बरेली का बवाल: नाबालिगों की ढाल, कट्टरपंथ की चाल
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    नीतीश कुमार ने विधान परिषद से दिया इस्तीफा, राज्यसभा सीट के साथ बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत

    नीतीश कुमार ने विधान परिषद से दिया इस्तीफा, राज्यसभा सीट के साथ बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत

    सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद

    सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    अप्रैल से बड़ा फैसला: TP-Link, Hikvision समेत चीनी CCTV कैमरों पर सख्ती की तैयारी

    अप्रैल से बड़ा फैसला: TP-Link, Hikvision समेत चीनी CCTV कैमरों पर सख्ती की तैयारी

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी पर राम अवतार का पौराणिक संदर्भ

    कालचक्र के पृष्ठों पर रामावतार की पृष्ठभूमि:  चमत्कार से रावण का अंत नहीं, बल्कि संगठित सज्जन शक्ति में देवत्व, प्रत्यक्ष संघर्ष के संचार की अनुपम कथा

    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    नीतीश कुमार ने विधान परिषद से दिया इस्तीफा, राज्यसभा सीट के साथ बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत

    नीतीश कुमार ने विधान परिषद से दिया इस्तीफा, राज्यसभा सीट के साथ बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत

    सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद

    सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    अप्रैल से बड़ा फैसला: TP-Link, Hikvision समेत चीनी CCTV कैमरों पर सख्ती की तैयारी

    अप्रैल से बड़ा फैसला: TP-Link, Hikvision समेत चीनी CCTV कैमरों पर सख्ती की तैयारी

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी पर राम अवतार का पौराणिक संदर्भ

    कालचक्र के पृष्ठों पर रामावतार की पृष्ठभूमि:  चमत्कार से रावण का अंत नहीं, बल्कि संगठित सज्जन शक्ति में देवत्व, प्रत्यक्ष संघर्ष के संचार की अनुपम कथा

    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

बरेली का बवाल: नाबालिगों की ढाल, कट्टरपंथ की चाल

जिन हाथों में किताबें और कलम होनी चाहिए, जिन पैरों से खेल के मैदान की दौड़ लगनी चाहिए, उन मासूमों को ढाल बनाकर कानून-व्यवस्था पर हमला किया गया। यह कहीं से भी उचित नहीं है।

Vibhuti Ranjan द्वारा Vibhuti Ranjan
27 September 2025
in क्राइम, चर्चित, धर्म, फैक्ट चेक, भारत, राजनीति
बरेली का बवाल: नाबालिगों की ढाल, कट्टरपंथ की चाल

यह केवल बरेली की समस्या नहीं है, पूरे राष्ट्र की परीक्षा है।

Share on FacebookShare on X

उत्तर प्रदेश के बरेली में पिछले शुक्रवार को जो कुछ हुआ, वह महज़ एक स्थानीय दंगा नहीं था। यह भारतीय समाज और लोकतंत्र के सामने खड़ी एक गंभीर चुनौती का चेहरा है। इस बवाल में जो सबसे खतरनाक बात सामने आई, वह थी-नाबालिग बच्चों को आगे कर पुलिस पर पत्थरबाज़ी कराना। सोचिए, जिन हाथों में किताबें और कलम होनी चाहिए, जिन पैरों से खेल के मैदान की दौड़ लगनी चाहिए, उन मासूमों को ढाल बनाकर कानून-व्यवस्था पर हमला किया गया। यह न केवल एक जघन्य अपराध है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक धारा पर सीधा प्रहार है।

हिंसा का खाका: मस्जिद से मैदान तक

घटना की शुरुआत नौमहला मस्जिद से हुई। आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रज़ा ने पहले ही 19 सितंबर को घोषणा कर दी थी कि शुक्रवार को वे इस्लामिया इंटर कॉलेज मैदान में विरोध-प्रदर्शन करेंगे। प्रशासन ने इस कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी थी और आधी रात को पत्र जारी कर इसे स्थगित बताया। लेकिन शुक्रवार की सुबह मौलाना का वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने इस पत्र को फर्जी बताया और प्रदर्शन तय समय पर होने की बात कही। उनका यही वीडियो आग में घी डालने का काम कर गया।

संबंधितपोस्ट

राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

सीएम योगी का बयान- यूपी में नहीं है ईधन की कमी अफवाहों पर ना दें ध्यान

और लोड करें

दोपहर के समय, जब मस्जिदों से लोग नमाज पढ़कर निकल रहे थे, तभी नारे लगने शुरू हो गए। पुलिस-प्रशासन भी मौके पर मौजूद था, अफसर लोगों से घर जाने की अपील कर रहे थे। कुछ लोग लौट भी गए, लेकिन भीड़ का एक बड़ा हिस्सा वहीं पर अड़ा रहा। किशोर और नाबालिग लड़के आगे कर दिए गए, जिनके हाथों में पत्थर और तख्तियां थीं। उन तख्तियों पर लिखा था—“आई लव मोहम्मद।” यह केवल धार्मिक भावनाओं की अभिव्यक्ति नहीं थी, बल्कि पुलिस और प्रशासन को चुनौती देने का एक तरीका था।

भीड़ ने पहले डीआईजी अजय साहनी और एसपी सिटी मानुष पारीक के सामने हूटिंग की। इसके बाद अचानक पथराव शुरू हो गया। हालांकि, पुलिस ने संयम दिखाया, लेकिन जब हालात बिगड़ने लगे, तब लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इसी दौरान खलील स्कूल तिराहे के पास दुकानों और वाहनों पर हमला किया गया। डॉक्टर जीके सक्सेना का क्लिनिक तोड़ा गया, मोटरसाइकिलें तोड़ी गईं, बाजार में शीशे बिखर गए।

नावल्टी तिराहे पर जब पुलिस ने भीड़ को रोकने की कोशिश की, तब और उग्र पथराव होने लगा। इस बार निशाना सीधे पुलिस अफसर बने। यहां तक कि एसपी सिटी पर भी जानलेवा हमला किया गया। पुलिस और अफसरों को सुरक्षा घेरे में लेकर पीछे हटाना पड़ा। हालात नियंत्रण से बाहर होते देख पुलिस ने ताबड़तोड़ लाठीचार्ज किया। शाम तक शहर के कई इलाकों—बिहारीपुर, श्यामगंज, कुतुबखाना, आलमगिरीगंज, कोहाड़ापौर—में उपद्रव जारी रहा। कुल 22 पुलिसकर्मी घायल हुए और 30 उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया।

नाबालिगों को ढाल बनाने की खतरनाक प्रवृत्ति

इस पूरे घटनाक्रम का सबसे खतरनाक पहलू यही था कि नाबालिगों को ढाल बनाया गया। बच्चों को आगे कर पुलिस पर पत्थर फेंकवाना, यह केवल रणनीति नहीं, बल्कि मानसिकता का प्रदर्शन है। यह मानसिकता बताती है कि भीड़ के नेताओं को अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए मासूमों के जीवन की भी परवाह नहीं है। जब बच्चे कानून-व्यवस्था से टकराएंगे तो पुलिस उन्हें चोट नहीं पहुंचाना चाहेगी और इसी मानवीय कमजोरी का फायदा उठाकर ये भीड़बाज नेता अपने मंसूबे पूरे करना चाहते हैं।

सोचिए, अगर इन्हीं बच्चों को यह सिखाया जाएगा कि पुलिस और सरकार दुश्मन हैं, तो वे बड़े होकर क्या बनेंगे? क्या वे अच्छे नागरिक बन पाएंगे? क्या वे राष्ट्र की मुख्यधारा में शामिल हो पाएंगे? यह वह ज़हरीला बीज है, जिसे अभी रोका नहीं गया तो कल यह देश की सुरक्षा और एकता के लिए सबसे बड़ा ख़तरा बन सकता है।

तौकीर रज़ा की राजनीति: धर्म की आड़, सत्ता की चाह

मौलाना तौकीर रज़ा का नाम पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कोई नया नहीं है। वे अक्सर अपने विवादित बयानों और कट्टरपंथी रुख के कारण सुर्खियों में रहते हैं। उनकी राजनीति हमेशा से मजहबी उकसावे और भीड़ जुटाने की रणनीति पर आधारित रही है। 2010 में वे कांग्रेस के साथ खड़े हुए, 2014 में समाजवादी पार्टी से जुड़े, फिर कभी बसपा के करीब गए-लेकिन हर जगह उनकी पहचान वहीं रही, भीड़ जुटाने और सड़कों पर प्रदर्शन कराने वाले मौलाना की।

इस बार भी वही हुआ। उन्होंने भीड़ को बुलाया, खुद गायब हो गए, और जब बवाल हो गया तो सारा दोष प्रशासन और पुलिस पर डालने की कोशिश की। यही उनकी राजनीति की असलियत है। मजहब के नाम पर समाज को बांटना और सत्ता के लिए भीड़ को हथियार बनाना। सवाल यह है कि आखिर कब तक ऐसे नेताओं को बख्शा जाएगा?

यूपी ही नहीं, पूरे देश का पैटर्न

बरेली की यह घटना अलग-थलग नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में यूपी ही नहीं, देश के कई हिस्सों में इसी तरह के दंगे और हिंसा देखी गई है। 2022 में प्रयागराज में जुमे की नमाज के बाद पत्थरबाज़ी, 2021 में कानपुर में हिंसा, सहारनपुर और अलीगढ़ में भीड़ का उग्र होना—हर जगह पैटर्न एक जैसा है। मस्जिद से भीड़ निकलती है, नेता उकसाने वाला बयान देते हैं और अचानक पुलिस पर हमला हो जाता है।

हर बार बच्चे और किशोर आगे कर दिए जाते हैं। हर बार दुकानों और वाहनों को निशाना बनाया जाता है। इस कारण हर बार पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ता है। सवाल यह है कि क्या यह महज़ इत्तेफाक है या फिर संगठित रणनीति?

प्रशासन की चुनौती और विफलता

बरेली हिंसा ने प्रशासन की तैयारी पर भी सवाल उठाए हैं। जब कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था, तो सुबह मौलाना के वीडियो बयान पर तुरंत कार्रवाई क्यों नहीं की गई? जब यह साफ था कि लोग मस्जिदों से निकलकर इस्लामिया मैदान की ओर जाएंगे, तो पहले से कड़ी नाकाबंदी क्यों नहीं की गई? क्यों भीड़ को इकट्ठा होने का मौका दिया गया?

सच्चाई यह है कि प्रशासन अक्सर “धार्मिक भावनाओं” के डर से ढीला रुख अपनाता है। यही ढील कट्टरपंथियों के हौसले बुलंद करती है। जब उन्हें पता है कि वे चाहे जितनी भीड़ जुटा लें, पुलिस पहले समझाएगी और आखिर में ही बल प्रयोग करेगी, तो वे हर बार नई चाल चलते हैं।

भारत के लिए बड़ी चुनौती

यह सिर्फ बरेली या यूपी की समस्या नहीं है। यह भारत की आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक एकता के लिए गंभीर खतरा है। एक ओर भारत विश्व मंच पर खुद को आधुनिक, शक्तिशाली और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में स्थापित कर रहा है। दूसरी ओर भीतर से कुछ ताक़तें समाज को धर्म के आधार पर तोड़ने में लगी हैं।

नाबालिगों को पत्थरबाज़ी में झोंकना केवल कानून-व्यवस्था की चुनौती नहीं है। यह राष्ट्र की आत्मा पर हमला है। यह उस भारत पर हमला है, जिसने गीता और वेदांत से लेकर गांधी और विवेकानंद तक हमेशा शांति, अहिंसा और शिक्षा का संदेश दिया। अगर बच्चों को कट्टरता की पाठशाला में झोंक दिया जाएगा, तो भारत की आने वाली पीढ़ी अंधकार में धकेल दी जाएगी।

निर्णायक कार्रवाई की जरूरत

इस स्थिति से निपटने के लिए केवल लाठीचार्ज और गिरफ्तारी काफी नहीं है। ज़रूरत है निर्णायक कार्रवाई की। तौकीर रज़ा जैसे नेताओं पर सख्त से सख्त कानूनी शिकंजा कसा जाना चाहिए। उनके संगठन की गतिविधियों पर निगरानी होनी चाहिए। जिन इलाकों से बार-बार ऐसी भीड़ निकलती है, वहां खुफिया तंत्र को मज़बूत करना होगा।

इसके साथ ही नाबालिगों को इस जाल से बचाना भी उतना ही जरूरी है। शिक्षा, खेल और कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा जाना चाहिए। लेकिन जहां भीड़ जुटाकर पुलिस पर हमला करने जैसी हरकत होगी, वहां समझाने का समय नहीं होना चाहिए—बल्कि सीधी कार्रवाई होनी चाहिए।

भारत को यह संदेश साफ देना होगा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन हिंसा और अराजकता का नहीं। इन सबके बीच जो लोग बच्चों को ढाल बनाकर हिंसा करेंगे, वे न तो धर्म के ठेकेदार हैं, न समाज के नेता-वे अपराधी हैं और उनके साथ अपराधियों जैसा ही व्यवहार किया जाएगा।

बरेली का बवाल हमें चेतावनी दे रहा है। यह चेतावनी है कि कट्टरपंथी ताक़तें अब बच्चों को भी ढाल बना रही हैं। यह चेतावनी है कि प्रशासन की ढील का फायदा उठाकर भीड़ हर बार और उग्र हो रही है। यह घटना एक चेतावनी है कि अगर निर्णायक कदम नहीं उठाए गए तो यह आग कल किसी और शहर में फैलेगी।

भारत को यह समझना होगा कि यह केवल बरेली की समस्या नहीं है। यह पूरे राष्ट्र की परीक्षा है। अगर हमने समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए, तो कल यह आग हमारी आने वाली पीढ़ियों को झुलसा देगी। इसलिए अब केवल बयानबाज़ी नहीं, बल्कि कड़ी कार्रवाई का समय है।

Tags: BareillyBareilly riotsI love MuhammadIMCIndiaMaulana Tauqeer RazaMuslim fundamentalismriotsUPआई लव मुहम्मदआईएमसीबरेलीबरेली बवालबवालभारतमुस्लिम कट्टरपंथमौलाना तौकीर रज़ायूपी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

तीर्थ, संस्कृति और समृद्धि: क्यों भारत का पर्यटन है अनोखा

अगली पोस्ट

भारत की सुरक्षा में डीआरडीओ का नया कदम: सीमा पर रोबोटिक सैनिक को तैनात करने की तैयारी

संबंधित पोस्ट

सैयारा अभिनेत्री अनीत पड्डा ट्रोल हुईं, ‘धुरंधर 2’ पर बहन की टिप्पणी से विवाद भड़का
चर्चित

सैयारा अभिनेत्री अनीत पड्डा ट्रोल हुईं, ‘धुरंधर 2’ पर बहन की टिप्पणी से विवाद भड़का

30 March 2026

अनीत पड्डा, जो सैयारा में अपनी भूमिका के लिए जानी जाती हैं, सोशल मीडिया पर एक बड़े विवाद के केंद्र में आ गई हैं। यह...

होर्मुज संकट के बीच सरकार का बड़ा कदम: LPG कमी पर 60 दिन के लिए अतिरिक्त केरोसिन योजना
चर्चित

होर्मुज संकट के बीच सरकार का बड़ा कदम: LPG कमी पर 60 दिन के लिए अतिरिक्त केरोसिन योजना

30 March 2026

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधित आपूर्ति के चलते वैश्विक ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है, जिसका असर अब भारत तक...

अप्रैल से बड़ा फैसला: TP-Link, Hikvision समेत चीनी CCTV कैमरों पर सख्ती की तैयारी
चर्चित

अप्रैल से बड़ा फैसला: TP-Link, Hikvision समेत चीनी CCTV कैमरों पर सख्ती की तैयारी

30 March 2026

भारत सरकार देश में इस्तेमाल हो रहे सीसीटीवी कैमरों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाने जा रही है। हालिया रिपोर्ट्स में सामने आया है...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited