TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जब हिन्दू मुसलमान की राजनीति फ्लॉप हो गयी तो यही एक रास्ता रह गया है तथाकथित सेक्युलरों के पास

Avinash द्वारा Avinash
31 May 2017
in मत
सहारनपुर भीम सेना दलित
Share on FacebookShare on X

जोगेंद्र नाथ मंडल आजादी के समय के बड़े दलित नेता थे। उनका मत था कि मुसलमानों की तरह है दलित भी स्वतंत्र भारत में हिंदू बहुसंख्यक देश में नहीं रह पाएंगे। जोगेंद्र मुस्लिम लीग की अलग देश की दलित समर्थक आवाज थे। उन्होंने आजादी के बाद पाकिस्तान में रहना स्वीकार किया और पाकिस्तान के पहले कानून मंत्री भी बने लेकिन उनका ये भ्रम जल्दी ही टूट गया। धीरे धीरे पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदुओं और दलितों पर हुए अत्याचार को देखते हुए कुछ ही सालों में उन्होंने भारत में शरण ले ली। दलितों को जोगेंद्र नाथ मंडल की जीवन से सीख जरूर लेनी चाहिए। दलितों के साथ सदियों तक शोषण हुआ और अब भी देश के कई हिस्सों हालात काफी बुरे हैं। भारत में जाति व्यवस्था को कोई झुठला नहीं सकता। लेकिन इस का फायदा उठाकर क्या उन्हें प्रतिक्रियावादी बनाया जा सकता है। क्या दलित पार्टियों की महत्वाकांक्षा की भेद चढ़ सकते हैं। क्या जय भीम के बाद जय मीम या लाल सलाम जोड़ने के लिए उन्हें मोहरा बनाया जा रहा है।

देश में राजनीति उफान पर है। उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार आने के बाद दो महीनों के भीतर ही जातीय संघर्ष चर्चा के केंद्र में है। साल 2002 के गुजरात दंगों से लेकर साल 2014 के लोकसभा चुनाव तक एक तबके द्वारा नरेंद्र मोदी की छवि मुस्लिम विरोधी बताई गई। ये कितना सच था या कितना गलत वो अलग चर्चा का विषय हो सकता है। लेकिन इसके बाद कई चुनाव में बीजेपी की जीत ने ये तय कर दिया कि बीजेपी को खाली सांप्रदायिक बताकर हराना मुश्किल है। जिस तादाद में बीजेपी को वोट पड़ रहे हैं सेंधमारी की वहां जरूरत है। इसके बाद राजनीतिक बिसात को सांप्रदायिक-धर्मनिरपेक्ष से हटाकर दलित-स्वर्ण बनाया जा रहा है। जिन राज्यों में बीजेपी सत्ता में है वहां धीरे धीरे जातीय संघर्ष को हवा दी जानी शुरू की गई। लोकतंत्र में पार्टियों का जीतना या हारना सामान्य सी बात है। लेकिन अगर सरकार को विकास और सर्वसमाज के मुद्दों से हटकर ऐसे मुद्दों पर घेरा जाए जो सामाजिक ताने बाने को तोड़े तो उसकी कीमत कोई राजनीतिक पार्टी नहीं समाज उठाता है।

संबंधितपोस्ट

PM मोदी का न्यूजीलैंड दौरा क्यों है खास? जानिए दोनों देशों के रिश्ते, व्यापार और FTA की पूरी कहानी

TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

आयरन डोम इंटरसेप्टर मिसाइल का होगा भारत में निर्माण? राफेल ने शुरू की भारतीय कंपनियों से बातचीत

और लोड करें

महाराणा  प्रताप पूरे जीवन समाज के अंतिम पायदान पर खड़े भीलों को साथ लेकर मुगलों से लोहा लेते रहे लेकिन उनकी जन्मतिथि राजपूत समाज और दलित समाज में संघर्ष का कारण बन गई। ये संघर्ष दो महीने तक रह रहकर सुलगता रहा जबतक इसकी तपिश पूरे देश ने महसूस नहीं कर ली। सरकार से नाराजगी जनता में हो सकती है लेकिन विरोध कब सरकार से हटकर समुदाय के खिलाफ हो जाए इसकी चिंता हमेशा रहनी चाहिए। पिछले दिनों मीडिया में आए एक वीडियो में भगवान हनुमान के चित्र के साथ जो अपमान किया गया क्या उसका कोई औचित्य हो सकता है। हनुमान जी ना तो सरकार और ना ही बीजेपी के सदस्य है। फिर विरोध के केंद्र में वो कैसे आ सकते हैं।

दरअसल जो जहर धीरे धीरे दलित समाज में बोया जा रहा है। उसका असर इसी तरह दिखना है। दलितों के साथ सदियों जो भेदभाव हुआ उसको कोई नकार नहीं सकता और ना ही उसकी कोई माफी हो सकती है। लेकिन सामाजिक समरसता बदले के भाव से बनी नहीं रह सकती है।

इसके कुछ उदाहरण स्पष्ट देखने को मिलते हैं। पिछले दिनों टीवी चर्चा के दौरान भीम आर्मी के एक सदस्य ने अपने संगठन के मुखिया के नाम में रावण लगाने को सहीं बताया। उनसे पूछने पर की रावण तो ब्राह्मण था उन्होंने कहा कि हम रावण को ब्राह्मण नहीं मानते। रावण राम के खिलाफ लड़ा था। राम रामराज्य का प्रतीक है जो आज के जमाने में हिंदू राष्ट्र है। ये सामान्य बात नहीं है। अगर राम हिंदू राष्ट्र के प्रतीक है तो रामराज्य तो गांधीजी भी चाहते थे तो क्या उन्हें भी हिंदू राष्ट्र का समर्थक माना जाए। अगर समाज दो भागों में बंटेगा कि एक राम को पूजनीय माने और दूसरा रावण को तो ये चिंता जगाता है। कोई दलित अगर हिंदू धर्म छोड़ना चाहता है तो वो छोड़ सकता है लेकिन हिंदू देवी-देवताओं का अपमान सिर्फ समाज में और तल्खी बढ़ाएगा। जिस तेजी से दलितों के मन में मूलनिवासी की थ्योरी भरी जा रही है। ये भी कम घातक नहीं है अगर समाज का एक तबका दूसरे तबको को बाहरी मानना शुरू कर देगा तो टकराव की स्थिति पैदा होनी ही होनी है।

हिंदू समाज को चाहिए के वो अपने अंदर झूठे जातीय दंभ को खत्म करें। जो दलित स्वयं को हिंदू मानते हैं उन्हें अपनी बराबर का समझे वहीं दलित जो खुद को हिंदू मानते हैं वो अपने धर्म पर अपना बराबर का हक माने। कानून उनके पक्ष में है किसी भी तरह का भेदभाव बिल्कुल ना सहे। और जो दलित खुद को हिंदू नहीं मानते वो अपना रास्ते चुनने के लिए स्वतंत्र हैं लेकिन किसी दूसरे के धार्मिक विश्वास और ईश्वर का अपमान ना करें।

चमड़े का काम करने वाले संत रविदास को ब्राह्मण कुल में जन्मे रामान्नद सम्प्रदाय के प्रवर्तक गुरू रामानन्द ने अपना शिष्य स्वीकार किया था और इन्हीं संत रविदास को सिसोदिया वंश की राजकुमारी मीरा ने अपनी गुरू माना था। इन सबको अपना पूर्वज मानने वाले हम लोग अगर इनकी सीख से आगे नहीं बढ़ सकते तो कम से कम पीछे तो ना हटे।

शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

हिन्दू ही हिन्दू का शत्रु है – इस कथन में मेरा विश्वास इन तीन उदाहरणों को पढ़ने के बाद और बढ़ गया

अगली पोस्ट

बीफ पर लड़ाई तो मीडिया की बनाई खिचड़ी है, आईआईटी मद्रास की तो कहानी हीं कुछ और निकली

संबंधित पोस्ट

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?
मत

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

4 July 2026

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चोरी की घटना ने करोड़ों हिंदुओं को दुखी किया है। जाँच चल रही है। सत्य सामने आना चाहिए और जो...

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता
चर्चित

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

29 June 2026

अंग्रेजी भाषा का एक शब्द “कॉमेडी”, कदाचित जिसका अर्थ ‘हास्य की वह विधा है, जिसका उद्देश्य स्वस्थ मनोरंजन और समाज को हँसी के माध्यम से...

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

WHY GEOGRAPHY MAKES INDIA ESSENTIAL TO NEPAL'S ECONOMY | Fuel, Food and Trade | China | Indo-Nepal

WHY GEOGRAPHY MAKES INDIA ESSENTIAL TO NEPAL'S ECONOMY | Fuel, Food and Trade | China | Indo-Nepal

00:03:48

Open Borders, Open Lives: India-Nepal's Social and Economic Bond

00:04:03

THE DRONE GENERAL'S LEGACY: HOW GEN DWIVEDI TRANSFORMED THE INDIAN ARMY | UAV

00:04:51

Nepal's Natural Ally: Why India, Not China ? Indo-Nepal

00:04:05

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited