TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अब ट्रूडो के दावों को कैनेडियाई मीडिया ही कर रहा “फैक्ट चेक!”

सबूत कहाँ है ट्रूडो?

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
26 September 2023
in विश्व
अब ट्रूडो के दावों को कैनेडियाई मीडिया ही कर रहा “फैक्ट चेक!”
Share on FacebookShare on X

जस्टिन ट्रूडो – एक ऐसा नाम जिसे पीढ़ियों तक याद किया जाएगा। परन्तु इसलिए नहीं कि उनके पास अद्भुत राजनीतिक कौशल या उल्लेखनीय नेतृत्व था। इन्हे एक प्रमुख उदाहरण के रूप में स्मरण किया जायेगा, कि सरकार कैसे नहीं चलानी चाहिए।

हाल ही में भारत के विरुद्ध जस्टिन ट्रूडो कुछ ज़्यादा ही आक्रामक दिखाई दे रहे हैं। इनके अनुसार, हरदीप सिंह निज्जर की ‘हत्या’ में स्पष्ट रूप से भारत का हाथ रहा है, और उनके प्रशासन के ‘पर्याप्त साक्ष्य’ है! परन्तु ट्रूडो महोदय की शर्त ये है कि वे इसे भारत को नहीं दिखाएंगे, और चाहते हैं कि उनकी बातों को आँख मूंदकर लोग माने, जिसके पीछे वैश्विक महाशक्ति छोड़िये, स्वयं इनके सहयोगी अपने आप से पूछ रहे हैं, “आखिर चाहता क्या है ये?”

संबंधितपोस्ट

पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

ईरानी युद्धपोत ‘IRIS देना’ पर हमला युद्ध का परिणाम, भारतीय नौसेना को इसमें घसीटना प्रोपेगेंडा से ज्यादा कुछ नहीं

विदेश मंत्रालय का स्पष्ट जवाब: 500% अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा

और लोड करें

परन्तु बात यहीं तक सीमित नहीं है! कनाडाई मीडिया, जो आम तौर पर अपने प्रशासन का समर्थक रहा है, अब जस्टिन के आरोपों पर प्रश्नचिन्ह लगाने से नहीं हिचक रहा है। वे कुछ ऐसा चाहते हैं जिस पर हम सभी सहमत हो सकें – विश्वसनीय प्रमाण, जिसे कोई न नाकार सके।

आइये जानते हैं कि ट्रूडो की नौटंकियों के पीछे क्यों अब उसकी चाहती मीडिया का भी भरोसा धीरे धीरे उसपर से उठ रहा है!

“सबूत कहाँ है?”

खालिस्तान आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का मुद्दा कनाडा और भारत के बीच विवाद का केंद्र बन गया है। इस गरमागरम बहस के केंद्र में कनाडाई प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो हैं, जिन्होंने दावा किया  कि निज्जर की ‘हत्या’  भारत सरकार के एजेंटों का काम था। फिर भी, ट्रूडो की उद्घोषणा से एक महत्वपूर्ण तत्व स्पष्ट रूप से अनुपस्थित है: ठोस साक्ष्य, यानी क्रेडिबल एविडेंस!

अब कैनेडियाई मीडिया को भी संदेह है कि ट्रूडो के दावे वास्तव में सत्य भी है कि नहीं। उनका मानना है कि लोकप्रियता में तेजी से गिरावट से जूझ रहे ट्रूडो ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए इस मामले को जल्दबाजी में उठाया है। उनके दावे की गंभीरता को बढ़ा-चढ़ाकर नहीं बताया जा सकता, और पर्याप्त साक्ष्यों का अभाव उनके राजनीतिक उद्देश्यों पर छाया डालता है।

और पढ़ें: कनाडा पर किया भारत ने प्रहार, अनिश्चित काल के लिए वीज़ा पर लगी रोक!

विश्वास नहीं होता तो नेशनल पोस्ट के विचारों पर ध्यान दीजिये। इनके संपादकीय में अस्पष्ट भाषा और विशिष्ट बुद्धिमत्ता की अनुपस्थिति पर प्रकाश डालते हुए चेतावनी दी गई है, “यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि ट्रूडो का आरोप अभी तक साबित नहीं हुआ है। वह अब तक कनाडाई लोगों को कोई सबूत देने में विफल रहे हैं।”

हालाँकि, यह केवल शुरुआत थी। टोरंटो सन के एक लेख में चेतावनी दी गई है कि भारत इस तरह के गंभीर आरोपों के बावजूद चुप बैठने को तैयार नहीं है। यह भविष्यवाणी की गई है कि मोदी प्रशासन कठोर प्रतिक्रिया देगा, और ऐसे में कनाडाई लोगों को संभावित परिणामों के लिए खुद को तैयार रखना चाहिए। इसलिए, पूरी तरह से ट्रूडो की सरकार पर यह जिम्मेदारी आती है कि वह अपने पास मौजूद ऐसे किसी भी सबूत का खुलासा करे जो उनके दावों को सत्य सिद्ध करे, अन्यथा आगे चलकर कनाडा की छवि को बहुत नुक्सान होगा।

इतना ही नहीं, टोरंटो सन ये भी बताता है कि निज्जर कोई संत नहीं था। पंजाब के जालंधर में एक हिंदू पुजारी की हत्या की साजिश में संलिप्त पाए जाने के बाद भारत सरकार ने उन्हें आतंकवादी करार दिया था और पकड़ने के लिए उचित इनाम की पेशकश की थी। इसके अलावा, माना जाता है कि उसने पंजाब में हिंसा की साजिश रची थी और वैंकूवर के दक्षिण-पूर्व में एक छोटे शहर में आतंकवादियों को प्रशिक्षित किया था। अब ट्रूडो कब तक इस बात से इनकार करते रहेंगे?

अकेले पड़ रहे ट्रूडो?

जब आपकी अपनी मीडिया भी आपके कार्यों पर संदेह करना प्रारम्भ करे, तो यह एक स्पष्ट संकेत है कि कुछ तो गड़बड़ है। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो वर्तमान में स्वयं को ऐसी ही दुविधा में पाते हैं। जोश जोश में उन्होंने भारत पर ऊँगली तो उठा दी, परन्तु उन आरोपों को सिद्ध करने में इनकी झिझक स्पष्ट दिखाई देती है, जिससे न केवल राजनीतिक विरोधियों, अपितु वैश्विक स्तर पर वे उपहास का पात्र बने हुए हैं, और अब उनके अपने समर्थक भी उनके दावों से बहुत अधिक विश्वस्त नहीं है ।

ये संदेह की गूँज राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के कक्षों तक ही सीमित नहीं है। यहां तक कि जो लोग ट्रूडो के साथ राजनीतिक मंच साझा करते हैं, जैसे कि ब्रिटिश कोलंबिया न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी के डेविड एबी ने, ट्रूडो के प्रशासन द्वारा प्रदान किए गए स्रोतों की विश्वसनीयता पर गंभीर संदेह उठाया है। जब आपके सहयोगी आपके कथन पर सवाल उठाने लगते हैं, तो यह एक चेतावनी है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

और पढ़ें: आखिर क्यों कनाडा है आतंकवादियों को आश्रय देने के लिए इतना लालायित!

ट्रूडो के प्रशासन पर अब भारत सरकार द्वारा आतंकवादी समझे जाने वाले व्यक्ति के साथ खुद को जोड़ने का आरोप है। इस रुख ने चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि यह कनाडा की धरती पर बढ़ते अलगाववादी समर्थक सिख आंदोलन की उपेक्षा करता प्रतीत होता है। यह आंदोलन न केवल हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए बल्कि कनाडा में तैनात भारतीय राजनयिकों की सुरक्षा के लिए भी खतरा है।

ये तो कुछ भी नहीं है, ट्रूडो ने हत्या के मद्देनजर भारत की निंदा करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका सहित अपने सहयोगियों से आग्रह किया। परन्तु कोई भी इनके दावों को फेस वैल्यू पर लेने को तैयार न था। उन्होंने भारत के साथ कूटनीतिक दलदल से दूर रहने का विकल्प चुना। संक्षेप में, वैश्विक महाशक्तियों ने यह स्पष्ट कर दिया है: तुमने गंदगी फैलाई, तुम ही समेटो!

इसी के परिणामस्वरूप भारत ने अगली सूचना तक कनाडाई नागरिकों के लिए वीज़ा सेवाएं निलंबित कर दी हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने 20 सितंबर को कनाडा में अपने निवासियों को एक चेतावनी जारी की, जिसमें उनसे देश में भारत विरोधी गतिविधियों और राजनीतिक रूप से स्वीकृत हेट क्राइम्स में वृद्धि के कारण सावधानी बरतने का आग्रह किया गया। यहां तक कि कनाडाई मीडिया ने भी ट्रूडो की कहानी पर संदेह व्यक्त किया है, यह स्पष्ट है कि स्थिति आगे और विकट होने वाली है, और निश्चित रूप से प्रधान मंत्री ट्रूडो के लिए अनुकूल नहीं है।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: AllegationsBharatBritish Columbia New Democratic PartyCanadian mediaDavid EbyDiplomatic TensionsdisproofevidenceHardeep Singh Nijjarhate crimesHindu minoritiesIndian diplomatsIndian government agentsInternational relationsministry of external affairsModi administrationNational PostPolitical DramaPolitical Opponentspro-Khalistan terroristproofSikh movementToronto SunTrudeauunited statesVisa Services
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

अब ट्रूडो के सहयोगियों को भी उस पर विश्वास नहीं!

अगली पोस्ट

मुंगेर और मोदीनगर की राह पर चल पड़ा है शिवकाशी!

संबंधित पोस्ट

अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग
AMERIKA

अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

6 August 2026

अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना राज्य के कैसवेल काउंटी में बुधवार सुबह एक घर में हुई गोलीबारी से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना में कई...

क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है
चर्चित

क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

31 July 2026

ज़रा कल्पना कीजिए...आप एक सुबह उठते हैं और देखते हैं कि हजारों लोग आपके शहर में प्रवेश कर चुके हैं। सड़कों पर भारी भीड़ है,...

डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,
AMERIKA

डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

27 June 2026

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द भारत का दौरा करेंगे। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसकी पुष्टि की है। रुबियो ने एक इंटरव्यू में...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

00:03:42

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39

INS NIPUN: MEET INDIA’S NEW DSV

00:03:05

POJK ERUPTS IN PROTEST

00:02:53
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited