TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मुगल काल के ‘रोबिन हुड’ दुल्ला भट्टी: लोहड़ी से भट्टी का क्या है नाता; क्यों अकबर ने इनका नाम लेते हुए खुद को ‘भांड’ बताया था?

himanshumishra द्वारा himanshumishra
14 January 2025
in चर्चित
This Lohri Know About Dulla Bhatti

This Lohri Know About Dulla Bhatti

Share on FacebookShare on X

आज भारत भर में लोग लोहड़ी का त्यौहार धूमधाम से मना रहे हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि लोहड़ी के गीतों में एक नाम क्यों बार-बार आता है—”दुल्ला भट्टी वाला”? यह वही दुल्ला भट्टी थे जिन्होंने मुगलों से लोहा लिया, लड़कियों को बुरी नज़र से बचाया और किसानों की आवाज़ उठाई। लेकिन उनकी भूमिका सिर्फ इतना तक सीमित नहीं थी। कहते हैं कि अगर दुल्ला भट्टी न होते, तो आज लोहड़ी का पर्व भी न मनाया जाता, सलीम कभी जहांगीर नहीं बन पाता, अकबर को अपने दरबारियों के सामने झुकना पड़ता, मिर्जा-साहिबा की प्रेम कहानी न होती, और पंजाब के लोग “दुल्ले दी वार” कभी नहीं गाते।

दुल्ला भट्टी उस दौर के रॉबिनहुड थे, जिन्हें अकबर ने डकैत माना, लेकिन वो अमीरों और सिपाहियों से लूटकर आम जनता के लिए न्याय की आवाज उठाते थे। अगर दुल्ला भट्टी न होते, तो न केवल लोहड़ी का पर्व अधूरा होता, बल्कि मुगलों के अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक महान नायक की कमी भी होती।

संबंधितपोस्ट

मोहन भागवत बोले- विभाजन के बाद भारत आए लोग ‘शरणार्थी’ नहीं, बल्कि संघर्ष के योद्धा थे

पंजाब में भारत-पाक सीमा के पास बड़ी कार्रवाई: ड्रोन से भेजे गए हथियारों का जखीरा बरामद, एक आरोपी गिरफ्तार

कतर की मध्यस्थता से बनी बात: पाकिस्तान नहीं दिला सका सहमति, जिनेवा में हो सकता है समझौता

और लोड करें

 

कैसे जुड़ा है दुल्ला भट्टी का नाम इस त्योहार से?

भारत भर में लोहड़ी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस खास दिन का दुल्ला भट्टी से क्या संबंध है? लोहड़ी के गीतों में जिनका नाम बार-बार आता है, वह दुल्ला भट्टी कौन थे? आइए जानते हैं इस दिलचस्प कहानी को।

लोहड़ी का पर्व भगवान श्री कृष्ण के लोहिता राक्षसी के वध के बाद मनाया जाता है, लेकिन पंजाब में यह पर्व दुल्ला भट्टी से जुड़ा हुआ है। वह समय था जब मुगलों का आतंक था और लोग बुरी तरह जुल्मों का शिकार हो रहे थे। एक किसान, सुंदरदास, जो अपने परिवार के साथ गांव में रहता था, अपनी दो बेटियों—सुंदरी और मुंदरी—की शादी को लेकर परेशान था। गांव के नंबरदार की नीयत उन पर खराब थी, और वह सुंदरदास को धमकी देकर चाहता था कि दोनों बेटियां उसकी शादी के लिए तैयार हो जाएं।

जब सुंदरदास ने दुल्ला भट्टी से मदद मांगी, तो दुल्ला भट्टी ने बिना देर किए नंबरदार के गांव में पहुंचकर उसके खेतों में आग लगा दी और सुंदरदास की बेटियों की शादी उस जगह करवाई, जहां वह खुद चाह रहे थे। इसके बाद, उन्होंने इन बेटियों के लिए शगुन के तौर पर शक्कर दी। तब से हर साल लोहड़ी के दिन लोग आग जलाकर गेहूं की बालियां उसमें डालते हैं और इस खुशी का जश्न मनाते हुए गीत गाते हैं. जैसे

सुन्दर मुंदरिए तेरा, कौन विचारा, दुल्ला भट्टीवाला,
दुल्ले दी धी व्याही, सेर शक्कर पायी,
कुड़ी दा लाल पताका, कुड़ी दा सालू पाटा,
सालू कौन समेटे, मामे चूरी कुट्टी, जिमींदारां लुट्टी,
जमींदार सुधाए, गिन गिन पोले लाए,
इक पोला रह गया, सिपाही पकड़ के ले गया,
सिपाही नूं मारी इट्ट, भावें रो ते भावें पिट्ट,
साहनूं दे लोहड़ी, तेरी जीवे जोड़ी,
साहनूं दे दाणे, तेरे जीण न्याणे

लेकिन दुल्ला भट्टी का योगदान यहीं खत्म नहीं हुआ। उस समय अमीर व्यापारी गरीब लड़कियों को अपहरण कर उन्हें बेचते थे। जब दुल्ला भट्टी को इसका पता चला, तो उन्होंने इन लड़कियों को बचाया और उन्हें सम्मान की जिंदगी दी। उन्होंने न केवल इन लड़कियों को इनके परिवारों के पास लौटाया, बल्कि उनकी शादियां भी करवाईं।

क्यों अकबर ने दुल्ला भट्टी का नाम लेते हुए खुद को ‘भांड’ कहा था?

पाकिस्तान के पंजाब में स्थित पिंडी भट्टियां, जो वाघा बॉर्डर से करीब 200 किलोमीटर दूर है, वहाँ 1547 में एक वीर पैदा हुआ—दुल्ला भट्टी, जिनका असली नाम राय अब्दुल्ला खान था। वह राजपूत मुसलमान थे, और उनकी वीरता की कहानी आज भी पंजाब के हर कोने में सुनाई जाती है। दुल्ला का जीवन सिर्फ उनकी बहादुरी से ही नहीं, बल्कि उनके परिवार की शहादत से भी गहरे तौर पर जुड़ा हुआ था।

चाहे उनकी दादी-सरीके पूर्वज हों, दुल्ला के दादा संदल भट्टी और पिता को हुमायूं ने बेरहमी से मारकर उनकी खाल में भूंसा भरवाकर गांव के बाहर लटका दिया था। इसके पीछे कारण था कि वे मुगलों के खिलाफ खड़े हुए थे और लगान देने से मना कर दिया था। आज भी पंजाब में इस घटना को लेकर कहानियां सुनाई जाती हैं, और लोग हुमायूं की क्रूरता को याद करते हैं।

दुल्ला भट्टी का जन्म उस रक्तपात और अत्याचार के बीच हुआ था। उनका जीवन ही विरोध, साहस और सम्मान की लड़ाई का प्रतीक बन गया। उस दौर में वह अपने समय के रॉबिनहुड थे, जो गरीबों के अधिकार के लिए लड़ते थे। अकबर, जो खुद को हिंदुस्तान का सबसे शक्तिशाली सम्राट मानता था, दुल्ला भट्टी से बहुत डरता था। दुल्ला के खिलाफ अकबर के पास सेना थी, लेकिन वह कभी भी उन्हें पकड़ने में सफल नहीं हुआ। दुल्ला भट्टी अमीरों से सामान लूटते, उसे गरीबों में बांटते, उनका यही साहस अकबर के लिए सिरदर्द बना हुआ था, और उसने अपनी राजधानी को आगरा से लाहौर शिफ्ट करने का फैसला किया।

कहानी यहाँ खत्म नहीं होती। पंजाब में कई किंवदंतियां हैं जो कहती हैं कि दुल्ला भट्टी ने खुद अकबर को भी पकड़ लिया था। जब अकबर से मुलाकात हुई, तो उसने कहा, “भईया, मैं तो शहंशाह नहीं हूं, मैं तो भांड हूं।” इस पर दुल्ला भट्टी ने मजाक करते हुए जवाब दिया, “भांड को क्या मारूं, और अगर अकबर खुद को भांड कह रहा है, तो उसे मारने का क्या फायदा?”

अकबर ने दुल्ला भट्टी को नीचा दिखाने के लिए एक साजिश रची थी। उसने उन्हें दरबार में बुलाया, और कहा कि वह उनके साथ बात करना चाहता है। असल में उसका उद्देश्य था कि दुल्ला को सिर झुका कर उनका अपमान किया जाए। लेकिन दुल्ला भट्टी ने अकबर की साजिश को नाकाम कर दिया। उन्होंने सिर झुकाने की बजाय, रास्ते में पहले अपने पैरों को डाला, जिससे अकबर की पूरी ताजपोशी ध्वस्त हो गई।

दुल्ला भट्टी के खिलाफ अकबर की 12,000 सैनिकों की सेना भी नाकाम रही। फिर सन 1599 में एक धोखे के तहत उन्हें पकड़वाया गया। बाद में लाहौर में उन्हें फांसी दी गई, हालांकि कुछ लोग कहते हैं कि वे लड़ाई में पकड़े गए और दिल्ली में फांसी दी गई। लेकिन एक सच्चाई यह भी है कि आज भी मियानी साहिब में दुल्ला भट्टी की कब्र मौजूद है।

Grave of Dulla Bhatti at Miani Sahib Graveyard (Image Source: Wikipedia)
मियानी साहिब में दुल्ला भट्टी की कब्र

दुल्ला भट्टी की मौत के बाद भी वह आज भी ज़िंदा हैं, उनके साहस, उनके संघर्ष और उनके नाम से जुड़ी कहानियाँ आज भी जीवित हैं। लोहड़ी के दिन उनके नाम का गीत गाया जाता है—”सुंदर मुंदरिये हो!”, जो उनके अदम्य साहस और बलिदान का प्रतीक बन चुका है। आज भी लोग उन्हें याद करते हैं, और उनकी वीरता की कहानियां न केवल पंजाब, बल्कि भारत के हर हिस्से में सुनाई जाती हैं।

 

स्रोत: लोहड़ी, लोहड़ी 2025, दुल्ला भट्टी, पंजाब, पकिस्तान, अकबर, हुमायूँ, Lohri, Lohri 2025, Dulla Bhatti, Punjab, Pakistan, Akbar, Humayun
Tags: AkbarDulla BhattiHumayunLohriLohri 2025PakistanPunjabअकबरदुल्ला भट्टीपकिस्तानपंजाबलोहड़ीलोहड़ी 2025हुमायूँ
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

सभ्यताओं का कब्रगाह अफगानिस्तान: जहाँ अफगानों ने ब्रिटिश सेना के 16500 लोगों को गाजर-मूली की तरह काटा, ज़िंदा बचे इकलौते डॉक्टर ने सुनाई थी कहानी

अगली पोस्ट

एक मंदिर पर हमला करने वाला मुर्तजा अब्बासी, दूसरे संन्यासी बने अभय सिंह… दोनों ने IIT से की पढ़ाई, दोनों ने चुना अलग रास्ता

संबंधित पोस्ट

Independence Day से पहले दिल्ली में बम धमकियों से हड़कंप
चर्चित

Independence Day से पहले दिल्ली में बम धमकियों से हड़कंप, हाई कोर्ट समेत 6 जगहों को ईमेल से धमकी

14 August 2026

स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले दिल्ली में बम धमकियों से हड़कंप मच गया। राजधानी में छह अलग-अलग महत्वपूर्ण स्थानों को ईमेल के जरिए बम से...

सावन में चिकन-मटन की दुकानें बंद कराने के नोटिस
चर्चित

सावन में चिकन-मटन की दुकानें बंद कराने के नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

14 August 2026

सावन महीने में अमरोहा में चिकन और मटन की दुकानों को बंद कराने के लिए जारी नोटिस को चुनौती देने वाली जनहित याचिका को इलाहाबाद...

अमेरिका का बड़ा दावा
चर्चित

अमेरिका का बड़ा दावा: चीन पर टैरिफ से बचाने वाले 40 से ज्यादा देशों पर नजर, भारत भी सूची में

14 August 2026

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने भारत, कनाडा और यूरोपीय संघ समेत 40 से ज्यादा व्यापारिक साझेदारों को लेकर चिंता जताई है। अमेरिकी प्रशासन...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

00:03:30

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

00:05:36

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

00:03:42

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited