TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

आखिर क्यों स्वास्थ्य बीमा से युवा पीढ़ी का मोहभंग हो रहा है?

इसका कारण इससे उत्पन्न हो रही समस्याएं तो नहीं?

TFI Desk द्वारा TFI Desk
24 September 2022
in स्वास्थ्य
स्वास्थ्य बीमा
Share on FacebookShare on X

कोरोना महामारी ने पूरे विश्व को बहुत हद तक बदलकर रख दिया है। देखा जाए तो कोरोना आने के बाद लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक सजग होने लगे हैं। लोगों में सेहत को लेकर जागरूकता बढ़ने लगी है और यही कारण है कि कुछ समय पूर्व स्वास्थ्य बीमा यानी हेल्थ इंश्योरेंस की मांग बढ़ती हुई दिखने लगी थी।

बीमा एक प्रकार का अनुबंध होता है, जो बीमा लेने वाले व्यक्ति और कंपनी के बीच में किया जाता हैं। अनुबंध के अनुसार बीमा कंपनी इसे लेने वाले व्यक्ति से एक निश्चित धनराशि यानि प्रीमियम लेती है और पॉलिसी की शर्त के हिसाब से क्षति होने पर उसका भुगतान भी करती है। आजकल आप देखेंगे कि हर चीज का बीमा किया जाने लगा है। फिर चाहे वो आपका घर हो, कार या फिर स्मार्टफोन तक का इंश्योरेंस होता है। इन चीजों के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति मे बीमा कंपनी उसके मालिक को पहले से निर्धारित शर्त के हिसाब से मुआवजा प्रदान करती हैं।

संबंधितपोस्ट

Health और Life इंश्योरेंस पर GST खत्म कर मोदी सरकार ने ‘दादागीरी’ के खिलाफ बहुत बड़ा दांव चल दिया है, लेकिन कैसे ?

दुनिया में तेज़ी से बढ़ते त्वचा के कैंसर के मामले, इन देशों में सबसे अधिक है खतरा

फिर दुनिया में सिर उठा रहा कोविड-19: भारत में भी बढ़े मामले, खतरा कितना बड़ा है?

और लोड करें

स्वास्थ्य बीमा को लेकर कम होने लगी दिलचस्पी

बात स्वास्थ्य बीमा की करें आजकल कब किस व्यक्ति को कौन सी बीमारी जकड़ लें, कहा नहीं जा सकता। कम उम्र में लोग बड़ी-बड़ी बीमारियों का शिकार होना आम होता चला जा रहा है। अब क्योंकि जीवन इतना अनिश्चित है, तो इसे ध्यान में रखकर ही लोग स्वास्थ्य बीमा लेते हैं। स्वास्थ्य बीमा एक प्रकार का बीमा कवरेज है, जिसमें बीमाधारक अपने द्वारा किए गए चिकित्सा और शल्य खर्चों का दावा कर सकता है। परंतु इस स्वास्थ्य बीमा के साथ कई समस्याएं भी है, जिसके कारण युवाओं में इसको लेकर धीरे-धीरे मोहभंग होता नजर आने लगा है।

और पढ़े: स्तन कैंसर के इलाज के लिए टाटा मेमोरियल सेंटर ने किया क्रांतिकारी आविष्कार

दरअसल, स्वास्थ्य बीमा लेने वाले कई लोगों के अनुभव अच्छे नहीं रहते है। यही कारण है कि दूसरे देशों की तुलना में देखा जाए तो स्वास्थ्य बीमा की पहुंच बेहद ही कम है। आंकड़ों के अनुसार यह चीन में 0.7 फीसदी और अमेरिका में 4.1 फीसदी की तुलना में भारत में केवल 0.4 प्रतिशत ही है। इसके पीछे के कई कारण नजर आते हैं, जिसमें भारत में प्रति व्यक्ति आय कम होना, लोगों में स्वास्थ्य बीमा के प्रति जागरूकता की कमी और बीमा के विषय में लोगों सही जानकारी न होना जैसे कारण शामिल है।

देखा जाए तो कई सारे स्वास्थ्य बीमा ऐसे हैं, जो भारत की आबादी के एक बड़े हिस्से के अनुरूप नहीं होते। बीमा कंपनियों द्वारा बीमारधारकों के दावों का भुगतान नहीं होना, लोगों की आय न बढ़ने पर भी बीमे के प्रीमियम का बढ़ जाना, बीमा कंपनियों द्वारा क्लेम को अस्वीकार कर देना, अधूरी दावे जैसी कई समस्या हैं जिनका सामना स्वास्थ्य बीमा लेने वाले लोग करते हैं। इस प्रकार की शिकायतें आए दिन सामने आती ही रहती है। फेयर प्ले इन इंडियन हेल्थ इंश्योरेंस नाम के एक वर्किंग पेपर से यह बात साफ होती है कि भारत देश में स्वास्थ्य बीमा के दावों का उतना भुगतान नहीं किया जा रहा है,  जितना उन्हें किया जाना चाहिए।

और पढ़े: हमारे स्वास्थ्य क्षेत्र की गुमनाम नायक हैं आशा वर्कर्स, जिन्हें अब WHO ने किया है सम्मानित

बीमा कंपनियों की नीतियां

हमारे भारत में पॉलिसीधारकों को पॉलिसी का एक तथ्य बहुत अधिक परेशान करता हैं। वो यह है कि बीमा कंपनियों की जितनी पॉलिसी होती है, उनमें से अधिकांश नीतियां मे केवल अस्पतालों में भर्ती होने पर ही बीमे कवर प्रदान किया जाता है। साथ ही इसमें ना तो दवाओं का खर्च और ना ही क्लीनिकल विजट को शामिल नहीं किया जाता। यानी अधिकतर बीमा पॉलिसी ऐसी होती है, जिसमें केवल आपके अस्पताल का खर्च ही कवर किया जाता है। हालांकि अभी चुनिंदा नीतियों में ओपीडी को भी शामिल किया गया है। परंतु देखा जाए तो इससे भी अधिक लाभ होता नहीं है क्योंकि बहुत सारे ऐसे मेडिकल परीक्षण बिना अस्पताल में भर्ती किए होते हैं और पॉलिसीधारक इनको लेकर तब तक दावा नहीं कर सकते जब तक कि वे अस्पताल में भर्ती न हों।

स्वास्थ्य बीमा के साथ देखा जाए तो एक समस्या यह भी है कि बीमा कंपनी बीमाधारकों के कई क्लेम को अस्वीकार कर देती है। इसके पीछे बहुत से कारण होते हैं। एक तो यह भी पॉलिसी लेते समय ग्राहकों को पता तक नहीं होता कि उनकी बीमा में क्या क्या कवर किया जा रहा है। इसको लेकर इंश्योरेंस समादान के महाप्रबंधक चिराग निहलानी ऐसी तकनीकीताओं के बारे में बात करते हुए बताते हैं कि “कुछ बीमा कंपनियों ने कई दावों को खारिज कर देती हैं या फिर निचले हिस्से मे जाकर दावों का निपटारा कर दिया जाता है। इनमें देखा जाए तो अधिकतर समय में ग्राहकों को इस बात की ठीक तरह से जानकारी नहीं होती है कि आखिर कवर क्या किया गया है और क्या नहीं। इस तरह कि स्थिति में, बीमा कंपनियां निचले हिस्से में दावों का निपटारा कर देती है।“

अस्वीकार कर दिए जाते हैं दावे

इसके अलावा यह भी हो सकता है कि ग्राहक ने पॉलिसी लेते वक्त किसी भी बीमारी का खुलासा नहीं किया हो, जिसका हवाला देकर बीमा कंपनी उनके द्वारा किए गए दावे को अस्वीकार कर दें। ऐसे में यह बेहद ही आवश्यक हो जाता है कि स्वास्थ्य बीमा लेने से पहले कंपनी के सारे नियम अच्छे तरह से जान लेना चाहिए कि उनकी पॉलिसी में किस चीज को कवर किया जाता है और किसे नहीं।

और पढ़े: आयुष्मान भारत: स्वास्थ्य और रोजगार दोनों को बढ़ावा दे रही है PM मोदी की महत्वाकांक्षी योजना

स्वास्थ्य बीमा लोगों के महंगे अस्पताल तो बचाने में सहायता करती है, परंतु कुछ मामले अलग है। आमतौर पर जब भी कोई व्यक्ति पहले से मौजूद बीमारी के साथ यदि स्वास्थ्य बीमा योजना खरीदना चाहता है तो उसके साथ कई प्रकार की बातें हो सकती हैं। पहला तो यह होता है कि उसका आवेदन ही खारिज कर दिया जाता। दूसरा यह कि उसे स्वास्थ्य बीमा तो दे देते है, परंतु पहले से मौजूद बीमारी को बीमा के दायरे में शामिल नहीं किया जाता। ऐसे मामलों में स्वास्थ्य बीमा कुछ खास उपयोगी नहीं साबित हो पाती।

स्वास्थ्य बीमा के बढ़ते प्रीमियम

देखा जाए तो पिछले कुछ समय से बीमा प्रीमियम में भी बहुत बढ़ोत्तरी होती हुई देखने को मिल रही है। कुछ आंकड़ों के अनुसार बीमा प्रीमियम में वर्ष 2015-16 की तुलना में 6 गुना का इजाफा हुआ है। इसको लेकर बीमा कंपनियां की तरफ से तर्क दिया जा रहा है कि पिछले दो सालों में इंश्योरेंस क्लेम बढ़ गए है, जिस कारण वो बीमा प्रीमियम में बढ़ोत्तरी कर रहे है। यह भी एक कारण है जिसकी वजह से लोगों में हेल्थ इंश्योरेंस को लेकर दिलचस्पी कम होने लगी है।

भारत की बड़ी आबादी जो गरीब या फिर मध्यम वर्ग श्रेणी में आती है। ऐसे में अधिकतर लोगों के लिए यह स्वास्थ्य बीमा व्यर्थ ही नजर आती है। वहीं केंद्र और विभिन्न राज्यों की सरकारों द्वारा निम्न वर्ग में शामिल लोगों के लिए कई ऐसी योजनाएं चलाई जाती है, जिसका लाभ वो उठा सकते है। उदाहरण के लिए आयुष्मान भारत योजना। यह योजना गरीब लोगों के लिए किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं है, क्योंकि इसके अंतगर्त 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा सरकार के द्वारा दी जाती है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया के अनुसार चार वर्षों में इस योजना से चार करोड़ लोग लाभान्वित हो चुके हैं। इस प्रकार की और भी की योजनाएं केंद्र और राज्य स्तर पर चलाई जा रही है।

यही कुछ कारण है जिसके चलते आजकल लोगों का स्वास्थ्य बीमा के प्रति मोहभंग होता नजर आ रहा है और खास तौर पर युवा इसमें कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। अगर बीमा कंपनिया अधिक से अधिक लोगों को स्वास्थ्य बीमा में जोड़ना चाहती हैं, तो उन्हें अपने नियम और नीतियों में तुरंत कुछ बदलाव करने की आवश्यकता है।

और पढ़े: हाल के शोध से पता चला है कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का भी इलाज संभव है

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें.

Tags: बीमा कंपनीस्वास्थ्यस्वास्थ्य बीमा
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

Visheshan ke kitne bhed hote hain? सभी भेद का वर्णन

अगली पोस्ट

पौराणिक कथाओं के नाम पर मनोहर कहानियां आपकी बुद्धि को भ्रष्ट बना रही हैं

संबंधित पोस्ट

Top Items Every Gym Goer Should Carry
स्वास्थ्य

Top Items Every Gym Goer Should Carry

7 July 2026

Going to the gym? Don’t forget to pack some of the most basic items to keep in your gym bag that can save you from...

भारत की वैज्ञानिक विजय: ‘नैफिथ्रोमाइसिन’, कैंसर और डायबिटीज के मरीजों के उम्मीदों को मिली नई रोशनी, जानें क्यों महत्वपूर्ण है ये दवा
चर्चित

आत्मनिर्भर भारत की वैज्ञानिक विजय: ‘नैफिथ्रोमाइसिन’, कैंसर और डायबिटीज के मरीजों के उम्मीदों को मिली नई रोशनी, जानें क्यों महत्वपूर्ण है ये दवा

21 October 2025

भारत ने वह कर दिखाया है जो कभी केवल विकसित देशों की प्रयोगशालाओं की सीमाओं में संभव माना जाता था। देश ने अपना पहला स्वदेशी...

क्या AI-हेल्थ गैजेट वाकई भरोसेमंद हैं? जानें मंजूरी की प्रक्रिया और सावधानियां
स्वास्थ्य

क्या AI-हेल्थ गैजेट वाकई भरोसेमंद हैं? जानें मंजूरी की प्रक्रिया और सावधानियां

30 September 2025

AI आज हर क्षेत्र में अपना कमाल दिखा रहा है। अब मार्केट में नए-नए हेल्थ गैजेट्स आ रहे हैं, जो लोगों को उनकी हेल्थ से...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

00:04:16

China's War on Human Rights Lawyers: The Legacy of the 709 Crackdown

00:03:57

IRAN EYES RED SEA GAMBIT

00:02:34

US- IRAN CONFLICT INTENSIFIES

00:03:05

Mass Detentions and Enforced Disappearances: The Aftermath of July 5

00:03:20
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited