कहा जाता है जब सूरदास मथुरा के गाऊघाट पर रहते थे तो एक दिन वहाँ से वल्लभाचार्य गुजर रहे थे। वल्लभाचार्य ने जब सूरदास को गाते हुए सुना।
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भारतीय वायुसेना “ऑपरेशन सिंदूर” फॉर्मेशन के साथ फ्लायपास करेगी

    गणतंत्र दिवस: सेना दिखाएगी अपनी युद्ध शक्ति, एस-400 रक्षा प्रणाली होगी प्रदर्शित, 77वीं परेड में ईयू का दल भी होगा शामिल

    गणतंत्र दिवस पर आतंकी साजिश नाकाम

    गणतंत्र दिवस पर आतंकी साजिश नाकाम: पंजाब में आरडीएक्स और हथियारों के साथ बब्बर खालसा के आतंकी गिरफ्तार

    बांग्लादेश में बढ़ते संकट पर शेख हसीना की दो टूक

    शेख हसीना का आरोप: अंतरिम सरकार से बांग्लादेश का भविष्य खतरे में

    सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया धन्यवाद

    उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया नमन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भारतीय वायुसेना “ऑपरेशन सिंदूर” फॉर्मेशन के साथ फ्लायपास करेगी

    गणतंत्र दिवस: सेना दिखाएगी अपनी युद्ध शक्ति, एस-400 रक्षा प्रणाली होगी प्रदर्शित, 77वीं परेड में ईयू का दल भी होगा शामिल

    गणतंत्र दिवस पर आतंकी साजिश नाकाम

    गणतंत्र दिवस पर आतंकी साजिश नाकाम: पंजाब में आरडीएक्स और हथियारों के साथ बब्बर खालसा के आतंकी गिरफ्तार

    बांग्लादेश में बढ़ते संकट पर शेख हसीना की दो टूक

    शेख हसीना का आरोप: अंतरिम सरकार से बांग्लादेश का भविष्य खतरे में

    सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया धन्यवाद

    उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया नमन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अंधे थे, लेकिन नेत्र ईश्वर को देखते थे… कुएँ में गिरे तो श्रीकृष्ण ने दिया दर्शन, ठुकरा दिया था अकबर का प्रस्ताव

वल्लभाचार्य ने सूरदास को पुष्टिमार्गीय भक्ति में दीक्षित किया

architsingh द्वारा architsingh
26 October 2024
in इतिहास, ज्ञान, धार्मिक कथा, संस्कृति
सूरदास, भक्त कवि

सूरदास के सख्य, प्रेम और वात्सल्य के इन पदों की ख्याति दूर-दूर तक फैल गई थी

Share on FacebookShare on X

मध्यकाल के पूर्वार्द्ध, अर्थात भक्तिकाल में जब कृष्ण भक्त कवियों की चर्चा की जाती है तो सूरदास का नाम सबसे पहले आता है। 1478 ईस्वी में मथुरा के रुनकता नामक ग्राम में एक ब्राह्मण परिवार में जन्मे सूरदास का बचपन का नाम सुरध्वज था। इनके विषय में कुछ लोगों का मानना है कि ये जन्म से ही अंधे थे तथा परिवार की उपेक्षा के कारण घर छोड़कर मथुरा के गऊ घाट पर रहने के लिए चले गए थे।

चंदवरदाई के वंशज थे सूरदास

सूरदास के परिवार के सम्बन्ध में ‘साहित्य लहरी’ के अंतिम एक पद में जिक्र है कि ये पृथ्वीराज चौहान के दरबारी कवि चंदवरदाई के वंशज हैं। इन कवियों के कुल में एक हरिचंद थे, जिनके 7 पुत्र थे और इनमें सबसे छोटे पुत्र ही सूरदास थे। कहा जाता है कि जब सूरदास के सभी बड़े भाई मुसलमानों के साथ युद्ध करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए थे। ऐसे में नेत्रहीन सूरदास काफी समय तक इधर-उधर भटकते रहे। ऐसे ही भटकते हुए एक दिन वे कुऍं में गिर गए और कई दिनों तक वहीं पड़े रहे। इस दौरान उन्होंने सिर्फ कृष्ण का ध्यान करते हुए भक्ति-भाव के साथ उनको पुकारा जिससे प्रसन्न होकर एक दिन भगवान श्री कृष्ण ने उन्हें उनकी नेत्र ज्योति लौटाकर दर्शन दिए।

संबंधितपोस्ट

बौद्धिक योद्धा डॉ. स्वराज्य प्रकाश गुप्त: इतिहास को मिथक से मुक्त करने वाला संघर्ष

भक्ति से प्रसन्न भगवान ने की भक्त से शादी: आण्डाल रंगनायकी की दिव्य कथा

भारतीय इतिहास शास्त्र की अवधारणा एवं स्वरूप

और लोड करें

कृष्ण के दर्शन पाकर सूरदास ने उनसे मांगा कि जिन आंखों से उन्होंने अपने आराध्य को देखा है उन आँखों से वे अब कुछ और देखना नहीं चाहते। श्री कृष्ण ने उन्हें कुएँ से निकालते हुए उनकी आंखें पुनः सदा के लिए बंद कर दी। इन बंद आँखों से ही सूरदास ने जिन पदों की रचना की उनमें वात्सल्य, प्रेम, प्रकृति, कृष्ण लीला आदि का इतना सजीव अंकन हुआ है कि कुछ विद्वान तो यहाँ तक कहते हैं कि सूरदास जन्म से अंधे नहीं थे। क्योंकि जो व्यक्ति जन्म से अंधा होगा वह इतना सटीक और सुंदर वर्णन अपने पदों में नहीं कर सकता। हालाँकि आज भी विद्वानों में इस विषय में मतभेद है कि क्या सूरदास जन्म से ही नेत्रहीन थे या बाद में उन्होंने अपनी ज्योति खोई।

हालाँकि इस विवाद से हटकर यदि सूर दास की रचनाओं को देखा जाए तो वास्तव में इनके पद अद्भुत हैं। रोचक बात तो यह है कि सुर दास ने किसी प्रबंध काव्य की रचना नहीं की अपितु इनके सभी पद मुक्तक में रचे गए हैं। सूरदास के प्रारम्भिक पदों में दैन्य अर्थात दुखियारा या दीनता का भाव दिखता है बाद में इनकी भक्ति का रूप भी बदला। देखा जाए तो इनकी रचनाओं में भक्ति के दो चरण मिलते हैं। पहला चरण वल्लभाचार्य से मिलने के पूर्व का है, जिसमें सूरदास वल्लभ संप्रदाय में दीक्षित होने से पूर्व दैन्यभाव पर आधारित भक्ति के पदों की रचना कर रहे थे।

पुष्टिमार्गीय भक्ति पर ऐसे चल बढ़े सूरदास

दूसरा चरण वल्लभाचार्य से मिलने के बाद आरंभ होता है, जब सूरदास वल्लभ संप्रदाय में दीक्षित होकर पुष्टिमार्गीय भक्ति पर आधारित भक्ति के पदों की रचना की ओर प्रवृत हुए। सूरदास की भक्ति भावना में इस प्रकार के पदों का बाहुल्य देखा जा सकता है। यहाँ बता दें कि वल्लभाचार्य सूरदास के गुरु थे। वल्लभाचार्य सूरदास के गुरु कैसे बने इस सम्बंध में एक किंवदंती अत्यधिक प्रचलित है। कहा जाता है जब सूरदास मथुरा के गाऊघाट पर रहते थे तो एक दिन वहाँ से वल्लभाचार्य गुजर रहे थे। वल्लभाचार्य ने जब सूरदास को गाते हुए सुना। उस समय सूरदास विनय के ये पद गा रहे थे-

‘हौं हरि सब पतितन कौ नायक’
‘प्रभु! हौं सब पतितन कौ टीकौ।’

चूँकि सूरदास ऐसे विनय और दीनता के पद ही गाते थे ऐसे में वल्लभाचार्य ने जब सूरदास के इन दीनतापूर्ण पदों को सुना, तो उन्होंने सूर से कहा:

“जो सूर ह्वै कै ऐसो घिघियात काहे को है? कुछ भगवत् लीला वर्णन करौ।”

इस पर सूरदास ने स्वयं को अज्ञानी बताते हुए कहा कि मुझे तो भगवान की लीलाओं का जरा भी ज्ञान नहीं है। ऐसा सुनकर वल्लभाचार्य ने सूरदास को अपने संप्रदाय में स्वीकारते हुए पुष्टिमार्ग में दीक्षित करने का निश्चय किया। और इस तरह सूरदास को अपना शिष्य स्वीकारा। वल्लभाचार्य ने सूरदास को अपनी दशम स्कंध की अनुक्रमणिका सुनाकर भगवान की लीलाओं से अवगत कराया। फिर क्या था, जो सूरदास अब तक “अबकी राखि लेहु, भगवान…।” जैसे दास्य भाव से युक्त पदों को गा रहे थे उनके पदों में अब प्रेम, वात्सल्य जैसे भाव भर गए।

जब अकबर से मिले प्रज्ञाचक्षु संत

सूरदास के सख्य, प्रेम और वात्सल्य के इन पदों की ख्याति दूर-दूर तक फैलने लगी। कुछ लोगों के अनुसार उस समय के मुगल शासक अकबर भी सूरदास से स्वयं मिलने आए थे। कहते हैं कि एक बार तानसेन ने मुगल दरबार में सूरदास का एक पद गाया। यह पद सुनकर अकबर इतने मुग्ध हुए कि उन्होंने सूरदास से मिलने का निश्चय कर लिया। चूँकि मुगल बादशाहों को अपना यश सुनने की लालसा रहती है थी अतः अकबर ने सूरदास को अपना यश वर्णन करने का आग्रह किया। तब सूरदास ने बड़े ही विनम्रता से अपनी असमर्थता जाहिर करते हुए कहा कि मैं सिर्फ ईश्वर का ही यश गान कर सकता हूँ, क्योंकि मेरे नेत्र बस ईश्वर को ही देखते हैं और सदैव उन्हीं के दर्शन को प्यासे रहते हैं।

सूर के इसी पद ‘ऐसे दरस को ए मरत लोचन व्यास’ को लेकर अकबर ने पूछा, “कि आप तो नेत्र ज्योति से वंचित हैं, फिर आपके नेत्र दरस को कैसे प्यासे मरते हैं?” तब सूरदास ने उत्तर दिया कि ये नेत्र भगवान को देखते हैं और उस स्वरूप का रसपान प्रतिक्षण करने पर भी अतृप्त बने रहते हैं।’’

अकबर ने सूरदास से कुछ धन स्वीकार करने का अनुरोध किया पर सूरदास ने निडरतापूर्वक भेंट अस्वीकार करते हुए कहा “आज पीछे हमको कबहूं फेरि मत बुलाइयो और मोको कबहूं लिलियो मती।”

इस तरह सूरदास का सम्पूर्ण जीवन वल्लभाचार्य से साथ श्रीनाथ जी के मंदिर में सेवा करते हुए और भगवान की लीला के पद गाते हुए व्यतीत हुआ। इनकी मृत्यु परसौली नामक स्थान पर हुई, कहा जाता है कि इसी स्थान पर कृष्ण ने  रासलीला भी की थी। एक दिन आचार्य वल्लभ, श्रीनाथ जी और गोसाई विट्ठलनाथ ने श्रीनाथ जी की आरती करते समय सूरदास को अनुपस्थित देखा। इससे उन्हें यह समझते देर नहीं लगी कि सूरदास का अन्त समय निकट आ गया है। उन्होंने अपने सेवकों से कहा कि- “पुष्टिमार्ग का जहाज़ जा रहा है, जिसे जो लेना हो ले ले।” अर्थात सूरदास को उनके गुरु ने अंत में पुष्टिमार्ग का जहाज नाम देकर विदा किया।

स्रोत: Surdas, सूरदास, Poet, कवि, Krishna, कृष्ण, Devotee, भक्ति, Akbar, अकबर, इतिहास, History
Tags: AkbarDevotionHistoryPoetSurdasअकबरइतिहासकविभक्तिसूरदास
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘पीएम मोदी का हुआ अपमान’: शी जिनपिंग और जर्मनी की चांसलर ने नहीं मिलाया हाथ; क्या है वायरल वीडियो का सच

अगली पोस्ट

जिन्ना का ऑफर ठुकरा कर भारत की तरफ से लड़े, जन्मदिवस से 12 दिन पहले बलिदान हो गए थे ‘नौशेरा के शेर’ ब्रिगेडियर उस्मान

संबंधित पोस्ट

नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!
इतिहास

नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

23 January 2026

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की वर्ष 1945 में हुए विमान हादसे में मृत्यु होने के दावे को लगभग खारिज किया जा चुका है, लेकिन इससे...

भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार
ज्ञान

हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

3 January 2026

सनातन दृष्टि में धर्म ही अधिकारों का आधार है - जहाँ प्रत्येक व्यक्ति को सत्य, जीवन, सम्मान, विचार और आस्था की स्वतंत्रता प्राप्त है, बशर्ते...

भारतीय संविधान
ज्ञान

हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

31 December 2025

मौलिक अधिकार (फंडामेंटल राइट्स) भारतीय संविधान की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक हैं। इनका लक्ष्य भारत के नागरिकों को गरिमापूर्ण जीवन जीने का अवसर...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited