TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

ऑपरेशन कैक्टस: जब भारतीय सेना ने की थी मालदीव की रक्षा

विश्व ने भारत का पराक्रम देखा था!

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
3 November 2021
in चर्चित
ऑपरेशन कैक्टस
Share on FacebookShare on X

ऑपरेशन कैक्टस : एक राष्ट्र की सैन्य शक्ति और उसके राजनयिक संकाय, राष्ट्र की शांति और सुरक्षा के लिए परस्पर सहयोगी के रूप में काम करते हैं। सकारात्मक रूप से यह कथन भारत के लिए भी सही है। अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर विदेश नीतियों या सैन्य सहायता के बल पर भारत  ने ऐतिहासिक रूप से नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और मालदीव के लिए कई जंग जीती हैं। नवंबर 1988 में मालदीव में जो तख्तापलट के प्रयास हुए, वह भी इसी तथ्य का प्रमाण है कि भारतीय सशस्त्र बल न केवल अपनी सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम हैं बल्कि अपने पड़ोसियों की सुरक्षा में भी अहम योगदान निभाते हैं।

मालदीव में तख्तापलट

3 नवंबर 1988 को मालदीव से एक एसओएस संदेश के जरिए मदद कि गुहार लगाई गई थी। कॉल से कुछ घंटे पहले, 2000-द्वीपों से बने इस राष्ट्र पर मालदीव के व्यवसायी और राजनीतिक आकांक्षी अब्दुल्ला लुथुफी के नेतृत्व में 80 या उससे अधिक स्थानीय उग्रवादीयों और लिट्टे के आतंकियों द्वारा हमला कर तख्ता पलट करने की शुरुआत हो चुकी थी। लुथुफी ने मालदीव की तत्कालीन मौजूदा सरकार के प्रति अपनी घृणा के कारण  राज्य के प्रमुख मौमून अब्दुल गयूम के खिलाफ तख्तापलट का प्रयास किया। मालदीव तब एक अपराध-मुक्त राज्य था। इस देश में आखिरी हत्या 1976 में हुई थी, वो भी एक जर्मन नागरिक द्वारा कि गई थी। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से उनकी सरकारों के खिलाफ तख्तापलट के प्रयास से मालदीव के लोग अनभिज्ञ थे। 1988 में यह गयूम की सरकार के खिलाफ तीसरा तख्तापलट का प्रयास था।

संबंधितपोस्ट

मॉनसून ने पूरे देश को किया कवर, दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश से जनजीवन प्रभावित

मोहन भागवत बोले- विभाजन के बाद भारत आए लोग ‘शरणार्थी’ नहीं, बल्कि संघर्ष के योद्धा थे

पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

और लोड करें

श्रीलंका समर्थित इस विद्रोही समूह ने राजधानी माले को बंदूकों, हथगोले और मोर्टार से जीत लिया। उसके बाद उग्रवादियों ने राष्ट्रपति आवास और राष्ट्रीय सुरक्षा सेवा मुख्यालय पर हमला किया जिसमें दोनों पक्षों के कई लोग मारे गए। मालदीव में प्रत्यक्ष भय व्याप्त था क्योंकि उन्होंने देश के रेडियो, टीवी और संचार स्टेशनों को कब्जाते हुए समुद्र के माध्यम से शहर में प्रवेश करने के मार्गों को भी अवरुद्ध कर दिया था। कुछ घंटों के भीतर ही उन्होंने बिजली और पानी की आपूर्ति में भी कटौती कर दी। सात वर्ग किमी से कम की छोटी राजधानी पूरी तरह से भाड़े के सैनिकों के नियंत्रण में थी। उनका अंतिम लक्ष्य अब राष्ट्रपति गयूम पर कब्जा करना था। परन्तु, कोई भी विद्रोही नहीं जानता था कि राष्ट्रपति अब्दुल गयूम कैसा दिखता है।

और पढ़े : ऑपरेशन जिब्राल्टर जिसने कश्मीर को हमेशा के लिए बदल दिया

अन्य देशों का मदद से इनकार, कहा- “भारत से मदद मांगो”

राष्ट्रपति मौमून अब्दुल गयूम पहले से ही एक सुरक्षित ठिकाने में थे परन्तु, विद्रोही सतत रूप से उनकी ओर बढ़ रहे थे। उन्होंने तुरंत श्रीलंका, मलेशिया, पाकिस्तान, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और अन्य  देशों से एसओएस संदेश के माध्यम से मदद मांगी।

मालदीव के राष्ट्रपति गयूम ने पाकिस्तान और श्रीलंका से सैन्य हस्तक्षेप की मांग की, लेकिन उन्होंने सशस्त्र बलों की कमी का हवाला देते हुए इनकार कर दिया। पाकिस्तान ने भौगोलिक दूरी के कारण त्वरित कार्रवाई करने में असमर्थता का भी हवाला दिया। सिंगापुर ने मालदीव की मदद करने से इनकार कर दिया और संयुक्त राज्य अमेरिका ने मालदीव से कहा कि उन्हें मदद के लिए माले पहुंचने में 2-3 दिन लगेंगे। तब राष्ट्रपति गयूम ने यूनाइटेड किंगडम से बात की जिसने भारत से मदद लेने की सलाह दी क्योंकि भारत ने तो पीछे हटना सीखा ही नहीं। राजीव गांधी सरकार द्वारा एसओएस कॉल का अभूतपूर्व मुस्तैदी और ठोस कार्रवाई के साथ जवाब दिया गया।

ऑपरेशन कैक्टस शुरू

भारत ने राष्ट्रपति के अनुरोध को स्वीकार कर लिया और तुरंत नई दिल्ली में एक आपात बैठक की व्यवस्था की गई। मालदीव को तख्तापलट के इस नृशंस प्रयास उबारने के लिए भारत कुछ ही घंटों में ऑपरेशन कैक्टस के लिए तैयार हो गया। यह विश्व की सबसे त्वरित सैन्य कारवाइयों में से एक थी।

3 नवंबर 1988 को, भारत ने “ऑपरेशन कैक्टस” के साथ मालदीव में हस्तक्षेप किया। भारतीय वायु सेना के IL-76 विमानों ने पैराशूट ब्रिगेड और पैराशूट फील्ड रेजिमेंट को एयरलिफ्ट किया और उन्हें बिना रुके 2,000 किलोमीटर दूर माले अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुँचाया। साक्षात प्रलय और रणभूमि में विमान उतरने का साहस भारतीय वायु सेना के अलावा कोई अन्य कर भी नहीं सकता था। भारतीय सशस्त्र बल नियंत्रण स्थापित होने के कुछ ही घंटों के भीतर पहुंच गए। इस बीच भारतीय नौसेना ने अपने जहाजों को पूरी गति से माले की ओर मोड़ दिया और नौसेना के जहाज़ों ने मालदीव द्वीप समूह पर पूर्ण निगरानी स्थापित कर दी।

भारतीय पैराट्रूपर्स ने वहां पहुंचते ही एयरफील्ड पर नियंत्रण कर लिया। भारतीय सुरक्षा बलों के हस्तक्षेप की जानकारी मिलते ही भाड़े के सैनिकों में हड़कंप मच गया। भारतीयों ने राजधानी के हर हिस्से पर अपनी वीरता का प्रदर्शन करके अभूतपूर्व तरीके से भाड़े के सैनिकों के कब्जे को उखाड़ फेंका।

भारतीय सशस्त्र बलों ने भाड़े के सैनिकों की आकांक्षाओं को खत्म करते हुए 4 नवंबर की सुबह को ही राष्ट्रपति गयूम की सरकार को माले का नियंत्रण सौंप दिया। परन्तु, मालदीव के शिक्षा मंत्री सहित अन्य बंधकों के साथ कुछ भाड़े के सैनिक “एमवी प्रोग्रेस लाइट” नामक एक अपहृत मालवाहक जहाज पर सवार हो श्रीलंका की ओर भाग गए।

और पढ़े : कैसे सरदार पटेल के नेतृत्व में ऑपरेशन पोलो ने भारत को सम्पूर्ण इस्लामीकरण से बचाया

नौसेना की साहसिक करवाई

यह ऑपरेशन कैक्टस का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा था। अपहृत जहाज पर सवार बंधकों को छुड़ाना था। भारतीय नौसेना बल अब कार्रवाई में थे। भारतीय नौसेना को तुरंत बंधकों को ले जाने वाले भाड़े के सैनिकों के बारे में सूचित किया गया। भारतीय नौसेना ने तुरंत “एमवी प्रोग्रेस लाइट” को रोकने के लिए अपने बलों को तैनात किया।

4 नवंबर की सुबह भारतीय नौसेना के विमान ने प्रोग्रेस लाइट के स्थान की पुष्टि की। उसके बाद बंधकों को छुड़ाने के लिए बातचीत शुरू हुई। स्थिति से निपटने के लिए आईएनएस गोदावरी और आईएनएस बेतवा को तैनात किया गया है।

5 नवंबर को वार्ताकार एमवी प्रोग्रेस लाइट को श्रीलंका की ओर बढ़ने से नहीं रोक पाए। वार्ता विफल रही। परन्तु, श्रीलंकाई सरकार ने अपहृत मालवाहक जहाज को श्रीलंकाई जलक्षेत्र में अनुमति देने से इनकार कर दिया।

6 नवंबर की सुबह, अंतिम चेतावनी देने के बाद भी जब एमवी प्रोग्रेस लाइट के अपहर्ताओं ने सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी तो भारतीय नौसेना ने करवाई शुरू कर दी। पहले छोटे हथियारों से हमले किये गए। जब एमवी प्रोग्रेस लाइट ने अभी भी रुकने से इनकार कर दिया तो फॉरवर्ड कार्गो सेक्शन पर एक बाद हमला किया गया। जहाज पूर्णतः ध्वस्त हो गया और तुरंत रुक गया। भारतीय नौसेना बलों ने अपहृत जहाज से बंधकों को छुड़ाया। भाड़े के सैनिकों को मालदीव सरकार को सौंप दिया गया।

7 नवंबर को जलती हुई एमवी प्रोग्रेस लाइट डूबते हुए उद्घोष करती गई कि भारत के साहस का सूर्य सदा सर्वदा के लिए चमकता रहेगा। मिशन को नई दिल्ली के युद्ध कक्ष में सफल घोषित किया गया था जो स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा था।

ऑपरेशन कैक्टस का वैश्विक प्रभाव पड़ा। भारत दक्षिण एशिया की क्षेत्रीय शक्ति के रूप में उभरा। अमेरिका और ब्रिटेन समेत दुनिया भर के नेताओं ने भी इस खतरे में भारत की भूमिका की सराहना की थी। विश्व ने भारत का पराक्रम देखा था। भारतीय सेना ने वो किया था जिसे करने में विश्व कि महाशक्तियों नें भी असमर्थता ज़ाहिर कर दी थी और वो भी इतनी जल्दी और बिना किसी जान माल  के नुकासान के। दुनिया दंग थी। विश्व आज भी भारतीय सेना के इस पराक्रम ऑपरेशन कैक्टस को अपने सैन्य पाठ्यक्रम में पढ़ता है।

और पढ़े : ‘ऑपरेशन सनराइज़’ से कैसे म्यांमार कर रहा है चीन के नापाक इरादो का ‘सूर्यास्त’

Tags: Operation Cactusभारतमलेशिया
शेयर19ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

COP26 में PM मोदी ने हासिल की वैश्विक प्रशंसा, तो बाइडन सोते रह गए

अगली पोस्ट

तृणमूल कांग्रेस को चार सीट ‘दान करने’ पर तथागत रॉय ने लगाई बंगाल बीजेपी की क्लास!

संबंधित पोस्ट

पीएम मोदी ने दिखाई भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी
चर्चित

पीएम मोदी ने दिखाई भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी, रेलवे में शुरू हुआ स्वच्छ तकनीक का नया दौर

17 July 2026

 पीएम मोदी ने शुक्रवार को देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही भारतीय रेलवे ने स्वच्छ...

पश्चिम बंगाल में दर्दनाक रेल हादसा
चर्चित

पश्चिम बंगाल में दर्दनाक रेल हादसा, स्कूल वैन को ट्रेन ने मारी टक्कर, दो बच्चों समेत तीन की मौत

17 July 2026

पश्चिम बंगाल के बहरामपुर में गुरुवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा हो गया। स्कूल के बच्चों को लेकर जा रही एक वैन रेलवे क्रॉसिंग पार...

सोनम वांगचुक 20 दिन की भूख हड़ताल
चर्चित

सोनम वांगचुक 20 दिन की भूख हड़ताल के बाद बिगड़ी हालत, डॉक्टरों ने दी ऑर्गन फेलियर की चेतावनी

17 July 2026

पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। लंबे समय से भोजन न करने के कारण...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

00:04:16

China's War on Human Rights Lawyers: The Legacy of the 709 Crackdown

00:03:57

IRAN EYES RED SEA GAMBIT

00:02:34

US- IRAN CONFLICT INTENSIFIES

00:03:05

Mass Detentions and Enforced Disappearances: The Aftermath of July 5

00:03:20
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited