25 जून 1989 का ‘मोगा नरसंहार’: संघ के स्वयंसेवकों के अमर बलिदान की स्मृति
25 जून एक ऐसी तिथि है जिसे देश शायद ही कभी भूल पाये। 25 जून 1975 की मध्य रात्रि इंदिरा गाँधी ने देश को आपातकाल की आग में झोंका था । इस वर्ष के 25 जून को...
डॉ. महेंद्र ठाकुर: केमिस्ट्री से डॉक्टरेट, लेकिन सामाजिक कीमियागिरी के समीकरणों में उलझने-सुलझाने में ज्यादा रुचि।
सामाजिक- पर्यावरण कार्यकर्ता, स्थापित पत्र-पत्रिकाओं में नियमित लेखन और पुस्तकों की समीक्षाओं के साथ ही कई बेस्टसेलर और सुप्रसिद्ध पुस्तकों के हिंदी अनुवाद भी इनकी कलम से हुए हैं. X पर @Mahender_Chem नाम से उपस्थिति
25 जून एक ऐसी तिथि है जिसे देश शायद ही कभी भूल पाये। 25 जून 1975 की मध्य रात्रि इंदिरा गाँधी ने देश को आपातकाल की आग में झोंका था । इस वर्ष के 25 जून को...
पुस्तक का नाम: तानसेन का ताना-बाना लेखक: राकेश शुक्ला प्रकाशक: सुरुचि प्रकाशन दिल्ली पृष्ठ: 115 एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण प्रश्न है कि इतिहास लेखन और अध्ययन का क्या लाभ है? थोड़ा सा विचार करेंगे तो बड़ा सरल...
मैं जब छठी कक्षा में पढ़ता था तब एक श्लोक पढ़ा था: अभिवादन शीलस्य, नित्यं वृद्धोपसेविनः। चत्वारि तस्य वर्धन्ते, आयुर्विद्या यशो बलम्।। भावार्थ: जो सदैव अपने से बड़ों का अभिवादन करता है और उनकी सेवा करता है,...
पहलगाम में स्थानीय रेडिकल इस्लामिक आतंकियों की मदद से पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा पहचान पूछकर हिन्दू पर्यटकों की हत्या के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च करके पाकिस्तान को घर में घुसकर मारा है। जिसके बाद युद्ध जैसे...
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी देश पाकिस्तान द्वारा भेजे गए रेडिकल इस्लामिक आतंकवादियों द्वारा स्थानीय आतंकियों की मदद से हिन्दू पर्यटकों की पहचान पूछकर हत्या करने की अमानवीय घटना के बाद भारत सरकार ने जिस तरह का...
कुछ दिन पहले बंगाल के मुर्शिदाबाद की हिन्दू उत्पीड़न की घटना और अब पिछले कल कश्मीर घाटी के पहलगाम में रेडिकल इस्लामिक आतंकवादियों द्वारा हिन्दू पहचान पूछकर चुन चुन कर गोली मार कर हिन्दुओं के नरसंहार की...
क्या अपने कभी सोचा है कि विदेशी आक्रान्ताओं ने भारतीयों पर अपनी भाषा थोपने का प्रयास क्यों किया था? उन्होंने भारतीय भाषाओँ से ही काम क्यों नहीं चलाया? भाषा थोपने के प्रयास में अंग्रेजों को सफलता मिली।...
कहते हैं विचार बनाए जिन्दगी। जैसे हमारे विचार होंगे वैसा ही हमारा जीवन होगा। बेहतर जीवन के लिए अध्ययन का महत्त्व इसलिए ही विद्वानजन बताते हैं। इसलिए बचपन से अच्छे विचारों को आत्मसात करने पर हमारे यहाँ...
प्रतिवर्ष 14 अप्रैल विशेष महत्त्व का दिन होता है क्योंकि 14 अप्रैल 1891 को भारत के संविधान निर्माण में अहम् भूमिका निभाने वाले, महामानव भारत रत्न डॉ. भीमराव रामजी आम्बेडकर का जन्म हुआ था। डॉ. साहब के...
संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में एक गीत रिकॉर्ड किया और सभी मित्रों से साझा किया। वही गीत सुप्रसिद्ध लेखक और संघ विचारक श्री रतन शारदा जी को भी भेजा। उन्होंने मुझे चकित करते हुए उस गीत...
शिवाजी सावंत के मराठी उपन्यास ‘छावा’ पर आधारित ‘छावा’ मूवी कई दिनों से धमाल मचाये हुए है। छत्रपति शिवाजी महाराज के शूरवीर पुत्र संभाजी महाराज के जीवन पर बनी यह एक अद्भुत फिल्म है। लोगों की प्रतिक्रिया...


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