ये फीफा विश्व कप हो रहा है या फिर ‘धर्मांतरण’ का अभियान चल रहा है?
कुछ समय पहले फीफा के पूर्व अध्यक्ष सेप ब्लैटर ने कहा था कि कतर को यह विश्व कप आवंटित करना एक बहुत बड़ी भूल थी और हाल-फिलहाल की घटनाओं को देखते हुए ये बात कहीं न कहीं...
कुछ समय पहले फीफा के पूर्व अध्यक्ष सेप ब्लैटर ने कहा था कि कतर को यह विश्व कप आवंटित करना एक बहुत बड़ी भूल थी और हाल-फिलहाल की घटनाओं को देखते हुए ये बात कहीं न कहीं...
“नारायण नारायण!” किसी और देवता के बारे में आपको शब्दों से स्मरण हो न हो, परंतु कुछ लोग ऐसे हैं जिनके उच्चारण मात्र से आप परिचित हो जाते हैं कि यही हैं वो। ये आश्चर्य भी है...
सूर्यकुमार यादव को कब मिलेगा न्याय? जातिवाद की विषबेल सूर्यकुमार यादव को लील गई! संजू सैमसन को मिला अल्पसंख्यक होने का श्राप! Casteist BCCI Trend: अब क्या है न, आजकल समाज में कुछ स्वघोषित एक्सपर्ट्स की बाढ़...
“तूने शेर को सिर्फ टीवी में, फिल्मों में, सर्कस में देखा है। कभी किसी शेर को जंगल में नहीं देखा, शिकार करते हुए नहीं देखा। शेर जब एक पंजा मारता है तो सामने वाला ढेर हो जाता...
देखो बंधुओं, विश्व दो ध्रुवों में बंटा हुआ है ये तथ्य है। तब अमेरिका और सोवियत संघ थे, आज रूस और अमेरिका हैं। बीच में चीन ने भी धक्कामुक्की की परंतु हाथ कुछ न आया। पर एक...
“दोस्त दोस्त न रहा, प्यार प्यार न रहा। ज़िंदगी हमें तेरा एतबार न रहा”। शैलेन्द्र के कलम से निकले ये शब्द एक मित्र द्वारा दूसरे मित्र के प्रति विश्वासघात को लेकर पीड़ा व्यक्त करने को उद्यत थे।...
कल्पना कीजिए कि आपके हाथ में एक ऐसी पुस्तक है जिसका रूपांतरण करने से आप विश्व के सबसे सुप्रसिद्ध क्रियेटर बन सकते हैं। पुस्तक भी तो ऐसी है, जिसे कहीं न कहीं टीपकर जेके रोलिंग मैडम आज...
किसी ने सही ही कहा है कि शब्दों को तोल-मोल कर ही बोला करें, कब क्या हो जाए, क्या भरोसा। ये बात कहीं न कहीं ऋचा चड्ढा के अंतर्मन में अवश्य ही चल रही होगी, क्योंकि इनके...
Sachchi Ramayan part 6: ऐसा कहा जाता है कि रावण परम ज्ञानी था। वह बहुत बड़ा शिवभक्त था। उसने कई सिद्धियां प्राप्त कर ली थी। ये सारी बातें हमें काफी पहले से ही बताई जाती रही है।...
हर कथा में एक अलग कथा छिपी है, जो चर्चा में छाने के लिए लालायित है। अब देव आनंद को ही देख लीजिए, इनकी हर फिल्म में एक मर्म, एक अलग दृष्टिकोण है परंतु एक ऐसा भी...
90 के दशक की फिल्में हों और उसमें कादर खान न हों, ऐसा होना कुछ यूं है कि बंधु खाना बन गया और पता चला कि नमक ही नहीं है। जी हां तब के समय में फिल्मों...
इतिहास में जय उसी की होती है, जो अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। परंतु कई ऐसे भी होते हैं, जिनकी प्रतिभा को उनके जीते जी कभी उचित सम्मान नहीं मिल पाता। निकोला टेस्ला की कथा से...


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