Char Dham Helicopter Crash: बद्रीनाथ से उड़ान भरने के करीब एक घंटे बाद शुक्रवार को उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ में एक हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया। ट्रांस भारत एविएशन के इस हेलिकॉप्टर में पायलट समेत छह लोग सवार थे। हेलिकॉप्टर का संपर्क टूटने और ट्रैकिंग सिस्टम से सिग्नल मिलना बंद होने के बाद तलाशी अभियान शुरू किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चाई गांव के पास हादसे की पुष्टि की है।
हेलिकॉप्टर के पायलट की पहचान दिल्ली के हिमांशु के रूप में हुई है। पांचों यात्री कर्नाटक के रहने वाले थे। इनमें बेंगलुरु पुलिस की क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर अरुण भी शामिल थे। हादसे के बाद ट्रांस भारत एविएशन के पूरे बेड़े की उड़ानें एहतियातन रोक दी गई हैं।
खराब मौसम के बीच कैसे हुआ हादसा?
हेलिकॉप्टर बद्रीनाथ से देहरादून जा रहा था। जोशीमठ घाटी के ऊपर उड़ान के दौरान इसका एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया और ट्रैकिंग सिस्टम ने भी काम करना बंद कर दिया। दोपहर करीब 2:20 बजे पहाड़ी से टकराने की सूचना मिली।
क्षेत्र में तेज बारिश, बादल और कुछ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की स्थिति थी। हालांकि, उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) के CEO प्रतीक जैन के मुताबिक, मौसम अनुकूल पाए जाने के बाद ही हेलिकॉप्टर को उड़ान की अनुमति दी गई थी।
हादसे की जगह का पता लगाने और बचाव के लिए दो अतिरिक्त हेलिकॉप्टर भेजे गए। भारतीय सेना, जिला प्रशासन और SDRF की टीमें भी अभियान में जुटीं। मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को घायलों को तत्काल बेहतर चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
चारधाम यात्रा में पहले भी हुए हैं बड़े हेलिकॉप्टर हादसे
यह हादसा चारधाम यात्रा के हवाई मार्गों पर सुरक्षा को लेकर फिर सवाल खड़े करता है। वर्ष 2017 से अब तक इस क्षेत्र में कम से कम पांच बड़े हेलिकॉप्टर हादसे हो चुके हैं।
इनमें से कुछ प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं:
10 जून 2017: बद्रीनाथ हेलीपैड के पास उड़ान भरते समय केस्ट्रेल एविएशन का हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ। एक एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर की मौत हुई। हेलिकॉप्टर में सवार पांच तीर्थयात्री सुरक्षित बच गए।
18 अक्टूबर 2022: केदारनाथ से गुप्तकाशी जा रहा आर्यन एविएशन का हेलिकॉप्टर गरुड़ चट्टी के पास पहाड़ी से टकरा गया। हादसे में पायलट समेत सात लोगों की मौत हुई। खराब मौसम और नीचे उतरते बादलों को इसकी संभावित वजह बताया गया।
8 मई 2025: उत्तरकाशी के गंगनानी के पास एयरो ट्रांस सर्विसेज का हेलिकॉप्टर खाई में गिर गया। उतरने की कोशिश के दौरान उसका मुख्य रोटर ऊपर से गुजर रही फाइबर ऑप्टिक केबल से टकरा गया। छह लोगों की मौत हुई और एक यात्री गंभीर रूप से घायल हुआ।
15 जून 2025: गौरीकुंड के पास आर्यन एविएशन का हेलिकॉप्टर खराब दृश्यता और बादलों के बीच दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें पायलट, पांच यात्रियों और एक शिशु समेत सभी सात लोगों की मौत हुई।
क्यों चुनौतीपूर्ण है चारधाम का हवाई मार्ग?
उत्तराखंड का पहाड़ी भूभाग हेलिकॉप्टर संचालन को बेहद चुनौतीपूर्ण बनाता है। संकरी घाटियां, ऊंची चोटियां, अचानक बदलता मौसम और बादलों के कारण कम दृश्यता उड़ान के जोखिम बढ़ा सकते हैं।
केदारनाथ, बद्रीनाथ और अन्य तीर्थस्थलों तक हेलिकॉप्टर सेवा तीर्थयात्रियों का समय बचाती है, लेकिन इन मार्गों पर मौसम की निगरानी, उड़ान की अनुमति, पायलटों का पहाड़ी उड़ान अनुभव और आपातकालीन बचाव व्यवस्था बेहद अहम हैं।


































