बिहार में सिर्फ जातीय समीकरण नहीं साधेगी BJP, उम्मीदवारों की लिस्ट में ये होगी असली कसौटी
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

बिहार में सिर्फ जातीय समीकरण नहीं साधेगी बीजेपी, उम्मीदवारों की लिस्ट में ये होगी असली कसौटी

2025 का चुनाव मोदी फैक्टर, संगठन शक्ति और युवा नेतृत्व पर केंद्रित, जाति से ऊपर ‘जीतने वाले’ चेहरों की तलाश में पार्टी।

Vibhuti Ranjan द्वारा Vibhuti Ranjan
13 October 2025
in चर्चित, मत, राजनीति, समीक्षा
बिहार में पहले चरण में बंपर वोटिंग से पीएम मोदी गदगद, भारी मतदान से विपक्ष हतप्रभ और एनडीए का आत्मविश्वास आसमान पर

विपक्ष के पास न तो कोई राष्ट्रीय चेहरा है और न ही विचारधारा का सामर्थ्य।

Share on FacebookShare on X

बिहार विधानसभा चुनाव की गहमागहमी अब दिल्ली से लेकर पटना तक तेज हो चुकी है। एनडीए में सीट बंटवारे के बाद बीजेपी ने उम्मीदवारों की पहली सूची को अंतिम रूप देने की तैयारी पूरी कर ली है। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और संगठन महासचिव बीएल संतोष की मौजूदगी में हुई केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की बैठक ने इस बात को साफ कर दिया कि बीजेपी इस बार बिहार चुनाव को सिर्फ जातीय समीकरणों के दायरे में सीमित नहीं रखेगी।

पार्टी का फोकस अब कौन किस जाति से है से आगे बढ़कर कौन जीत सकता है पर है। यानी जातीय संतुलन रहेगा, लेकिन उम्मीदवार चयन की प्राथमिक कसौटी होगी उनकी विजय क्षमता।

संबंधितपोस्ट

Delimitation 2026: दक्षिण भारत के राज्यों के लिए यही समय ही सही समय है। Explained

मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

संसद में एनडीए की ‘मंगल मिलन’ बैठक, पीएम मोदी और अमित शाह समेत कई वरिष्ठ नेता पहुंचे

और लोड करें

एनडीए में सीट बंटवारा तय, अब लिस्ट पर फोकस

एनडीए में सीटों का बंटवारा लगभग तय हो चुका है। बीजेपी 243 में से 101 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि जदयू भी 101 सीटों पर ही अपने उम्मीदवार उतारेगी। शेष सीटें हम (HAM), लोजपा (रामविलास) और अन्य सहयोगी दलों को मिलेंगी।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पहले चरण के उम्मीदवारों की घोषणा पटना में जल्द ही हो सकती है। दिल्ली में हुई बैठक में उम्मीदवारों की लिस्ट को लेकर घंटेभर चली गहन चर्चा में हर उम्मीदवार की ग्राउंड रिपोर्ट, जातीय समीकरण और व्यक्तिगत लोकप्रियता पर अलग-अलग रिपोर्ट पेश की गई।

सिर्फ जातीय गणित नहीं, ‘विजय क्षमता’ बनेगी प्राथमिकता

बिहार की राजनीति में जातीय समीकरण हमेशा से निर्णायक रहे हैं। यादव, कुशवाहा, भूमिहार, ब्राह्मण, पासवान और मुसहर जैसे समुदायों का वोट शेयर हर पार्टी की रणनीति का केंद्र रहा है। लेकिन बीजेपी इस बार इस परंपरा को आंशिक रूप से तोड़ने के मूड में है। पार्टी का इरादा है कि वह जाति प्रतिनिधित्व को तो बनाए रखे, लेकिन टिकट वितरण में ‘वोट ट्रांसफर और ग्राउंड पर जीतने की संभावना’ को ही अंतिम पैमाना बनाया जाए।

एक वरिष्ठ बीजेपी पदाधिकारी ने कहा कि अब केवल जाति से जीत नहीं मिलती। जनता काम, छवि और कनेक्शन देखती है। पार्टी का मानना है कि जिसे जनता स्वीकारती है, वही उम्मीदवार सही है। इसका मतलब यह है कि पार्टी उम्मीदवारों के चयन में स्थानीय लोकप्रियता, संगठन से जुड़ाव और केंद्र की योजनाओं से तालमेल को भी उतनी ही गंभीरता से तौलेगी जितनी जाति को।

सिटिंग विधायकों को मिलेगा दोबारा मौका

दिलचस्प बात यह है कि पार्टी ने इस बार अपने अधिकांश सिटिंग विधायकों को फिर से मौका देने का निर्णय लिया है। हालांकि, 2020 में बीजेपी ने बड़ी संख्या में नए चेहरों को उतारा था, जिनमें से कई ने पहली बार में ही मजबूत जनाधार तैयार कर लिया। पार्टी के भीतर यह मूल्यांकन किया गया कि बिहार में सरकार-विरोधी लहर (Anti-incumbency) जैसी कोई स्थिति नहीं है। इसलिए जहां अन्य राज्यों में बीजेपी औसतन 25-30% विधायकों का टिकट काटती रही है, वहीं बिहार में यह अपवाद साबित हो सकता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इससे पार्टी को दोहरा लाभ होगा। पहला यह कि संगठन के भीतर असंतोष नहीं फैलेगा और दूसरा कार्यकर्ताओं को संदेश जाएगा कि परिश्रम और जनता से जुड़ाव का इनाम पार्टी देती है।

युवा और महिला उम्मीदवारों पर जोर

बीजेपी की सूची में इस बार एक और बड़ा संदेश छिपा होगा, नई पीढ़ी को आगे लाने का। पार्टी की योजना है कि कुल उम्मीदवारों में से 10–15% सीटों पर महिला चेहरों को मौका दिया जाए। इनमें से कई वे होंगी जो स्थानीय निकायों या पंचायत राजनीति से उभरी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया और ग्राउंड कनेक्ट में सक्रिय युवा नेताओं को भी टिकट देने की तैयारी है।

पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि बिहार की युवा आबादी (18 से 30 वर्ष आयु वर्ग) अब निर्णायक मतदाता बन चुकी है। ऐसे में बीजेपी चाहती है कि उसका हर दूसरा उम्मीदवार नए बिहार की छवि पेश करे। शिक्षित, तकनीकी रूप से सक्षम और संगठन से जुड़े।

उम्र बनेगी टिकट कटने का बड़ा कारण

बीजेपी के आंतरिक दिशानिर्देशों के अनुसार, 70 वर्ष से अधिक उम्र के नेताओं को अब मार्गदर्शक मंडल की भूमिका में भेजा जा सकता है। हालांकि, यह नियम लचीला रहेगा। यदि किसी सीट पर वरिष्ठ नेता ही सबसे मजबूत विकल्प हैं, तो उन्हें अपवाद के तौर पर टिकट दिया जा सकता है। पार्टी इस बार यह स्पष्ट संदेश देना चाहती है कि राजनीतिक उत्तराधिकार योग्यता से तय होगा, न कि केवल परंपरा से।

एनडीए में तालमेल की परीक्षा

भले ही सीट बंटवारे पर सहमति बन चुकी है, लेकिन वास्तविक परीक्षा तब शुरू होगी जब प्रत्याशियों की घोषणा होगी। कई सीटों पर बीजेपी और जदयू का पारंपरिक प्रभाव क्षेत्र एक-दूसरे से टकराता है। खासकर सीमांचल, कोसी और मिथिलांचल में। बीजेपी की चुनौती यह रहेगी कि सहयोगी दलों के उम्मीदवारों के बीच आपसी समन्वय बना रहे और स्थानीय स्तर पर फ्रेंडली फाइट जैसी स्थिति न बने।

राजनीतिक पंडितों का मानना है कि अगर बीजेपी यह तालमेल बनाए रखने में सफल रही तो वह जदयू की परंपरागत जमीन पर भी सेंध लगा सकती है, खासकर शहरी और अर्धशहरी सीटों पर।

मोदी फैक्टर अब भी सबसे बड़ा हथियार

बीजेपी की रणनीति का सबसे मजबूत स्तंभ अब भी नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता है। पार्टी इस चुनाव को विकास बनाम जाति के एजेंडे पर ले जाना चाहती है। केंद्र की योजनाएं प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना और हर घर जल बीजेपी के डिलीवरी मॉडल के प्रतीक के रूप में पेश की जाएंगी। हर जिले में मोदी के विकास और राज्य सरकार के प्रशासन का तुलनात्मक मॉडल तैयार किया जा रहा है।

बीजेपी संगठन की नज़र में, बिहार में ‘मोदी मैजिक’ अभी भी 10-12% तक का अतिरिक्त वोट बैंक जोड़ता है। यही कारण है कि पार्टी हर उम्मीदवार से यह उम्मीद रखेगी कि वह केंद्र की नीतियों को अपनी स्थानीय पहचान से जोड़ सके।

जाति राजनीति से आगे बढ़ने की कोशिश

बिहार की राजनीति से जाति को पूरी तरह मिटाना असंभव है, लेकिन बीजेपी यह संदेश देना चाहती है कि वह इसे कंट्रोल नहीं बल्कि रिफॉर्म करना चाहती है। पार्टी का उद्देश्य है कि जाति को राजनीतिक गणित से हटाकर प्रतिनिधित्व और विकास के मिश्रण के रूप में पेश किया जाए।

2014 से अब तक बिहार में बीजेपी का वोट शेयर लगभग 33% के औसत पर स्थिर है। पार्टी मानती है कि यदि वह जाति की सीमाओं से ऊपर उठकर विकास और पहचान का नया नैरेटिव गढ़ पाती है, तो यह चुनाव उसके लिए निर्णायक साबित हो सकता है।

लिस्ट नहीं, संदेश होगा असली खेल

जब बीजेपी अपनी पहली सूची जारी करेगी, तो वह सिर्फ नामों की घोषणा नहीं होगी, बल्कि एक राजनीतिक घोषणा-पत्र की तरह होगी। यह सूची बताएगी कि पार्टी अब “वोट बैंक” नहीं, बल्कि “विकास बैंक” बनाने की दिशा में है। जहां विपक्ष अभी भी जाति-समुदाय आधारित समीकरणों में उलझा हुआ है, वहीं बीजेपी अपने पत्ते संगठन, युवा नेतृत्व और प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता पर खेल रही है।

अगर यह रणनीति जमीन पर उतरी, तो 2025 का बिहार चुनाव बीजेपी के लिए केवल एक जीत नहीं, बल्कि राजनीतिक परिपक्वता की नई परिभाषा बन सकता है, जहां जाति नहीं, काबिलियत और कनेक्टिविटी तय करेगी कि किसे मिलेगा जनता का आशीर्वाद।

Tags: Assembly ElectionsBiharBJPcaste equationsJDUNDAticket distributionएनडीएजदयूजातीय समीकरणटिकट वितरणबिहारबीजेपीविधानसभा चुनाव
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भारत और अफगानिस्तान: बदलती भू-राजनीतिक परिदृश्य में मजबूत रणनीतिक साझेदार

अगली पोस्ट

ट्रम्प ने की इज़राइल-हमास युद्ध ख़त्म होने की घोषणा की, इज़राइल को बंधकों की रिहाई का इंतज़ार

संबंधित पोस्ट

बच्चे आपके, संस्कार किसके?
मत

बच्चे आपके, संस्कार किसके?

17 August 2026

हाल ही में एक पुस्तक पढ़ी, जिसका शीर्षक है “जिस ओर जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता है।” पुस्तक में विकसित भारत 2047 के...

‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?
इतिहास

‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

14 August 2026

वर्ष 2021 में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अगस्त को 'विभाजन की विभीषका स्मृति दिवस' (Partition Horrors Remembrance Day) के रूप में मनाने...

Devender Mahto Ranchi student protest
चर्चित

Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

10 August 2026

रांची में छात्रों और युवा अभ्यर्थियों का आक्रोश चरम पर पहुंच चुका है। 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव करने निकले हजारों छात्रों को पुलिस...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India’s Fighter Force Needs More Than Jets | Here’s Why 150 Trainers Matter ? IAF | HAWK | HAL

India’s Fighter Force Needs More Than Jets | Here’s Why 150 Trainers Matter ? IAF | HAWK | HAL

00:04:44

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

00:03:30

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

00:05:36

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

00:03:42
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited