दिल्ली में गाड़ी चलाने वालों के लिए 1 अक्टूबर की तारीख बेहद अहम है। इस तारीख से वाहन चालकों को अपने साथ वैध PUC (Pollution Under Control) सर्टिफिकेट रखना जरूरी होगा। अब वाहन की जांच के दौरान सिर्फ इंजन, ब्रेक, हॉर्न और दूसरे जरूरी हिस्सों पर ही ध्यान नहीं दिया जाएगा, बल्कि PUC सर्टिफिकेट की वैधता भी जांची जा सकती है।
PUC सर्टिफिकेट यह बताता है कि वाहन से निकलने वाला प्रदूषण तय मानकों के भीतर है या नहीं। अगर किसी वाहन का PUC सर्टिफिकेट एक्सपायर हो गया है, तो वाहन मालिक को उसे समय रहते रिन्यू कराना होगा।
1 अक्टूबर से दिल्ली में ट्रैफिक और प्रदूषण से जुड़े नियमों को लेकर जांच बढ़ाई जा सकती है। ऐसे में वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले अपने वाहन के जरूरी दस्तावेज जरूर जांच लें। इनमें ड्राइविंग लाइसेंस, RC, इंश्योरेंस और वैध PUC सर्टिफिकेट शामिल हैं।
खास तौर पर जिन लोगों का PUC सर्टिफिकेट जल्द खत्म होने वाला है, उन्हें समय रहते इसे अपडेट करा लेना चाहिए। वैध दस्तावेज नहीं होने पर जांच के दौरान परेशानी हो सकती है और नियमों के तहत कार्रवाई भी की जा सकती है।
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वाहनों से होने वाले उत्सर्जन की निगरानी पर लगातार जोर दिया जा रहा है। इसलिए वाहन चालकों के लिए जरूरी है कि वे अपने वाहन का प्रदूषण प्रमाणपत्र समय पर बनवाएं और उसकी वैधता की तारीख जरूर जांच लें।






























