TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

असम के बहादुर राजा पृथु: जिन्होंने बख्तियार खिलजी को युद्ध में धूल चटाई थी

जिस आक्रांता को परास्त कर उन्होंने भारत को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई, उनकी स्मृति में नगर या उत्सव तो छोड़िए, एक शिलालेख भी ढूँढने से नहीं मिलेगा।

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
19 August 2021
in इतिहास, ज्ञान
पृथु राय कामेश्वर
Share on FacebookShare on X

‘चाह नहीं देवों के सिर पर
चढूँ भाग्य पर इठलाऊँ,
मुझे तोड़ लेना बनमाली,
उस पथ पर देना तुम फेंक!
मातृ-भूमि पर शीश- चढ़ाने,
जिस पथ पर जावें वीर अनेक’

कवि माखनलाल चतुर्वेदी की प्रसिद्ध कविता की यह पंक्तियाँ उन वीर योद्धाओं को कोटी-कोटी नमन करती है, जिन्होंने इस मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व अर्पण किया, परंतु विदेशी आक्रान्ताओं और उनकी क्रूरता को कभी हमारे पवित्र भारतवर्ष में पाँव नहीं जमाने दिए। यवनों से लेकर अंग्रेज़ों तक न जाने कितने आघात हमारे पवित्र भूमि ने सहे, न जाने कितने आक्रान्ताओं के अत्याचार की पीड़ा हमारे देशवासियों को झेलनी पड़ी। परंतु समय-समय पर ऐसे योद्धाओं का भी प्रादुर्भाव हुआ, जिन्होंने न केवल इन आक्रान्ताओं के अत्याचार को चुनौती दी, अपितु उन्हें परास्त कर माँ भारती को उनके अत्याचारों से मुक्ति भी दिलाई।

संबंधितपोस्ट

बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

पंजाब सीएम भगवंत मान की बढ़ीं मुश्किलें: वायरल वीडियो मामले में अकाल तख्त ने सुनाया फैसला

‘भारत पर इस्लामी आक्रमण होगा, तो किस तरफ होंगे सेना के मुस्लिम’? अंबेडकर को था संदेह, लिखा – इस्लाम के लिए हमारा देश दारुल हर्ब

और लोड करें

जिस वीर ने अपने शौर्य से भारत की गरिमा को अक्षुण्ण भी रखा और तुर्की सल्तनत के विध्वंस की नींव उसके स्थापना के समय ही रख दी। परंतु विडंबना तो देखिए, जिस आक्रांता को परास्त कर उन्होंने भारत को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई, उनकी स्मृति में नगर या उत्सव तो छोड़िए, एक शिलालेख भी ढूँढने से नहीं मिलेगा।

आज भी नालंदा का विध्वंस करने वाले क्रूर और नीच आक्रांता बख्तियार खिलजी की स्मृति में बिहार में एक पूरा नगर स्थित है, परंतु उस कायर को पीठ दिखाकर रणभूमि छोड़ने पर विवश करने वाले वीर सम्राट पृथु राय (कामेश्वर) के स्मृति में कुछ भी नहीं है।

परंतु यह सम्राट पृथु (कामेश्वर) राय कौन थे, और कौन था ये बख्तियार खिलजी, जिसके अत्याचारों से मुक्त कराकर सम्राट कामेश्वर ने भारत भूमि का मान सम्मान अक्षुण्ण रखा? जलपेश्वर के नाम से जन्मे पृथु कामरूप प्रांत के वीर सम्राट थे, जिनकी ख्याति देश के कोने-कोने में व्याप्त थी। ये वही कामरूप है, जिसे आज हम असम के नाम से जानते हैं और जो रामायण, महाभारत और अन्य पुराणों में ‘प्रगज्योतिष्पुर’ के नाम से विख्यात है।

कामरूप का युद्ध क्यों हुआ?

सम्राट पृथु कामेश्वर के नाम से भी प्रसिद्ध थे, क्योंकि उनका कुल कामतेश्वरी देवी [माँ दुर्गा के एक रूप] की आराधना भी करता है। परंतु बख्तियार खिलजी से उनका युद्ध क्यों हुआ? क्यों और किसलिए पूर्वोत्तर के एक योद्धा को एक तुर्की आक्रांता के विरुद्ध शस्त्र उठाने को विवश होना पड़ा?

वर्ष था 1206, यह वो समय था तब तुर्की सल्तनत शनै-शनै भारत पर अपना प्रभाव स्थापित कर रहा था और भारत की संस्कृति का विध्वंस हो रहा था। पृथ्वीराज चौहान की पराजय से जो अभियान प्रारंभ हुआ, उसने शीघ्र ही समूचे उत्तर भारत को अपने नियंत्रण में ले लिया। कुतुब-उद-दीन ऐबक दिल्ली सल्तनत का शासक था और समूचे भारत में तुर्की सल्तनत का प्रभुत्व स्थापित करने का दायित्व उसने बख्तियार खिलजी को सौंपा था।

ईरान के इतिहासकार, सिराजुद्दीन मिनहाज उद्दीन अपने पुस्तक ‘तबाकत ए नासिरी’ में न केवल इस बात की पुष्टि करते हैं कि कैसे क्रूर आक्रांता बख्तियार खिलजी ने भारत का सांस्कृतिक विध्वंस किया है, परंतु इस बात का भी उल्लेख किया है कि कैसे सम्राट कामेश्वर ने न केवल बख्तियार खिलजी के इस क्रूर अभियान को रोका, अपितु उसे परास्त भी किया।

‘विनाश काले विपरीते बुद्धि‘

सही कहा है किसी ने, विनाश काले विपरीते बुद्धि, अर्थात जब विनाश निकट हो, तो बुद्धि भी भ्रष्ट हो जाती है। नालंदा विश्वविद्यालय को ध्वस्त करने और 10000 शास्त्रियों / विद्यार्थियों का नरसंहार करने के पश्चात विजय के मद में चूर बख्तियार खिलजी ने बंगाल की ओर अपने पाँव बढ़ाए। बंगाल में भी वह विजयी सिद्ध हुआ, जिसके पश्चात बख्तियार खिलजी ने अपनी दृष्टि तिब्बत के बौद्ध साम्राज्य पर गड़ाई। परंतु उसपर विजय प्राप्त करने से पूर्व बख्तियार खिलजी को कामरूप और सिक्किम की ‘बाधा’ पार करनी थी।

इसी बीच बख्तियार खिलजी के पापों का समाचार सम्राट कामेश्वर को भी पहुँच गया। परंतु वे तनिक भी विचलित नहीं हुए। उन्होंने बख्तियार खिलजी को उन्हीं के मोहपाश में परास्त करने की युक्ति खोज निकाली। बख्तियार खिलजी इस बात से परिचित था कि सम्राट कामेश्वर कोई साधारण योद्धा नहीं हैं, इसलिए उसने दक्षिणी तिब्बत पर संयुक्त रूप से आक्रमण का प्रस्ताव रखा।

सम्राट कामेश्वर ने प्रारंभ में इसे स्वीकृत भी किया, परंतु उन्होंने वर्षा ऋतु तक इसपर अपना उत्तर नहीं दिया। उन्होंने उत्तर में बख्तियार खिलजी के दूतों को स्पष्ट कहा कि अभी आक्रमण का सही समय नहीं है। जब तक खिलजी ने सिलीगुड़ी में अपनी छावनी स्थापित की तब तक सम्राट पृथु ने अपनी सेना को इस तरह से सशक्त कर दिया था कि वे किसी भी स्थिति में शत्रु के समक्ष युद्ध करने के लिए सक्षम थे। उन्होंने वर्षा ऋतु को युद्ध के लिए चुना, क्योंकि वे इस बात से परिचित थे कि तुर्की सेना को वर्षा ऋतु, विशेषकर पूर्वोत्तर के क्षेत्र में जीवनयापन करने का कोई अनुभव नहीं है।

किसी भी युद्ध में अनुभव और ज्ञान सबसे महत्वपूर्ण होता है, परंतु तुर्की सेना के पास इन दोनों ही कौशलों का घोर अभाव था। न ही उन्हें पूर्वोत्तर भारत की परिस्थितियों का अनुभव था, एवं न ही वहाँ के समुदायों की सनातन संस्कृति के प्रति निष्ठा का ज्ञान। सम्राट कामेश्वर के एक आह्वान पर राजबंगशी, बोडो समेत अनेक जनजाति एकत्रित हो गए और उन्होंने तुर्कियों को परास्त करने के लिए अंतिम श्वास तक युद्ध करने की ठान ली।

बख्तियार खिलजी ने एक प्रकार से कामरूप पर आक्रमण नहीं किया था, परंतु उसे आकृष्ट किया गया था, जैसे एक चूहे को जाल की ओर आकृष्ट किया जाता है। जब ये सुनिश्चित हो गया कि शत्रु के पास पुनर्गठित होने तथा अन्य शस्त्रों को लाने का कोई साधन नहीं है, तब हर दिशा से सम्राट कामेश्वर के रणबांकुरों ने ब्रह्मपुत्र के तटों के निकट उनपर धावा बोल दिया।

बख्तियार खिलजी और उनकी सेना पर रुद्र के गण के समान सम्राट कामेश्वर और उनकी सेना समेत कामरूप के अनेक वीर योद्धा टूट पड़े। जिन्होंने उनके प्रलयंकारी अस्त्रों से बचने का प्रयास करे, वो ब्रह्मपुत्र के वेग में बह गए।

जो बख्तियार खिलजी नालंदा में 10,000 विद्वानों का नरसंहार करके निकला हो, जिस बख्तियार खिलजी ने विक्रमशिला विश्वविद्यालय का विनाश किया हो, जो मुहम्मद बिन बख्तियार खिलजी 30,000 से अधिक योद्धाओं सहित सम्पूर्ण पूर्वोत्तर भारत और तिब्बत पर नियंत्रण जमाने का स्वप्न लिए आया था, उसे माँ दुर्गा के एक अनन्य भक्त ने ऐसा परास्त किया कि वह फिर कभी किसी को मुंह दिखाने योग्य नहीं रहा। सम्राट कामेश्वर ने केवल उसे इसलिए नहीं जीवनदान दिया क्योंकि वे धर्म का पालन करते थे, अपितु इसलिए भी उसे जीवित छोड़ा क्योंकि वह उसके माध्यम से अन्य आक्रान्ताओं को भी एक स्पष्ट चेतावनी देना चाहते थे– यदि पुनः माँ भारती की ओर आँख उठाकर देखा, तो ऐसे ही वीर पृथु हर पग पर आपका स्वागत करने के लिए तैयार मिलेंगे।

वामपंथियों ने इतिहास में नहीं दिया स्थान

बख्तियार खिलजी जीवित तो रहा, परंतु इसके पश्चात उसने कभी किसी राज्य पर आक्रमण करने का साहस नहीं किया। उसकी पराजय से बंगाल में स्थित उसका सेनापति अली मर्दान इतना कुपित हुआ कि उसने बख्तियार का वध करके ही दम लिया। ये वही अली मर्दान था, जिसे अपना धर्म परिवर्तित करने पर कभी बख्तियार खिलजी ने विवश किया था।

परंतु हमारे भारत भूमि की विडंबना देखिए, उसी आक्रांता बख्तियार खिलजी के नाम पर बख्तियारपुर नाम का नगर बसा हुआ है, परंतु हमारे वीर योद्धा पृथु राय के नाम पर नगर तो छोड़िए, शिलालेख भी ढूँढने से नहीं मिलेंगे। ऐसे न जाने कितने वीर होंगे, जिन्होंने भारतवर्ष को अपना सर्वस्व अर्पण कर दिया लेकिन उनका उल्लेख तक नहीं किया जाता। परंतु अब और नहीं।

Tags: इतिहासबख्तियार खिलजी
शेयर813ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

PM मोदी ने भारत में प्रेस कॉन्फ्रेंस का तरीका बदला है, उनको निशाने पर लेने वालों को ये अवश्य जानना चाहिए

अगली पोस्ट

PoK वापस लेने के लिए अमेरिका भारत का साथ दे: अमेरिकी प्रतिनिधि मार्क ग्रीन

संबंधित पोस्ट

तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद
चर्चित

तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

15 July 2026

तिरुपति बालाजी मंदिर में पहली आरती को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा है कि सरकार उस...

दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों
इतिहास

दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

7 July 2026

कहते हैं संयोग और चमत्कार इस दुनिया में होते हैं। कुछ ऐसा ही मेरे साथ भी घटित हुआ। एक महत्त्वपूर्ण पुस्तक के अनुवाद कार्य में...

राम मंदिर चढ़ावा विवाद
चर्चित

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

30 June 2026

अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद साधु-संत समाज की भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। श्रीराम...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

00:03:42

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39

INS NIPUN: MEET INDIA’S NEW DSV

00:03:05

POJK ERUPTS IN PROTEST

00:02:53

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

00:58:34
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited