एक भी अनुच्छेद बहसों से बाहर नहीं रहा, एक एक वाक्य पर बहसें हुईं। उसके बाद ड्राफ्ट को फिर से सुधारा गया और 14 नवम्बर, 1949 को पेश किया गया।
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

संविधान किसी एक व्यक्ति की देन नहीं, संविधान सभा में 38 सदस्य थे SC/ST: आज़ादी से पहले ही तैयार हो गया था प्रारूप

एक भी अनुच्छेद बहसों से बाहर नहीं रहा, एक एक वाक्य पर बहसें हुईं। उसके बाद ड्राफ्ट को फिर से सुधारा गया और 14 नवम्बर, 1949 को पेश किया गया।

Anand Kumar द्वारा Anand Kumar
26 November 2024
in इतिहास, चर्चित, ज्ञान, राजनीति
जवाहरलाल नेहरू, डॉ राजेंद्र प्रसाद, बाबासाहब भीमराव आंबेडकर

संविधान सभा की 3 समितियों के अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू थे, दो के डॉ राजेंद्र प्रसाद और एक के जवाहरलाल नेहरू

Share on FacebookShare on X

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 51(ए) भारतीय जनता के कर्तव्यों में वैज्ञानिक सोच को शामिल करने को कहता है। अगर वैज्ञानिक सोच और तर्कसंगत सोच (साइंटिफिक टेम्पर और रैशनल थिंकिंग) की बात शुरू की जाए तो एक बार ये देखना होगा कि संविधान को लेकर हमारी सोच कितनी तर्कसंगत है? इस प्रश्न पर ध्यान जाते ही आपका ध्यान सोशल मीडिया पोस्ट्स पर भी जायेगा। एक बड़ी सी लिबरल कहलाने वाली, स्वयं को प्रगतिशील बताने वाली जमात आज आपको बाबा साहेब आंबेडकर को संविधान निर्माता के रूप में याद करते दिख जाएगी। उनके लिखे पर तर्क याद दिलाते भी कुछ पोस्ट होंगे। संख्या में बहुत कम ऐसी तथ्यपरक पोस्ट देखते ही याद आ जाता है कि संविधान निर्माताओं की सोच के विरुद्ध जाकर, उनके सोच की धज्जियाँ उड़ाकर हम संविधान दिवस भी मनाते हैं।

अधिकांश जो नैरेटिव चलते हैं, उनका तर्क और तथ्य से नहीं, केवल भावनाओं को भड़काने और वोट बैंक की राजनीति से सम्बन्ध होता है। उदाहरण के तौर पर संविधान निर्माण से जुड़ी तिथियों से देखना शुरू कीजिये। सी. राजगोपालाचारी ने औपचारिक रूप से 15 नवम्बर, 1939 को भारत का संविधान बनाने के लिए संविधान सभा के गठन का प्रस्ताव रखा था। फिरंगी हुकूमत ने अगस्त 1940 में जाकर (करीब एक वर्ष बाद) ये प्रस्ताव मान लिया और संविधान सभा बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ। गौर कीजिये कि ये तो 1942 के अत्यंत हिंसक ‘भारत छोड़ो आन्दोलन’ से काफी पहले की बात है। यानी पूर्ण स्वतंत्रता से पहले भी भारतीय लोग अपना एक अलग संविधान बनाने के विषय में सोच चुके थे। सिर्फ प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाने से संविधान सभा नहीं बनी थी, उसके लिए और छह वर्षों का समय लगा। अंततः अगस्त 1946 में जाकर संविधान सभा के सदस्यों का चुनाव (मतदान से) हुआ।

संबंधितपोस्ट

संविधान दिवस: भारतीय चिंतन परंपरा की दृष्टि से संविधान 

‘राहुल बाबा की पोल खुल गई’: ऊपर भारत का संविधान, अंदर सारे पन्ने कोरे… अमित शाह ने क्यों किया जिक्र?

70 वां संविधान दिवस: अधिकारों से पहले कर्तव्यों को क्यों ऊपर रखना चाहिए

और लोड करें

इस प्रक्रिया से जो संविधान सभा बनी उसमें 389 सदस्य थे। यानी, संविधान बनाने का श्रेय एक व्यक्ति को भी नहीं दिया जा सकता। इन सदस्यों में अनुसूचित जातियों के 33 सदस्य थे और जनजातियों के 5 प्रतिनिधि थे। इसलिए ये कहना कि संविधान नहीं होता तो अनुसूचित जातियों/जनजातियों को कोई अवसर नहीं देता या पिछड़ों को कुर्सी पर नहीं बैठने देता, ये नए गढ़े हुए एक राजनैतिक झूठ से अधिक नहीं। संविधान सभा में पंद्रह महिलाएँ थीं, एक महिला मुस्लिम भी थी। इसलिए महिलाओं को अधिकार भी संविधान से नहीं उससे पहले से मिलने लगे थे। भारत अपने मूल स्त्रियों को सम्मान देने वाले स्वरूप में बहुत तेज गति से आया क्योंकि यहाँ की संस्कृति ही वही थी। दूसरे लोकतंत्र जहाँ महिलाओं को मताधिकार मिलने में सौ-पचास साल लगे, उनसे इसकी तुलना नहीं की जा सकती। जैसा बाकी जगहों पर होता है, वैसा ही वैचारिक विरोध यहाँ भी रहा, लेकिन उसके लिए न किसी का सर काटा गया, न किसी को पत्थरों में चुनवाया गया।

ये जो संविधान सभा बनी थी, उसके प्रमुख डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे। जातीय राजनीति के आज के दौर में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की जाति उतना बड़ा वोट बैंक नहीं होती इसलिए शायद ही कोई नेता आज आपको डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को याद करता दिखेगा। आप संविधान के अनुच्छेद 51 (ए) के बारे में एक बार फिर से सोच सकते हैं। इस संविधान सभा ने 13 दिसम्बर, 1946 को संविधान का ड्राफ्ट बाने का काम शुरू कर दिया। काम कैसे क्या जाएगा, संविधान बनाते समय किन उद्देश्यों को ध्यान में रखा जायेगा, इसके लिए एक उद्देश्य संकल्प का प्रस्ताव पारित किया गया और काम शुरू हुआ। अलग-अलग विषयों के लिए 22 समितियों का गठन किया गया जिसमें से 8 प्रमुख और उनके अधीन 14 उपसमितियां बनी। मुख्य समितियों में से 3 की अध्यक्षता नेहरु कर रहे थे, 2 के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद स्वयं थे, 2 की अध्यक्षता सरदार पटेल ने की और एक के अध्यक्ष डॉ. अम्बेडकर बने।

इन समितियों ने अप्रैल से अगस्त 1947 के बीच अपनी रिपोर्ट जमा कर दी जिनपर चर्चाएँ भी हुई। यानी कि संविधान कैसा बनने वाला है, उसका प्रारूप भारत के अगस्त 1947 में स्वतंत्र होने से पहले ही आ चुका था। ये चर्चाएँ 30 अगस्त 1947 को समाप्त हुईं। इन्हीं रिपोर्ट्स के आधार पर BN राऊ ने अक्टूबर 1947 तक में एक ड्राफ्ट संविधान बनाया। BN राऊ संविधान सभा के संवैधानिक सलाहकार थे। उन्होंने ये ड्राफ्ट संविधान सभा की सात सदस्यों वाली ड्राफ्टिंग समिति को सौंपा। इस ड्राफ्टिंग समिति के अध्यक्ष डॉ. अम्बेडकर थे। जरूरी सुधार आदि करने के बाद ड्राफ्टिंग कमिटी ने संविधान का मसौदा 21 फरवरी, 1948 को संविधान सभा के सामने पेश किया। इस मसौदे को जनता के सामने रखा गया और फिर इसपर टीका-टिप्पणी, आलोचना, सुधार आदि शुरू हुए। एक स्पेशल कमिटी ने आये हुए सुझावों को जांचा, जनता की राय लेकर बदलाव हुए और फिर से ड्राफ्टिंग कमिटी ने मसौदा सुधार कर पेश किया। इसके बाद कहीं जाकर 4 नवम्बर, 1948 को संविधान सभा की औपचरिक बहसें शुरू हुई।

एक भी अनुच्छेद बहसों से बाहर नहीं रहा, एक एक वाक्य पर बहसें हुईं। उसके बाद ड्राफ्ट को फिर से सुधारा गया और 14 नवम्बर, 1949 को पेश किया गया। फिर से बहसें हुई और अंततः जब एक आम राय बनी तब जाकर 26 नवम्बर, 1949 को भारतीय संविधान पर आम सहमती बनी। संविधान के अंतिम स्वरूप पर 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा के सभी सदस्यों ने हस्ताक्षर किये और इस तरह 26 जनवरी को संविधान को लागू करके भारत एक गणराज्य बना।

इस तरह जो संविधान बनकर भारत में लागू हुआ उसकी प्रस्तावना में ‘समाजवाद’ या फिर ‘पंथनिरपेक्ष’ जैसे शब्द भी नहीं थे। अम्बेडकर पूरे देश पर एक राजनैतिक विचारधारा (समाजवाद या साम्यवाद जैसी) थोपने के सख्त विरुद्ध थे। वैज्ञानिक सोच तभी हो सकती है जब व्यक्ति तर्कपूर्ण विचारों से जांचकर अपनी राजनैतिक सोच स्वयं विकसित करे। पंथनिरपेक्ष शब्द डॉ. अम्बेडकर के निधन के करीब दो दशक बाद, 42वें संशोधन से प्रस्तावना में घुसा दिया गया।

आज जिस सेक्युलर का अर्थ कुछ लोग धूर्ततापूर्ण तरीके से धर्मनिरपेक्ष बताते हैं, वो असल में पंथनिरपेक्ष है, धर्मनिरपेक्ष है ही नही। संविधान दिवस पर संविधान से जुड़े दूसरे मिथकों के अलावा हमें ऐसे बदलावों से भी लड़ने की तैयारी करनी चाहिए जो देश पर आपातकाल लागू करके संविधान को रोकने वाले नेताओं ने लागू किये थे। विरोध की इस आजादी के बिना तो आजादी अधूरी है!

स्रोत: संविधान दिवस, Constitution Day, Dr Rajendra Prasad, डॉ रैन्द्र प्रसाद
Tags: Constitution DayDr Rajendra Prasadडॉ राजेंद्र प्रसादसंविधान दिवस
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

खतरे में राहुल गांधी की नागरिकता: हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जबाव, दोहरी नागरिकता रखने का है आरोप

अगली पोस्ट

पाकिस्तान के मंदिर: बंटवारे के पहले जहां लगती थी भक्तों की भीड़, बिना मूर्ति सालों वीरान रहा वो स्वामीनारायण मंदिर

संबंधित पोस्ट

र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है
चर्चित

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

25 July 2026

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट के पेपर लीक विवाद ने आखिरकार एक बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। पिछले कई हफ्तों से...

नितिन नबीन
चर्चित

स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

24 July 2026

देश के कई हिस्सों में छात्र आंदोलनों और दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शनों के बीच BJP ने अब अपनी रणनीति बदलते हुए सीधे युवाओं...

पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज
चर्चित

पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

23 July 2026

देश में इन दिनों पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार और युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर सियासी माहौल गर्म है। इन विषयों पर...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

00:04:16

China's War on Human Rights Lawyers: The Legacy of the 709 Crackdown

00:03:57

IRAN EYES RED SEA GAMBIT

00:02:34

US- IRAN CONFLICT INTENSIFIES

00:03:05

Mass Detentions and Enforced Disappearances: The Aftermath of July 5

00:03:20
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited