TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

‘कश्मीरी पंडितों की वापसी का ये सही समय नहीं’, अमित शाह की कश्मीर यात्रा से मिमियाने लगे अब्दुल्ला!

उग्रवादियों को प्रोत्साहन दे रहे हैं अब्दुल्ला!

Yashwant Singh द्वारा Yashwant Singh
24 October 2021
in राजनीति
Amit Shah

Source- Google

Share on FacebookShare on X

अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर का दौरा क्या किया, अलगाववादी नेताओं और परिवारवाद को बढ़ावा दे रही क्षेत्रीय पार्टियों के पेट में तो दर्द ही पैदा हो गया। दर्द भी ऐसा हुआ कि जिस मोर्चे पर सरकार काम कर रही है, उसी मुद्दे पर अब विपक्ष भी बात करने लगा है। प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने जम्मू-कश्मीर पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के प्रभाव को देखते हुए फारुख अब्दुल्ला ने कहा, यह समय सही नहीं है कि कश्मीरी पंडित वापस घाटी में आएं। उन्होंने कहा कि घाटी में माहौल “कश्मीरी पंडितों की वापसी के लिए अनुकूल” बिल्कुल नहीं है।

जिस दिन गृहमंत्री अमित शाह अनुच्छेद-370 को निरस्त करने के बाद पहली बार केंद्र शासित प्रदेश के दौरे पर पहुंचे, उसी दिन फारूक अब्दुल्ला का यह बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि सरकार अनुच्छेद-370 को दोबारा बहाल करने तक केंद्र शासित प्रदेश में शांति नहीं ला पाएगी। यह अब्दुल्ला की अलगाववादी मानसिकता को दर्शाता है!

संबंधितपोस्ट

दो कश्मीर, दो कहानियां: 5 अगस्त 2019 के बाद कैसे बदल गई तस्वीर ?

संसद में एनडीए की ‘मंगल मिलन’ बैठक, पीएम मोदी और अमित शाह समेत कई वरिष्ठ नेता पहुंचे

अमित शाह: मोदी सरकार के 12 साल विकास, विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा का ‘स्वर्णिम संगम

और लोड करें

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने बीते दिन शनिवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए बीजेपी पर धर्म के आधार पर देश को विभाजित करने का आरोप लगाया। राजौरी जिले के नौशेरा में इंडिया टुडे से बातचीत करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि प्रदेश में न केवल हिंदू, बल्कि मुस्लिम भी आतंकवादियों द्वारा मारे गए हैं।

फारुख अब्दुल्ला ने कहा, “घाटी में हाल की घटनाएं उन लोगों के लिए आंखें खोलने वाली हैं जो कहते थे कि अनुच्छेद-370 को खत्म करने के बाद आतंक का सफाया हो जाएगा।” जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने घाटी में पथराव के लिए 900 से अधिक लोगों को हिरासत में लेने पर विरोध भी जताया।

और पढ़े- हिंदुओं पर गोलियां क्या चली, युद्धस्तर पर कार्रवाई करते हुए मोदी सरकार ने 800 से अधिक साजिशकर्ताओं को हिरासत में ले लिया

हालांकि, गृहमंत्री अमित शाह के प्रयासों की सराहना करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि, “जम्मू और कश्मीर, केंद्र के प्रत्यक्ष शासन के अधीन है और उभरती स्थिति ने उनकी (अमित शाह) यात्रा अनिवार्य थी। वह आए हैं और लोगों को बहुत उम्मीद है कि यह (लक्षित हमले) समाप्त हो जाएगा और वो लोगों को सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम होंगे।”

जम्मू-कश्मीर को 70 साल की जम्हूरियत ने क्या दिया?

वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने इस दौरे पर घाटी के युवाओं से चर्चा की और सकारात्मक मानसिकता स्थापित करने का प्रयास किया है। शाह ने कहा, “यहां मौजूद 45,000 युवाओं को आतंकवाद को खत्म करने के लिए काम करना है, आपको शांति और विकास का दूत बनना है और जम्मू-कश्मीर के युवाओं को यह संदेश देना है कि यह (आतंकवाद) हमारे जीवन को खत्म करने का तरीका नहीं है।”

अमित शाह ने गांधी परिवार, अब्दुल्ला और सैयद पर कटाक्ष करते हुए कहा, “70 साल की जम्हूरियत ने क्या दिया, 87 विधायक, छह सांसद और तीन परिवार? प्रधानमंत्री मोदी ने इतने कम समय में 30,000 प्रतिनिधियों का चुनाव सुनिश्चित किया है। जो लोग शोर कर रहे हैं वे ऐसा इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि जम्हूरियत (लोकतंत्र) तीन परिवारों की हिरासत से बाहर आ गया है और अब यह गरीबों के हाथ में है।”

गृहमंत्री ने प्रदेश के आर्थिक विकास को चिन्हित करते हुए पूर्व के सरकारों को कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा, “आज किसी अन्य राज्य में इतनी आकर्षक औद्योगिक नीति नहीं है और इसीलिए नई नीति लागू होने के बाद 12,000 करोड़ रुपये का निवेश आया है। यह तब हुआ जब आजादी के बाद के सात दशकों में राज्य को कुल 5,000 करोड़ रुपये मिले थे। मुझे विश्वास है कि 2022 तक राज्य 50,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर जाएगा।”

दहशतगर्दी के कारण हो रहे हत्याओं पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए शाह ने कहा कि तीन परिवारों ने 70 साल तक जम्मू-कश्मीर पर शासन किया था। उनके शासनकाल में 40,000 लोग क्यों मारे गए? क्या उन हत्याओं का कोई स्पष्टीकरण है?

और पढ़े- वंशवाद का अंत निकट है, अब जम्मू कश्मीर में कोई शहीदी दिवस और शेख अब्दुल्ला का जन्मदिन नहीं मनाएगा

उग्रवादियों को प्रोत्साहन दे रहे हैं अब्दुल्ला!

दूसरी ओर फारुख अब्दुल्ला के बयान के मुताबिक पंडितों के लिए घाटी में स्थिति अनुकूल नहीं है। इन दिनों घाटी में आतंकी घटनाएं भी बढ़ी हैं लेकिन सरकार की ओर से लगातार बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। इस महीने घाटी में अलग-अलग हमलों में दो शिक्षकों, एक फार्मेसी के मालिक और पांच गैर-स्थानीय मजदूर सहित 11 नागरिक मारे गए हैं। बताया तो यह भी जा रहा है कि घाटी में जानबूझकर दहशतगर्दी का माहौल बनाया जा रहा है, जिससे आने वाले लोग खौफ में रहें।

वहीं, फारुख अबदुल्ला के बयान के बाद ऐसा हो सकता है कि घाटी की मौजूदा स्थिति को बिगाड़ने के लिए आतंकियों द्वारा और प्रयास किये जायें, क्योंकि प्रदेश के एक बड़े नेता ने उग्रवादियों को प्रोत्साहन दे दिया है कि वो अपने काम से कश्मीरी पंडितों के भीतर डर पैदा करने में सफल हो चुके हैं, जबकि हकीकत कुछ और ही हैं। प्रदेश में आतंक की कमर तोड़ने के लिए सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है और उसका असर भी दिख रहा है।

गौरतलब है कि घाटी में स्थिति तो 1990 से अनुकूल नही रही है। पिछले 1-2 सालों में मोदी सरकार अपने प्रयासों से आतंक का कमर तोड़ने में कामयाब हुई है और स्थिति धीरे-धीरे बेहतर हो रही है। लेकिन राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा उग्रवादियों पर सवाल खड़ा करने की बजाए राज्य की मौजूदा स्थिति पर सवाल खड़ा करना, उनके मानसिक दिवालियापन को दर्शाता है!

और पढ़े- IAS मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन को SIT ने पाया इस्लामिक धर्मांतरण का दोषी और अब होगी तगड़ी कार्रवाई

यह तो सिर्फ ट्रेलर है!

शाह ने जिन मोर्चे पर पूर्व सरकारों और तीन परिवारों को घेरा है, उससे अब्दुल्ला के पेट में दर्द होना जायज ठहराया जा सकता है। सरकार तथ्यों के साथ उनके झूठे आदर्शलोक को तबाह करने के बाद ऐसा कार्य कर चुकी है कि ये परिवार घाटी में अपनी राजनीतिक स्थिति को लेकर खतरा महसूस कर रहे हैं। घाटी में ड्रोन समेत हर उन्नत तकनीक के सहारे सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है, उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले कुछ ही महिनों में स्थिति काफी बेहतर होने वाली है। सरकार विस्थापित पंडितों की घर वापसी पर विचार कर रही है और जल्द ही इस मसले पर बड़ा फैसला लेने वाली है। खैर फारुख अब्दुल्ला की बातों को नजरअंदाज कर हम केंद्र सरकार के प्रभाव को समझ सकते हैं जिससे यह कहना गलत नहीं होगा कि यह तो सिर्फ ट्रेलर है!

Tags: अमित शाहजम्मू-कश्मीरफारुख अब्दुल्ला
शेयर37ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

देश में रिकॉर्ड वैक्सीनेशन के बाद अब ग्लोबल वैक्सीनेशन कैंपेन का नेतृत्व करेंगे PM मोदी

अगली पोस्ट

बिप्लब कुमार देब बहुत सीधे व्यक्ति है, जहां TMC के गुंडे दिखते हैं, पिटवा देते हैं

संबंधित पोस्ट

Devender Mahto Ranchi student protest
चर्चित

Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

10 August 2026

रांची में छात्रों और युवा अभ्यर्थियों का आक्रोश चरम पर पहुंच चुका है। 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव करने निकले हजारों छात्रों को पुलिस...

Gen Z voter and BJP
राजनीति

क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

9 August 2026

हाल ही में नीट (NEET) पेपर लीक और छात्र आंदोलनों के बाद दिए गए अपने एक बयान में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी...

बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक
चर्चित

मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

7 August 2026

बड़ी ख़बर दिल्ली से है, जहां बीजेपी आलाकमान ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ अहम बैठकें की हैं। सूत्रों की...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

00:03:30

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

00:05:36

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

00:03:42

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited