आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्नब (Cyclone Arnab) की तबाही के कुछ ही दिनों बाद बंगाल की खाड़ी में एक और चक्रवाती तूफान बनने की आशंका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटों में चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इसके 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट के करीब पहुंचने का अनुमान है। हालांकि, अभी इसके तट से टकराने यानी लैंडफॉल को लेकर कोई पूर्वानुमान नहीं दिया गया है।
यह नया मौसम सिस्टम ऐसे समय विकसित हो रहा है, जब आंध्र प्रदेश और यानम हाल ही में चक्रवात अर्नब का असर झेल चुके हैं। 28 अक्टूबर को तट पार करने वाले अर्नब के कारण कम से कम पांच लोगों की मौत हुई थी। कई इलाकों में बुनियादी ढांचे और फसलों को भी नुकसान पहुंचा था। ऐसे में एक और तूफान की आशंका ने तटीय राज्यों की चिंता बढ़ा दी है।
बंगाल की खाड़ी में कैसे बन रहा है नया तूफान?
IMD के मुताबिक, इस सिस्टम की शुरुआत दक्षिण अंडमान सागर और उससे सटे उत्तर अंडमान सागर के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र से हुई थी। इसमें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के आसपास के इलाके भी शामिल थे।
धीरे-धीरे यह सिस्टम मजबूत होकर दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे क्षेत्रों में स्पष्ट कम दबाव के क्षेत्र (Well-marked Low Pressure Area) में बदल गया।
31 अक्टूबर को सुबह 8:30 बजे जारी मौसम बुलेटिन में IMD ने बताया कि अगले छह घंटों के भीतर इसके डिप्रेशन यानी अवदाब में बदलने की प्रबल संभावना है। इसके बाद अगले 24 घंटों में इसके चक्रवाती तूफान का रूप लेने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर जाएगा और 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंच सकता है।
क्या आंध्र प्रदेश में फिर होगी तूफान का लैंडफॉल?
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम सवाल यह है कि क्या नया चक्रवाती तूफान भी आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा ऐसी फिलहाल IMD ने कोई भविष्यवाणी नहीं की है। मौसम विभाग ने सिर्फ इतना कहा है कि सिस्टम 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट के करीब पहुंच सकता है। तट के पास पहुंचना और तट से टकराना दो अलग-अलग स्थितियां हैं।
इसलिए अभी इसे संभावित चक्रवाती तूफान के रूप में देखना चाहिए, न कि आंध्र प्रदेश में दूसरी बार लैंडफॉल की पुष्टि के तौर पर।
किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट?
नए सिस्टम का असर सिर्फ आंध्र प्रदेश तक सीमित रहने की आशंका नहीं है। IMD ने दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 नवंबर तक भारी बारिश हो सकती है। वहीं केरल और माहे में 4 नवंबर तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में समुद्र की स्थिति खराब रहने की चेतावनी दी गई है। तटीय आंध्र प्रदेश, यानम और रायलसीमा में 1 नवंबर तक 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इनके झोंकों की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।
Cyclone Arnab के बाद क्यों बढ़ी चिंता?
आंध्र प्रदेश अभी चक्रवात अर्नब के प्रभाव से उबरने की कोशिश कर रहा है। 28 अक्टूबर को आए इस तूफान से जान-माल और कृषि क्षेत्र को नुकसान पहुंचा था। ऐसे में कुछ ही दिनों के भीतर बंगाल की खाड़ी में एक और सिस्टम का मजबूत होना राज्य के लिए चुनौती बन सकता है।

































