TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    दिमागी नक्सल

    बंदूक से आगे की लड़ाई  ‘दिमागी नक्सल’ और राष्ट्र को दिग्भ्रमित करने वाले नैरेटिव का खेल

    राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला

    राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला, बोले- ‘कैमराजीवी’ बनकर कर रहे हैं सस्ती राजनीति

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    दिमागी नक्सल

    बंदूक से आगे की लड़ाई  ‘दिमागी नक्सल’ और राष्ट्र को दिग्भ्रमित करने वाले नैरेटिव का खेल

    राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला

    राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला, बोले- ‘कैमराजीवी’ बनकर कर रहे हैं सस्ती राजनीति

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

गॉसिप और चुगलियों में भारत की जनता को इतना आनंद क्यों आता है?

टैब्लॉइड संस्कृति के भारत में विकराल रूप लेने की कहानी!

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
24 September 2022
in प्रीमियम
टैब्लॉइड
Share on FacebookShare on X

“चैन से सोना है तो जाग जाइए!”

“Three Shots That Shook The Nation!”

ये शब्द कुछ सुने सुने से नहीं लगते? लगेंगे क्यों नहीं, ये परिलक्षित करते हैं भारतीय पत्रकारिता के उस पहलू को जिससे चिढ़ते तो सब हैं परंतु अनदेखा कोई नहीं कर सकता। जिसका सबसे घिनपट स्वरूप है बिग बॉस, जो हर वर्ष मुंह उठाकर चला आता है और आप चाहे जितना गाली दे लें लेकिन कभी न कभी तो इसका चोरी छुपे एक क्लिप अथवा एपिसोड देखा ही होगा। यही है टैब्लॉइड कल्चर, जिसके रूप अनेक है लेकिन उद्देश्य केवल एक- “दूसरों के घर में झांकना।“

दूसरों के घर में झांकना, ये चुगली नहीं हुई? लेकिन ये चुगली तो आदिकाल से चली आ रही है। हर क्षेत्र में ऐसे ‘बिट्टू की मम्मी’ होती है, जिन्हें चर्चित वेब सीरीज ‘गुल्लक’ ने लोकप्रिय बना दिया है। इन्हीं ‘बिट्टू की मम्मी’ को पत्रकारिता की भाषा में टैब्लॉइड जर्नलिस्ट्स भी बोला जाता हैं। संक्षेप में कहे तो ‘Paparazzi’ जिनके कुछ ही काम होते हैं- फलाने व्यक्ति ने क्या किया? फलाने व्यक्ति ने कहां खाया? फलाने व्यक्ति ने किधर छींका? और यही टैब्लॉइड कल्चर का दाना पानी है।

संबंधितपोस्ट

बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

सलमान से शाहरुख तक, ऑपरेशन सिंदूर पर क्यों खामोश रहे ‘रील हीरोज़’?

वैष्णो देवी मंदिर के पास रशियन छोरी संग शराब पी रहा था ‘बॉलीवुड का लाल’ ओरी, पुलिस ने दिए गिरफ्तारी के आदेश

और लोड करें

2019 में एक वेब सीरीज़ आई थी ‘द वर्डिक्ट’। उसमें एक बड़ा कालजयी संवाद था- “फ्रॉम मुस्लिम्स इन डैन्जर, द स्टोरी वास चैन्ज्ड टू इस्लाम इन डैन्जर, एण्ड जिन्ना गेट्स व्हाट ही वांट्स, एण्ड इनसिडेंटली आई टू हैव चैन्ज्ड द स्टोरी (मुसलमान खतरे में से कथा अब इस्लाम खतरे में हो चुकी थी और जिन्ना को जो चाहिए वो मिल गया। संयोग देखिए मैंने भी कथा को बदल दिया है)

और पढ़े: Astraverse – Brahmastra का आधार ही बकवास और अपमानजनक है

जानते है किस कथा की बात हो रही थी?

27 अप्रैल 1959, मेट्रो सिनेमा में अपने तीन बच्चों और अपनी धर्मपत्नी को ‘टॉम थंब’ के एक शो पर छोड़कर एक व्यक्ति जीवन ज्योत अपार्टमेंट्स की ओर निकल पड़ा। इस व्यक्ति का नाम था कवास मानेकशॉ नानावटी जिसकी ब्रिटिश पत्नी सिलविया का उसी के मित्र और उद्यमी प्रेम भगवानदास आहूजा के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। अचानक से अपार्टमेंट गोलियों की आवाज से थर्रा उठा और प्रेम आहूजा जमीन पर निर्जीव पड़े थे।

इस प्रकरण ने पूरे देश में कोहराम मचा दिया और चूंकि प्रारंभ में नानावटी निर्दोष सिद्ध हुए इसलिए इस प्रकरण के पश्चात भारत में ज्यूरी के माध्यम से मुकदमे का निर्णय देने की प्रक्रिया समाप्त हुई। परंतु ऐसा क्यों हुआ? कारण एक था– रुस्तम खुरशेद ‘रूसी’ करंजिया और उनकी बहुचर्चित ‘Blitz’ मैगजीन जिसने भारत में टैब्लॉइड कल्चर की नींव रखी।

भारत में टैब्लॉइड कल्चर की नींव

जब भारत में न टीवी था और न इंटरनेट, तब ऐसे मैगजीन ही दिन प्रतिदिन की मनोरंजन का साधन बनते थे। इसमें रूसी करंजिया की Blitz मैगजीन ने नानावटी केस को न केवल कवर किया, अपितु उसके परत दर परत का ऐसा विश्लेषण किया और जनता को ऐसे प्रभावित किया कि स्वयं ज्यूरी भी इसके प्रभाव में जाने अनजाने आ ही गई। उन्हें निर्णय कमांडर नानावटी के पक्ष में ही सुनाना पड़ा। फिर क्या धर्मयुग, क्या Illustrated Weekly of India, क्या India Today सब लग गए बहती गंगा में हाथ धोने। इस सम्पूर्ण प्रकरण को आश्चर्यजनक रूप से आल्ट बालाजी के वेब सीरीज़ ‘द वर्डिक्ट’ एवं अक्षय कुमार की बहुचर्चित फिल्म ‘रुस्तम’ में बढ़िया तरीके से चित्रित किया गया है।

(Source – Mumbai Fables)

यहीं से एक और संस्कृति की भी नींव पड़ी Paparazzi कल्चर की। सन् 1960 में प्रदर्शित फिल्म La Dolce Vita में एक फोटोग्राफर था जिसका नाम था Paparazzo। यह एक फ्रीलांस फोटोग्राफर था जो हॉलीवुड सितारों की निजी जिंदगी के फोटो खींचने के लिए किसी भी हद तक जा सकता था। वहीं से Paparazzi शब्द की उत्पत्ति हुई और इटली से ही ये संस्कृति फलते-फूलते हुए भारत पहुंची। Paparazzi मूल रूप से स्वतंत्र पत्रकार/फोटोग्राफर होते हैं जो प्रसिद्ध सेलेब्रिटी/अभिनेता के निजी जीवन पर विशेष नज़र रखते हैं। तड़क-भड़क वाली खबरें जुटाकर ही ये अपना जीवनयापन करते हैं।

और पढ़े: वरदराजन, मस्तान, दाऊद एवं अन्य – कैसे संगठित माफिया ने मुंबई, क्रिकेट, राजनीति और बॉलीवुड को लंबे समय तक नियंत्रित किया

बॉलीवुड में Paparazzi की एंट्री

वहीं बॉलीवुड में Paparazzi की एंट्री तब हुई, जब मुंबई के अंग्रेजी टैब्‍लॉयड ‘मिडडे’ ने फिल्‍म कलाकार शाहिद और करीना कपूर के प्रगाढ़ चुंबन की फोटो को छापकर Paparazzi पत्रकारिता को बहस के केंद्र में लाकर खड़ा कर दिया। इतना ही नहीं अपितु इस फोटो को कुछ नामी मीडिया घरानों ने अपने प्रचार-प्रसार के लिए जमकर उपयोग किया था।

यह तो कुछ भी नहीं है। प्रारंभ में Paparazzi का उद्देश्य जनता को सेलेब्रिटी के कार्यों की पल-पल की जानकारी देना होता था परंतु अब उनका ध्येय कुछ और हो चुका है। अगर मीडिया घरानों की बात करें तो क्या वायर, क्या रिपब्लिक सभी मीडिया पोर्टल इस बात के लिए बराबर दोषी हैं। हर खबर को पहले पहुंचाने की अंधी दौड़ में ये लोग कब अपनी सीमाएं लांघने लगते हैं इन्हें स्वयं भी नहीं पता होता। वैसे भी हम किनसे नैतिकता की आशा कर रहे हैं? उनसे जो सुशांत सिंह राजपूत के मृत्यु पर उनके पार्थिव शरीर की फोटो को बिना किसी शर्म के अपने चैनलों पर प्रदर्शित कर रहे थे?

हालांकि बॉलीवुड अभिनेता Paparazzi (टैब्लॉइड कल्चर) के इतने बड़े फैन हो चुके हैं कि वह जिम, एयरपोर्ट, पार्टी और यहां तक ​​कि किराने की खरीदारी की ओर जाते समय भी Paparazzi फोटोग्राफर से तस्वीर खींचने के लिए कहते हैं। Paparazzi संस्कृति कई मामलों में मशहूर हस्तियों के लिए एक वरदान है और उनके दिनचर्या की सबसे बड़ी साथी भी। लेकिन कहीं न कहीं इन सब के लिए स्वयं बॉलीवुड भी कुछ हद तक दोषी है क्योंकि ताली एक हाथ से तो नहीं बजती।

विकराल रूप ले रही यह संस्कृति

उदाहरण के लिए देखें तो हम भले ही विक्की कौशल और कैटरीना कैफ के विवाह से पूर्व अनावश्यक मीडिया कवरेज से त्रस्त हो, परंतु जब उन्हें खुद आपत्ति नहीं हो तो हम और आप कौन हैं? स्वयं कटरीना ने एक बार कहा था- “जब वे (Paparazzi) मेरी फोटो लेते हैं, तो कभी-कभी ऐसी फोटो लेते हैं जिसमें हम कुछ ज्यादा ही बुरे दिखते हैं? क्या हमने ऐसा जानबूझकर किया?

परंतु Paparazzi और मीडिया के इस गठजोड़ का बहुत घातक असर पड़ा है राष्ट्रीय स्तर पर और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी। वो कैसे? ये दो उदाहरणों से स्पष्ट पता चलता है- ब्रिटेन की पूर्व राजकुमारी डायना स्पेन्सर और ISRO के चर्चित पूर्व वैज्ञानिक एस नंबी नारायणन से।

और पढ़े: आखिर बॉलीवुड एक धर्म को नीचा और दूसरे धर्म को ऊंचा क्यों दिखाता आया है ?

आपको क्या लगता है कि राजकुमारी डायना मात्र एक सड़क दुर्घटना में मारी गई थी? बिल्कुल नहीं! असल में वो और उनके मित्र डोडी फाएड पत्रकारों से बच रहे थे जिस कारण फ्रांस में एक भीषण सड़क दुर्घटना का शिकार बन गए।

और नंबी नारायणन? टैब्लॉइड कल्चर और Paparazzi के गठजोड़ ने उनका जो सत्यानाश किया उसका दुष्परिणाम न केवल उनके परिवार को अपितु संपूर्ण राष्ट्र को भुगतना पड़ा। 1994 में उन्हें केरल पुलिस ने झूठे आरोपों के आधार पर हिरासत में लिया और मीडिया ने नमक मिर्च लगाकर उन्हें राष्ट्रद्रोही सिद्ध करने में कोई प्रयास अधूरा नहीं छोड़ा। आज भी कारवां जैसे मैगज़ीन इस बात से पीछे नहीं हटते कि कैसे भी करके नंबी नारायणन को नीचा दिखाए जाए और इसके लिए वे सीबीआई जैसी संस्थाओं तक पर कीचड़ उछालने से बाज नहीं आते।

जिस इसरो के एक होनहार वैज्ञानिक नंबी नारायणन को एपीजे अब्दुल कलाम के समकक्ष माना जाना चाहिए था उन्हें 90 के दशक में एक फर्जी देशद्रोह के मामले में गिरफ्तार कर आरोपी बना दिया गया। उन्हें वर्षों तक संघर्षों के बाद अपना खोया हुआ सम्मान तो मिल गया लेकिन वामपंथियों के लिए वे हमेशा ईर्ष्या का केंद्र ही रहे और आज भी कुछ विशेष परिवर्तन नहीं हुआ है। नंबी को सुप्रीम कोर्ट ने वर्षों पूर्व निर्दोष सिद्ध कर दिया और 2018 में अविलंब इतने वर्षों तक पीड़ा झेलने के लिए केरल सरकार को तत्काल प्रभाव से सवा करोड़ रुपये देने का आदेश दिया था।

लेकिन ‘रॉकेट्री’ फिल्म के प्रदर्शन और उसकी अपार सफलता के बाद वामपंथियों का एक वर्ग फिर से उन पर कीचड़ उछालने के प्रयास करने लगा। वामपंथी समेत घृणा का एजेंडा चलाने वालों में श्रेष्ठ स्थान पर आने वाले पोर्टल Caravan ने एक बार फिर नंबी नारायणन के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट द्वारा क्लीन चिट मिलने और राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित होने के बावजूद कीचड़ उछाल दिया।

बीते माह कारवां ने अपना 2020 का पुराना लेख पुनः प्रकाशित किया था और इसके जरिए नंबी नारायणन को एक जासूस और चोर बताया। पोर्टल ने ये आरोप पुनः लगा दिए कि नंबी ने क्रायोजेनिक इंजन की डिटेल्स और पार्ट्स की जानकारी पाकिस्तान और रूस जैसे देशों के साथ साझा करके राष्ट्रद्रोह किया था, जबकि इन्हीं सभी आरोपों में नंबी नारायणन देश की सर्वोच्च अदालत से क्लींन चिट पा चुके हैं, परंतु इससे वामपंथियों को क्या?

इस लेख में इतना विद्वेष भरा था कि पूछिए ही मत। नंबी चूंकि श्वेत वर्ण के हैं यानी गोरे प्रतीत होते हैं इसलिए उनका उपहास उड़ाते हुए कहा गया है कि ये किस एंगल से भारतीय हैं? कारवां मैगजीन के विद्वेषपूर्ण लेख के अंश के अनुसार– “एक वैज्ञानिक जो 1999 में भी 35000 रुपये प्रतिमाह कमाते थे, उसके दो महीने के टेलीफोन बिल 1994 में 45498 रुपये थे। कारवां के सूत्रों द्वारा एक्सेस किए गए कॉल रिकॉर्ड्स के अनुसार ये कॉल कजाकिस्तान और UAE किए गए। सीबीआई ने कभी इस जगह पर ध्यान ही नहीं दिया। एक अन्य आरोपी के अनुसार नंबी के Glavkosmos के Alexi Vassive के साथ भी कनेक्शन थे और CBI ने कभी इन अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन पर जांच ही नहीं की।”

इसी विद्वेष को एक वामपंथी चलचित्र जन गण मन में बड़े ही प्रचुरता से चित्रित किया गया, जहां अभिनेता पृथ्वीराज सुकुमारन ने इसी मीडिया के दोहरे चरित्र पर प्रश्न उठाया और नंबी नारायणन का बिना नाम लिए अत्यंत मार्मिक उदाहरण दिया–

रॉकेट्री वही फिल्म है, जिसने अच्छे से अच्छे वामपंथी को कहीं का नहीं छोड़ा। इस फिल्म के कारण कई लोगों के रातों की नींद उड़ जाती है और इस फिल्म में वामपंथियों के स्याह पहलू को सबके समक्ष पेश किया था। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि टैब्लॉइड कल्चर भारत में अजब बदलाव लाया है। ये संस्कृति खुसुर पुसुर से प्रारंभ होकर अब एक विकराल रूप ले रही है और ये ठीक नहीं है। शीघ्र ही ये भारत के लिए विनाशकारी सिद्ध होगी।

और पढ़े: जूनियर NTR के जीवन का सबसे दुखद अध्याय

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें.

Tags: Paparazziटैब्लॉइड कल्चरद वर्डिक्टबॉलीवुड
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

इतिहास की सबसे घटिया सिंगर नेहा कक्कड़ को फाल्गुनी पाठक ने सबक सिखा दिया

अगली पोस्ट

सौ प्रपंच रचे फिर भी औंधे मुंह गिरी ब्रह्मास्त्र, लाइफ टाइम कमाई से बॉलीवुड की बत्ती गुल

संबंधित पोस्ट

भारत का अंतरिक्ष धमाका 2026: ISRO के गगनयान मिशन से टूटेगा अमेरिका का घमंड, पाकिस्तान और चीन रहेंगे स्तब्ध
चर्चित

भारत का अंतरिक्ष धमाका 2026: ISRO के गगनयान मिशन से टूटेगा अमेरिका का घमंड, पाकिस्तान और चीन रहेंगे स्तब्ध

3 November 2025

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, ISRO, ने एक बार फिर साबित कर दिया कि विज्ञान और तकनीक में भारत किसी से पीछे नहीं है। मार्च 2026...

क्या नेताजी सचमुच 1945 में मारे गए थे? मुथुरामलिंगा थेवर और गुमनामी बाबा ने खोला रहस्य
इतिहास

क्या नेताजी का निधन सचमुच 1945 विमान हादसे में हुआ था? मुथुरामलिंगा थेवर और गुमनामी बाबा ने खोला रहस्य

31 October 2025

रहस्य जो आज भी जीवित है जब इतिहास की किताबों में लिखा गया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस 1945 में विमान हादसे में मरे, तो...

कांग्रेस की संघ से डर नीति पर अदालत की चोट: जनता के अधिकार कुचलने की कोशिश पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने लगाया ब्रेक
चर्चित

कांग्रेस की संघ से डर नीति पर अदालत की चोट: जनता के अधिकार कुचलने की कोशिश पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने लगाया ब्रेक

29 October 2025

कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार के लिए यह क्षण किसी राजनीतिक झटके से कम नहीं है। राज्य की धारवाड़ बेंच ने सरकार के उस विवादास्पद सरकारी...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Why India Needs a Bigger Navy | More Ships, More Presence, More Maritime Power

Why India Needs a Bigger Navy | More Ships, More Presence, More Maritime Power

00:05:33

India’s Fighter Force Needs More Than Jets | Here’s Why 150 Trainers Matter ? IAF | HAWK | HAL

00:04:44

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

00:03:30

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

00:05:36

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited