बिहारी मतदाताओं का सन्देश स्पष्ट है: यहाँ भाई-भतीजावाद के लिए अब और जगह नहीं है
आपने यह कहावत तो सुनी ही होगी कि “बाप बड़ा न भैया सबसे बड़ा रुपैया ” लेकिन भारत की कुछ राजनीतिक पार्टियां ऐसी हैं जहां बाप और भैया मिलकर रुपैया और गद्दी दोनों हथियाना चाहते हैं| इसी...






















