TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    30,000 साल पुरानी कब्र

    जब खुली 3,000 साल पुरानी कब्र: तुतनखामुन की ऐतिहासिक खोज और ‘ममी के श्राप’ की कहानी

    भारत फ्रांस वर्ता

    भारत-फ्रांस रक्षा वार्ता: बेंगलुरु में 10 साल के समझौते को फिर से बढ़ाने पर बनेगी सहमति

    राजस्थान के भिवाड़ी में केमिकल फैक्ट्री में भीषण धमाका

    राजस्थान के भिवाड़ी में केमिकल फैक्ट्री में भीषण धमाका, कई मजदूर जिंदा जल गए, राहत कार्य जारी

    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    एआई सम्मेलन: इमैनुएल मैक्रों, लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के अलावा भी 20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल, एआइ के भविष्य पर करेंगे मंथन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन, पीएम बोले– तकनीक में भारत बन रहा विश्व नेता

    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    30,000 साल पुरानी कब्र

    जब खुली 3,000 साल पुरानी कब्र: तुतनखामुन की ऐतिहासिक खोज और ‘ममी के श्राप’ की कहानी

    भारत फ्रांस वर्ता

    भारत-फ्रांस रक्षा वार्ता: बेंगलुरु में 10 साल के समझौते को फिर से बढ़ाने पर बनेगी सहमति

    राजस्थान के भिवाड़ी में केमिकल फैक्ट्री में भीषण धमाका

    राजस्थान के भिवाड़ी में केमिकल फैक्ट्री में भीषण धमाका, कई मजदूर जिंदा जल गए, राहत कार्य जारी

    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    एआई सम्मेलन: इमैनुएल मैक्रों, लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के अलावा भी 20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल, एआइ के भविष्य पर करेंगे मंथन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन, पीएम बोले– तकनीक में भारत बन रहा विश्व नेता

    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

क्या बेनेगल नरसिंह राउ थे संविधान के असली निर्माता ? इतिहास ने उनके योगदान को क्यों भुला दिया ?

बी.एन राउ कोंकण भाषी सारस्वत ब्राह्मण थे, जिन्हें संस्कृत और भारतीय धर्मग्रंथों का भी अच्छा ज्ञान था। संविधान सभा के सलाहकार के रूप में उन्होने अकेले ही संविधान का शुरुआती मसौदा तैयार किया था, बाद में इसे ही संशोधित कर के अंगीकार किया गया

TFI Desk द्वारा TFI Desk
26 November 2025
in इतिहास, ज्ञान
बी.एन राउ का संविधान निर्माण में बड़ा योगदान है

बेनेगल नरसिंह राउ को इतिहास में वो जगह नहीं मिली, जिसके वो हकदार थे

Share on FacebookShare on X

इतिहास की एक बड़ी विशेषता ये है कि वो नायकों और खलनायकों को परिभाषित करने का जिम्मा आने वाली पीढ़ियों पर छोड़ देता है, और आने वाली पीढ़ियां ये काम अक्सर निरपेक्ष भाव से करने की जगह अपनी सहूलियत, सुविधा और लोकतांत्रिक मॉडल में कहें तो जन भावनाओं के आधार पर करती हैं।
बेनेगल नरसिंह राउ या बी.एन राउ भी ऐसी ही शख़्सियत हैं, जो इतिहास और वर्तमान के इसी द्वंद का शिकार बने। भारत और बर्मा जैसे दो–दो देशों के संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण (शायद सबसे बड़ी) भूमिका निभाने के बावजूद ‘वर्तमान पीढ़ी’ ने उन्हें ऐतिहासिक लिहाज़ से ‘हाशिए’ या कहें कि गुमनामी में ही रखा है।

भारत के संविधान को दुनिया के सबसे बड़े संविधानों में से एक माना जाता है जिसमें 448 अनुच्छेद, 25 खंड, 12 अनुसूचियां (शेड्यूल) और 100 से ज्यादा संशोधन शामिल हैं।
इस महान संविधान को सात विशेषज्ञों की एक कमिटी ने तैयार किया था और इसका नेतृत्व डॉक्टर भीमराव आंबेडकर यानी बाबा साहेब कर रहे थे। प्रशासनिक और क़ानूनी विशेषज्ञों की इस समिति में के एम मुंशी, एन गोपालस्वामी आयंगर, अल्लादि कृष्णास्वामी अय्यर,सैयद मोहम्मद सादुल्लाह, मैसूर के दीवान एन माधव राऊ और डीपी खेतान जैसी शख्सियतों के साथ बेनेगल नरसिंह राव भी शामिल थे। बाद में टी. टी. के. कृष्णामाचारी को भी इसमें शामिल किया गया। कृष्णामचारी बाद में नेहरू सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे।

संबंधितपोस्ट

हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

भारतीय चिंतन दृष्टि से संविधान: ज्ञान परंपरा में नागरिकता का इतिहास

और लोड करें

इस कमिटी का प्रमुख होने के नाते ही अंबेडकर बाद में भारतीय संविधान के निर्माता कहलाए, वहीं बी.एन. राउ का योगदान काफी हद तक अनदेखा कर दिया गया।

जबकि इस संविधान को लिखने में बेनेगल नरसिंह राउ की बहुत बड़ी भूमिका रही जिन्हें संविधान सभा के सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया था और फ़रवरी, 1948 तक उन्होने अकेले ही संविधान का प्रारंभिक ड्रॉफ्ट तैयार कर लिया था। बाद में इसी मसौदे को संविधान सभा ने लंबी चर्चाओं, बहसों और कुछ संशोधनों के बाद 26 नवंबर, 1949 को पारित कर दिया गया था।

डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद संविधान सभा के अध्यक्ष थे और इस नाते जब वो पूरी तरह तैयार हो चुके संविधान पर हस्ताक्षर करने जा रहे थे, तो उससे पहले उन्होने बीएन राव का विशेष रूप से धन्यवाद दिया। उन्होने कहा था कि “संविधान बनाने का जो श्रेय मुझे दिया जा रहा है, वास्तव में उसके असल अधिकारी बेनेगल नरसिंह राव भी हैं, जिन्होने न सिर्फ संविधान का बेसिक ड्रॉफ्ट तैयार किया, बल्कि कई संवैधानिक अड़चनों को भी अपनी बुद्धिमता से दूर किया।”

दरअसल बेनेगल नरसिंह राउ ने संविधान के जिस शुरुआती ड्रॉफ्ट को तैयार किया था, बाद में उसी का डॉ. अंबेडकर की अध्यक्षता वाली ड्रॉफ्ट कमिटी ने विस्तार किया और उसे अंतिम रूप दिया गया।

डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा था – ‘संविधान का असल निर्माता’

डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बाद में संविधान को लेकर लिखे गए अपने एक संस्मरण में राव की तारीफ़ करते हुए लिखा था कि. ‘संविधान का ड्रॉफ्ट तैयार करने के लिए राव ने दुनिया भर के कई लिखित और अलिखित संविधानों का गहन अध्ययन किया और उनके अहम बिंदुओं को बाकी सदस्यों के लिए भी उपलब्ध कराया।’ वो लिखते हैं कि ‘अगर डॉक्टर भीमराव आंबेडकर संविधान निर्माण में पायलट की भूमिका में थे, तो बेनेगल राऊ ने शख़्सियत थे, जिन्होने संविधान की एक स्पष्ट परिकल्पना दी और उसकी नींव रखी। संवैधानिक विषयों को साफ़–सुथरी भाषा में लिखने की उनमें कमाल की योग्यता थी।’

संस्कृत, भारतीय धर्मग्रंथों के भी विद्वान थे बी.एन राउ
बीएन राउ का जन्म ब्रिटिश राज
 के दौरान 26 फरवरी 1887 को एक हिंदू कोंकणी भाषी सारस्वत ब्राह्मण परिवार में हुआ था। पिता बेनेगल राघवेंद्र राव उस वक्त देश के जाने माने चिकित्सक तो थे ही, संस्कृत भाषा और भारतीय संस्कृति/धर्म के प्रकांड विद्वान भी थे। उनके कहने पर ही बेनेगल नरसिंह राव ने भी स्नातक में गणित के साथ–साथ संस्कृत को भी विषय के रूप में चुना और पिता के भरोसे पर खरे भी उतरे। वर्ष 1905 में उन्होने अंग्रेजी, भौतिकी और संस्कृत में ट्रिपल फर्स्ट डिग्री के साथ स्नातक की परीक्षा पास की और अगले ही साल 1906 में गणित में भी उन्होने पूरे मद्रास प्रेसीडेंसी में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

जम्मू-कश्मीर के प्रधानमंत्री भी रहे 

उनकी मेधा और लगन  को देखते हुए उन्हें इंग्लैड में जाकर आगे की पढ़ाई करने के लिए स्कॉलरशिप मिली, जहां उन्होने ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज से आगे की पढ़ाई की। बाद में 1909 में उन्होने ICS (इंडियन सिविल सर्विस) की परीक्षा पास की, उन्हें ब्रिटिश प्रशासन की तरफ़ से 1938 में ‘नाइटहुड’ की उपाधि भी मिली और वर्ष 1944 में वो जम्मू–कश्मीर रियासत के प्रधानमंत्री भी रहे। लेकिन महाराजा के साथ मतभेद होने की वजह से उन्होने जल्दी ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया।


बीएन राउ ने बर्मा का संविधान भी लिखा
उस वक्त तक बर्मा आज़ाद हो चुका था और सन 1946 में बर्मा के प्रधानमंत्री यू आँग सान ने उन्हें देश के संविधान लिखने में मदद करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होने न सिर्फ उनके आमंत्रण को स्वीकार किया, बल्कि इस काम को बख़ूबी अंजाम भी दिया। बाद में जुलाई 1946 में तत्कालीन वायसराय लॉर्ड वेवेल ने उन्हें संविधान सभा का संवैधानिक सलाहकार बना दिया।

संविधान बनाने के लिए बिना वेतन काम किया
बेनेगल नरसिंह राउ ने सरकार को स्पष्ट कर दिया था  कि वो वैधानिक सलाहकार के रूप में काम करने के लिए कोई वेतन नहीं लेंगे। उनका मानना था कि अगर वो इसके लिए वेतन लेंगे तो उन्हें ख़ुद को निष्पक्ष साबित करना मुश्किल हो जाएगा, साथ ही अगर संविधान निर्माण में देरी हुई तो इसकी जिम्मेदारी संविधान सभा के दफ़्तर पर न आए।
इस पद पर काम करते हुए भारतीय संविधान के पहले 243 अनुच्छेद उन्होने लिखे और फिर इसके बाद डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की अध्यक्षता वाली ड्रॉफ्ट कमिटी ने इसे विस्तार देकर मौजूदा संविधान का रूप दिया।

बेनेगल नरसिंह राउ को वो सम्मान नहीं मिला, जिसके वो हकदार थे

बीएन राउ ने भले ही संविधान निर्माण में बहुत बड़ी भूमिका निभाई हो, लेकिन जिस वक्त संविधान को अंगीकार किया गया और भारत एक गणतांत्रिक देश बना, राउ उस पल का गवाह बनने के लिए भारत में मौजूद नहीं थे। क्योंकि 1949 में ही उन्हें संयुक्त राष्ट्र में भारत का स्थाई प्रतिनिधि बना दिया गया था, जहां वो 1952 तक तैनात रहे।
इसके बाद उन्होने हेग में अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के जज के रूप में भी कुछ वक्त काम किया। 26 फ़रवरी 1953 को जेनेवा में कैंसर से उनका निधन हो गया।

अब इसे एक विडंबना ही कहा जाएगा कि जिस व्यक्ति ने भारत के संविधान निर्माण में इतनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, उसके योगदान को कभी उतना महत्व नहीं मिला जिसके वो हक़दार थे।

शायद उनके नाम पर सियासी समीकरण नहीं साधे जा सकते थे, या फिर उन्हें संविधान सभा से जुड़े अन्य महापुरुषों की विराट छाया के पीछे छिपा दिया गया।
वजह जो भी हो– लेकिन वो शब्दों और भावनाओं के रूप में भारतीय संविधान में आज भी मौजूद हैं।

Tags: कॉंस्टीट्यूशन ऑफ इंडियाबाबा साहेब आम्बेडकरबेनेगल नरसिंह राऊभारतीय संविधानसंविधान निर्माता
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

संविधान दिवस: भारतीय चिंतन परंपरा की दृष्टि से संविधान 

अगली पोस्ट

बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

संबंधित पोस्ट

ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग
इतिहास

ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

14 February 2026

भारत एक बार फिर इतिहास रचने जा रहा है, केंद्र सरकार ने ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे देश की पहली सड़क-सह-रेल सुरंग (अंडरवॉटर टनल) बनाने को...

के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक
इतिहास

फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

29 January 2026

फील्ड मार्शल कोडंडेरा मदप्पा करियप्पा, जिन्हें प्यार से के.एम. करियप्पा कहा जाता है, भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ और राष्ट्र सेवा, अनुशासन और समर्पण...

10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं
इतिहास

इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

28 January 2026

होलोकॉस्ट एक सुनियोजित, राज्य-प्रायोजित नरसंहार था, जिसे 1933 से 1945 के बीच नाजी जर्मनी ने एडॉल्फ़ हिटलर के नेतृत्व में अंजाम दिया। इसका मूल कारण...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited