TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    प्रधानमंत्री ने गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में भाग लिया

    गणतंत्र दिवस 2026: पीएम मोदी की मरून पगड़ी ने खींचा ध्यान, क्या है इसकी खासियत

    गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायुसेना भव्य फ्लाईपास्ट

    गणतंत्र दिवस 2026 लाइव: गणतंत्र दिवस परेड में दिखी सैन्य शक्ति, ब्रह्मोस–आकाश मिसाइलें और अर्जुन टैंक हुई शामिल

    अंतरिक्ष से सम्मान तक: ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र

    गणतंत्र दिवस पर ऐतिहासिक सम्मान: अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र

    भारतीय वायुसेना “ऑपरेशन सिंदूर” फॉर्मेशन के साथ फ्लायपास करेगी

    गणतंत्र दिवस: सेना दिखाएगी अपनी युद्ध शक्ति, परेड में EU का दस्ता भी होगा शामिल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायुसेना भव्य फ्लाईपास्ट

    गणतंत्र दिवस 2026 लाइव: गणतंत्र दिवस परेड में दिखी सैन्य शक्ति, ब्रह्मोस–आकाश मिसाइलें और अर्जुन टैंक हुई शामिल

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    प्रधानमंत्री ने गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में भाग लिया

    गणतंत्र दिवस 2026: पीएम मोदी की मरून पगड़ी ने खींचा ध्यान, क्या है इसकी खासियत

    गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायुसेना भव्य फ्लाईपास्ट

    गणतंत्र दिवस 2026 लाइव: गणतंत्र दिवस परेड में दिखी सैन्य शक्ति, ब्रह्मोस–आकाश मिसाइलें और अर्जुन टैंक हुई शामिल

    अंतरिक्ष से सम्मान तक: ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र

    गणतंत्र दिवस पर ऐतिहासिक सम्मान: अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र

    भारतीय वायुसेना “ऑपरेशन सिंदूर” फॉर्मेशन के साथ फ्लायपास करेगी

    गणतंत्र दिवस: सेना दिखाएगी अपनी युद्ध शक्ति, परेड में EU का दस्ता भी होगा शामिल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायुसेना भव्य फ्लाईपास्ट

    गणतंत्र दिवस 2026 लाइव: गणतंत्र दिवस परेड में दिखी सैन्य शक्ति, ब्रह्मोस–आकाश मिसाइलें और अर्जुन टैंक हुई शामिल

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

संत या पापी? स्काई डॉक्यूमेंट्री ने ‘मदर’ टेरेसा को किया एक्सपोज

इन्हें तो लिबरलों ने संत का दर्जा दे दिया!

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
11 May 2022
in ज्ञान
Teresa

Source- Google

Share on FacebookShare on X

बीते सोमवार को स्काई डॉक्यूमेंट्रीज ने ‘मदर’ टेरेसा पर उनके जीवन के अंधेरे पक्ष और एनजीओ ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ के काले सच को उजागर करने के लिए एक नई डॉक्यूमेंट्री जारी की. मदर टेरेसा: फॉर द लव ऑफ गॉड नामक वृत्त चित्र सीधे उनके करीबी सहयोगियों और उनके दुश्मनों से आने वाली कहानियों को दिखाता है और दर्शकों को उनके पास मौजूद इंजील उत्साह को जानने की अनुमति देता है.

सालों से ‘मदर’ टेरेसा पर धोखेबाज होने के आरोप लगते रहे हैं. आदिम स्वास्थ्य प्रथाओं का पालन करने का उनका समस्याग्रस्त इतिहास और कमजोरों को ईसाई धर्म में परिवर्तित करने के लिए उनके इंजील उत्साह को लेकर उनके आलोचकों द्वारा अनवर आरोप लगाए जाते रहे हैं. नवीनतम वृत्त चित्र का उद्देश्य ‘मदर’ टेरेसा के ‘संतत्व’ के अंधेरे पक्ष को सूचीबद्ध और सुदृढ़ करना एवं विवादास्पद प्रचारक के खिलाफ लगाए गए आरोपों की सत्यता का आंकलन करना है. रिपोर्ट्स के अनुसार, वृत्तचित्र का दावा है कि विश्व स्तर पर ज्ञात ‘संत’ का एक गंभीर स्याह पक्ष था और उन्होंने धारावाहिक दुर्व्यवहार करने वालों एवं अपराधियों का बचाव किया. उन्होंने अपनी छवि को कैथोलिक चर्च के प्रचार उपकरण के रूप में इस्तेमाल करने की भी अनुमति दी.

संबंधितपोस्ट

क्या वाकई में संत थीं मदर टेरेसा? जानें पूरी सच्चाई

मदर टेरेसा : बिन बुलाई “श्वेत मसीहा” !

“मोदी सरकार ने टेरेसा संस्था के बैंक खाते किए फ्रीज”, ऐसा ममता बनर्जी कह रही हैं

और लोड करें

और पढ़ें: विदेशी फंडिंग के मामले में NGOs पर लगाम लगाने की हो गई है तैयारी

क्या है इस वृत्त चित्र में?

मदर टेरेसा: फॉर द लव ऑफ गॉड, मदर टेरेसा के पीछे की सच्चाई का पता लगाने की एक साहसिक कोशिश है, जो समकालीन इतिहास में दुनिया की सबसे विवादास्पद और जटिल शख्सियतों में से एक है. सीरियल गाली देने वालों का बचाव करने से लेकर ननों के कल्याण की अनदेखी करने के कारण मदर टेरेसा को विवादों के केंद्र में रखती हैं. इसमें कुछ सामान्य ज्ञात उदाहरणों पर एक नज़र डाली गई है जिनका वृत्त चित्र में उल्लेख किया गया है.

डेली मेल के एक लेख के अनुसार, टेरेसा का जन्म 1910 में स्कोप्जे, अब उत्तरी मैसेडोनिया के एग्नेस गोंक्सा बोजाक्सीहु में हुआ था. जब वह आठ साल की थी, तब उनके पिता की मृत्यु हो गई थी. गरीबी का सामना करते हुए, उन्होंने चर्च में एकांत जीवन बिताया और 12 वर्ष की उम्र में उसमें शामिल होने का फैसला किया. 18 वर्ष की उम्र में, वह लोरेटो के कैथोलिक सिस्टर्स ऑफ ऑर्डर में शामिल होने के लिए डबलिन गई. एक साल बाद, वह एक शिक्षिका बनने के लिए कलकत्ता आई. वहां, 1946 में उन्होंने दावा किया कि यीशु ने उसे गरीबों की मदद करने का मिशन दिया था. चार साल बाद, 1950 में, उन्होंने गरीबों की सेवा के लिए तत्कालीन कलकत्ता में मिशनरीज ऑफ चैरिटी की स्थापना की. दान के माध्यम से टेरेसा ने अनाथालयों और मरने वालों के लिए घरों का एक वैश्विक साम्राज्य बनाया है.

हालांकि, वृत्त चित्र के अनुसार उनके साथ काम करने वालों का दावा है कि वह चीजों के बारे में अस्पष्ट विचार रखती थी और संभवतः गरीबी और दर्द को आध्यात्मिकता के लिए एक आवश्यकता के रूप में देखती थी. क्रिस्टोफर हिचेन्स ने “द मिशनरी पोजीशन: मदर टेरेसा इन थ्योरी एंड प्रैक्टिस” पुस्तक में दावा किया है कि टर्मिनल कैंसर से पीड़ित रोगियों को अक्सर दर्द निवारक दवाओं से वंचित किया जाता था. दर्द उनके काम का सिर्फ एक उपोत्पाद नहीं था, बल्कि इसका एक अभिन्न हिस्सा था. नन को खुद को कोड़े मारने और तार की जंजीरों को पहनने का निर्देश दिया गया था. कोलकाता के एक पूर्व मेयर ने टेरेसा पर बीमारों का इलाज करने के बजाय उनसे फायदा उठाने का आरोप लगाया था और उन पर कोलकाता को “कोढ़ी और भिखारियों के शहर” के रूप में नकारात्मक छवि बनाने का कुत्सित प्रयास करने का आरोप लगाया.

और पढ़ें: वड़ोदरा स्थित मदर टेरेसा के संगठन पर युवतियों के जबरन धर्म परिवर्तन का मामला हुआ दर्ज

मदर टेरेसा पर आरोप

सुविधाओं में सुधार के लिए धन होने के बावजूद स्वच्छता की कमी, बुनियादी सुविधा से रहित निर्मल हृदय, कोलकाता में मरने वालों के लिए एक धर्मशाला और मिशनरीज ऑफ चैरिटी का खराब प्रबंधन, अस्वच्छ जीवन स्थितियों के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं की कमी के लिए विवादों का केंद्र रहा है. ऐसी कई जांच रिपोर्ट्स सामने आई हैं, जहां स्वयंसेवकों ने मरीजों की देखभाल करने वाली नर्सों या स्वयंसेवकों के लिए गर्म पानी और चिकित्सा प्रशिक्षण की कमी जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी की शिकायत की है. हिचेन्स ने अपनी किताब में बताया है कि कैसे घरों में रहने वाले मरीजों ने देखभाल की कमी का अनुभव किया, जो अपर्याप्त भोजन के साथ अस्वच्छ परिस्थितियों में रहते थे. मैरी लाउडन नामक एक स्वयंसेवक की गवाही का हवाला देते हुए, हिचेन्स का कहना है कि निर्मल हृदय में सुइयों का पुन: उपयोग किया जाता था. क्यूबा में जन्मे मियामी रियल-एस्टेट ब्रोकर हेमली गोंजालेज ने 2008 में निर्मल हृदय में एक स्वयंसेवक के रूप में काम किया था. वो एक सच्ची तस्वीर पेश करते हुए वृत्त चित्र इन और ऐसे कई अन्य आरोपों की समीक्षा करता है.

वेटिकन बैंक को सबसे अधिक दान

वेटिकन बैंक को सबसे अधिक दान देना भी आश्चर्य हो सकता है कि अगर मिशनरीज ऑफ चैरिटी के पास आवश्यक धन था तो सुविधाएं अपर्याप्त क्यों थी?  हालांकि, कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि मदर टेरेसा के लिए पैसा कभी कोई मुद्दा नहीं था. वास्तव में, 1980 के दशक के मध्य तक चैरिटी को 100 मिलियन पाउंड का दान मिल रहा था, लेकिन इसका अधिकांश हिस्सा वेटिकन बैंक को दान कर दिया गया था. तानाशाहों, दोषियों, दुर्व्यवहारियों की टेरेसा ने कई मौकों पर  प्रशंसा की जिसमें अल्बानिया में अपने 41 साल के शासन के दौरान एनवर हलिल होक्सा जैसे तानाशाह भी शामिल हैं, जिन्होंने जबरन श्रम शिविर चलाए और असंतुष्टों को मार डाला तथा धर्म को गैरकानूनी घोषित कर दिया.

लेखक अरूप चटर्जी ने कथित तौर पर अपनी पुस्तक मदर टेरेसा: द फाइनल वर्डिक्ट में लिखा है कि इंदिरा गांधी द्वारा भारत में आपातकाल की घोषणा के बाद, उन्होंने कहा था- “लोग खुश हैं, अधिक नौकरियां हैं, कोई हड़ताल नहीं है.” 1980 में, गांधी ने टेरेसा को उनके मानवीय कार्यों के लिए सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किय. डॉक्यूमेंट्री का दावा है कि मदर टेरेसा ने चर्च द्वारा की गई कई ज्यादतियों को दफनाने में मदद की, जिसमें सीरियल चाइल्ड मोलेस्टर रेवरेंड डोनाल्ड मैकगायर के खिलाफ दुर्व्यवहार के आरोपों को खारिज करना भी शामिल है.

और पढ़ें: ‘झारखंड में बच्चों को बेचा जा रहा है,’ NCPCR ने मदर टेरेसा की मिशनरी के खिलाफ SIT जांच की मांग की है

Tags: मदर टेरेसास्काई डॉक्यूमेंट्री
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

पीएम ओली की गलतियाँ नहीं दोहराएंगे पीएम शेर बहादुर देउबा

अगली पोस्ट

उत्तर-भारतीयों के विरोध की राजनीति करने वाले राज ठाकरे की अयोध्या यात्रा का विरोध हो रहा है

संबंधित पोस्ट

नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!
इतिहास

नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

23 January 2026

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की वर्ष 1945 में हुए विमान हादसे में मृत्यु होने के दावे को लगभग खारिज किया जा चुका है, लेकिन इससे...

भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार
ज्ञान

हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

3 January 2026

सनातन दृष्टि में धर्म ही अधिकारों का आधार है - जहाँ प्रत्येक व्यक्ति को सत्य, जीवन, सम्मान, विचार और आस्था की स्वतंत्रता प्राप्त है, बशर्ते...

भारतीय संविधान
ज्ञान

हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

31 December 2025

मौलिक अधिकार (फंडामेंटल राइट्स) भारतीय संविधान की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक हैं। इनका लक्ष्य भारत के नागरिकों को गरिमापूर्ण जीवन जीने का अवसर...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited