TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    आम आदमी पार्टी में बड़ा बदलाव: राज्यसभा में राघव चड्डा की भूमिका कम, अशोक मित्तल को नई जिम्मेदारी

    आम आदमी पार्टी में बड़ा बदलाव: राज्यसभा में राघव चड्डा की भूमिका कम, अशोक मित्तल को नई जिम्मेदारी

    पश्चिम बंगाल के मालदा में SIR पर विवाद, विरोध-प्रदर्शन ने लिया उग्र रूप

    पश्चिम बंगाल के मालदा में SIR पर विवाद, विरोध-प्रदर्शन ने लिया उग्र रूप

    दिल्ली हाई कोर्ट ने केजरीवाल की बरी होने के खिलाफ ईडी की याचिका पर लिया संज्ञान, मांगा जवाब

    दिल्ली हाई कोर्ट ने केजरीवाल की बरी होने के खिलाफ ईडी की याचिका पर लिया संज्ञान, मांगा जवाब

    पीएम मोदी ने लगाया कांग्रेस पर ईंधन अफवाह फैलाने की राजनीति का आरोप लगाया, कहा कि भारत मजबूती से खड़ा है

    पीएम मोदी ने लगाया कांग्रेस पर ईंधन अफवाह फैलाने की राजनीति का आरोप लगाया, कहा कि भारत मजबूती से खड़ा है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    अप्रैल से बड़ा फैसला: TP-Link, Hikvision समेत चीनी CCTV कैमरों पर सख्ती की तैयारी

    अप्रैल से बड़ा फैसला: TP-Link, Hikvision समेत चीनी CCTV कैमरों पर सख्ती की तैयारी

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    बिना ठोस समझौते के युद्ध विराम का खतरा: क्या ईरान और मजबूत होकर उभरेगा?

    बिना ठोस समझौते के युद्ध विराम का खतरा: क्या ईरान और मजबूत होकर उभरेगा?

    बगदाद में दिनदहाड़े अमेरिकी पत्रकार का अपहरण, CCTV में कैद सनसनीखेज वारदात

    बगदाद में दिनदहाड़े अमेरिकी पत्रकार का अपहरण, CCTV में कैद सनसनीखेज वारदात

    ईरान की बड़ी चेतावनी: अमेरिकी टेक कंपनियां निशाने पर

    ईरान की बड़ी चेतावनी: अमेरिकी टेक कंपनियां निशाने पर

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    सरकारी ईमेल सिस्टम में बड़ा बदलाव: Gmail से Zoho Mail की ओर क्यों बढ़ा भारत?

    सरकारी ईमेल सिस्टम में बड़ा बदलाव: Gmail से Zoho Mail की ओर क्यों बढ़ा भारत?

    NASA का Artemis II मिशन: SLS रॉकेट के साथ इंसानों की चांद की ओर वापसी

    NASA का Artemis II मिशन: SLS रॉकेट के साथ इंसानों की चांद की ओर वापसी

    आइंस्टीन की थ्योरी से खुला ब्रह्मांड का रहस्य, वैज्ञानिकों ने खोजा सबसे शक्तिशाली स्पेस लेजर

    आइंस्टीन की थ्योरी से खुला ब्रह्मांड का रहस्य, वैज्ञानिकों ने खोजा सबसे शक्तिशाली स्पेस लेजर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    मिडिल ईस्ट तनाव पर भारत अलर्ट, CCS बैठक में बड़ी रणनीति

    मिडिल ईस्ट तनाव पर भारत अलर्ट, CCS बैठक में बड़ी रणनीति

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    आम आदमी पार्टी में बड़ा बदलाव: राज्यसभा में राघव चड्डा की भूमिका कम, अशोक मित्तल को नई जिम्मेदारी

    आम आदमी पार्टी में बड़ा बदलाव: राज्यसभा में राघव चड्डा की भूमिका कम, अशोक मित्तल को नई जिम्मेदारी

    पश्चिम बंगाल के मालदा में SIR पर विवाद, विरोध-प्रदर्शन ने लिया उग्र रूप

    पश्चिम बंगाल के मालदा में SIR पर विवाद, विरोध-प्रदर्शन ने लिया उग्र रूप

    दिल्ली हाई कोर्ट ने केजरीवाल की बरी होने के खिलाफ ईडी की याचिका पर लिया संज्ञान, मांगा जवाब

    दिल्ली हाई कोर्ट ने केजरीवाल की बरी होने के खिलाफ ईडी की याचिका पर लिया संज्ञान, मांगा जवाब

    पीएम मोदी ने लगाया कांग्रेस पर ईंधन अफवाह फैलाने की राजनीति का आरोप लगाया, कहा कि भारत मजबूती से खड़ा है

    पीएम मोदी ने लगाया कांग्रेस पर ईंधन अफवाह फैलाने की राजनीति का आरोप लगाया, कहा कि भारत मजबूती से खड़ा है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    अप्रैल से बड़ा फैसला: TP-Link, Hikvision समेत चीनी CCTV कैमरों पर सख्ती की तैयारी

    अप्रैल से बड़ा फैसला: TP-Link, Hikvision समेत चीनी CCTV कैमरों पर सख्ती की तैयारी

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    बिना ठोस समझौते के युद्ध विराम का खतरा: क्या ईरान और मजबूत होकर उभरेगा?

    बिना ठोस समझौते के युद्ध विराम का खतरा: क्या ईरान और मजबूत होकर उभरेगा?

    बगदाद में दिनदहाड़े अमेरिकी पत्रकार का अपहरण, CCTV में कैद सनसनीखेज वारदात

    बगदाद में दिनदहाड़े अमेरिकी पत्रकार का अपहरण, CCTV में कैद सनसनीखेज वारदात

    ईरान की बड़ी चेतावनी: अमेरिकी टेक कंपनियां निशाने पर

    ईरान की बड़ी चेतावनी: अमेरिकी टेक कंपनियां निशाने पर

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    सरकारी ईमेल सिस्टम में बड़ा बदलाव: Gmail से Zoho Mail की ओर क्यों बढ़ा भारत?

    सरकारी ईमेल सिस्टम में बड़ा बदलाव: Gmail से Zoho Mail की ओर क्यों बढ़ा भारत?

    NASA का Artemis II मिशन: SLS रॉकेट के साथ इंसानों की चांद की ओर वापसी

    NASA का Artemis II मिशन: SLS रॉकेट के साथ इंसानों की चांद की ओर वापसी

    आइंस्टीन की थ्योरी से खुला ब्रह्मांड का रहस्य, वैज्ञानिकों ने खोजा सबसे शक्तिशाली स्पेस लेजर

    आइंस्टीन की थ्योरी से खुला ब्रह्मांड का रहस्य, वैज्ञानिकों ने खोजा सबसे शक्तिशाली स्पेस लेजर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    मिडिल ईस्ट तनाव पर भारत अलर्ट, CCS बैठक में बड़ी रणनीति

    मिडिल ईस्ट तनाव पर भारत अलर्ट, CCS बैठक में बड़ी रणनीति

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

कैसे असाधारण है अमेरिकी चुनाव परिणाम?

अमेरिकी इतिहास में 1892 में ग्रोवर क्लीवलैंड ही ऐसे राष्ट्रपति हुए जो 4 वर्ष के बाद फिर से चुने गए थे, ट्रंप ऐसे दूसरे व्यक्ति बने हैं

Awadhesh Kumar द्वारा Awadhesh Kumar
29 November 2024
in मत, विश्व
ट्रंप ने अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाया और कमला हैरिस पिछले चुनाव में जो बाइडन के मत की भी बराबरी नहीं कर पाईं।

ट्रंप ने अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाया और कमला हैरिस पिछले चुनाव में जो बाइडन के मत की भी बराबरी नहीं कर पाईं।

Share on FacebookShare on X

डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव (US Presidential Election) जीतने का विश्लेषण अभी लंबे समय तक जारी रहेगा। डोनाल्ड ट्रंप और उनके साथ अमेरिका ने भी इतिहास निर्माण कर दिया। हर चुनाव में एक पक्ष जीतता और दूसरा हारता है लेकिन इसके मायने होते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की विजय और डेमोक्रेट कमला हैरिस (Kamala Harris) की पराजय के साथ अमेरिकी इतिहास में एक नए दौर की शुरुआत हुई है। जिस डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिका में केवल डेमोक्रेट ही नहीं उनकी अपनी पार्टी, मीडिया, पूंजीपतियों, थिंक टैंक, विश्वविद्यालयों आदि का एक बड़ा समूह समाप्त करने के लिए पूरी शक्ति लगा चुका हो वह वापस आकर इन सबको चुनौती दे और जीत का झंडा गाड़ दे तो इसे किसी दृष्टि से साधारण घटना नहीं माना जा सकता।

मतदान समाप्त होने के साथ ही ट्रंप ने लिखा कि आज रात अमेरिका के लोगों ने बदलाव के लिए स्पष्ट जनादेश दिया। ट्रंप और कमला हैरिस के बीच माना जा रहा था कि कांटे की टक्कर है। परिणाम ने इसे गलत साबित कर दिया। ट्रंप ने अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाया और कमला हैरिस पिछले चुनाव में जो बाइडन के मत की भी बराबरी नहीं कर पाईं। 2020 में जिस जॉर्जिया से ट्रंप अत्यंत कम अंतर से हारे थे जब वहां का परिणाम उसके पक्ष में गया, फिर नॉर्थ कैरोलिना से उनके समर्थन का परिणाम आया तो लग गया कि अमेरिकी जनता का राजनीति और देश को लेकर मनोविज्ञान बदला है। स्विंग माने जाने वाले अन्य राज्यों पेंसिलवेनिया, एरीजोना, मिशीगन, विस्कॉन्सिन और नेवाडा में भी हैरिस को अपेक्षित समर्थन नहीं मिला है। ट्रंप ने इलेक्टोरल के अलावा पॉपुलर मतों के मामले में भी सफलता पाई जो उनके 2016 की जीत से अलग कहानी बताती है। अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी ने 1992 के बाद ऐसा प्रदर्शन कभी नहीं किया था। अमेरिकी इतिहास में केवल 1892 में ग्रोवर क्लीवलैंड ही ऐसे राष्ट्रपति हुए जो 4 वर्ष के बाद फिर से चुने गए हैं। इस तरह ट्रंप अमेरिकी इतिहास के ऐसे दूसरे व्यक्ति बन गए हैं।

संबंधितपोस्ट

रूसी तेल पर अमेरिका की नीति पर ईरान का हमला: प्रतिबंधों और छूट में दिखा दोहरा रवैया

ईरान के हमले के बाद BAPCO रिफाइनरी से उठता दिखा घना धुआं

ईरान में बड़ा दावा: एयरस्ट्राइक के बाद खामेनेई की मौत की खबर, क्षेत्र में बढ़ा तनाव

और लोड करें

वास्तव में अनेक दृष्टियों से यह असाधारण परिणाम है। ट्रंप पर दो बार जानलेवा हमले हुए, राष्ट्रपति काल में उन्हें दो बार महाभियोग का सामना करना पड़ा। जब वह व्हाइट हाउस से विदा हुए थे उस समय की स्थिति को याद करिए। 7 जनवरी 2021 को अमेरिकी संसद पर ऐसा पहला हमला हुआ था जिसमें पुलिस को डंडे के अलावा गोली तक चलानी पड़ी। ट्रंप को लोकतंत्र विरोधी, फासिस्ट साबित करने के लिए विरोधियों ने कोई कसर नहीं छोड़ी। आपराधिक आरोप के मुकदमे भी चले। अमेरिकी इतिहास में यह पहली बार हुआ जब डेमोक्रेटिक पार्टी ने अंतिम दौर में जो बाइडन को उम्मीदवारी के दौर से हटाकर कमला हैरिस को सामने लाया। धन के मामले में भी कमला हैरिस, ट्रंप से बहुत आगे निकल गईं। मीडिया ने ऐसा वातावरण बनाया मानो ट्रंप पिछड़ चुके हैं। परिणाम क्या आया? राष्ट्रपति चुनाव ही नहीं सीनेट में भी रिपब्लिकन को बहुमत मिला तथा प्रतिनिधि सभा में बेहतर स्थिति में आए।

इसका निष्कर्ष यह है कि अमेरिका के लोगों ने ऐसा जनादेश दिया ताकि ट्रंप अपनी घोषणाओं या एजेंडे में किसी तरह के बड़े अवरोध का सामना करने से बचे रहे। अमेरिकी इतिहास में यह सबसे अधिक मतदान वाला चुनाव हुआ है। समाज के जिस वर्ग का समर्थन डेमोक्रेट को मिलने की परंपरा रही है उनमें भी ट्रंप प्रवेश कर चुके हैं। सर्वेक्षणों के अनुसार, महिलाओं का मत कमला हैरिस के पक्ष में झुका रहा लेकिन बाइडन को प्राप्त मतों से वह पीछे ही रहीं। अश्वेतों, लैटिन अमेरिकियों, एशियाई समूहों में से भी लगभग एक तिहाई मतदाताओं ने ट्रंप के लिए वोट किया। हां, श्वेत मतदाताओं के समर्थन में थोड़ी कमी आई। ये सारे तथ्य बताते हैं कि अमेरिकी जनमानस ट्रंप को लेकर कितना बदला है।

वास्तव में ट्रंप ने 2020 के चुनाव परिणाम को स्वीकार नहीं किया तथा कहा कि उन्हें धांधली से हराया गया है। यद्यपि उन्होंने 20 जनवरी, 2021 को चुपचाप व्हाइट हाउस से विदा ले ली और बाइडन के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल नहीं हुए। उन्होंने बयान दिया कि आज से संघर्ष की शुरुआत हुई है और अमेरिका के भविष्य के लिए वे इसे जारी रखेंगे। पूरे देश में रिपब्लिकनों के अंदर और बाहर भी ऐसे लोगों की बड़ी संख्या थी जिन्होंने माना कि सत्ता प्रतिष्ठान के प्रभावी तत्वों ने ट्रंप को हराने में भूमिका निभाई है। इसके विरुद्ध तब जगह-जगह प्रदर्शन हुए और अनेक स्थानों पर पुलिस से लोगों की झड़पें हुईं। संसद पर हमले के आरोप लगे। साबित नहीं किया जा सका कि उसमें ट्रंप की भूमिका थी। ऐसा हो जाता तो वह राष्ट्रपति चुनाव लड़ने से वंचित रह जाते जिनकी पूरी कोशिश की गई।

सच कहें तो ट्रंप ने रिपब्लिकनों के साथ देश की सोच बदलने तथा राजनीति में नए चेहरों को खड़ा करके जीत सुनिश्चित की। डेमोक्रेट स्वयं को अति वामपंथी या लिबरल साबित करने के लिए जो कुछ करते रहे उसे आम लोगों ने सहजता से स्वीकार नहीं किया। आश्चर्यजनक रूप से शारीरिक श्रम करने वाले श्रमिकों तथा निम्न आय वर्ग के लोगों का समर्थन रिपब्लिकन में बढ़ा है। डेमोक्रेट एलिट व शिक्षित वर्ग के एक समूह तथा हॉलीवुड एवं थिंक टैंक के बीच अपनी पहचान की व नीति के लिए सिमटती गई है। लोगों ने माना कि वे जो आवाज उठा रहे हैं वह अमेरिका की सामूहिक भावना नहीं है।

बाइडन के कार्यकाल में आंतरिक रूप से अमेरिका कमजोर हुआ, वैश्विक स्तर पर भी उसकी छवि धूमिल हुई। हालांकि, सर्वेक्षणों में अधिकतर मतदाताओं की चिंता वैश्विक या विदेश नीति नहीं थी। यानी अमेरिकी लोगों की प्राथमिकताएं बदली हैं। ट्रंप का ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन‘ यानी ‘मागा‘ लोगों के दिलों में गया। अवैध घुसपैठ, बढ़ती महंगाई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध एवं अस्थिरता को उन्होंने बड़ा मुद्दा बनाया और लोगों को अपील कर गया। वस्तुतः 2021 में ही दिखा था कि अमेरिका में ट्रंपवाद का नया दौर शुरू हो चुका है जिसका व्यापक समर्थन है, परंपरागत डेमोक्रेट, एलिट, अति लेफ्ट लिबरल राजनीति का समर्थन घट रहा है। संपूर्ण विश्व में धीरे-धीरे द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान या उसके बाद बनाई गई राष्ट्रवाद को संकुचित एवं युद्धजनित सोच को लोगों ने त्यागना आरंभ कर दिया है और वे अपने देश की सभ्यता – संस्कृति, जीवन मूल्य के साथ राष्ट्र के प्रति गर्व का सामूहिक भाव व्याप्त हो रहा है। लोगों को लगने लगा कि उनके नेता व थिंक टैंक द्वारा उठाए मुद्दे व विचार उनकी स्वाभाविक सोच के करीब नहीं थे।

ट्रंप ने 2016 में इसको आवाज दी और व्हाइट हाउस से बाहर निकालने के बाद उन्होंने इसे जारी रखा। इससे अमेरिकी राजनीति का वर्णक्रम काफी हद तक बदलने में सफलता पाई। डेमोक्रेट के काल में पारिवारिक मूल्यों का विघटन भी मुद्दा था । आम लोग यह अंदर से स्वीकार कर नहीं पा रहे थे कि उनके बच्चों को स्कूल जाने के साथ यह अधिकार प्राप्त हो कि वे स्त्री या पुरुष में से कुछ भी बने या फिर दोनों के बीच का बन जाएं। इस तरह कह सकते हैं कि 2016 में दिखी अमेरिकी मतदाताओं की सोच 2024 में ज्यादा सुदृढ़ हुई है और आगे इसके और सशक्त होने की संभावना है।

अमेरिकी चुनाव अभियान में ट्रंप केंद्रित ठीक वैसे ही परिदृश्य, आरोप-प्रत्यारोप एवं मुद्दे थे जो हम भारत में देखते हैं। यानी ट्रंप का आना लोकतंत्र के लिए खतरनाक होगा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता-धार्मिक स्वतंत्रता खत्म हो जाएगी, अल्पसंख्यकों के अधिकार समाप्त कर दिए जाएंगे, संविधान कमजोर होगा और वैश्विक स्तर पर युद्ध एवं तनाव का खतरा ज्यादा बढ़ेगा। अमेरिका के बदले मनोविज्ञान में इनको पहले की तरह समर्थन मिलने की संभावना नहीं है।

ट्रंप ने इसके विपरीत कहा कि मेरे 4 वर्ष के कार्यकाल में कोई युद्ध नहीं हुआ, मैं युद्ध का नहीं शांति का समर्थक हूं लेकिन पीस विद स्ट्रेंथ। ट्रंप ने अपने कार्यकाल में अमेरिकी अर्थव्यवस्था सुधारी, विदेश नीति में आश्चर्यजनक सफलताएं प्राप्त की। पश्चिम एशिया में इजरायल के साथ सऊदी अरब व संयुक्त अरब अमीरात के राजनीतिक संबंध स्थापित होंगे इसकी कल्पना नहीं थी जो उन्होंने कर दिखाया। इस तरह ट्रंप अमेरिका की घरेलू नीति के साथ वैश्विक व्यवहारों पर भी बदलाव दिखायेंगे।

भारत के लिए इससे बेहतर परिणाम अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में कुछ नहीं आ सकता। बांग्लादेश को लेकर उन्होंने बाइडन प्रशासन की कड़ी आलोचना की। इसका असर दिखेगा। उन्होंने वोट के लिए ही सही अगर हिंदुओं के पक्ष में बयान दिए तथा उनकी रक्षा और साथ देने का संकल्प दिखाया तो वह इससे पीछे हटेंगे ऐसा तत्काल मानने का कोई कारण नहीं है। वस्तुओं पर कर और व्यापार के कुछ मुद्दों को छोड़कर उनका भारत से किसी बिंदु पर कोई मतभेद नहीं रहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उन्होंने अपने साक्षात्कारों में प्रशंसा करते हुए व्यक्तिगत मित्र बताया। इस तरह मानकर चलना चाहिए कि उनके कार्यकाल में अमेरिकी भारत संबंध सशक्त होंगे और वैश्विक स्तरों पर दोनों देश अनेक मुद्दों पर उसी तरह सहयोग की भूमिका में दिखेंगे जैसा 2016 से 2020 के बीच था।

स्रोत: डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव, कमला हैरिस, अमेरिकी राजनीति, रिपब्लिकन पार्टी, डेमोक्रेट पार्टी, स्विंग स्टेट्स, जो बाइडन, अमेरिकी राष्ट्रवाद, ट्रंप और मोदी, अमेरिकी इतिहास, Donald Trump, US Presidential Election, Kamala Harris, American Politics, Republican Party, Democrat Party, Swing States, Joe Biden, American Nationalism, Trump and Modi, American History,
Tags: American HistoryAmerican NationalismAmerican PoliticsDemocrat PartyDonald TrumpJoe BidenKamala HarrisRepublican PartySwing StatesTrump and ModiUS Presidential Electionअमेरिकी इतिहासअमेरिकी राजनीतिअमेरिकी राष्ट्रपति चुनावअमेरिकी राष्ट्रवादकमला हैरिसजो बाइडनट्रंप और मोदीडेमोक्रेट पार्टीडोनाल्ड ट्रंपरिपब्लिकन पार्टीस्विंग स्टेट्स
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

पीरियड शुरू होते ही बूढ़े शेख से निकाह, 15 दिन तक साथ रखा फिर प्रेग्नेंट कर भाग गया अपने देश: हर साल हजारों मासूम बनती हैं मुताह निकाह की शिकार

अगली पोस्ट

क्या है 1991 का उपासना स्थल कानून, जिसकी आड़ में मंदिरों को छिपाने की साजिश: क्या ये रोक सकता है विवादित ढांचों का सर्वे?

संबंधित पोस्ट

क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी
चर्चित

क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

2 April 2026

अमेरिकी राजनीति में एक बार फिर नाटो से जुड़ी बहस तेज हो गई है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर यह संकेत दिया...

बिना ठोस समझौते के युद्ध विराम का खतरा: क्या ईरान और मजबूत होकर उभरेगा?
भू-राजनीति

बिना ठोस समझौते के युद्ध विराम का खतरा: क्या ईरान और मजबूत होकर उभरेगा?

2 April 2026

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष ने पूरे पश्चिम एशिया, खासकर खाड़ी देशों की चिंता बढ़ा दी है। हालात ऐसे बनते दिख रहे...

बगदाद में दिनदहाड़े अमेरिकी पत्रकार का अपहरण, CCTV में कैद सनसनीखेज वारदात
चर्चित

बगदाद में दिनदहाड़े अमेरिकी पत्रकार का अपहरण, CCTV में कैद सनसनीखेज वारदात

1 April 2026

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच बगदाद से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने न सिर्फ स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited