TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    क्या बंगाल में बदलेगी सत्ता की तस्वीर? बदलते संकेतों के बीच बीजेपी की बढ़ती ताकत पर बड़ा सवाल

    क्या बंगाल में बदलेगी सत्ता की तस्वीर? बदलते संकेतों के बीच बीजेपी की बढ़ती ताकत पर बड़ा सवाल

    आसनसोल रैली में मोदी का बड़ा बयान: बंगाल में बदलाव अब “अमिट सच्चाई”, BJP को मिली बढ़त

    आसनसोल रैली में मोदी का बड़ा बयान: बंगाल में बदलाव अब “अमिट सच्चाई”, BJP को मिली बढ़त

    पीएम मोदी का ममता बनर्जी पर बड़ा हमला: ‘चुन-चुनकर हिसाब लिया जाएगा’, बंगाल में सत्ता परिवर्तन का दावा

    पीएम मोदी का ममता बनर्जी पर बड़ा हमला: ‘चुन-चुनकर हिसाब लिया जाएगा’, बंगाल में सत्ता परिवर्तन का दावा

    नीतीश कुमार दिल्ली रवाना, बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन? जानें पूरी सियासी कहानी

    नीतीश कुमार दिल्ली रवाना, बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन? जानें पूरी सियासी कहानी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    महिलाओं की आर्थिक ताकत का बड़ा उछाल: भारत में ₹76 लाख करोड़ का क्रेडिट पोर्टफोलियो, नई रिपोर्ट का खुलासा

    महिलाओं की आर्थिक ताकत का बड़ा उछाल: भारत में ₹76 लाख करोड़ का क्रेडिट पोर्टफोलियो, नई रिपोर्ट का खुलासा

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    मध्य पूर्व तनाव के बीच रूस का भारत को बड़ा ऊर्जा प्रस्ताव: तेल और गैस आपूर्ति बढ़ाने की पेशकश से बदलती वैश्विक रणनीति

    मध्य पूर्व तनाव के बीच रूस का भारत को बड़ा ऊर्जा प्रस्ताव: तेल और गैस आपूर्ति बढ़ाने की पेशकश से बदलती वैश्विक रणनीति

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    भारत के परमाणु कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू, कल्पक्कम ब्रीडर रिएक्टर ने हासिल की ‘क्रिटिकलिटी’

    भारत के परमाणु कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू, कल्पक्कम ब्रीडर रिएक्टर ने हासिल की ‘क्रिटिकलिटी’

    IAF का स्वदेशी FF Bot: युद्ध के बाद आग से जंग लड़ने की नई ताकत

    IAF का स्वदेशी FF Bot: युद्ध के बाद आग से जंग लड़ने की नई ताकत

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    बिना ठोस समझौते के युद्ध विराम का खतरा: क्या ईरान और मजबूत होकर उभरेगा?

    बिना ठोस समझौते के युद्ध विराम का खतरा: क्या ईरान और मजबूत होकर उभरेगा?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    सरकारी ईमेल सिस्टम में बड़ा बदलाव: Gmail से Zoho Mail की ओर क्यों बढ़ा भारत?

    सरकारी ईमेल सिस्टम में बड़ा बदलाव: Gmail से Zoho Mail की ओर क्यों बढ़ा भारत?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    जन विश्वास बिल 2026: छोटे अपराधों से मिली राहत, संसद ने पास किया ऐतिहासिक सुधार कानून

    जन विश्वास बिल 2026: छोटे अपराधों से मिली राहत, संसद ने पास किया ऐतिहासिक सुधार कानून

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    क्या बंगाल में बदलेगी सत्ता की तस्वीर? बदलते संकेतों के बीच बीजेपी की बढ़ती ताकत पर बड़ा सवाल

    क्या बंगाल में बदलेगी सत्ता की तस्वीर? बदलते संकेतों के बीच बीजेपी की बढ़ती ताकत पर बड़ा सवाल

    आसनसोल रैली में मोदी का बड़ा बयान: बंगाल में बदलाव अब “अमिट सच्चाई”, BJP को मिली बढ़त

    आसनसोल रैली में मोदी का बड़ा बयान: बंगाल में बदलाव अब “अमिट सच्चाई”, BJP को मिली बढ़त

    पीएम मोदी का ममता बनर्जी पर बड़ा हमला: ‘चुन-चुनकर हिसाब लिया जाएगा’, बंगाल में सत्ता परिवर्तन का दावा

    पीएम मोदी का ममता बनर्जी पर बड़ा हमला: ‘चुन-चुनकर हिसाब लिया जाएगा’, बंगाल में सत्ता परिवर्तन का दावा

    नीतीश कुमार दिल्ली रवाना, बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन? जानें पूरी सियासी कहानी

    नीतीश कुमार दिल्ली रवाना, बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन? जानें पूरी सियासी कहानी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    महिलाओं की आर्थिक ताकत का बड़ा उछाल: भारत में ₹76 लाख करोड़ का क्रेडिट पोर्टफोलियो, नई रिपोर्ट का खुलासा

    महिलाओं की आर्थिक ताकत का बड़ा उछाल: भारत में ₹76 लाख करोड़ का क्रेडिट पोर्टफोलियो, नई रिपोर्ट का खुलासा

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    मध्य पूर्व तनाव के बीच रूस का भारत को बड़ा ऊर्जा प्रस्ताव: तेल और गैस आपूर्ति बढ़ाने की पेशकश से बदलती वैश्विक रणनीति

    मध्य पूर्व तनाव के बीच रूस का भारत को बड़ा ऊर्जा प्रस्ताव: तेल और गैस आपूर्ति बढ़ाने की पेशकश से बदलती वैश्विक रणनीति

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    भारत के परमाणु कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू, कल्पक्कम ब्रीडर रिएक्टर ने हासिल की ‘क्रिटिकलिटी’

    भारत के परमाणु कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू, कल्पक्कम ब्रीडर रिएक्टर ने हासिल की ‘क्रिटिकलिटी’

    IAF का स्वदेशी FF Bot: युद्ध के बाद आग से जंग लड़ने की नई ताकत

    IAF का स्वदेशी FF Bot: युद्ध के बाद आग से जंग लड़ने की नई ताकत

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    बिना ठोस समझौते के युद्ध विराम का खतरा: क्या ईरान और मजबूत होकर उभरेगा?

    बिना ठोस समझौते के युद्ध विराम का खतरा: क्या ईरान और मजबूत होकर उभरेगा?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    सरकारी ईमेल सिस्टम में बड़ा बदलाव: Gmail से Zoho Mail की ओर क्यों बढ़ा भारत?

    सरकारी ईमेल सिस्टम में बड़ा बदलाव: Gmail से Zoho Mail की ओर क्यों बढ़ा भारत?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    जन विश्वास बिल 2026: छोटे अपराधों से मिली राहत, संसद ने पास किया ऐतिहासिक सुधार कानून

    जन विश्वास बिल 2026: छोटे अपराधों से मिली राहत, संसद ने पास किया ऐतिहासिक सुधार कानून

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

असम के बहादुर राजा पृथु: जिन्होंने बख्तियार खिलजी को युद्ध में धूल चटाई थी

जिस आक्रांता को परास्त कर उन्होंने भारत को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई, उनकी स्मृति में नगर या उत्सव तो छोड़िए, एक शिलालेख भी ढूँढने से नहीं मिलेगा।

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
19 August 2021
in इतिहास, ज्ञान
पृथु राय कामेश्वर
Share on FacebookShare on X

‘चाह नहीं देवों के सिर पर
चढूँ भाग्य पर इठलाऊँ,
मुझे तोड़ लेना बनमाली,
उस पथ पर देना तुम फेंक!
मातृ-भूमि पर शीश- चढ़ाने,
जिस पथ पर जावें वीर अनेक’

कवि माखनलाल चतुर्वेदी की प्रसिद्ध कविता की यह पंक्तियाँ उन वीर योद्धाओं को कोटी-कोटी नमन करती है, जिन्होंने इस मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व अर्पण किया, परंतु विदेशी आक्रान्ताओं और उनकी क्रूरता को कभी हमारे पवित्र भारतवर्ष में पाँव नहीं जमाने दिए। यवनों से लेकर अंग्रेज़ों तक न जाने कितने आघात हमारे पवित्र भूमि ने सहे, न जाने कितने आक्रान्ताओं के अत्याचार की पीड़ा हमारे देशवासियों को झेलनी पड़ी। परंतु समय-समय पर ऐसे योद्धाओं का भी प्रादुर्भाव हुआ, जिन्होंने न केवल इन आक्रान्ताओं के अत्याचार को चुनौती दी, अपितु उन्हें परास्त कर माँ भारती को उनके अत्याचारों से मुक्ति भी दिलाई।

संबंधितपोस्ट

‘शिवायण’: भ्रांतियों से सत्य की ओर जाने का रास्ता बताती पुस्तक

भारतीय इतिहास शास्त्र की अवधारणा एवं स्वरूप

बैटल ऑफ सारागढ़ी: दुनिया का सबसे बेहतरीन लास्ट स्टैंड- जिसमें 22 जवान शहीद हुए थे, लेकिन पहचान सिर्फ 21 सिख जवानों को ही क्यों मिली ?

और लोड करें

जिस वीर ने अपने शौर्य से भारत की गरिमा को अक्षुण्ण भी रखा और तुर्की सल्तनत के विध्वंस की नींव उसके स्थापना के समय ही रख दी। परंतु विडंबना तो देखिए, जिस आक्रांता को परास्त कर उन्होंने भारत को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई, उनकी स्मृति में नगर या उत्सव तो छोड़िए, एक शिलालेख भी ढूँढने से नहीं मिलेगा।

आज भी नालंदा का विध्वंस करने वाले क्रूर और नीच आक्रांता बख्तियार खिलजी की स्मृति में बिहार में एक पूरा नगर स्थित है, परंतु उस कायर को पीठ दिखाकर रणभूमि छोड़ने पर विवश करने वाले वीर सम्राट पृथु राय (कामेश्वर) के स्मृति में कुछ भी नहीं है।

परंतु यह सम्राट पृथु (कामेश्वर) राय कौन थे, और कौन था ये बख्तियार खिलजी, जिसके अत्याचारों से मुक्त कराकर सम्राट कामेश्वर ने भारत भूमि का मान सम्मान अक्षुण्ण रखा? जलपेश्वर के नाम से जन्मे पृथु कामरूप प्रांत के वीर सम्राट थे, जिनकी ख्याति देश के कोने-कोने में व्याप्त थी। ये वही कामरूप है, जिसे आज हम असम के नाम से जानते हैं और जो रामायण, महाभारत और अन्य पुराणों में ‘प्रगज्योतिष्पुर’ के नाम से विख्यात है।

कामरूप का युद्ध क्यों हुआ?

सम्राट पृथु कामेश्वर के नाम से भी प्रसिद्ध थे, क्योंकि उनका कुल कामतेश्वरी देवी [माँ दुर्गा के एक रूप] की आराधना भी करता है। परंतु बख्तियार खिलजी से उनका युद्ध क्यों हुआ? क्यों और किसलिए पूर्वोत्तर के एक योद्धा को एक तुर्की आक्रांता के विरुद्ध शस्त्र उठाने को विवश होना पड़ा?

वर्ष था 1206, यह वो समय था तब तुर्की सल्तनत शनै-शनै भारत पर अपना प्रभाव स्थापित कर रहा था और भारत की संस्कृति का विध्वंस हो रहा था। पृथ्वीराज चौहान की पराजय से जो अभियान प्रारंभ हुआ, उसने शीघ्र ही समूचे उत्तर भारत को अपने नियंत्रण में ले लिया। कुतुब-उद-दीन ऐबक दिल्ली सल्तनत का शासक था और समूचे भारत में तुर्की सल्तनत का प्रभुत्व स्थापित करने का दायित्व उसने बख्तियार खिलजी को सौंपा था।

ईरान के इतिहासकार, सिराजुद्दीन मिनहाज उद्दीन अपने पुस्तक ‘तबाकत ए नासिरी’ में न केवल इस बात की पुष्टि करते हैं कि कैसे क्रूर आक्रांता बख्तियार खिलजी ने भारत का सांस्कृतिक विध्वंस किया है, परंतु इस बात का भी उल्लेख किया है कि कैसे सम्राट कामेश्वर ने न केवल बख्तियार खिलजी के इस क्रूर अभियान को रोका, अपितु उसे परास्त भी किया।

‘विनाश काले विपरीते बुद्धि‘

सही कहा है किसी ने, विनाश काले विपरीते बुद्धि, अर्थात जब विनाश निकट हो, तो बुद्धि भी भ्रष्ट हो जाती है। नालंदा विश्वविद्यालय को ध्वस्त करने और 10000 शास्त्रियों / विद्यार्थियों का नरसंहार करने के पश्चात विजय के मद में चूर बख्तियार खिलजी ने बंगाल की ओर अपने पाँव बढ़ाए। बंगाल में भी वह विजयी सिद्ध हुआ, जिसके पश्चात बख्तियार खिलजी ने अपनी दृष्टि तिब्बत के बौद्ध साम्राज्य पर गड़ाई। परंतु उसपर विजय प्राप्त करने से पूर्व बख्तियार खिलजी को कामरूप और सिक्किम की ‘बाधा’ पार करनी थी।

इसी बीच बख्तियार खिलजी के पापों का समाचार सम्राट कामेश्वर को भी पहुँच गया। परंतु वे तनिक भी विचलित नहीं हुए। उन्होंने बख्तियार खिलजी को उन्हीं के मोहपाश में परास्त करने की युक्ति खोज निकाली। बख्तियार खिलजी इस बात से परिचित था कि सम्राट कामेश्वर कोई साधारण योद्धा नहीं हैं, इसलिए उसने दक्षिणी तिब्बत पर संयुक्त रूप से आक्रमण का प्रस्ताव रखा।

सम्राट कामेश्वर ने प्रारंभ में इसे स्वीकृत भी किया, परंतु उन्होंने वर्षा ऋतु तक इसपर अपना उत्तर नहीं दिया। उन्होंने उत्तर में बख्तियार खिलजी के दूतों को स्पष्ट कहा कि अभी आक्रमण का सही समय नहीं है। जब तक खिलजी ने सिलीगुड़ी में अपनी छावनी स्थापित की तब तक सम्राट पृथु ने अपनी सेना को इस तरह से सशक्त कर दिया था कि वे किसी भी स्थिति में शत्रु के समक्ष युद्ध करने के लिए सक्षम थे। उन्होंने वर्षा ऋतु को युद्ध के लिए चुना, क्योंकि वे इस बात से परिचित थे कि तुर्की सेना को वर्षा ऋतु, विशेषकर पूर्वोत्तर के क्षेत्र में जीवनयापन करने का कोई अनुभव नहीं है।

किसी भी युद्ध में अनुभव और ज्ञान सबसे महत्वपूर्ण होता है, परंतु तुर्की सेना के पास इन दोनों ही कौशलों का घोर अभाव था। न ही उन्हें पूर्वोत्तर भारत की परिस्थितियों का अनुभव था, एवं न ही वहाँ के समुदायों की सनातन संस्कृति के प्रति निष्ठा का ज्ञान। सम्राट कामेश्वर के एक आह्वान पर राजबंगशी, बोडो समेत अनेक जनजाति एकत्रित हो गए और उन्होंने तुर्कियों को परास्त करने के लिए अंतिम श्वास तक युद्ध करने की ठान ली।

बख्तियार खिलजी ने एक प्रकार से कामरूप पर आक्रमण नहीं किया था, परंतु उसे आकृष्ट किया गया था, जैसे एक चूहे को जाल की ओर आकृष्ट किया जाता है। जब ये सुनिश्चित हो गया कि शत्रु के पास पुनर्गठित होने तथा अन्य शस्त्रों को लाने का कोई साधन नहीं है, तब हर दिशा से सम्राट कामेश्वर के रणबांकुरों ने ब्रह्मपुत्र के तटों के निकट उनपर धावा बोल दिया।

बख्तियार खिलजी और उनकी सेना पर रुद्र के गण के समान सम्राट कामेश्वर और उनकी सेना समेत कामरूप के अनेक वीर योद्धा टूट पड़े। जिन्होंने उनके प्रलयंकारी अस्त्रों से बचने का प्रयास करे, वो ब्रह्मपुत्र के वेग में बह गए।

जो बख्तियार खिलजी नालंदा में 10,000 विद्वानों का नरसंहार करके निकला हो, जिस बख्तियार खिलजी ने विक्रमशिला विश्वविद्यालय का विनाश किया हो, जो मुहम्मद बिन बख्तियार खिलजी 30,000 से अधिक योद्धाओं सहित सम्पूर्ण पूर्वोत्तर भारत और तिब्बत पर नियंत्रण जमाने का स्वप्न लिए आया था, उसे माँ दुर्गा के एक अनन्य भक्त ने ऐसा परास्त किया कि वह फिर कभी किसी को मुंह दिखाने योग्य नहीं रहा। सम्राट कामेश्वर ने केवल उसे इसलिए नहीं जीवनदान दिया क्योंकि वे धर्म का पालन करते थे, अपितु इसलिए भी उसे जीवित छोड़ा क्योंकि वह उसके माध्यम से अन्य आक्रान्ताओं को भी एक स्पष्ट चेतावनी देना चाहते थे– यदि पुनः माँ भारती की ओर आँख उठाकर देखा, तो ऐसे ही वीर पृथु हर पग पर आपका स्वागत करने के लिए तैयार मिलेंगे।

वामपंथियों ने इतिहास में नहीं दिया स्थान

बख्तियार खिलजी जीवित तो रहा, परंतु इसके पश्चात उसने कभी किसी राज्य पर आक्रमण करने का साहस नहीं किया। उसकी पराजय से बंगाल में स्थित उसका सेनापति अली मर्दान इतना कुपित हुआ कि उसने बख्तियार का वध करके ही दम लिया। ये वही अली मर्दान था, जिसे अपना धर्म परिवर्तित करने पर कभी बख्तियार खिलजी ने विवश किया था।

परंतु हमारे भारत भूमि की विडंबना देखिए, उसी आक्रांता बख्तियार खिलजी के नाम पर बख्तियारपुर नाम का नगर बसा हुआ है, परंतु हमारे वीर योद्धा पृथु राय के नाम पर नगर तो छोड़िए, शिलालेख भी ढूँढने से नहीं मिलेंगे। ऐसे न जाने कितने वीर होंगे, जिन्होंने भारतवर्ष को अपना सर्वस्व अर्पण कर दिया लेकिन उनका उल्लेख तक नहीं किया जाता। परंतु अब और नहीं।

Tags: इतिहासबख्तियार खिलजी
शेयर813ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

PM मोदी ने भारत में प्रेस कॉन्फ्रेंस का तरीका बदला है, उनको निशाने पर लेने वालों को ये अवश्य जानना चाहिए

अगली पोस्ट

PoK वापस लेने के लिए अमेरिका भारत का साथ दे: अमेरिकी प्रतिनिधि मार्क ग्रीन

संबंधित पोस्ट

पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास
इतिहास

पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

7 April 2026

‘भारत’ दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यता, संस्कृति और चेतना का जीवंत प्रतीक है। इसकी भूमि पर हर संघर्ष, हर सपना और हर परंपरा हमें हमारी...

लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट
ज्ञान

लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

4 April 2026

भारत के महत्वाकांक्षी मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान की तैयारी अब एक नए और बेहद चुनौतीपूर्ण चरण में पहुंच चुकी है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ISRO...

हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा
चर्चित

हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

2 April 2026

चैत्र मास की पूर्णिमा का दिन हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। इसी दिन भगवान हनुमान का जन्मोत्सव बड़े श्रद्धा और उत्साह के...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited