TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

लालू और नीतीश: पिछले तीन दशकों में इस जोड़ी ने बिहार को छः दशक पीछे धकेल दिया

आज भी बिहार पर इन्हीं का राज़ है, आज भी बिहार देश का सबसे पिछड़ा राज्य है

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
7 July 2020
in मत
नीतीश कुमार

PC: BharatKhabar

Share on FacebookShare on X

वुहान वायरस से बहादुरी से मोर्चा संभालने के साथ-साथ भारत अब आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियां भी ज़ोर शोर से कर रहा है। अब से कुछ ही महीनों में बिहार के निवासी अपने भाग्यविधाता का चुनाव करेंगे, लेकिन यहां समस्या ये नहीं है कि उम्मीदवारों में अधिक योग्य कौन है, यहाँ तो समस्या ये है कि कोई कुशासन के मामले में कितना कम है। बिहारियों के लिए मुख्यमंत्री का चुनाव वैसी ही दुविधा है जैसे कुएँ और खाई में किसी एक को चुनना। एक ओर हैं लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल, जिसने जीते जी बिहार को नर्क में परिवर्तित कर दिया, तो दूसरी ओर हैं नीतीश कुमार, जो कहने को बिहार में ‘सुशासन बाबू’ कहे जाते हैं, पर पिछले कुछ वर्षों में सुशासन छोड़ सब कुछ दिखा है।

पर जिस बिहार में आचार्य चाणक्य जैसे प्रख्यात विद्वान ने जन्म लिया था, जिस बिहार में नालंदा विश्वविद्यालय जैसा शैक्षणिक संस्थानों का बोलबाला रहता था, वो इतने शोषित और पिछड़े राज्य में कैसे परिवर्तित हो गया? इसके लिए हमें जाना होगा तीन दशक पूर्व, जब लालू प्रसाद यादव ने पहली बार बिहार की सत्ता संभाली थी।

संबंधितपोस्ट

एनडीए सरकार का आज मंत्रिमंडल विस्तार, 28 मंत्री लेंगे शपथ, निशांत कुमार भी हुए मंत्रीमंडल में शामिल

DU एंट्रेंस में कांग्रेस का ‘जाति’ कार्ड और बिहार में ‘राजपूत’ लड़की की गैंगरेप के बाद हत्या: क्या राहुल सारण में मृतका के घर जा कर इंसाफ़ मांगेंगे?

बिहार में खुले में मांस-मछली बिक्री पर रोक: सेहत, सद्भाव और बच्चों के हित में सरकार का फैसला

और लोड करें

यह वो समय था जब बिहार में अराजकता अपनी चरम सीमा पर थी, और भागलपुर के दंगों के कारण सत्ताधारी काँग्रेस पार्टी का सत्ता से बाहर जाना बिलकुल तय था। ऐसे समय में आपातकाल के दौरान जेपी आंदोलन में हिस्सा ले चुके जनता दल के तत्कालीन मुखिया लालू प्रसाद यादव को एक बेहतर विकल्प के तौर पर दिखाया गया, और फिर गरीबी उन्मूलन एवं सामाजिक सौहार्द के नाम पर लालू यादव ने 1990 में पहली बार बिहार की सत्ता संभाली।

लेकिन 10 मार्च 1990 की वो तारीख अब बिहार वाले शायद ही कभी भूल पाएंगे, क्योंकि ये सिर्फ वो तारीख नहीं थी, जब लालू प्रसाद यादव ने आधिकारिक तौर पर सत्ता संभाली थी। ये वो तारीख थी जब बिहार की दुर्गति का अभियान प्रारम्भ हुआ था। भ्रष्टाचार, हत्या फिरौती, अपहरण, ये सब आम बात नहीं, बिहार के लिए आय का स्त्रोत बन चुके थे। हद्द तो तब हो गई जब 1997 में चारा घोटाले के कारण लालू प्रसाद यादव को सत्ता छोड़नी पड़ी, पर उन्होने अपनी ही पत्नी राबड़ी देवी को सत्ता सौंप दी, जिन्होंने शायद स्कूल का मुंह भी न देखा हो।

लालू यादव की ही कृपा से बिहार जंगल राज और बीमारू राज्यों में सबसे अग्रणी राज्य का पर्याय बन गया था। लगभग 15 वर्षों तक बिहार में अपराध अपने चरम सीमा पर था, और इनफ्रास्ट्रक्चर तो कुछ है ही नहीं। परंतु 2005 में बदलाव की उम्मीद आई, जब काफी हो हल्ला और कोर्ट कचहरी की समस्याओं के पश्चात नीतीश कुमार को आखिरकार बिहार की सत्ता मिली।

प्रारम्भ में नीतीश कुमार ने अपराध दर को कम करने पर ज़ोर दिया, और इनफ्रास्ट्रक्चर को भी कुछ हद तक बढ़ावा दिया। इसके कारण लोगों में बिहार के दिन बहुरने की उम्मीद दिखाई दी, और नीतीश कुमार को ‘सुशासन बाबू’ के नाम से बुलाया भी जाने लगा। हालांकि, 2015 में जब उन्होंने तीसरी बार सत्ता संभाली, तो ये सिद्ध हो गया की लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार के शासन में कोई विशेष फर्क नहीं है।

उद्योगों को कुचलने का भरसक प्रयास करना हो, या फिर शराब बंदी का अतार्किक निर्णय, नीतीश कुमार के तीसरे टर्म में उनकी सुशासन बाबू वाली छवि बुरी तरह तार-तार हो गई। उदाहरण के लिए पिछले वर्ष जब मुजफ्फरपुर से चमकी बुख़ार का प्रकोप फैला था, तो सबसे पहला सवाल ये उठा कि मुजफ्फरपुर में बड़ी संख्या में बच्चों की मौत के बाद भी इस जानलेवा बीमारी से निपटने के लिए उस क्षेत्र में अच्छी फैसिलिटी वाले अस्पताल क्यों नहीं है? इस सवाल का जवाब तो खुद नीतीश कुमार के पास भी नहीं होगा। उन्होंने स्थिति को नज़रअंदाज़ किया और सब कुछ ठीक होने का ढोंग किया है। वर्ष 2012 में, नीतीश की सरकार ने मुजफ्फरपुर में एक रिसर्च लैब स्थापित करने का वादा किया था ताकि यह पता चल सके कि बच्चे इस जानलेवा बीमारी से कैसे और क्यों प्रभावित हो रहे हैं। लेकिन आज तक यह पेपर पर ही रह गया है।

कोरोना की महामारी और उससे उपजी श्रमिकों की समस्या अब एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बन चुका है और यह बिहार के चुनाव परिणामों के समीकरण में भारी बदलाव कर सकता है। श्रमिकों की समस्या पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का उदासीन रवैया अभी भी बना हुआ है जैसा कि उनका राज्य के अर्थव्यवस्था के प्रति बना हुआ था। बिहार में खेती से होने वाली कम आमदनी और इंडस्ट्री की गैरमौजूदगी से बिहार ने मजदूरों, श्रमिकों और कामगारों का भयंकर पलायन देखा है। इसका नतीजा यह हुआ कि आज बिहार की अर्थव्यवस्था महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु जैसे राज्यों पर टीका हुआ है, जहां बिहार के गरीब मजदूर जान लगाकर मेहनत करते हैं और रुपए कमाकर वापस अपने घर भेजते हैं और उसी रुपये से बिहार के लोगों का घर चलता है। 15 वर्षों से सत्ता में काबिज होने के बाद भी बिहार से जंगल राज अभी तक नहीं हटा है।

सच कहें तो लालू यादव और नीतीश कुमार के 3 दशक के कुशासन ने बिहार को करीब 6 दशक पीछे धकेल दिया है। न यहाँ का इनफ्रास्ट्रक्चर अच्छा है, न ही अपराध दर में कोई विशेष गिरावट आई है, और स्वास्थ्य व्यवस्था के बारे में तो जितना कम बोलें, उतना ही अच्छा। ये विडम्बना ही है कि जिस बीमारू श्रेणी में कभी राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार एक साथ विद्यमान थे, उस श्रेणी से बिहार आज भी टस से मस नहीं हुआ है।

Tags: नीतीश कुमारबिहारबिहार चुनाव
शेयर9ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

“बॉर्डर पर तनाव कम चाहिए, तो चुपचाप पीछे हटो” डोभाल की एंट्री के बाद ही चीनी सेना पीछे हटी

अगली पोस्ट

“हमारे देश की मस्जिदें कट्टरपंथियों के हाथ में हैं”, नीदरलैंड्स अब इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ जाग चुका है

संबंधित पोस्ट

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?
मत

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

4 July 2026

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चोरी की घटना ने करोड़ों हिंदुओं को दुखी किया है। जाँच चल रही है। सत्य सामने आना चाहिए और जो...

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता
चर्चित

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

29 June 2026

अंग्रेजी भाषा का एक शब्द “कॉमेडी”, कदाचित जिसका अर्थ ‘हास्य की वह विधा है, जिसका उद्देश्य स्वस्थ मनोरंजन और समाज को हँसी के माध्यम से...

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

IRAN EYES RED SEA GAMBIT

IRAN EYES RED SEA GAMBIT

00:02:34

US- IRAN CONFLICT INTENSIFIES

00:03:05

Mass Detentions and Enforced Disappearances: The Aftermath of July 5

00:03:20

What's Really Behind Xinjiang's Global Supply Chains?

00:03:26

IRAN HITS UAE OIL TANKERS

00:03:28
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited