एक भी अनुच्छेद बहसों से बाहर नहीं रहा, एक एक वाक्य पर बहसें हुईं। उसके बाद ड्राफ्ट को फिर से सुधारा गया और 14 नवम्बर, 1949 को पेश किया गया।
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    उत्तराखंड में वर्दी खरीद घोटाले पर बड़ी कार्रवाई

    वर्दी खरीद घोटाला: मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर होमगार्ड्स निदेशक निलंबित

    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, रोका भाषण

    तिरुवनंतपुरम रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, पीएम ने भाषण रोक कहां-अपना एड्रेस लिख दो

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    उत्तराखंड में वर्दी खरीद घोटाले पर बड़ी कार्रवाई

    वर्दी खरीद घोटाला: मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर होमगार्ड्स निदेशक निलंबित

    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, रोका भाषण

    तिरुवनंतपुरम रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, पीएम ने भाषण रोक कहां-अपना एड्रेस लिख दो

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

संविधान किसी एक व्यक्ति की देन नहीं, संविधान सभा में 38 सदस्य थे SC/ST: आज़ादी से पहले ही तैयार हो गया था प्रारूप

एक भी अनुच्छेद बहसों से बाहर नहीं रहा, एक एक वाक्य पर बहसें हुईं। उसके बाद ड्राफ्ट को फिर से सुधारा गया और 14 नवम्बर, 1949 को पेश किया गया।

Anand Kumar द्वारा Anand Kumar
26 November 2024
in इतिहास, चर्चित, ज्ञान, राजनीति
जवाहरलाल नेहरू, डॉ राजेंद्र प्रसाद, बाबासाहब भीमराव आंबेडकर

संविधान सभा की 3 समितियों के अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू थे, दो के डॉ राजेंद्र प्रसाद और एक के जवाहरलाल नेहरू

Share on FacebookShare on X

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 51(ए) भारतीय जनता के कर्तव्यों में वैज्ञानिक सोच को शामिल करने को कहता है। अगर वैज्ञानिक सोच और तर्कसंगत सोच (साइंटिफिक टेम्पर और रैशनल थिंकिंग) की बात शुरू की जाए तो एक बार ये देखना होगा कि संविधान को लेकर हमारी सोच कितनी तर्कसंगत है? इस प्रश्न पर ध्यान जाते ही आपका ध्यान सोशल मीडिया पोस्ट्स पर भी जायेगा। एक बड़ी सी लिबरल कहलाने वाली, स्वयं को प्रगतिशील बताने वाली जमात आज आपको बाबा साहेब आंबेडकर को संविधान निर्माता के रूप में याद करते दिख जाएगी। उनके लिखे पर तर्क याद दिलाते भी कुछ पोस्ट होंगे। संख्या में बहुत कम ऐसी तथ्यपरक पोस्ट देखते ही याद आ जाता है कि संविधान निर्माताओं की सोच के विरुद्ध जाकर, उनके सोच की धज्जियाँ उड़ाकर हम संविधान दिवस भी मनाते हैं।

अधिकांश जो नैरेटिव चलते हैं, उनका तर्क और तथ्य से नहीं, केवल भावनाओं को भड़काने और वोट बैंक की राजनीति से सम्बन्ध होता है। उदाहरण के तौर पर संविधान निर्माण से जुड़ी तिथियों से देखना शुरू कीजिये। सी. राजगोपालाचारी ने औपचारिक रूप से 15 नवम्बर, 1939 को भारत का संविधान बनाने के लिए संविधान सभा के गठन का प्रस्ताव रखा था। फिरंगी हुकूमत ने अगस्त 1940 में जाकर (करीब एक वर्ष बाद) ये प्रस्ताव मान लिया और संविधान सभा बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ। गौर कीजिये कि ये तो 1942 के अत्यंत हिंसक ‘भारत छोड़ो आन्दोलन’ से काफी पहले की बात है। यानी पूर्ण स्वतंत्रता से पहले भी भारतीय लोग अपना एक अलग संविधान बनाने के विषय में सोच चुके थे। सिर्फ प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाने से संविधान सभा नहीं बनी थी, उसके लिए और छह वर्षों का समय लगा। अंततः अगस्त 1946 में जाकर संविधान सभा के सदस्यों का चुनाव (मतदान से) हुआ।

संबंधितपोस्ट

संविधान दिवस: भारतीय चिंतन परंपरा की दृष्टि से संविधान 

‘राहुल बाबा की पोल खुल गई’: ऊपर भारत का संविधान, अंदर सारे पन्ने कोरे… अमित शाह ने क्यों किया जिक्र?

70 वां संविधान दिवस: अधिकारों से पहले कर्तव्यों को क्यों ऊपर रखना चाहिए

और लोड करें

इस प्रक्रिया से जो संविधान सभा बनी उसमें 389 सदस्य थे। यानी, संविधान बनाने का श्रेय एक व्यक्ति को भी नहीं दिया जा सकता। इन सदस्यों में अनुसूचित जातियों के 33 सदस्य थे और जनजातियों के 5 प्रतिनिधि थे। इसलिए ये कहना कि संविधान नहीं होता तो अनुसूचित जातियों/जनजातियों को कोई अवसर नहीं देता या पिछड़ों को कुर्सी पर नहीं बैठने देता, ये नए गढ़े हुए एक राजनैतिक झूठ से अधिक नहीं। संविधान सभा में पंद्रह महिलाएँ थीं, एक महिला मुस्लिम भी थी। इसलिए महिलाओं को अधिकार भी संविधान से नहीं उससे पहले से मिलने लगे थे। भारत अपने मूल स्त्रियों को सम्मान देने वाले स्वरूप में बहुत तेज गति से आया क्योंकि यहाँ की संस्कृति ही वही थी। दूसरे लोकतंत्र जहाँ महिलाओं को मताधिकार मिलने में सौ-पचास साल लगे, उनसे इसकी तुलना नहीं की जा सकती। जैसा बाकी जगहों पर होता है, वैसा ही वैचारिक विरोध यहाँ भी रहा, लेकिन उसके लिए न किसी का सर काटा गया, न किसी को पत्थरों में चुनवाया गया।

ये जो संविधान सभा बनी थी, उसके प्रमुख डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे। जातीय राजनीति के आज के दौर में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की जाति उतना बड़ा वोट बैंक नहीं होती इसलिए शायद ही कोई नेता आज आपको डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को याद करता दिखेगा। आप संविधान के अनुच्छेद 51 (ए) के बारे में एक बार फिर से सोच सकते हैं। इस संविधान सभा ने 13 दिसम्बर, 1946 को संविधान का ड्राफ्ट बाने का काम शुरू कर दिया। काम कैसे क्या जाएगा, संविधान बनाते समय किन उद्देश्यों को ध्यान में रखा जायेगा, इसके लिए एक उद्देश्य संकल्प का प्रस्ताव पारित किया गया और काम शुरू हुआ। अलग-अलग विषयों के लिए 22 समितियों का गठन किया गया जिसमें से 8 प्रमुख और उनके अधीन 14 उपसमितियां बनी। मुख्य समितियों में से 3 की अध्यक्षता नेहरु कर रहे थे, 2 के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद स्वयं थे, 2 की अध्यक्षता सरदार पटेल ने की और एक के अध्यक्ष डॉ. अम्बेडकर बने।

इन समितियों ने अप्रैल से अगस्त 1947 के बीच अपनी रिपोर्ट जमा कर दी जिनपर चर्चाएँ भी हुई। यानी कि संविधान कैसा बनने वाला है, उसका प्रारूप भारत के अगस्त 1947 में स्वतंत्र होने से पहले ही आ चुका था। ये चर्चाएँ 30 अगस्त 1947 को समाप्त हुईं। इन्हीं रिपोर्ट्स के आधार पर BN राऊ ने अक्टूबर 1947 तक में एक ड्राफ्ट संविधान बनाया। BN राऊ संविधान सभा के संवैधानिक सलाहकार थे। उन्होंने ये ड्राफ्ट संविधान सभा की सात सदस्यों वाली ड्राफ्टिंग समिति को सौंपा। इस ड्राफ्टिंग समिति के अध्यक्ष डॉ. अम्बेडकर थे। जरूरी सुधार आदि करने के बाद ड्राफ्टिंग कमिटी ने संविधान का मसौदा 21 फरवरी, 1948 को संविधान सभा के सामने पेश किया। इस मसौदे को जनता के सामने रखा गया और फिर इसपर टीका-टिप्पणी, आलोचना, सुधार आदि शुरू हुए। एक स्पेशल कमिटी ने आये हुए सुझावों को जांचा, जनता की राय लेकर बदलाव हुए और फिर से ड्राफ्टिंग कमिटी ने मसौदा सुधार कर पेश किया। इसके बाद कहीं जाकर 4 नवम्बर, 1948 को संविधान सभा की औपचरिक बहसें शुरू हुई।

एक भी अनुच्छेद बहसों से बाहर नहीं रहा, एक एक वाक्य पर बहसें हुईं। उसके बाद ड्राफ्ट को फिर से सुधारा गया और 14 नवम्बर, 1949 को पेश किया गया। फिर से बहसें हुई और अंततः जब एक आम राय बनी तब जाकर 26 नवम्बर, 1949 को भारतीय संविधान पर आम सहमती बनी। संविधान के अंतिम स्वरूप पर 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा के सभी सदस्यों ने हस्ताक्षर किये और इस तरह 26 जनवरी को संविधान को लागू करके भारत एक गणराज्य बना।

इस तरह जो संविधान बनकर भारत में लागू हुआ उसकी प्रस्तावना में ‘समाजवाद’ या फिर ‘पंथनिरपेक्ष’ जैसे शब्द भी नहीं थे। अम्बेडकर पूरे देश पर एक राजनैतिक विचारधारा (समाजवाद या साम्यवाद जैसी) थोपने के सख्त विरुद्ध थे। वैज्ञानिक सोच तभी हो सकती है जब व्यक्ति तर्कपूर्ण विचारों से जांचकर अपनी राजनैतिक सोच स्वयं विकसित करे। पंथनिरपेक्ष शब्द डॉ. अम्बेडकर के निधन के करीब दो दशक बाद, 42वें संशोधन से प्रस्तावना में घुसा दिया गया।

आज जिस सेक्युलर का अर्थ कुछ लोग धूर्ततापूर्ण तरीके से धर्मनिरपेक्ष बताते हैं, वो असल में पंथनिरपेक्ष है, धर्मनिरपेक्ष है ही नही। संविधान दिवस पर संविधान से जुड़े दूसरे मिथकों के अलावा हमें ऐसे बदलावों से भी लड़ने की तैयारी करनी चाहिए जो देश पर आपातकाल लागू करके संविधान को रोकने वाले नेताओं ने लागू किये थे। विरोध की इस आजादी के बिना तो आजादी अधूरी है!

स्रोत: संविधान दिवस, Constitution Day, Dr Rajendra Prasad, डॉ रैन्द्र प्रसाद
Tags: Constitution DayDr Rajendra Prasadडॉ राजेंद्र प्रसादसंविधान दिवस
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

खतरे में राहुल गांधी की नागरिकता: हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जबाव, दोहरी नागरिकता रखने का है आरोप

अगली पोस्ट

पाकिस्तान के मंदिर: बंटवारे के पहले जहां लगती थी भक्तों की भीड़, बिना मूर्ति सालों वीरान रहा वो स्वामीनारायण मंदिर

संबंधित पोस्ट

उत्तराखंड में वर्दी खरीद घोटाले पर बड़ी कार्रवाई
भारत

वर्दी खरीद घोटाला: मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर होमगार्ड्स निदेशक निलंबित

24 January 2026

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को होमगार्ड्स एवं सिविल डिफेंस विभाग में वर्दी सामग्री की खरीद से जुड़े घोटाले में संलिप्त पाए...

तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है
चर्चित

डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

23 January 2026

किसी मनुष्य का आग में जल जाना ऐसा दृश्य है जिसकी आँच इतनी भयावह और तीव्र होती है कि वह सरकार की सबसे सख्त सेंसरशिप...

नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!
इतिहास

नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

23 January 2026

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की वर्ष 1945 में हुए विमान हादसे में मृत्यु होने के दावे को लगभग खारिज किया जा चुका है, लेकिन इससे...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited