कह कर ही संबोधित किया।)

दिल्ली में ऐसे घुसा तैमूर, भाग खड़े हुए तुगलक

तैमूर के भारतीय सैन्य अभियान की बात करें तो वो सिंध और झेलम नदियों को पार कर के यहाँ घुसा और उसने मुल्तान, भटनेर और कैथल पर अपना कब्ज़ा जमाया। उसके सैन्य अभियान की ख़ासियत ये थी कि वो जहाँ से भी गुजरता, वहाँ से लाशों के ढेर लगाते चलता। शहर के शहर श्मशान बनते चले गए। वो दिसंबर 1398 का पहला सप्ताह था, जब तैमूर ने दिल्ली में क़दम रखा। उस समय दिल्ली की गद्दी पर तुगलक राजवंश का नसीरुद्दीन महमूद शाह बैठा हुआ था। उसने अपने मंत्री मल्लू इक़बाल खान को फौज सहित तैमूर को रोकने के लिए लगाया।

दिल्ली में तुगलक और तैमूर के बीच भयंकर युद्ध हुआ। लेकिन, हमें ये जानना चाहिए कि उससे पहले उसने क्या किया। तैमूर ने 1 लाख हिन्दुओं को बंदी बनाया हुआ था। उसने उन सबकी हत्या का आदेश दिया। इस तरह 1 लाख निर्दोष हिन्दू मार डाले गए। तुगलक फौज बहादुरी से लड़ी, लेकिन अंततः महमूद को भाग कर गुजरात में शरण लेनी पड़ी। हौज ख़ास में उलेमाओं ने तैमूर का स्वागत किया और उपहार भेंट किए। साथ ही उससे क्षमा-याचना भी की गई। तैमूर ने इस दौरान दिल्ली के नागरिकों को नुकसान न पहुँचाने की बात कही।

हालाँकि, उसकी फौज यहाँ जिस तरह से तबाही मचा रही थी, यहाँ के लोगों ने भी प्रतिकार करना शुरू कर दिया था। तैमूर ने अपना वादा तोड़ दिया और उसने पूरी दिल्ली को तहस-नहस करने व यहाँ के लोगों के नरसंहार का आदेश दिया। ये क्रम कई दिनों तक चलता रहा। सैकड़ों लोगों को बंदी बनाया गया, भारी मात्रा में लूट जमा किए गए। इसे इस तरह समझ लीजिए कि तैमूर की फौज का एक-एक शख्स रातोंरात अमीर हो गया। जो सबसे गरीब था, उसके पास भी कम से कम 20 नौकर थे। तैमूर ने यहाँ से बड़ी संख्या में कलाकारों को भी बंदी बनाया और उन्हें समरकंद में बीबी-खानम मस्जिद बनाने के लिए भेजा गया।

लगभग 15 दिनों तक तैमूर दिल्ली में रुका, उसके बाद वो यमुना नदी पार कर के फिरोजाबाद की तरफ बढ़ चला। फिर वो हरिद्वार पहुँचा और उसने कांगड़ा होते हुए जम्मू को अपना निशाना बनाया। शिवालिक की पहाड़ियाँ उसकी बर्बरता की साक्षी बनीं। जम्मू में भी वैसी ही तबाही मचाई गई। इतिहास में झाँकने पर आप पाएँगे कि तैमूर ने दिल्ली हमले के दौरान ऐसी तबाही मचाई थी कि दिल्ली में धन-धान्य, व्यापार-कारोबार और आम जनजीवन का कोई नामोनिशान नहीं बचा। भुखमरी से लोग तड़प रहे थे, खाने को अन्न का दाना नहीं था। लेखिका प्रभा चोपड़ा द्वारा संपादित ‘Delhi Gazetteer‘ में बताया गया है कि तैमूर के जाने के बाद 3 महीनों तक दिल्ली बिना शासन व शासक के चलता रहा, श्मशान बना रहा।

तैमूर के दिल्ली हमले का इतिहास, शहर बना शमशान

फ़ारसी इतिहासकार फ़िरिश्ता ने लिखा है कि दिल्ली की कुछ गलियों में लाशों का ऐसा अंबार लगा हुआ था कि उधर से कोई गुजर भी नहीं सकता था। तैमूर ने तभी यहाँ से अपनी फ़ौज को आगे बढ़ने का आदेश दिया था, जब मारने के लिए कोई बचा ही नहीं था, लूटने के लिए उनकी नज़र में कुछ बचा ही नहीं था। बड़ी संख्या में महिलाओं को सेक्स-स्लेव बना दिया गया।

इतिहासकार अब्दुल कादिर बदायूनी द्वारा लिखे गए ‘मुंतख़ब-उल-तवारीख़’ के शब्दों में समझें तो, “दिल्ली में जो निवासी बचे थे, वे अकाल और महामारी से मर गए और 2 महीने तक दिल्ली में परिंदे तक ने पर नहीं मारा।” महमूद के समय नसरत शाह नामक तुगलक भी गद्दी का दावेदार था। तैमूर के डर से वो भी भाग खड़ा हुआ था। जब वो दिल्ली लौटा तो उसे महमूद के मंत्री मल्लू इकबाल ने खदेड़ दिया। सन् 1401 में महमूद ने लौट कर गद्दी तो सँभाली लेकिन दिल्ली उबर नहीं पाई। 1413 में उसकी मौत के साथ ही गियासुद्दीन तुगलक द्वारा सन् 1320 में स्थापित इस राजवंश का अंत हो गया।

तैमूर एक ऐसा शासक था जिससे पूरा यूरेशिया थर्र-थर्र काँपता था। भारत और चीन में से किसी एक पर उसे हमला करना था और उसने भारत को चुना। उसके फौज के जो ‘मालिक’ (Military Chiefs) थे, उनका कहना था कि भारत की जलवायु काफी गर्म है और वहाँ सैन्य अभियान मुश्किलों भरा होगा। लेकिन, अन्य इस्लामी शासकों की तरह तैमूर ने भी इसे ‘जिहाद’ का नाम दिया। उसने इस्लाम का हवाला देते हुए कहा कि ये हिन्दुओं और हिंदुस्तान के खिलाफ ‘जिहाद’ होगा। हालाँकि, साथ-साथ वो कमजोर पड़ी दिल्ली सल्तनत को लूटना भी चाहता था।

और इस तरह इतिहास में तैमूर के दिल्ली हमले का ये हिंसक अध्याय जुड़ा। तैमूर ने बड़ी चालाकी से

स्रोत: Timur, तैमूर, दिल्ली हमला, Delhi Sack, History, इतिहास, Tatar, तातार, हिन्दुओं का नरसंहार, Hindus Massacred
Tags: DelhiHistoryTimurइतिहासतैमूरदिल्ली
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

जिस देश का समर्थन करते हो वहाँ जाओ… प्रियंका गाँधी और दिलजीत दोसांझ को प्रीति जिंटा का सन्देश?

अगली पोस्ट

OBC जज से डर गया इकोसिस्टम, महाभियोग लाकर हटाने की साजिश: जो संविधान लेकर नाचते हैं, वही निकले पिछड़ा विरोधी

संबंधित पोस्ट

भारत पाकिस्तान का विभाजन
इतिहास

15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

16 August 2026

15 अगस्त 1947 को भारत को स्वतंत्रता तो मिली, लेकिन प्रश्न था कि अब आगे क्या ? दुर्भाग्य से गांधी जी ने मुस्लिम लीग के...

80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम
इतिहास

80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

15 August 2026

भारत की आज़ादी सिर्फ कुछ मशहूर नेताओं की वजह से नहीं मिली, बल्कि यह अनगिनत बहादुर लोगों के त्याग और संघर्ष का नतीजा है। इनमें...

Jawaharlal Nehru
ज्ञान

नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

14 August 2026

व्यक्ति गलतियों का पुतला होता है। जब विभाजन के घाव भारत के मन मस्तिष्क में उभरते हैं तो हम सदैव उन कारणों और उन लोगों...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

What Actually Hit Pakistan’s Nuclear Backyard? CDS | Anil Chauhan | Kirana hills

What Actually Hit Pakistan’s Nuclear Backyard? CDS | Anil Chauhan | Kirana hills

00:06:34

OP SINDOOR: HOW WOMEN PILOTS BRAHMOSED LASHKAR DEN

00:03:55

Why India Needs a Bigger Navy | More Ships, More Presence, More Maritime Power

00:05:33

India’s Fighter Force Needs More Than Jets | Here’s Why 150 Trainers Matter ? IAF | HAWK | HAL

00:04:44

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

00:03:30
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited