TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    दिमागी नक्सल

    बंदूक से आगे की लड़ाई  ‘दिमागी नक्सल’ और राष्ट्र को दिग्भ्रमित करने वाले नैरेटिव का खेल

    राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला

    राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला, बोले- ‘कैमराजीवी’ बनकर कर रहे हैं सस्ती राजनीति

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    दिमागी नक्सल

    बंदूक से आगे की लड़ाई  ‘दिमागी नक्सल’ और राष्ट्र को दिग्भ्रमित करने वाले नैरेटिव का खेल

    राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला

    राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला, बोले- ‘कैमराजीवी’ बनकर कर रहे हैं सस्ती राजनीति

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मुहर्रम के जुलूस में मारे गए अजय यादव M-Y समीकरण के Y हों या न हों, उनकी पहचान हिंदू थी

मुहर्रम के जुलूस में शिया अकीदतमंद पैगम्बर मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन की कर्बला में हुई शहादत पर शोक जताते हैं, लेकिन बीते कुछ वर्षों से इस जुलूस में मातम कम शक्ति प्रदर्शन ज्यादा नज़र आने लगा है

Sambhrant Mishra द्वारा Sambhrant Mishra
8 July 2025
in राजनीति, समीक्षा
जिस MY यानी मुस्लिम यादव समीकरण के दम पर ये कथित समाजवादी यूपी और बिहार में सालों तक राज करते रहे, उस MY समीकरण में भी उन्हें सिर्फ M ही नजर आया।

जिस MY यानी मुस्लिम यादव समीकरण के दम पर ये कथित समाजवादी यूपी और बिहार में सालों तक राज करते रहे, उस MY समीकरण में भी उन्हें सिर्फ M ही नजर आया।

Share on FacebookShare on X

अजय यादव का नाम इन दिनों सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है। 32 वर्ष के अजय यादव, न कोई फिल्म स्टार थे, न राजनेता, न अधिकारी और न ही कोई सोशल मीडिया स्टार फिर एक गुमनाम सा आम आदमी अचानक से ट्रेंड क्यों करने लगा? दरअसल अजय यादव एक हिंदू थे और बिहार में मुहर्रम के जुलूस के दौरान मुस्लिम कट्टरपंथियों की भीड़ ने उनकी बेरहमी से हत्या कर दी है। घटना बिहार के मोतिहारी की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, मेहसी की कोठिया हरेराम पंचायत में शाम को मुहर्रम का जुलूस निकाला जा रहा था। मुहर्रम का ये जुलूस पैग़म्बर मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन की कर्बला में शहादत की याद के तौर पर निकाला जाता है और इस जुलूस में अकीदतमंद उनकी शहादत पर शोक जताते है लेकिन बीते कुछ वर्षों से इस जुलूस में मातम कम शक्ति प्रदर्शन ज्यादा नज़र आने लगा है।अजय यादव समुदाय विशेष के इसी शक्तिप्रदर्शन का शिकार बन गए।

अजय यादव अपने साथियों के साथ बाज़ार में ताजियों का जुलूस देख रहे थे, तभी जुलूस में शामिल निजामुद्दीन ने अपने साथियों के साथ तलवारें लहराते हुए उन पर हमला बोल दिया। मुस्लिम भीड़ के इस हमले में अजय यादव और दो दूसरे लोग बुरी तरह जख़्मी हो गए उन्हें अस्पताल भी पहुंचाया गया लेकिन अजय यादव को नहीं बचाया जा सका। बिहार में एनडीए की सरकार है और अब अजय यादव के हत्यारों को तलाशने की क़वायद की जा रही है।

संबंधितपोस्ट

Delimitation 2026: दक्षिण भारत के राज्यों के लिए यही समय ही सही समय है। Explained

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: SIT की जांच तेज, कई कर्मचारियों और बैंक अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी

राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

और लोड करें

अजय यादव जिस यादव जाति से आते हैं, वो बिहार का सबसे प्रभावशाली ओबीसी वोटबैंक तैयार करती है। इसी वोटबैंक के दम पर लालू यादव, उनके सुपुत्र तेजस्वी यादव अपनी कथित समाजवादी राजनीति चमकाते रहे हैं। लेकिन दुर्भाग्य से जब मुस्लिम भीड़ अजय यादव को तलवारों से काट रही थी (इसे आपसी रंजिश का नाम दिया जा रहा है ) तब उनके नेता, मुस्लिम तुष्टिकरण में जुटे थे। एक तरफ जहां तेजस्वी यादव मंच से शहाबुद्दीन अंसारी ज़िन्दाबाद के नारे लगा रहे थे, तो वहीं पटना में लालू यादव के आवास में मुहर्रम के जुलूस की एंट्री कराई गई, जहां उनकी मां और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और उनकी बेटी ने ताजियों का सजदा किया, लेकिन पूरे लालू परिवार के पास अपनी ही जाति (वोटबैंक) के अजय यादव की हत्या पर कोई पोस्ट करने, या शोक जताने का एक सेकेंड तक नहीं मिला।

जरा सोचिए जिस M-Y यानी मुस्लिम यादव समीकरण के दम पर ये कथित समाजवादी यूपी और बिहार में सालों तक राज करते रहे, उस M-Y समीकरण में भी उन्हें सिर्फ M ही नजर आया। दरअसल उन्हें तो बस M फैक्टर को ही ख़ुश करना है बाकी Y तो उनके घर की खेती है ही। इसीलिए चाहे तेजस्वी हों या लालू, राबड़ी हों या अखिलेश उन्होने अजय यादव की जगह मुस्लिम तुष्टिकरण को चुना, ताजियों की इबादत को तवज्जो दी। क्योंकि Y फ़ैक्टर तो झक मार कर उनके साथ आएगा ही। उसके लिए उनके पास आरक्षण से लेकर ऊंच-नीच, भेदभाव और कई दूसरे लॉलीपॉप लेकर बैठे ही हुए हैं।

इस निर्मम त्याकांड पर जहां M-Y समीकरण वालों कें मुँह सिले हुए हैं, तो वहीं हिंदू संगठन ही हैं जो इस यादव परिवार के लिए इंसाफ की आवाज़ तेज़ कर रहे हैं। ये वही हिंदू संगठन हैं, जिन्हें M-Y समीकरण के माईबाप- लालू, तेजस्वी और अखिलेश यादव गालियां देते नहीं थकते हैं। हालांकि ये संगठन अजय यादव और उनके परिवार के साथ इसलिए खड़े हैं, क्योंकि अपनी जाति और अपने सियासी समीकरणों से आगे अजय यादव हिंदू हैं। उनकी यही पहचान है और हमलावरों ने भी उनकी यही पहचान देखी लेकिन हमें और ख़ुद उनकी कम्युनिटी को अपनी ये पहचान नज़र क्यों नहीं आती? इसीलिए अजय यादव सोशल मीडिया पर ट्रेंड हो रहे हैं।

अब अभी भी अगर आपको लगता है ये कथित समाजवादी नेता, वाक़ई समाजवाद के लिए काम करेंगे या कम से कम अपनी ही जातियों का भला कर देंगे तो आप भयंकर गल़तफहमी का शिकार हैं, क्योंकि चाहे M-Y की बात करने वाली RJD हो या फिर PDA की बात करने वाली समाजवादी पार्टी, जातियां इनके लिए सिर्फ हिंदुत्व का ब्लॉक कमज़ोर करने, उसमें दरार डालने का एक तरीका हैं। जबकि मुस्लिम कम्युनिटी फिक्स डिपॉजिट की तरह एक सॉलिड वोटबैंक हैं। जऐसा सॉलिड वोटबैंक जिसे विकास से ज्यादा तुष्टिकरण के जरिए लुभाया जा सकता है।

और इसीलिए उनके तुष्टिकरण की खातिर इन कथित समाजवादी नेताओं में बकायदा होड़ लगी रहती है कि कहीं समुदाय विशेष को ख़ुश करने में दूसरा नेता आगे न निकल जाए। अब तेजस्वी यादव इतने भी नासमझ तो हैं नहीं कि अपने ही बिरादरी भाई को इंसाफ़ दिलाने के लिए मुस्लिम वोटबैंक को नाराज़ कर दें, वो भी इतने महत्वपूर्ण समय पर, जबकि इसी साल बिहार में चुनाव होने हैं इसीलिए वो ख़ामोश हैं।
इसी साल बिहार गया में भी ऐसा ही कुछ हुआ था, जब यादव समाज की एक बारात पर मुस्लिमों की भीड़ ने लाठी-डंडों और तलवारों से हमला कर दिया था, उस हमले में दूल्हे के पिता की मौत हो गई थी लेकिन तब भी इन M-Y समीकरण वालों के मुँह में दही जमी रही थी।

बात सिर्फ बिहार की हो, ऐसा भी नहीं है। उत्तर प्रदेश में भरत यादव की मथुरा के सबसे भीड़भाड़ वाले चौराहे पर मुस्लिम भीड़ द्वारा लिंचिंग कर दी गई थी। दरअसल, भरत यादव लस्सी बेचते थे, एक बार मुस्लिम समुदाय के कुछ युवक उनके यहां लस्सी पीने पहुंचे और बिल चुकाने को लेकर दोनों के बीच मामूली बहस हुो गई। अचानक क़रीब दर्जन भर मुस्लिम युवक लाठी डंडे लेकर वहां पहुँच गए और भरत यादव को उनकी दुकान से खींच कर इतना पीटा कि उनकी मौत हो गई।

अखिलेश यादव ओबीसी समाज के बड़े नेता हैं, भरत यादव भी उन्हीं की कम्युनिटी से आते थे। टेक्निकली तो इस मामले में अखिलेश यादव को ही सबसे मुखर होना चाहिए था। हमलावरों के ख़िलाफ़ समाजवादी पार्टी को पूरे प्रदेश में प्रदर्शन करने चाहिए थे। लेकिन हुआ क्या? कुछ नहीं। अखिलेश यादव और उनके समाजवादी कुनबे के मुँह से एक शब्द तक नहीं निकला, प्रदर्शन तो दूर की बात है। उस वक्त भी हिंदू संगठन ही भरत यादव के परिवार के साथ खड़े दिखे थे। अजय यादव हों या भरत यादव, ये दोनों तेजस्वी और अखिलेश के MY फॉर्मूले का सबसे अहम हिस्सा थे। ऐसे में सवाल ये है कि जब ये नेता उनके लिए कुछ नहीं बोल सके, तो ये दलितों के लिए, दूसरी जातियों और कमज़ोर वर्ग के दूसरे हिंदुओं के लिए क्या बोलेंगे?

जहां मुस्लिम समाज पार्टी होता है, वहां इन कथित समाजवादियों के मुँह पर अलीगढ़ी ताला लटक जाता है। हाँ, इनका जातिगत स्वाभिमान और प्रेम तब ज़रूर जाग जाता है जब पीड़ित और आरोपी दोनों पक्ष हिंदू समाज से हों। फिर चाहे वो कथावाचक मुकुटमणि यादव का मामला हो, हाथरस का मामला हो या फिर ऐसा ही कोई और दूसरा मामला। ऐसा इसलिए ताकि ये जातियाँ आपस में बंटी रहें और उन्हें वोट देती रहें। यानी बतौर समाज हिंदुस्तान और हिंदुत्व कमज़ोर हो तो हो, मुस्लिम वोटबैंक पर कोई आँच नहीं आनी चाहिए।

लेकिन इनके इस तुष्टिकरण की कीमत कौन चुका रहा है? अजय यादव जैसे लोग। जिनकी पहचान सियासी तौर पर कुछ भी हो, लेकिन समाज के तौर पर हिंदू ही है और निशाना बनाए जाने के लिए इतनी पहचान ही काफी है। मथुरा, मोतिहारी और पहलगाम जैसे उदाहरण ये साबित करने के लिए काफी हैं।

Tags: ajay yadavAkhilesh YadavBiharLalu YadavMotihariTejashwi Yadavअखिलेश यादवअजय यादवतेजस्वी यादवबिहारमोतिहारीलालू यादव
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

राष्ट्र निर्माण में नारी की भूमिका और राष्ट्र सेविका समिति

अगली पोस्ट

पुतिन द्वारा पद से हटाने के कुछ घंटे बाद ही मृत पाए गए रूसी परिवहन मंत्री

संबंधित पोस्ट

दिमागी नक्सल
चर्चित

बंदूक से आगे की लड़ाई  ‘दिमागी नक्सल’ और राष्ट्र को दिग्भ्रमित करने वाले नैरेटिव का खेल

22 August 2026

स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन केवल सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा नहीं होता। वह देश की दिशा,...

राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला
राजनीति

राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला, बोले- ‘कैमराजीवी’ बनकर कर रहे हैं सस्ती राजनीति

21 August 2026

संसद मार्ग पुलिस थाने के बाहर राहुल गांधी के धरने को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव बढ़ गया है। केंद्रीय मंत्री और...

बच्चे आपके, संस्कार किसके?
मत

बच्चे आपके, संस्कार किसके?

17 August 2026

हाल ही में एक पुस्तक पढ़ी, जिसका शीर्षक है “जिस ओर जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता है।” पुस्तक में विकसित भारत 2047 के...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Why India Needs a Bigger Navy | More Ships, More Presence, More Maritime Power

Why India Needs a Bigger Navy | More Ships, More Presence, More Maritime Power

00:05:33

India’s Fighter Force Needs More Than Jets | Here’s Why 150 Trainers Matter ? IAF | HAWK | HAL

00:04:44

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

00:03:30

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

00:05:36

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited