TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

वेनेज़ुएला जैसा प्रयोग ईरान में? अमेरिका की रणनीति पर सवाल

अमेरिका की कार्रवाई और ईरान की मौजूदा स्थिति के बीच समानताएँ खोज रहे हैं, जिससे एक अहम सवाल उठ खड़ा हुआ है—क्या वॉशिंगटन तेहरान के खिलाफ भी ऐसी ही रणनीति अपना सकता है

Kashish Mishra द्वारा Kashish Mishra
7 January 2026
in विश्व
ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है

ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है

Share on FacebookShare on X

ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। कई विश्लेषक अब वेनेज़ुएला में अमेरिका की कार्रवाई और ईरान की मौजूदा स्थिति के बीच समानताएँ खोज रहे हैं, जिससे एक अहम सवाल उठ खड़ा हुआ है—क्या वॉशिंगटन तेहरान के खिलाफ भी ऐसी ही रणनीति अपना सकता है?
क्या संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल ईरान के आंतरिक असंतोष का इस्तेमाल प्रत्यक्ष हस्तक्षेप को正 ठहराने के लिए कर सकते हैं?

कड़ी बयानबाज़ी और बढ़ते तनाव के बावजूद, ईरान में सीधे अमेरिकी या इज़राइली सैन्य हस्तक्षेप की संभावना फिलहाल कम ही नजर आती है। ईरान में जारी अशांति का मुख्य कारण घरेलू आर्थिक और राजनीतिक समस्याएँ हैं। देश के कई शहरों में हुए प्रदर्शन गहरे आर्थिक असंतोष से प्रेरित हैं—महंगाई में तेज़ बढ़ोतरी, बेरोज़गारी, गिरता जीवन-स्तर, और शासन व जवाबदेही से जुड़ी पुरानी शिकायतें।

संबंधितपोस्ट

ईरान का बड़ा जवाबी हमला, कुवैत में पैट्रियट सिस्टम और जॉर्डन में THAAD रडार नष्ट करने का दावा

वेनेजुएला भूकंप: 7 दिन से मलबे में जिंदा फंसा सिक्योरिटी गार्ड, 7 देशों की टीम बचाने में जुटी

वेनेज़ुएला में विनाशकारी भूकंप: राजधानी काराकास में भारी तबाही, 32 की मौत, हजारों लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका

और लोड करें

इस्लामी सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों पर की गई सख्ती के चलते सुरक्षा बलों के साथ हिंसक झड़पें हुई हैं और कई लोगों के हताहत होने की खबरें भी सामने आई हैं। इन घटनाओं पर वॉशिंगटन और तेल अवीव से कड़ी प्रतिक्रियाएँ आई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई गई, तो अमेरिका प्रतिक्रिया देगा।

हालांकि, ईरान में हस्तक्षेप की रणनीतिक और सैन्य लागत बेहद अधिक है, जिससे यह संभावना कम हो जाती है कि वॉशिंगटन—खासकर ट्रंप के नेतृत्व में—इस स्तर पर वह कीमत चुकाने को तैयार होगा।

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई और सत्तारूढ़ तंत्र ने इन प्रदर्शनों को विदेशी साज़िशों का नतीजा बताने की कोशिश की है और बाहरी शक्तियों पर देश को अस्थिर करने का आरोप लगाया है। फिर भी, अधिकांश स्वतंत्र विश्लेषक इस बात पर सहमत हैं कि अशांति की जड़ें मुख्य रूप से घरेलू कारणों में ही हैं।

अमेरिकी प्रतिबंधों के वर्षों ने ईरान की अर्थव्यवस्था पर गहरा दबाव डाला है। ईरानी रियाल में भारी गिरावट आई है और इसकी कीमत कथित तौर पर एक डॉलर के मुकाबले लगभग 42,000 रियाल तक पहुंच गई है। खाद्य पदार्थों की कीमतें आसमान छू रही हैं, रोज़गार के अवसर घटते जा रहे हैं और सरकार पर जनता का भरोसा कमजोर हुआ है। पारदर्शिता की कमी और नागरिक स्वतंत्रताओं के दमन ने राज्य और समाज के बीच की खाई को और चौड़ा कर दिया है।

इन तमाम चुनौतियों के बावजूद, इस्लामिक रिपब्लिक की सत्ता पर पकड़ अब भी मज़बूत बनी हुई है। ईरान का सुरक्षा तंत्र—विशेष रूप से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC)—अब भी वफादार, संगठित और सक्षम है। यही कारण है कि अचानक सत्ता परिवर्तन या वेनेज़ुएला, लीबिया अथवा इराक जैसी स्थिति बनने की संभावना निकट भविष्य में बेहद कम मानी जा रही है।

ईरान को लेकर अमेरिका की रणनीतिक सतर्कता

हालांकि वॉशिंगटन की भाषा आक्रामक रही है, लेकिन उसके कदम सतर्कता का संकेत देते हैं। ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से चेतावनी दी कि ईरान प्रदर्शनकारियों की हत्या न करे और यह भी कहा कि अमेरिका “पूरी तरह तैयार” है। ऐसे बयान भले ही प्रदर्शनकारियों के प्रति समर्थन दर्शाते हों, लेकिन वे तत्काल सैन्य कार्रवाई का संकेत नहीं देते।

इतिहास बताता है कि ईरान के प्रति अमेरिकी नीति आक्रमण से ज़्यादा दबाव पर आधारित रही है। आर्थिक प्रतिबंध, कूटनीतिक अलगाव, साइबर ऑपरेशन और गुप्त कार्रवाइयाँ वॉशिंगटन के प्रमुख औज़ार रहे हैं। अमेरिकी नीति-निर्माता जानते हैं कि ईरान पर सीधा सैन्य हमला पूरे क्षेत्र को युद्ध में झोंक सकता है, जिसका असर फारस की खाड़ी, इराक, सीरिया और लेबनान तक फैल सकता है।

वेनेज़ुएला के विपरीत, ईरान कूटनीतिक रूप से अलग-थलग नहीं है। उसके रूस और चीन के साथ मजबूत रणनीतिक संबंध हैं, और दोनों देश किसी भी एकतरफा अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का कड़ा विरोध करेंगे। यह व्यापक वैश्विक परिदृश्य वॉशिंगटन के विकल्पों को काफी हद तक सीमित करता है।

तेहरान की प्रतिक्रिया: संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून

ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी बयानों को सिरे से खारिज कर दिया है। वरिष्ठ नेता अली लारीजानी ने इन्हें ईरान के आंतरिक मामलों में खुला हस्तक्षेप बताते हुए राष्ट्रीय संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला दिया। तेहरान ने स्पष्ट कर दिया है कि ये प्रदर्शन एक घरेलू मुद्दा हैं और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को शत्रुतापूर्ण कार्रवाई माना जाएगा।

इसके अलावा, ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए अंतरराष्ट्रीय वैधता हासिल करना बेहद कठिन होगा, जिससे प्रत्यक्ष हस्तक्षेप की संभावना और कम हो जाती है।

इज़राइल की भूमिका: रणनीतिक खतरा, लेकिन सामरिक संयम

इज़राइल की स्थिति कुछ हद तक अस्पष्ट बनी हुई है। तेल अवीव लंबे समय से ईरान को अपना सबसे बड़ा रणनीतिक खतरा मानता रहा है—खासकर ईरान के परमाणु कार्यक्रम और हिज़्बुल्लाह जैसे समूहों को समर्थन देने के कारण। इज़राइली नेताओं ने खुले तौर पर ईरान पर अमेरिकी दबाव का समर्थन किया है और चेतावनी दी है कि यदि उनकी सुरक्षा को सीधा खतरा हुआ, तो इज़राइल एकतरफा कार्रवाई कर सकता है।

फिर भी, ईरान के आंतरिक संकट में इज़राइल की प्रत्यक्ष सैन्य भागीदारी फिलहाल अनिश्चित दिखती है। ऐसा कोई भी कदम लेबनान, ग़ज़ा, सीरिया और संभवतः रेड सी तक कई मोर्चे खोल सकता है। मौजूदा सैन्य प्रतिबद्धताओं को देखते हुए, सीधे टकराव के बजाय अमेरिका के नेतृत्व वाले प्रतिबंधों, खुफिया अभियानों और कूटनीतिक दबाव पर निर्भर रहना कहीं अधिक सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है।

आगे क्या होगी अमेरिका और इज़राइल की रणनीति?

इन सभी कारकों को देखते हुए, ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान की संभावना सीमित ही नजर आती है। अधिक संभावना यही है कि वॉशिंगटन अपने परिचित औज़ारों पर ही निर्भर रहेगा—प्रतिबंधों का विस्तार, गुप्त अभियानों में बढ़ोतरी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान को अलग-थलग करने के प्रयास।

यह रणनीति अमेरिका को बिना युद्ध की अनिश्चितता में पड़े, ईरान को आर्थिक और राजनीतिक रूप से कमजोर करने का अवसर देती है। इज़राइल भी इसी रणनीति के अनुरूप चलने की संभावना रखता है और सीधी सैन्य कार्रवाई को केवल तभी विकल्प बनाए रखेगा, जब ईरान कोई स्पष्ट ‘रेड लाइन’ पार करे।

ईरान की स्थिति निस्संदेह अस्थिर है—लेकिन वह अभी उस स्तर तक नहीं पहुंची है, जो सीधे अमेरिकी या इज़राइली हस्तक्षेप को正 ठहराए। फिर भी, गलत आकलन का जोखिम बना हुआ है। यदि बड़े पैमाने पर प्रदर्शनकारियों की हत्या होती है या अमेरिकी अथवा इज़राइली हितों पर सीधा हमला होता है, तो हालात तेजी से बदल सकते हैं।

Tags: IranIsraeltehranunited statesVenezuelaWashingtonआयतुल्लाह अली ख़ामेनेईईरानवेनेजुएला
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

अपाचे सौदे पर ट्रंप के दावे बनाम हकीकत: भारत ने दिखाया सच का आईना

अगली पोस्ट

पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्क का खुलासा: लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

संबंधित पोस्ट

अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग
AMERIKA

अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

6 August 2026

अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना राज्य के कैसवेल काउंटी में बुधवार सुबह एक घर में हुई गोलीबारी से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना में कई...

क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है
चर्चित

क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

31 July 2026

ज़रा कल्पना कीजिए...आप एक सुबह उठते हैं और देखते हैं कि हजारों लोग आपके शहर में प्रवेश कर चुके हैं। सड़कों पर भारी भीड़ है,...

अमेरिका का बड़ा दावा
AMERIKA

डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

27 June 2026

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द भारत का दौरा करेंगे। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसकी पुष्टि की है। रुबियो ने एक इंटरव्यू में...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India’s Fighter Force Needs More Than Jets | Here’s Why 150 Trainers Matter ? IAF | HAWK | HAL

India’s Fighter Force Needs More Than Jets | Here’s Why 150 Trainers Matter ? IAF | HAWK | HAL

00:04:44

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

00:03:30

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

00:05:36

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

00:03:42
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited