राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और रक्षाबंधन
आज घटित हुई एक छोटी सी घटना इस लेख का कारण बनी। कई दिनों की लंबी यात्रा के बाद पिछले कल गाज़ियाबाद पहुंचा था। परिवार सर्दी जुखाम से पीड़ित चल रहा है, बेटियों पर प्रभाव थोडा अधिक...
डॉ. महेंद्र ठाकुर: केमिस्ट्री से डॉक्टरेट, लेकिन सामाजिक कीमियागिरी के समीकरणों में उलझने-सुलझाने में ज्यादा रुचि।
सामाजिक- पर्यावरण कार्यकर्ता, स्थापित पत्र-पत्रिकाओं में नियमित लेखन और पुस्तकों की समीक्षाओं के साथ ही कई बेस्टसेलर और सुप्रसिद्ध पुस्तकों के हिंदी अनुवाद भी इनकी कलम से हुए हैं. X पर @Mahender_Chem नाम से उपस्थिति
आज घटित हुई एक छोटी सी घटना इस लेख का कारण बनी। कई दिनों की लंबी यात्रा के बाद पिछले कल गाज़ियाबाद पहुंचा था। परिवार सर्दी जुखाम से पीड़ित चल रहा है, बेटियों पर प्रभाव थोडा अधिक...
आज 3 अगस्त है, इसलिए यह लेख एक ऐसे महान व्यक्तित्व के जन्म दिवस पर लिखा जा रहा हैं, जिनके लिए लोगों द्वारा व्यक्त की गई उपमायें कुछ ऐसी हैं: सेवाव्रती, कर्मठ स्वयंसेवक के साथ तत्वनिष्ठ कार्यकर्ता,...
मनुष्य अपने जीवन में आखिर चाहता क्या है? सब एक ही उत्तर देते हैं, ‘सुख और शांति’ ! केवल सुख और शांति की ही कामना सब करते हैं पर क्या वास्तव में ये दोनों अर्थात् ‘सुख और...
‘संगच्छध्वं संवदध्वं सं वो मनांसि जानताम्’, ऋग्वेद की ऋचा की यह पंक्ति अधिकांश लोगों ने सुनी या पढ़ी होगी । यह ऋचा आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी सहस्त्राब्दियों पूर्व थी। इसका अर्थ है ‘हम सब...
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों के लिए ‘14 जुलाई’ का दिन विशेष स्मृति दिवस होता है, क्योंकि 14 जुलाई 2003 को संघ चतुर्थ सरसंघचालक प्रो. राजेन्द्र सिंह उपाख्य रज्जू भैया का देहावसान हुआ था। इस कारण से...
इस बार दिल्ली प्रवास के दौरान एक मित्र ने पूछा कि देश हित में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ‘योगदान’ को नापने का पैमाना क्या है? अपनी समझ अनुसार उत्तर देने का प्रयास किया । मित्र ने और...
25 जून एक ऐसी तिथि है जिसे देश शायद ही कभी भूल पाये। 25 जून 1975 की मध्य रात्रि इंदिरा गाँधी ने देश को आपातकाल की आग में झोंका था । इस वर्ष के 25 जून को...
पुस्तक का नाम: तानसेन का ताना-बाना लेखक: राकेश शुक्ला प्रकाशक: सुरुचि प्रकाशन दिल्ली पृष्ठ: 115 एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण प्रश्न है कि इतिहास लेखन और अध्ययन का क्या लाभ है? थोड़ा सा विचार करेंगे तो बड़ा सरल...
मैं जब छठी कक्षा में पढ़ता था तब एक श्लोक पढ़ा था: अभिवादन शीलस्य, नित्यं वृद्धोपसेविनः। चत्वारि तस्य वर्धन्ते, आयुर्विद्या यशो बलम्।। भावार्थ: जो सदैव अपने से बड़ों का अभिवादन करता है और उनकी सेवा करता है,...
पहलगाम में स्थानीय रेडिकल इस्लामिक आतंकियों की मदद से पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा पहचान पूछकर हिन्दू पर्यटकों की हत्या के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च करके पाकिस्तान को घर में घुसकर मारा है। जिसके बाद युद्ध जैसे...
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी देश पाकिस्तान द्वारा भेजे गए रेडिकल इस्लामिक आतंकवादियों द्वारा स्थानीय आतंकियों की मदद से हिन्दू पर्यटकों की पहचान पूछकर हत्या करने की अमानवीय घटना के बाद भारत सरकार ने जिस तरह का...
कुछ दिन पहले बंगाल के मुर्शिदाबाद की हिन्दू उत्पीड़न की घटना और अब पिछले कल कश्मीर घाटी के पहलगाम में रेडिकल इस्लामिक आतंकवादियों द्वारा हिन्दू पहचान पूछकर चुन चुन कर गोली मार कर हिन्दुओं के नरसंहार की...


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