TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अगर युद्ध हुआ तो कैसे जवाब देगा भारत? इसके लिए NSA अजीत डोभाल बना रहे हैं नई ‘मिलिट्री डॉक्ट्रीन’

Vikrant Thardak द्वारा Vikrant Thardak
20 September 2019
in समीक्षा
रक्षा

PC: asianetnews

Share on FacebookShare on X

न्यूक्लियर हथियारों के इस्तेमाल को लेकर भारत की नीति क्या होनी चाहिए? क्या भारतीय सेना को किसी तरह के ढांचीय बदलाव की ज़रूरत है? अरब सागर के किस द्वीप पर भारत को अपना एयर बेस बनाना चाहिए? क्या भारत को महंगे एयरक्राफ्ट कैरियर्स की ज़रूरत है? क्या भारत को दुनिया की नई चुनौतियों से निपटने के लिए विशेष स्पेस कमांड और साइबर कमांड की ज़रूरत है? ये सभी सवाल देश की रक्षा नीति से जुड़े हुए हैं और इन सवालों के जवाब ही भारत की भविष्य की रक्षा नीति को तय करेंगे। इन्हीं प्रश्नों के उत्तर को खोजने के लिए पिछले वर्ष अप्रैल में भारत सरकार द्वारा एक डिफेंस प्लानिंग कमेटी (DPC) को स्थापित किया गया था और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को इसका नेतृत्व करने का जिम्मा सौंपा गया था। इस कमेटी को इसलिए बनाया गया था ताकि नए भारत के सामने आने वाली नई चुनौतियों से निपटने के लिए नई रक्षा प्रणाली का एक ब्लूप्रिंट तैयार किया जा सके और अच्छी बात यह है कि डोभाल के नेतृत्व वाली इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट को तैयार कर भी लिया है। यह कमेटी अगले महीने अपनी रिपोर्ट को सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति के सामने पेश करेगी।

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक अगर मंत्रिमंडलीय समिति इस रिपोर्ट को स्वीकार कर लेती है तो इस रिपोर्ट के कुछ अंशों को अगले महीने सार्वजनिक भी किया जा सकता है। बता दें कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में केंद्र सरकार का पूरा फोकस भारतीय सुरक्षा को मजबूती देना है। फिर चाहे वह गृह मंत्री द्वारा आतंक विरोधी कार्यक्रम ‘नेटग्रिड’ को पुनर्जीवित करना हो, या फिर भारत की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी NIA को और ज़्यादा ताकतवर बनाना हो, इन सभी क़दमों से स्पष्ट है कि केंद्र सरकार भारतीय सुरक्षा तंत्र को विश्वस्तरीय बनाना चाहती है। सरकार इस दिशा में प्रयासरत है। पीएम मोदी ने इसी वर्ष 15 अगस्त के मौके पर लाल किले की प्राचीर से तीनों सेनाओं का नेतृत्व करने वाले एक पद ‘चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ’ को स्थापित करने की भी घोषणा की थी। माना जा रहा है कि मौजूदा सेनाध्यक्ष बिपिन रावत को ही चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्त किया जा सकता है और उनका कार्यकाल दो सालों का होगा।

संबंधितपोस्ट

JNU से कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजाम बर्खास्त, 11 छात्राओं की शिकायतें; क्या अब जाएगी सांसदी?

भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

और लोड करें

भारतीय सुरक्षा तंत्र का सबसे अहम हिस्सा भारतीय सेना है, और भारत सरकार पिछले साल से ही यहां पर भी बड़े बदलाव करने में जुटी है। दरअसल, भारतीय सेना अब अपने संरचनात्मक ढांचे में व्यापक बदलाव की रूपरेखा बना रही है जिसका मकसद जवानों की संख्या को कम करके सेना की मारक क्षमता को बढ़ाना होगा। इस तरह की प्रक्रिया चीन पहले ही शुरू कर चुका है। माना जा रहा है कि डिफेंस प्लानिंग कमेटी की रिपोर्ट में आर्मी में अन्य बड़े बदलावों की भी सिफ़ारिश की जा सकती है।

दुनिया में तकनीक के विस्तार के साथ ही रक्षा क्षेत्र में नई चुनौतियां खड़ी हुई हैं। आज के समय में तकनीक और इंटरनेट की वजह से किसी भी देश के लिए दूसरे देश की जासूसी करना आसान हो गया है। आज अमेरिका, चीन और रूस जैसे देश साइबर युद्ध में व्यस्त हैं। भारत भी इन चुनौतियों से अछूता नहीं है। भारत का पड़ोसी देश पाकिस्तान अक्सर भारत पर साइबर हमले करता रहता है। क्लाउड डिलिवरी नेटवर्क प्रोवाइडर अकामाई टेक्नॉलजी की रिपोर्ट के मुताबिक, वेब ऐप्लिकेशन हमलों के टॉप-10 टारगेट देशों की सूची में भारत चौथे नंबर पर है। किसी भी देश की सुरक्षा प्रणाली में अगर तकनीक का इस्तेमाल बढ़ जाता है तो इसकी वजह से साइबर हमलों का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में यह जरूरी है कि भारत अपनी रक्षा प्रणाली को पूरी तरह इन साइबर हमलों से सुरक्षित रखे। इसी को ध्यान में रखते हुए अप्रैल में भारत अपना साइबर कमांड तैयार कर चुका है, जो ना केवल देश को बाहर से होने वाले तगड़े साइबर अटैक से बचाएगा बल्कि पलटकर मुंहतोड़ जवाब भी देगा। अब तक आपने सुना होगा कि भारतीय सेना के तीनों अंग अलग-अलग अपना सालाना युद्धाभ्यास करते थे, लेकिन अब एक नए तरह की साइबर वारफेयर प्रैक्टिस शुरू होगी, जिसका नाम होगा साइबेरेक्स। हालांकि, अभी यह कमांड इतना मजबूत नहीं है और हो सकता है कि DPC की रिपोर्ट में इसका उल्लेख भी किया गया हो।

आपको याद होगा आज से 6 महीने पहले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह घोषणा की थी कि भारत ने सफलतापूर्वक अपनी anti-satellite मिसाइल का परीक्षण कर लिया है। इस परीक्षण के साथ ही भारत ने स्पेस सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम बढ़ाया था। माना जाता है कि भविष्य का युद्धक्षेत्र जमीन या जल नहीं, बल्कि स्पेस होगा। ऐसे में अगर भारत को भविष्य में दुनिया के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना है, तो अभी से ही भारत को अपनी तैयारी मजबूत करनी होगी। anti-satellite मिसाइल के सफल परीक्षण के संबंध में तब पीएम मोदी ने कहा था कि इसका मकसद भारत की सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करना है। अब इस बात की अटकलें लगाई जा रही हैं कि DPC की रिपोर्ट में इस बड़े हथियार के इस्तेमाल करने की नीति का उल्लेख हो सकता है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि भारत किन स्थितियों में इस हथियार का इस्तेमाल करेगा और किस हद तक करेगा।  सवाल यह भी है कि क्या भारत अमेरिका और चीन की तर्ज़ पर किसी स्पेस कमांड के गठन को लेकर चिंतन कर रहा है? इन सभी सवालों के जवाब हमें इसी रिपोर्ट में देखने को मिल सकते हैं।

इसी तरह भारत को परमाणु हथियारों को लेकर भी अपनी नीति को स्पष्ट करने की ज़रूरत है। पिछले कुछ दिनों में भारत ने अपनी परमाणु नीति में कुछ बदलावों के संकेत दिये हैं। पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान की ओर से लगातार उकसावे वाले बयानों पर भारतीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने पड़ोसी मुल्क को इशारों-इशारों में सख्त चेतावनी दी थी। राजनाथ सिंह ने कहा था कि ‘नो फर्स्ट यूज’ भारत की परमाणु नीति है, लेकिन भविष्य में क्या होगा, यह परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।‘ उनके इस बयान के बाद यह सवाल उठने लगे कि क्या भारत ने अपनी परमाणु नीति बदल दी है? इसका जवाब भी हमें इस रिपोर्ट में देखने को मिलेगा।

#WATCH: Defence Minister Rajnath Singh says in Pokhran, "Till today, our nuclear policy is 'No First Use'. What happens in the future depends on the circumstances." pic.twitter.com/fXKsesHA6A

— ANI (@ANI) August 16, 2019

किसी भी देश की सुरक्षा में उसकी सेना की भूमिका सबसे अहम होती है। मोदी सरकार आने वाले कुछ सालों में सेना का बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण करना चाहती है। इसी महीने यह खबर आई थी कि सरकार ने सेना की युद्ध क्षमताओं को और मजबूती देने के लिए अगले 5-7 सालों में 130 अरब अमेरिकी डॉलर खर्च करने की व्यापक योजना तैयार की है, जिसके तहत अगले कुछ सालों में जरूरी हथियारों, मिसाइलों, विमानों, पनडुब्बियों और युद्धपोतों को हासिल किया जाएगा। हालांकि, इन पैसे को किन हथियारों को खरीदने में इस्तेमाल किया जाएगा, और कैसे किया जाएगा, यह देश की नई सुरक्षा नीति पर ही निर्भर करेगा। भारत को अभी चीन से ही सबसे बड़ी रक्षा चुनौती मिलती है, इसलिए यह आवश्यक हो जाता है कि हम अपनी रक्षा नीति को चीन की रक्षा नीति के अनुरूप ही बनाएं। बता दें कि सरकार भी चीन द्वारा अपनी वायुसेना और नौसेना की शक्ति में महत्वपूर्ण तरीके से इजाफा किए जाने से परिचित है। ऐसे में लक्ष्य यह है कि वायुसेना और नौसेना को उनके विरोधियों की क्षमताओं के अनुरूप ही आधुनिक बनाया जाए। अपनी संचालन क्षमताओं को बढ़ाने के लिये नौसेना ने पहले ही अगले तीन-चार सालों में 200 पोतों, 500 विमानों और 24 हमलावर पनडुब्बियों की योजना तैयार की है। फिलहाल नौसेना के पास करीब 132 जहाज, 220 विमान और 15 पनडुब्बियां हैं।

इस रिपोर्ट में भविष्य में भारत के संभावित वॉरफ्रंट्स के बारे में भी विस्तृत जानकारी हो सकती है। अभी भारत पाकिस्तान और चीन के साथ अपने बॉर्डर को ही संभावित वॉरफ्रंट मानता है लेकिन भविष्य में भारत के सामने युद्ध की स्थिति में कई बड़ी चुनौतियां सामने आ सकती हैं। इसके लिए भारत को तीव्र युद्ध के दौरान लंबे समय तक युद्ध के मैदान में टिकने के लिए मानव संसाधन के साथ-साथ हथियारों का एक बड़ा स्टॉक भी चाहिए होगा। केवल हथियारों का स्टॉक ही नहीं, भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पेट्रोलियम का बड़ा स्टॉक भी चाहिए होगा। अभी भारत के पास केवल 10 दिनों के युद्ध का ही स्टॉक उपलब्ध है। ऐसे में इस स्टॉक को कितना बढ़ाना चाहिए, यह इसी बात पर निर्भर करेगा कि डिफेंस प्लानिंग कमेटी इसको लेकर अपने क्या विचार रखती है।

भारत के पास चीन के बाद दुनिया की सबसे बड़ी थलसेना है और अभी अधिकतर जवानों की तैनाती पाकिस्तान से सटे बॉर्डर पर की जाती है। कश्मीर पर भारत द्वारा लिए गए ऐतिहासिक फैसलों के बाद सालों से चल रहे भारत के इस हिस्से में तनाव कम होने की स्थिति में जवानों को अन्य हिस्सों में तैनात किया जा सकता है, खासकर भारत-चीन बॉर्डर पर! इसके अलावा भारत इन सभी सीमाओं पर ‘इंटिग्रेटेड बैटल ग्रुप्स’ यानि IBGs की तैनाती भी कर रहा है। IBG में एक निर्धारित संख्या में वायुसेना, थलसेना और जलसेना के जवानों को शामिल किया जाता है और उन्हें एक दूसरे के सहयोग से दुश्मनों के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार किया जाता है। हालांकि, भारतीय सेना के साथ-साथ इन IBGs को ऑपरेट करने के लिए सीमावर्ती इलाकों पर बढ़िया स्तर का इनफ्रास्ट्रक्चर चाहिए होता है। अभी भारत चीन बॉर्डर पर भारत का इनफ्रास्ट्रक्चर इतना विकसित नहीं है और इस बात की पूरी संभावना है कि DPC की रिपोर्ट में इस बात का भी उल्लेख किया गया होगा।

बता दें कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के नेतृत्व में बनाई गई इस रिपोर्ट को अमल में तब लाया जाएगा जब केंद्र की मोदी सरकार या सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (CCS) से इस रिपोर्ट को हरी झंडी मिलेगी।

गौरतलब है कि डीपीसी का गठन अप्रैल 2018 में हुआ था। लेकिन, रिपोर्ट को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के नए पद की घोषणा होने तक लंबित रखा गया था। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के आधार पर भारत अपनी रक्षा नीति को आक्रामक बना सकता है जो आज़ादी के बाद से लेकर अब तक हमें देखने को नहीं मिली थी। NSA अजीत डोभाल को ही भारत की पाकिस्तान नीति का जनक माना जाता है और उन्होंने पाकिस्तान के संबंध में एक नई ‘डिफेंसिव ओफेंस’ नीति का भी निर्माण किया था जिसे डोभाल डॉक्ट्रिन भी कहते हैं। अब नई मिलिटरी डॉक्ट्रिन के आने के बाद हमें यह कहने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए कि भारत का भविष्य और ज़्यादा सुरक्षित होने जा रहा है।

शेयर30ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

सोशल मीडिया अर्थशास्त्रियों! ट्रोल कर चुके हो तो ऑटो सेक्टर के उद्योगपतियों की भी सुन लो, क्या कहते हैं

अगली पोस्ट

ममता राज में फलता-फूलता वामपंथ, बाबुल सुप्रियो पर हमला क्या ‘मॉब लिंचिंग’ का प्रयास नहीं है?

संबंधित पोस्ट

बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा
समीक्षा

बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

18 September 2026

पुस्तक का नाम: कथा रूप: बलिदानी हेमू कालानी लेखक: किशोर कान्त प्रकाशक: सुरुचि प्रकाशन, नई दिल्ली पृष्ठ: 99 मूल्य: 149 प्रिंट भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का...

CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!
चर्चित

CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!

22 May 2026

पिछले कुछ दिनों से भारतीय सोशल मीडिया स्पेस, खासकर इंस्टाग्राम पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) नामक एक डिजिटल अभियान ने तहलका मचा रखा है। मीम्स,...

गवर्नर ने मांगा समर्थन का सबूत: क्या तमिलनाडु में विजय के साथ हो रहा है अन्याय?
चर्चित

गवर्नर ने मांगा समर्थन का सबूत: क्या तमिलनाडु में विजय के साथ हो रहा है अन्याय?

7 May 2026

तमिलनाडु की राजनीति आज एक ऐसे चौराहे पर खड़ी है जहाँ लोकतंत्र की परिभाषा और राज्यपाल के अधिकारों के बीच सीधी जंग छिड़ गई है।...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Why Is the World Buying India’s Akash Missile System? Who’s Next in Line? | Armenia | Make in India

Why Is the World Buying India’s Akash Missile System? Who’s Next in Line? | Armenia | Make in India

00:04:19

Inside India’s Most Famous Fighter Squadrons: Their Wars, Jets & Legacy | IAF | AirForceDay

00:05:58

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

00:10:03

How Pakistan-Linked Drug Networks Are Targeting India | Coast Guard Deals a ₹3,000 Crore Blow

00:03:28

How SkyStriker Hunts Its Target: Inside India’s Loitering Munition

00:03:49
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited