TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी, भारत ने फिर भी दर्ज की बड़ी छलांग

    अमित शाह: मोदी सरकार

    अमित शाह: मोदी सरकार के 12 साल विकास, विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा का ‘स्वर्णिम संगम

    रामपुर में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का माम

    रामपुर में मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक को दिया धोखा, असलियत सामने आने पर मामला पहुंचा कोर्ट में

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी, भारत ने फिर भी दर्ज की बड़ी छलांग

    अमित शाह: मोदी सरकार

    अमित शाह: मोदी सरकार के 12 साल विकास, विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा का ‘स्वर्णिम संगम

    रामपुर में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का माम

    रामपुर में मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक को दिया धोखा, असलियत सामने आने पर मामला पहुंचा कोर्ट में

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

वेनेज़ुएला जैसा प्रयोग ईरान में? अमेरिका की रणनीति पर सवाल

अमेरिका की कार्रवाई और ईरान की मौजूदा स्थिति के बीच समानताएँ खोज रहे हैं, जिससे एक अहम सवाल उठ खड़ा हुआ है—क्या वॉशिंगटन तेहरान के खिलाफ भी ऐसी ही रणनीति अपना सकता है

Kashish Mishra द्वारा Kashish Mishra
7 January 2026
in विश्व
ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है

ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है

Share on FacebookShare on X

ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। कई विश्लेषक अब वेनेज़ुएला में अमेरिका की कार्रवाई और ईरान की मौजूदा स्थिति के बीच समानताएँ खोज रहे हैं, जिससे एक अहम सवाल उठ खड़ा हुआ है—क्या वॉशिंगटन तेहरान के खिलाफ भी ऐसी ही रणनीति अपना सकता है?
क्या संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल ईरान के आंतरिक असंतोष का इस्तेमाल प्रत्यक्ष हस्तक्षेप को正 ठहराने के लिए कर सकते हैं?

कड़ी बयानबाज़ी और बढ़ते तनाव के बावजूद, ईरान में सीधे अमेरिकी या इज़राइली सैन्य हस्तक्षेप की संभावना फिलहाल कम ही नजर आती है। ईरान में जारी अशांति का मुख्य कारण घरेलू आर्थिक और राजनीतिक समस्याएँ हैं। देश के कई शहरों में हुए प्रदर्शन गहरे आर्थिक असंतोष से प्रेरित हैं—महंगाई में तेज़ बढ़ोतरी, बेरोज़गारी, गिरता जीवन-स्तर, और शासन व जवाबदेही से जुड़ी पुरानी शिकायतें।

संबंधितपोस्ट

अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

हॉर्मुज जलडमरूमध्य से खुल सकती है शांति की राह: अमेरिका-ईरान समझौते के करीब, लेकिन कई मुद्दों पर मतभेद बरकरार

वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज इस हफ्ते भारत आएंगी, ऊर्जा सहयोग रहेगा मुख्य मुद्दा

और लोड करें

इस्लामी सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों पर की गई सख्ती के चलते सुरक्षा बलों के साथ हिंसक झड़पें हुई हैं और कई लोगों के हताहत होने की खबरें भी सामने आई हैं। इन घटनाओं पर वॉशिंगटन और तेल अवीव से कड़ी प्रतिक्रियाएँ आई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई गई, तो अमेरिका प्रतिक्रिया देगा।

हालांकि, ईरान में हस्तक्षेप की रणनीतिक और सैन्य लागत बेहद अधिक है, जिससे यह संभावना कम हो जाती है कि वॉशिंगटन—खासकर ट्रंप के नेतृत्व में—इस स्तर पर वह कीमत चुकाने को तैयार होगा।

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई और सत्तारूढ़ तंत्र ने इन प्रदर्शनों को विदेशी साज़िशों का नतीजा बताने की कोशिश की है और बाहरी शक्तियों पर देश को अस्थिर करने का आरोप लगाया है। फिर भी, अधिकांश स्वतंत्र विश्लेषक इस बात पर सहमत हैं कि अशांति की जड़ें मुख्य रूप से घरेलू कारणों में ही हैं।

अमेरिकी प्रतिबंधों के वर्षों ने ईरान की अर्थव्यवस्था पर गहरा दबाव डाला है। ईरानी रियाल में भारी गिरावट आई है और इसकी कीमत कथित तौर पर एक डॉलर के मुकाबले लगभग 42,000 रियाल तक पहुंच गई है। खाद्य पदार्थों की कीमतें आसमान छू रही हैं, रोज़गार के अवसर घटते जा रहे हैं और सरकार पर जनता का भरोसा कमजोर हुआ है। पारदर्शिता की कमी और नागरिक स्वतंत्रताओं के दमन ने राज्य और समाज के बीच की खाई को और चौड़ा कर दिया है।

इन तमाम चुनौतियों के बावजूद, इस्लामिक रिपब्लिक की सत्ता पर पकड़ अब भी मज़बूत बनी हुई है। ईरान का सुरक्षा तंत्र—विशेष रूप से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC)—अब भी वफादार, संगठित और सक्षम है। यही कारण है कि अचानक सत्ता परिवर्तन या वेनेज़ुएला, लीबिया अथवा इराक जैसी स्थिति बनने की संभावना निकट भविष्य में बेहद कम मानी जा रही है।

ईरान को लेकर अमेरिका की रणनीतिक सतर्कता

हालांकि वॉशिंगटन की भाषा आक्रामक रही है, लेकिन उसके कदम सतर्कता का संकेत देते हैं। ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से चेतावनी दी कि ईरान प्रदर्शनकारियों की हत्या न करे और यह भी कहा कि अमेरिका “पूरी तरह तैयार” है। ऐसे बयान भले ही प्रदर्शनकारियों के प्रति समर्थन दर्शाते हों, लेकिन वे तत्काल सैन्य कार्रवाई का संकेत नहीं देते।

इतिहास बताता है कि ईरान के प्रति अमेरिकी नीति आक्रमण से ज़्यादा दबाव पर आधारित रही है। आर्थिक प्रतिबंध, कूटनीतिक अलगाव, साइबर ऑपरेशन और गुप्त कार्रवाइयाँ वॉशिंगटन के प्रमुख औज़ार रहे हैं। अमेरिकी नीति-निर्माता जानते हैं कि ईरान पर सीधा सैन्य हमला पूरे क्षेत्र को युद्ध में झोंक सकता है, जिसका असर फारस की खाड़ी, इराक, सीरिया और लेबनान तक फैल सकता है।

वेनेज़ुएला के विपरीत, ईरान कूटनीतिक रूप से अलग-थलग नहीं है। उसके रूस और चीन के साथ मजबूत रणनीतिक संबंध हैं, और दोनों देश किसी भी एकतरफा अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का कड़ा विरोध करेंगे। यह व्यापक वैश्विक परिदृश्य वॉशिंगटन के विकल्पों को काफी हद तक सीमित करता है।

तेहरान की प्रतिक्रिया: संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून

ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी बयानों को सिरे से खारिज कर दिया है। वरिष्ठ नेता अली लारीजानी ने इन्हें ईरान के आंतरिक मामलों में खुला हस्तक्षेप बताते हुए राष्ट्रीय संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला दिया। तेहरान ने स्पष्ट कर दिया है कि ये प्रदर्शन एक घरेलू मुद्दा हैं और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को शत्रुतापूर्ण कार्रवाई माना जाएगा।

इसके अलावा, ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए अंतरराष्ट्रीय वैधता हासिल करना बेहद कठिन होगा, जिससे प्रत्यक्ष हस्तक्षेप की संभावना और कम हो जाती है।

इज़राइल की भूमिका: रणनीतिक खतरा, लेकिन सामरिक संयम

इज़राइल की स्थिति कुछ हद तक अस्पष्ट बनी हुई है। तेल अवीव लंबे समय से ईरान को अपना सबसे बड़ा रणनीतिक खतरा मानता रहा है—खासकर ईरान के परमाणु कार्यक्रम और हिज़्बुल्लाह जैसे समूहों को समर्थन देने के कारण। इज़राइली नेताओं ने खुले तौर पर ईरान पर अमेरिकी दबाव का समर्थन किया है और चेतावनी दी है कि यदि उनकी सुरक्षा को सीधा खतरा हुआ, तो इज़राइल एकतरफा कार्रवाई कर सकता है।

फिर भी, ईरान के आंतरिक संकट में इज़राइल की प्रत्यक्ष सैन्य भागीदारी फिलहाल अनिश्चित दिखती है। ऐसा कोई भी कदम लेबनान, ग़ज़ा, सीरिया और संभवतः रेड सी तक कई मोर्चे खोल सकता है। मौजूदा सैन्य प्रतिबद्धताओं को देखते हुए, सीधे टकराव के बजाय अमेरिका के नेतृत्व वाले प्रतिबंधों, खुफिया अभियानों और कूटनीतिक दबाव पर निर्भर रहना कहीं अधिक सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है।

आगे क्या होगी अमेरिका और इज़राइल की रणनीति?

इन सभी कारकों को देखते हुए, ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान की संभावना सीमित ही नजर आती है। अधिक संभावना यही है कि वॉशिंगटन अपने परिचित औज़ारों पर ही निर्भर रहेगा—प्रतिबंधों का विस्तार, गुप्त अभियानों में बढ़ोतरी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान को अलग-थलग करने के प्रयास।

यह रणनीति अमेरिका को बिना युद्ध की अनिश्चितता में पड़े, ईरान को आर्थिक और राजनीतिक रूप से कमजोर करने का अवसर देती है। इज़राइल भी इसी रणनीति के अनुरूप चलने की संभावना रखता है और सीधी सैन्य कार्रवाई को केवल तभी विकल्प बनाए रखेगा, जब ईरान कोई स्पष्ट ‘रेड लाइन’ पार करे।

ईरान की स्थिति निस्संदेह अस्थिर है—लेकिन वह अभी उस स्तर तक नहीं पहुंची है, जो सीधे अमेरिकी या इज़राइली हस्तक्षेप को正 ठहराए। फिर भी, गलत आकलन का जोखिम बना हुआ है। यदि बड़े पैमाने पर प्रदर्शनकारियों की हत्या होती है या अमेरिकी अथवा इज़राइली हितों पर सीधा हमला होता है, तो हालात तेजी से बदल सकते हैं।

Tags: IranIsraeltehranunited statesVenezuelaWashingtonआयतुल्लाह अली ख़ामेनेईईरानवेनेजुएला
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

अपाचे सौदे पर ट्रंप के दावे बनाम हकीकत: भारत ने दिखाया सच का आईना

अगली पोस्ट

पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्क का खुलासा: लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

संबंधित पोस्ट

अमेरिका-ईरान समझौते का दावा
AMERIKA

अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

16 June 2026

पश्चिम एशिया की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के...

रूसी तेल का आयात
चर्चित

रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

9 June 2026

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि भारत पहले की तुलना में अधिक मात्रा में रूस से कच्चे तेल...

तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,
AMERIKA

तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

23 May 2026

अमेरिका में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है, जब अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (DNI) तुलसी गबार्ड ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11

Inside the Doklam Face-Off: How India Backed Bhutan and Held the Line During the 73 Day Standoff

00:03:11

Why the 2017 Doklam Standoff Became a Major Strategic Wake Up Call For India | Chicken Neck

00:03:11

MISSILE IN TANKER! How Indian Navy Pulled Off A Mission Impossible At Sea | Hormuz | Gulf of Oman

00:03:38

12 YEARS OF MODI GOVERNMENT: INDIA'S DEFENCE & DIPLOMATIC RESET | PM Modi | Armed Forces

00:04:43
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited