TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

चीन का अति महत्वाकांक्षी BRI प्रोजेक्ट अपनी अंतिम सांसें ले रहा है, आंकड़ों पर आधारित विस्तृत विश्लेषण

'सुपर पावर' बनने का दांव उल्टा पड़ गया!

Chaman Kumar Mishra द्वारा Chaman Kumar Mishra
8 February 2023
in समीक्षा
BRI प्रोजेक्ट

Source: The Voice of Kathmandu

Share on FacebookShare on X

BRI प्रोजेक्ट: चीन ने जिस बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के द्वारा विश्व में महाशक्ति बनने की उम्मीद पाली थी वो BRI प्रोजेक्ट ख़त्म होने की कगार पर है। चीन अबतक इस प्रोजेक्ट में 1 ट्रिलियन डॉलर झोंक चुका है, लेकिन हमारे सामने जो आंकड़े हैं वो बताते हैं कि BRI प्रोजेक्ट अपनी अंतिम सांसें ले रहा है, और वो दिन दूर नहीं जब आधिकारिक तौर पर स्वयं चीन ही इस प्रोजेक्ट के खत्म होने का ऐलान करने को मजबूर हो जाएगा।

BRI प्रोजेक्ट का ऐलान

वर्ष 2013 में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने BRI प्रोजेक्ट् का आधिकारिक तौर पर ऐलान किया। इस प्रोजेक्ट के द्वारा चीन की नियत एशिया, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप में अपने आधिपत्य को स्थापित करने की थी।

संबंधितपोस्ट

IMEEC Corridor: BRI ख़त्म, टाटा, गुडबाय!

श्रीलंका, नेपाल से नहीं सीखा सबक, चीन की गिरफ्त में फंसता जा रहा है बांग्लादेश

और लोड करें

चीन ने इस अति महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में छोटे-बड़े मिलाकर दुनियाभर के 150 देशों को जोड़ लिया। शुरू से ही भारत ने BRI प्रोजेक्ट से बाहर रहना चुना। भारत ने सिर्फ बाहर रहना ही नहीं चुना बल्कि आधिकारिक तौर पर प्रोजेक्ट की आलोचना भी की।

BRI के तहत ही चीन पाकिस्तान के साथ मिलकर CPEC भी बना रहा है और यह सीपैक पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरता है। भारत का इस पर सख्त विरोध है और भारत ने इसे उसकी अखंडता और संप्रभुता पर हमला बताया है।

और पढ़ें: चीन की दुखती रग है अंडमान निकोबार, यहां समझिए जासूसी गुब्बारे का काला सच

ऐसे में अब एक बड़ा प्रश्न यह है कि चीन के BRI प्रोजेक्ट की फंडिंग का क्या सिस्टम है- इसके तहत जो भी सड़कें-पुल-फ्लाईओवर- या दूसरे निर्माण कार्य किए जाते हैं, उसके लिए पैसे कहां से आते हैं?

ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स के आंकड़ों के अनुसार, 292 बिलियन डॉलर यदि चीन BRI प्रोजेक्ट पर लगाता है, तो इसकी फंडिंग अलग-अलग चीनी बैंकों के द्वारा होती है। अपनी स्क्रीन पर आ रहे है, इस पाई चार्ट को देखिए।

इसके अनुसार 150 बिलियन डॉलर चीन की 4 बड़ी सरकारी कर्मशियल बैंके देती हैं- 110 करोड़ चाइना डेवलेपमेंट बैंक देती है, 24 करोड़ एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक ऑफ चाइना देती है, 4 करोड़ सिल्क रोड फंड से आता है, 2 करोड़ एशिया इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक से और 2 करोड़ न्यू डेवलपमेंट बैंक से आता है।

BRI प्रोजेक्ट के लिए पैसा कहां से आता है?

निम्न आय वाले देशों को कर्ज

 

2022 के आंकड़ों के अनुसार निम्न आय वाले देशों पर द्वपक्षीय संबंधों के तहत लिया गया दुनिया का कर्ज 24 प्रतिशत है, जबकि इकलौते चीन का कर्ज इन देशों पर 37 प्रतिशत है। भारतीय रणनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार इससे इतर एक सत्य यह भी है कि 42 देशों के ऊपर चीन का कर्जा इससे कहीं ज्यादा है, जोकि कभी भी सार्वजनिक नहीं किया गया। इस कर्ज पर चीन कितनी दर से ब्याज लेता है, इसे भी सार्वजनिक नहीं किया गया।

और पढ़ें: मोंगला पोर्ट में मुंह घुसाना चाहता है चीन, लेकिन भारत उसे मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तत्पर बैठा है

 

चीन के BRI प्रोजेक्ट में शामिल होने वाले देशों को कर्ज देने के लिए चीन उस संबंधित देश में सड़क-रेल-बंदरहगा-भूमि और आधारभूत संरचना में निवेश का रास्ता अपनाता है।

आइए, एडडेटा के आंकड़ों के अनुसार देखते हैं कि इस तरह से चीन से कर्ज लेकर कौन-सा देश आज कहां खड़ा है?

  • इस तरह से कर्ज लेने वाले देशों में पाकिस्तान 77.3 बिलियन डॉलर के साथ सबसे ऊपर है।
  • इसके बाद अंगोला पर 36.3 बिलियन डॉलर का कर्ज, ईयूथोपिया पर 7.9 बिलियन डॉलर का कर्ज, केन्या पर 7.4 बिलियन डॉलर का कर्ज और श्रीलंका पर 7 बिलियन डॉलर का कर्ज है।
  • मालद्वीप के वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार मालद्वीप पर वर्ष 2022 की पहली तिमाही तक चीन का कर्ज बढ़कर 6.39 बिलियन डॉलर हो गया है। यह मालद्वीप की जीडीपी का 113 प्रतिशत है।
  • बांग्लादेश पर कुल जितना विदेशी कर्ज है उसका 6 प्रतिशत चीन का कर्ज है, जो करीब-करीब 4 बिलियन डॉलर बनता है।
  • पूर्वी अफ्रीका में बसे देश जिबूती चीन के कर्ज जाल में फंसकर अपने देश में चीन का नौसेनिक अड्डा बनाने पर मजबूर हो गया है। इसके अलावा किर्गिस्तान, ज़ांबिया और लाओस पर चीन का इतना बड़ा कर्ज़ है कि वह उनकी कुल जीडीपी का 20 प्रतिशत है।

इन देशों की स्थिति को और अच्छे से समझने के लिए हमें भारतीय उपमहाद्वीप के तीन देशों श्रीलंका, पाकिस्तान और बांग्लादेश की स्थिति को समझना होगा।

श्रीलंका चीन के ऋण जाल में फंसकर पहले से ही बर्बादी की कगार पर पहुंच चुका है। अभी हाल ही में IMF ने कहा था कि वो श्रीलंका को ऋण चुकाने के लिए 10 वर्ष की मोहलत दे सकता है लेकिन इसके लिए चीन और भारत को मोहलत के कागजातों पर हस्ताक्षर करने होंगे।

भारत ने श्रीलंका को मोहलत देने के लिए हामी भर दी लेकिन चीन ने इन पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। चीन ने इस दौरान कहा कि वो सिर्फ 2 वर्षों की मोहलत श्रीलंका को दे सकता है।

चीन का गुप्त कर्ज जाल

 

पाकिस्तान को भी चीन ने इसी तरह से अपने कर्ज जाल में फंसा रखा गया है। पाकिस्तान ने चीन से कितना कर्ज लिया है? कितनी दर पर कर्ज लिया है? कोई भी जानकारी पाकिस्तान सार्वजनिक नहीं कर सकता क्योंकि चीन कर्ज देने से पहले ही ऐसे शर्तें लागू कर देता है।

चीन का सार्वजनिक और छिपा हुआ कर्ज।

बांग्लादेश की स्थिति भी कोई बहुत अच्छी नहीं है। बांग्लादेश अभी हाल ही में IMF से कर्ज मांगने पहुंचा है। बांग्लादेश ने IMF से 4.5 बिलियन डॉलर का कर्जा मांगा है।

चीन इसी तरह से BRI प्रोजेक्ट वाले देशों के ऊपर शर्तें लगाकर उन्हें कर्ज देता है। इस बार ग्राफ से समझिए कि कितना कर्ज चीन ने किन देशों को इस तरह दे रखा है जिसकी कोई जानकारी सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध नहीं करवाई गई।

और पढ़ें: “निकलो यहां से और अपनी फौज भी ले जाओ”, 9 लाख जनसंख्या वाले फिजी ने स्वयंभू सुपरपावर चीन को हड़काकर भगा दिया

इस बार ग्राफ में नारंगी रंग जहां तक है, इन देशों पर इतने बिलियन का कर्ज तो सार्वजनिक है, लेकिन जहां से हल्का नीला रंग शुरू होता है- उतना कर्ज इन देशों ने चीन से छिपाकर ले रखा है- अर्थात उसकी जानकारी सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध नहीं है।

शी जिनपिंग भले ही इसके लिए प्रसन्न हो सकते हैं कि उन्होंने अपने BRI प्रोजेक्ट में 150 देशों को शामिल कर लिया है, लेकिन जैसी स्थितियां बन रही हैं, इन छोटे-छोटे देशों की जो आर्थिक स्थिति है, जिस तरह से यह दिवालिया होने की स्थिति में खड़े दिखाई देते हैं- उससे चीन की अर्थव्यवस्था को भी बड़ा छटका लगने की पूरी संभावना है। जबकि पिछले वर्ष ही चीन का रियल स्टेट सेक्टर क्रैश होने से वहां का बैंकिस सिस्टम पहले से ही बुरी स्थिति में है।

चीन ने कर दिए हाथ खड़े

 

ऐसे में अब प्रश्न यह है कि क्या अब चीन ने भी BRI प्रोजेक्ट पर हाथ खड़े कर दिए हैं? जिन देशों से चीन का अति महत्वकांक्षी BRI प्रोजेक्ट निकलता है, उन देशों में निवेश में चीन निरंतर कमी कर रहा है।

  • वर्ष 2022 में जनवरी से नवंबर तक चीन ने BRI देशों में 19.16 बिलियन डॉलर का निवेश किया है।
  • इस निवेश की वर्ष 2021 से तुलना करें तो यह 6.5 प्रतिशत की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि है।
  • वर्ष-दर-वर्ष इन देशों में निवेश की वृद्धि 2021 में 14.1 प्रतिशत थी।
  • वर्ष-दर-वर्ष BRI प्रोजेक्ट वाले इन्हीं देशों में निवेश की वृद्धि 2020 में 18.3 प्रतिशत थी।इसको और बेहतर तरीके से समझने के लिए अपनी स्क्रीन पर आ रहे इस ग्राफ को देखिए। इसमें स्पष्ट दिखता है कि 2013 में चीन ने BRI प्रोजेक्ट वाले देशों में 93.38 बिलियन डॉलर का निवेश किया।इसके बाद थोड़े-बहुत अंतर के साथ यह निवेश आने वाले वर्षों में बढ़ता ही गया लेकिन अब आप वर्ष 2019 का आंकड़ा देखिए यहां चीन ने 103.55 बिलियन डॉलर का निवेश किया है, जबकि 2020 में केवल 60.5 बिलियन डॉलर का निवेश किया है। 2021 में यह निवेश और भी कम हो गया- जोकि 59.5 बिलियन डॉलर पर आ गया।

 

BRI प्रोजेक्ट वाले देशों में चीन का निवेश।

 

इसका अर्थ यह हुआ कि प्रतिवर्ष चीन जिन देशों में उसका BRI प्रोजेक्ट है, उनमें निवेश कम कर रहा है। अर्थात चीन सीधे तौर पर भले ही ना स्वीकारे लेकिन आंकड़े यही कह रहे हैं कि चीन ने गलती कर दी है।

जिन देशों ने चीन से तमाम कर्ज ले रखा था, कोरोना वायरस महामारी के बाद उन देशों की आंखें खुली और उन्हें समझ आया कि वो तो चीन के कर्ज जाल में बुरी तरह से फंस चुके हैं। इसके बाद ही इन देशों ने कर्ज में छूट की, उसकी शर्तें दोबारा तय करने की कोशिशें शुरू की।

ऐसा नहीं है कि चीन ने सिर्फ BRI प्रोजेक्ट वाले देशों में निवेश कम किया है, बल्कि चीन ने BRI प्रोजेक्ट्स को लेकर डील साइज़ में भी कमी कर दी है। 2015 की तुलना में वित्त वर्ष 2022 में डील साइज़ 21 प्रतिशत छोटा है।

और पढ़ें: “हमें हिंदू राष्ट्रवादी बताते हैं, अपने देश को ईसाई राष्ट्रवादी क्यों नहीं?” जयशंकर ने चीन का नाम लेकर राहुल को ढंग से लपेट दिया

निवेश के कम होने और डील साइज़ के छोटे होने से निर्माण कार्यों पर सीधा प्रभाव पड़ा है। ऐसे में चीन के लिए शी जिनपिंग के इस अतिमहात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को और आगे ले जाना मुश्किल जान पड़ता है।

BRI प्रोजेक्ट वाले देश जहां चीन के ऋण जाल की कूटनीति को एक तरफ समझ चुके हैं वहीं दूसरी तरफ इन देशों की जनता भी इस प्रोजेक्ट के विरोध में खड़ी हो गई है। पाकिस्तान, अफ्रीका, मालद्वीप और श्रीलंका में पिछले वर्षों से हो रहे प्रदर्शन बताते हैं कि लोग चीन के इस जाल से कितनी अच्छी तरह परिचित हैं।

चीन की बुरी स्थिति

 

एक तरफ जहां चीन एक्सपोज़ हो चुका है वहीं दूसरी तरफ चीन की स्थिति घरेलू मोर्चे पर और भी ज्यादा बदतर हो गई है। कोरोना की मार से चीन की अर्थव्यवस्था अभी भी पूरी तरह उबर नहीं पाई है। स्थिति यह है कि चीन में लोग बैंक से अपने पैसे निकालने के लिए भी प्रदर्शन कर रहे हैं।

दूसरी तरफ रुस-यूक्रेन युद्ध के बाद सप्लाई चेन में भी बड़ा बदलाव हुआ है। कई बड़ी कंपनियां चीन से पलायन कर रही हैं। ऐसे में चीन की जीडीपी पर प्रभाव पड़ना निश्चित है।

चीन के रियल-स्टेट सेक्टर के विनाश के बारे में हम पहले बात कर चुके हैं- ऐसे में जिन बैंकों ने इन रियल-स्टेट में पैसा लगाया था, उनका वो पैसा वापस मिलना भी मुश्किल दिखाई देता है।

अंगोला, ईयूथोपिया, केन्या और श्रीलंका की स्थिति हम आपको बता चुके हैं- ऐसे में यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि यह देश दिवालिया होने की कगार पर खड़े हैं- ऐसे में चीन यह उम्मीद भी नहीं कर सकता कि इन देशों से उसे अपना कर्ज वापस मिले। जो दिवालिया हो गया वो क्या ही पैसे वापस लौटाएगा।

ऐसे में चीन के BRI प्रोजेक्ट का डूबना ही नियति है। जिस तरह की परिस्थियां बन रही हैं, उनमें और कुछ भी उम्मीद करना बेवकूफी होगी।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: Belt and Road InitiativeChina's BRI ProjectChina’s Belt and Road Initiativeचीन का BRI प्रोजेक्ट
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

जब गणेशजी का उपहास उड़ाना चंद्रदेव को पड़ गया भारी

अगली पोस्ट

वीर आल्हा-ऊदल की अनकही कहानी

संबंधित पोस्ट

CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!
चर्चित

CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!

22 May 2026

पिछले कुछ दिनों से भारतीय सोशल मीडिया स्पेस, खासकर इंस्टाग्राम पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) नामक एक डिजिटल अभियान ने तहलका मचा रखा है। मीम्स,...

गवर्नर ने मांगा समर्थन का सबूत: क्या तमिलनाडु में विजय के साथ हो रहा है अन्याय?
चर्चित

गवर्नर ने मांगा समर्थन का सबूत: क्या तमिलनाडु में विजय के साथ हो रहा है अन्याय?

7 May 2026

तमिलनाडु की राजनीति आज एक ऐसे चौराहे पर खड़ी है जहाँ लोकतंत्र की परिभाषा और राज्यपाल के अधिकारों के बीच सीधी जंग छिड़ गई है।...

Modi in BJP Head Office
चर्चित

आखिर कैसे आए ये चुनाव परिणाम ?

6 May 2026

पांच राज्यों के चुनाव परिणामों पर कोई एक सुसंबद्ध टिप्पणी संपूर्ण स्थितियों का विश्लेषण नहीं कर सकता। सारे राज्यों के राजनीतिक समीकरण और स्थानीय मुद्दे...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

00:03:23

TRUMP'S PHARMA TARIFF SHOCK

00:03:54

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

00:04:16

China's War on Human Rights Lawyers: The Legacy of the 709 Crackdown

00:03:57

IRAN EYES RED SEA GAMBIT

00:02:34
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited