TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी, भारत ने फिर भी दर्ज की बड़ी छलांग

    अमित शाह: मोदी सरकार

    अमित शाह: मोदी सरकार के 12 साल विकास, विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा का ‘स्वर्णिम संगम

    रामपुर में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का माम

    रामपुर में मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक को दिया धोखा, असलियत सामने आने पर मामला पहुंचा कोर्ट में

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी, भारत ने फिर भी दर्ज की बड़ी छलांग

    अमित शाह: मोदी सरकार

    अमित शाह: मोदी सरकार के 12 साल विकास, विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा का ‘स्वर्णिम संगम

    रामपुर में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का माम

    रामपुर में मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक को दिया धोखा, असलियत सामने आने पर मामला पहुंचा कोर्ट में

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

देशहित में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ‘योगदान’ को नापने का ‘पैमाना’ क्या है?

पिछले लगभग 100 वर्ष से संघ के स्वयंसेवक हर परिस्थिति में अपने पारिवारिक कर्त्तव्यों का निर्वहन करते हुए समाज, देश और धर्म की सेवा में निस्वार्थ भाव से लगे हुए हैं, क्या इस बात को नकारा जा सकता है ?

Dr. Mahender द्वारा Dr. Mahender
1 July 2025
in मत
देशहित में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ‘योगदान’ को नापने का ‘पैमाना’ क्या है?

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

Share on FacebookShare on X

इस बार दिल्ली प्रवास के दौरान एक मित्र ने पूछा कि देश हित में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ‘योगदान’ को नापने का पैमाना क्या है? अपनी समझ अनुसार उत्तर देने का प्रयास किया । मित्र ने और भी कईं बातें कीं, सुझाव भी दिए । लेकिन, जब मैंने पूछा कि आप संघ के साथ जुड़कर काम क्यों न करते तो भाईसाहब इधर-उधर देखने लगे और कन्नी काटने लगे !

उस मित्र से भेंट के बाद मुझे लगा कि इस प्रश्न का उत्तर बहुत सरल शब्दों में और सरल उदाहरणों के साथ देना बहुत जरूरी है । यही प्रयास इस आलेख में किया जा रहा है । मित्र की बातों से लगा कि वह जानकारी के आभाव में बहुत पहले से ही संघ को कुचलने के प्रयास करने वाले राजनीतिक दल/ दलों के प्रोपैगैंडा से प्रभावित है । जहाँ तक राजनीतिक दलों की बात है तो वे अपनी ‘रोटियां’ सेकने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं और संघ उनके लिए हमेशा से ‘सॉफ्ट टारगेट’ रहा है । लेकिन दिल्ली जैसी जगह में रहने वाले उच्च शिक्षा प्राप्त लोग जो देश, धर्म, संस्कृति के बारे में बात करते हैं या जिनका चिन्तन और जीवन इनके अगल बगल घूमता है, उनका संघ के प्रति ऐसा जानकारी का आभाव आश्चर्यजनक है । इसके बाद मन में सहज ही एक प्रश्न उठ खड़ा हुआ कि क्या उन्हें ‘व्यक्ति निर्माण’ से ‘देश निर्माण’ का अर्थ पता नहीं होगा ?  क्या उन्हें देश के विकास में या हित में व्यक्ति निर्माण के माध्यम से संघ के ‘योगदान’ के बारे में कोई जानकारी नहीं होगी ?

संबंधितपोस्ट

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

आरएसएस प्रमुख बोले: संघ का उद्देश्य राजनीति नहीं, बल्कि मजबूत समाज और देश का निर्माण

और लोड करें

वास्तव में, संघ के स्वयंसेवक इस ‘योगदान’ शब्द को नकार देते हैं, उनके लिए यह ‘दायित्व’ या ‘कर्त्तव्य’ या ‘धर्म’ होता है । कदाचित संघ की परिधि से बाहर रहने वाले लोगों का तराजू एक पक्ष की झुका हुआ होता है । वैसे यहाँ यह लिखना आवश्यक है कि संघ आलोचना से परे नहीं है, लेकिन जानकारी के आभाव में या ज्यादा अपेक्षा के कारण संघ की आलोचना कम और बुराई ज्यादा होती है। राजनीतिक दल तो अपने-अपने योगदान को रोज रटते रहते हैं, लेकिन पिछले लगभग 100 वर्ष से संघ के स्वयंसेवक हर परिस्थिति में अपने पारिवारिक कर्त्तव्यों का निर्वहन करते हुए समाज, देश और धर्म की सेवा में निस्वार्थ भाव से लगे हुए हैं, क्या इस बात को नकारा जा सकता है ?

आखिर ‘संघ’ है क्या ? ध्यान से देखेंगे या विचार करेंगे तो पायेंगे कि संघ उन लोगों का एक संगठन है जिसमें किसान भी है और वैज्ञानिक भी, जिसमें सब्जी बेचने वाला भी है और डॉक्टर भी, जिसमें रिक्शा चलाने वाला भी और हवाई जहाज चलाने वाला भी, जिसमें विद्यार्थी भी है और पढ़ाने वाला शिक्षक भी, जिसमें मोची का काम करने वाला भी है और कम्पनी का मालिक भी, जिसमें नाई और दर्जी का काम करने वाला भी है और इंजीनियर भी, दुकानदार भी है और बिल्डर भी । कुल मिलाकर समाज के हर वर्ग का व्यक्ति अपने-अपने स्तर पर, अपने-अपने सामर्थ्यनुसार संघ की योजना से बिना किसी स्वार्थ और लोभ लालच के देशहित में सतत काम कर रहा है । संघ का स्वयंसेवक अपना समय देता है, अपना पैसा लगाता है, अपना काम धंधा बंद करके या उसकी वैकल्पिक व्यवस्था करके आवश्यकतानुसार समाज हित के काम में जुटा रहता है । क्या देश के विकास में संघ या उसके स्वयंसेवकों के ‘योगदान’ को मापने का कोई पैमाना है? क्या ऐसी कोई विशेष पद्धति या तन्त्र है ?

नौकरी करने वाले लोग अपनी ट्रांसफर रुकवाने या सेटल करने के लिए किस तरह के प्रयास करते हैं, यह सब जानते हैं । जिस नौकरी से लोगों को पैसा मिलता है उसके लिए घर से दूर जाने में लोगों को बहुत कष्ट होने लगता है । लोग नेताओं के चक्कर काटते हैं, दुनिया भर के जुगाड़ करते हैं । लेकिन, दूसरी तरफ संघ के स्वयंसेवक विशेषकर ‘प्रचारक’ हैं, जो अपना घर परिवार छोड़कर हर क्षण केवल और केवल राष्ट्र सेवा में लगे हुए हैं । इनके लिए समाज ही अपना एक बड़ा परिवार है । संघ के प्रचारकों के इस योगदान को कोई कैसे नापेगा? संघ की अधिकांश शाखाएं सुबह लगती हैं और सब जानते हैं कि सुबह-सुबह नींद से उठना थोडा कठिन होता है, लेकिन संघ की शाखा का ‘गटनायक’ पहले स्वयं उठता है फिर लोगों के घर जाकर दूसरे लोगों को उठाता है, कई बार मुंह पर दरवाजा भी बंद होता है, बार-बार आवाज लगाने पर घर के भीतर सोया हुआ व्यक्ति सुनते हुए भी नहीं सुनता है। कई बार लोग अभद्रता भी कर देते हैं । विचार करिये दूसरे लोगों को सुबह-सुबह घर जाकर उठाने से उस ‘गटनायक’ को क्या मिलेगा? वह अकेला भी मैदान में जाकर व्यायाम कर सकता है, बहुत से लोग ऐसा करते भी हैं । लेकिन,  संघ का स्वयंसेवक अपने बंधुभाव के कारण दूसरों को जगाता है । वह चाहता है कि समाज के बंधुओं का स्वास्थ्य ठीक रहे, सब लोग मिलकर रहें, सब मिलकर काम करें, इसलिए वह सबको जोड़ने के लिए ऐसा करता है । सबके साथ शुद्ध सात्विक प्रेम के साथ व्यवहार करता है । भले ही यह बहुत छोटी बात है लेकिन, व्यक्ति निर्माण से समाज निर्माण की भावना से संघ की शाखा के ‘गटनायक’ के इस ‘योगदान’ को कोई कैसे नापेगा? फिर शाखा में गणशिक्षक बिना कुछ लिए बहुत कुछ सिखाता है, उस गणशिक्षक के योगदान को कोई कैसे नापेगा ? संघ के अलग अलग स्तर के प्रशिक्षण वर्ग होते हैं जिनमें संघ के कार्यकर्ता कई दिनों के लिए अपने खर्चे पर और अपने घर परिवार, काम-धंधे छोड़कर, नौकरी पेशे से छुट्टी लेकर जाते हैं, वहाँ पर प्रशिक्षण लेने आये लोगों को सिखाते हैं । जो कुछ भी वहाँ सिखाया जाता है उसके मूल में एक ही भावना होती है और वह भावना है हम सब भारत माता के पुत्र हैं, हम सब भाई हैं और समाज हित तथा देश हित सर्वोपरि है । संघ के स्वयंसेवकों के इस भाव को कोई कैसे नापेगा?

आज समाज की ये वृत्ति है कि कुछ भी करने से पहले यह प्रश्न आता है कि ‘हमें क्या मिलेगा’ या ‘हमें क्या लाभ होगा’? अगर लाभ नहीं होगा तो हम ये काम क्यों करें ? दूसरी ओर संघ के स्वयंसेवकों को यह पता होता है कि उन्हें कोई लाभ नहीं होगा, उन्हें कुछ नहीं मिलेगा, बल्कि कोई प्रशंसा भी नहीं करेगा, उन्हें अपनी चमड़ी और अपनी दमड़ी लगाकर ही सब करना है । इसके बाबजूद संघ के स्वयंसेवक हर परिस्थिति में सबसे पहले खड़े होते हैं । संघ के स्वयंसेवकों के इस भाव को कोई कैसे नापेगा?

देश में आने वाली आपदाओं के समय जो संघ के स्वयंसेवक तुरंत राहत कार्य में लग जाते हैं उनके भी घर परिवार होते हैं, व्यवसाय होते हैं, नौकरी धंधे होते हैं, लेकिन वे समक्ष आई उस परिस्थिति में अपना सब कुछ छोड़कर बिना किसी सरकारी आदेश या आमन्त्रण या निमंत्रण के राहत कार्य में लग जाते हैं । उन्हें कोई प्रशस्ति पत्र नहीं मिलता है, उनके लिए कोई सम्मान समारोह भी नहीं होता है । एक काम से छूटते ही वे दूसरे काम में लग जाते जाते हैं । समाज और देश हित में संघ के स्वयंसेवकों के इस समर्पण को कोई कैसे नापेगा?   

महाराष्ट्र या मध्य प्रदेश का कार्यकर्ता (प्रचारक) अपना सब कुछ छोड़कर सुदूर पूर्वोत्तर भारत के असम, मणिपुर और त्रिपुरा जैसे राज्यों में केवल इसी भाव से काम कर रहा है कि वहाँ पर रहने वाले लोग भी हमारे अपने बंधू हैं और इसी भाव से हिमाचल का कार्यकर्ता दिल्ली में, दिल्ली का कार्यकर्ता हिमाचल में काम कर रहा है । देश के सभी राज्यों में संघ का काम ऐसे ही चलता है । समय के साथ स्थान परिवर्तन भी होता है तो प्रचारक अपना झोला उठाकर तुरंत अपने नए स्थान की ओर चल पड़ता है। संघ के प्रचारक सुख सुविधाओं के आभाव में रहकर ‘सत्वोराजसिक’ गुणों के साथ सतत काम करते रहते हैं। संघ के प्रचारकों के इस ‘कर्मयोगी’ भाव को कोई कैसे नापेगा?  

एक तरफ राजनीतिक दल, एनजीओ गिरोह और भारत के शत्रु भारतीय समाज में विभाजन की दरार को बढ़ाने का कुकृत्य करते जा रहे हैं, वहीं संघ बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग को जोड़ने का काम कर रहा है । संघ के स्वयंसेवक अपने पारिवारिक और पेशेवर दायित्वों का निर्वहन करते हुए स्वयंप्रेरणा से अपने सामाजिक दायित्व का पालन करते हुए देश भर में लाखों सेवा कार्य या प्रकल्प बिना किसी सरकारी अनुदान या योजना के चला रहे हैं । संघ के स्वयंसेवकों के इस सेवा भाव को कोई कैसे मापेगा?

एक नागरिक को अच्छा नागरिक बनाना, देशभक्त नागरिक बनाना क्या देश के विकास में इससे बड़ा और कोई योगदान हो सकता है ? संघ स्थापना के समय से ही इसके स्वयंसेवक समाज जीवन के जिस भी क्षेत्र में गए वहाँ उन्होंने अच्छे और देशभक्त नागरिक बनकर ही काम किया है, यही संघ और उसके स्वयंसेवकों का ट्रैक रिकॉर्ड है। संघ ने अपनी शाखा के माध्यम से देश के लोगों में ‘सामूहिक अनुशासन’ और संगठित होकर काम करने का जो बीजारोपण किया है, क्या उसे कोई नकार सकता है ? देशभर में संघ के कितने कार्यक्रम होते हैं, क्या कभी किसी ने सुना है कि वहाँ कोई हुडदंग हुआ, कोई भागदौड़ हुई? क्या आम आदमी को समाज और देश सेवा के लिए अनुशासित करने की पद्धति विकसित करके कार्यान्वित करना ‘योगदान’ नहीं कहलाता ? आखिर भारत विरोधी आसुरी शक्तियों के निशाने पर केवल संघ ही क्यों रहता है? क्या इसका कारण यह नहीं है कि संघ भारत माता को परम वैभव तक पहुँचाने का लक्ष्य लेकर देश के कोने कोने में हर क्षण काम कर रहा है?

अंत में, व्यक्ति, समाज और देश के उन्नयन में संघ और उसके स्वयंसेवकों के कार्य, योगदान, समर्पण और त्याग को मापने के लिए ‘संघमय’ होना आवश्यक है, नहीं तो भारत के लोग जाने-अनजाने में केवल देश विरोधी शक्तियों के ट्रैप में फंसकर उनकी उँगलियों पर नाचते रहेंगे और ‘क्या योगदान है ! क्या योगदान है !’ इसके लिए व्यर्थ में ही बुद्धि के व्यायाम करते रहेंगे ।

नारायणायेती समर्पयामि ……

Tags: 100 Years of RSSdr mahender thakurdrmahenderthakurRashtriya Swayamsevak Sanghrssआरएसएसराष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

सांस लेने में तकलीफ हुई तो इनहेलर देकर किया रेप: कोलकाता की लॉ स्टूडेंट की डरावनी आपबीती

अगली पोस्ट

नटवरलाल भी शरमा जाए! मां-बेटे ने फर्जी दस्तावेज़ों से बेच दी एयरफोर्स की ज़मीन

संबंधित पोस्ट

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!
चर्चित

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!

27 May 2026

उत्तर पूर्व भारत के रणनीतिक और राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राज्य असम से एक बेहद बड़ी और युगांतकारी खबर सामने आई है। असम विधानसभा...

Keral Muslim Leauge
इतिहास

मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

19 May 2026

1947 मे भारत के विभाजन के जो अनेक कारक (factors) रहे, उनमे मुस्लिम लीग प्रमुख हैं। मुस्लिम लीग ने ही अलग मुस्लिम राष्ट्र की मांग...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11

Inside the Doklam Face-Off: How India Backed Bhutan and Held the Line During the 73 Day Standoff

00:03:11

Why the 2017 Doklam Standoff Became a Major Strategic Wake Up Call For India | Chicken Neck

00:03:11

MISSILE IN TANKER! How Indian Navy Pulled Off A Mission Impossible At Sea | Hormuz | Gulf of Oman

00:03:38

12 YEARS OF MODI GOVERNMENT: INDIA'S DEFENCE & DIPLOMATIC RESET | PM Modi | Armed Forces

00:04:43
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited