TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

बॉलीवुड को बचाने का एक मात्र तरीका, प्रोड्यूसर्स संभालें अपना मोर्चा

इस तरीके से बॉलीवुड निर्माता लगातार असफलताओं के कुचक्र को तोड़ सकेंगे ! 

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
21 August 2022
in प्रीमियम
Bollywood

Source- TFIPOST.in

Share on FacebookShare on X

बड़ी कठिन डगर है इस समय बॉलीवुड की। न कोई इनकी सुनना चाहता है, न कोई इनकी फिल्में चाहता है। ऊपर से सुधरने के बजाए इस उद्योग के कलाकार ऊटपटाँग बयान देकर अपनी ही लंका लगाने का पूर्ण प्रबंध करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। तो क्या बॉलीवुड का विनाश सुनिश्चित मान ले? नहीं, ऐसा भी नहीं है क्योंकि उद्योग भी कोई हो – सबका फॉर्मूला एक ही है – बाप बड़ा न भैया, सबसे बड़ा रुपैया।

अगर आपको फिल्म उद्योग को समझना है, तो फिल्म उद्योग के अर्थ को समझना पड़ेगा, यानी फिल्म के अर्थशास्त्र को और पिछले कुछ दिनों या कुछ माह में जो कुछ भी घटित हुआ है उसके अनुसार ये विश्लेषण और भी अधिक महत्वपूर्ण है।

संबंधितपोस्ट

बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

सलमान से शाहरुख तक, ऑपरेशन सिंदूर पर क्यों खामोश रहे ‘रील हीरोज़’?

वैष्णो देवी मंदिर के पास रशियन छोरी संग शराब पी रहा था ‘बॉलीवुड का लाल’ ओरी, पुलिस ने दिए गिरफ्तारी के आदेश

और लोड करें

वो कैसे? विगत कुछ दिनों या माह में आपने दो बातें तो पक्का देखी होंगी – बॉलीवुड के पतन और बहुभाषीय सिनेमा का उद्भव एवं उसके ताबड़तोड़ सफलता। परंतु इसके पीछे का जो गूढ अर्थशास्त्र, जो सिस्टम, जो नेटवर्क है, उसे समझना भी उतना ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि अब जो परिवर्तन भारतीय सिनेमा में होने वाला है, वो काफी कुछ बदलेगा, निर्माताओं के लिए, अभिनेताओं के लिए, निर्देशकों के लिए, लेखकों के लिए, यहाँ तक कि डिस्ट्रीब्यूटरों तक के लिए।

और पढ़ें: कैसे बॉलीवुड के अजेय खानों को क्रोधित हिंदुओं ने ध्वस्त कर दिया

इस कथा की उत्पत्ति होती है सन 60 के दशक से। तब टिकट खिड़की ही तय करती थी कि आपकी फिल्म की औकात क्या है। ‘शहीद’ हो या ‘शोले’, आप सिनेमा के सम्राट तभी बन सकते थे जब टिकट खिड़की पर ‘हाउस फुल’ का पदक आपको मिल जाए, और उसपर आपको ‘सिल्वर जुबली’ या ‘प्लैटिनम जुबली’ मिलना आज के समय के 100 करोड़, 1000 करोड़ क्लब से कम नहीं होता था। उस समय न सैटेलाइट थे, न मल्टीप्लेक्स, OTT, और विकल्पों की तो बात ही छोड़ दीजिए। तब लोगों के पास एक ही विकल्प था– सिंगल स्क्रीन सिनेमाघर। आज जो आप गेटी गैलेक्सी, ओडियन, प्लाज़ा जैसे बड़े बड़े सिनेमाघरों की बातें सुनते हैं, इनसे नींव स्थापित हुई एक प्रणाली की– डिस्ट्रीब्यूटरशिप की।

डिस्ट्रीब्यूटरशिप माने क्या? स्पष्ट शब्दों में फिल्मों का वितरण। अधिक सरल शब्दों में बोले तो फिल्मों का बिचौलिया। यह एक “विशेष फूड चेन” समान हैं, जिसमें नींव समान है स्क्रिप्ट, यानी लेखक, जिसके पटकथा के आधार पर फिल्म बननी है। इसके ऊपर आता है कास्टिंग एजेंसी, या प्रोमोशन कंपनी जिनसे कथा को स्क्रीन पर चित्रित करने हेतु संपर्क साधा जाता है। इनके साथ फिल्म का क्रू भी होता है। जिसमें कास्टिंग क्रू से लेकर अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।

इनके बीच में आते हैं डिस्ट्रीब्यूटर, जिनका काम है फिल्म को वितरित करना, और इनकी भूमिका किसी भी फिल्म को ऊपर ले जाने या नीचे पटकने में बड़ी महत्वपूर्ण होती है। फिर आते हैं अभिनय करने वाले कलाकार, एवं फिल्म को निर्देशित करने वाले। और सबसे ऊपर होते हैं फिल्म को निर्मित करने वाले यानी प्रोड्यूसर। प्रोड्यूसर के ही आदेश पर फिल्म का सारा खेल चलता है। अब ये तो हुई फिल्म को चलाने वालों की बात, परंतु प्रश्न तो अब भी व्याप्त है – इसका वर्तमान परिस्थितियों से क्या वास्ता? जैसे कि पूर्व में बताया आपने दो बातों पर तो ध्यान अवश्य दिया होगा – बॉलीवुड का पतन और बहुभाषीय सिनेमा का उद्भव।

और पढ़ें: Boycott Bollywood ने मायानगरी के खोखलेपन को उजागर किया और कई फ़िल्में बर्बाद कर दीं

इसका असर आर्थिक रूप से कैसे बॉलीवुड पर पड़ता है?

मान लीजिए आप एक बावर्ची हो केशव, जिसकी विशेषज्ञता ऐसी है कि वह गाँव के धनुआ से लेकर मेट्रो के डैनी तक को आकर्षित कर दे और दूसरी ओर एक ऐसा बावर्ची है KD जो केवल अति धनाढ्य एडम के पसंद के पकवान ही पेश करे और वही पकवान सब पर थोपने का प्रयास करे। अब बताइए अधिक लोकप्रिय कौन होगा? केशव, या KD। यही अंतर है। आज के बहुभाषीय सिनेमा और बॉलीवुड में।

विश्वास नहीं होता, तो आप अनुराग कश्यप के बयान का विश्लेषण ही कर लीजिए। अनुराग कश्यप का मानना है कि बॉलीवुड की फिल्में नहीं चल रही हैं क्योंकि देश की अर्थव्यवस्था गर्त में है और पनीर पर जीएसटी लगा हुआ है और इन बातों से ध्यान भटकाने के लिए बॉयकॉट अभियान चलाया जा रहा है। चलो मान लिया वैसे ऐसा मानसिक दिवालियापन मानना नहीं चाहिए पर मान लिया, परन्तु ‘द कश्मीर फाइल्स’, ‘सीता रामम’, ‘कार्तिकेय 2’, ‘विक्रम’, ‘777 चार्ली’ और ‘रॉकेट्री’ की सफलता के बारे में क्या कहेंगे?

इनमें से कई के बजट तो आपके फिल्म के बजट से भी काफी कम थे – 25 करोड़ के आसपास भी नहीं रहे होंगे कई तो ऐसे समय पर प्रदर्शित हुई जब अनुराग कश्यप के शब्दों में महंगाई अपने चरमसीमा पर थी और फिर भी इन सब ने न केवल अपना मूल बजट रिकवर किया। अपितु भारत और भारतीयता का मान भी रखा और कइयों ने तो 100, 200, यहाँ तक कि 300 करोड़ का रिकॉर्ड भी लांघते हुए अपनी अलग पहचान बनाई।

और पढ़ें: पिछले 6 महीने में 75 फीसदी फिल्में डूब गईं, ये हैं बॉलीवुड के बर्बाद होने के मुख्य कारण

बॉलीवुड निर्माताओं को ऐसा करना पड़ेगा जिससे वे लगातार असफलताओं के कुचक्र को तोड़ सकें? 

बॉलीवुड को सर्वप्रथम ये स्वीकारना ही होगा कि जनता से बड़ा कोई नहीं है। यही जनता उन्हे सर आँखों पर बिठा सकती है और यही जनता उन्हे जमीन पर पटक भी सकती है। यह बात शायद अजय देवगन और कार्तिक आर्यन से बेहतर कोई नहीं जानते। जिस ओर बॉलीवुड के बड़े बड़े सितारे सितारे धूल चाटते दिखाई दे रहे हैं उस ओर ये दो अभिनेता न केवल मनोरंजक फिल्में प्रदान कर रहे हैं। अपितु मूल संस्कृति से भी समझौता नहीं करते। चाहे वो फिल्मी स्तर पर हो या निजी स्तर पर। ‘रनवे 34’ एक अपवाद थी, परंतु लोग ये भी भूलते हैं कि अजय देवगन ने इस वर्ष के सबसे बड़े ब्लॉकबस्टर में से एक ‘रौद्रम रणम रुधिरम’ में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जो कम से कम एक बॉलीवुड अभिनेता के कद अनुसार छोटा तो कतई नहीं था।

जब कोई ‘शमशेरा’ या ‘लाल सिंह चड्ढा’ जैसी फिल्म हफ्तों पहले अनेकों स्क्रीन पर डेरा डाल ले तो न चाहते हुए भी डिस्ट्रीब्यूटर को स्क्रीन लुटाने पड़ते हैं। योग्य फिल्म जाए तेल लेने, परंतु जब ये फिल्म न लेने तो क्या वितरकों और फिल्म से जुड़े अन्य लोगों का ख्याल रखा जाए इस बात की गारंटी कौन देगा? संजय दत्त ने तो छाती ठोंक के बोल दिया कि जनता का ‘शमशेरा’ के प्रति क्रोध उन्हे स्वीकार्य नहीं, परंतु निरंतर घटिया पे घटिया फिल्में देंगे और बाकी लोगों के मेहनत का पैसा डकारेंगे तो लोग आपकी आरती तो नहीं उतारेंगे न।

यहीं से उत्पन्न होते हैं ‘बॉयकॉट’ अभियान जिसने आज एक ऐसा भीषण रूप धारण कर लिया जिसे बॉलीवुड को संभालते नहीं बन रहा है। बॉलीवुड को लगता है ये अनुचित है ये अंधविरोध है, परंतु आप कब तक सत्य से मुंह फेरोगे?

और पढ़ें: लाल सिंह चड्ढा के बॉयकॉट की आंधी क्या उठी, आमिर खान तो घुटने पर आ गए!

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: बहुभाषीय सिनेमाबॉयकॉटबॉलीवुड
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भारत को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि रूस पहले UPI और RuPay में ग्रेजुएट हो!

अगली पोस्ट

प्रिय शक्तिकांत दास, UPI पर चार्ज लगाना आत्मघाती कदम है

संबंधित पोस्ट

भारत का अंतरिक्ष धमाका 2026: ISRO के गगनयान मिशन से टूटेगा अमेरिका का घमंड, पाकिस्तान और चीन रहेंगे स्तब्ध
चर्चित

भारत का अंतरिक्ष धमाका 2026: ISRO के गगनयान मिशन से टूटेगा अमेरिका का घमंड, पाकिस्तान और चीन रहेंगे स्तब्ध

3 November 2025

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, ISRO, ने एक बार फिर साबित कर दिया कि विज्ञान और तकनीक में भारत किसी से पीछे नहीं है। मार्च 2026...

क्या नेताजी सचमुच 1945 में मारे गए थे? मुथुरामलिंगा थेवर और गुमनामी बाबा ने खोला रहस्य
इतिहास

क्या नेताजी का निधन सचमुच 1945 विमान हादसे में हुआ था? मुथुरामलिंगा थेवर और गुमनामी बाबा ने खोला रहस्य

31 October 2025

रहस्य जो आज भी जीवित है जब इतिहास की किताबों में लिखा गया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस 1945 में विमान हादसे में मरे, तो...

कांग्रेस की संघ से डर नीति पर अदालत की चोट: जनता के अधिकार कुचलने की कोशिश पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने लगाया ब्रेक
चर्चित

कांग्रेस की संघ से डर नीति पर अदालत की चोट: जनता के अधिकार कुचलने की कोशिश पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने लगाया ब्रेक

29 October 2025

कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार के लिए यह क्षण किसी राजनीतिक झटके से कम नहीं है। राज्य की धारवाड़ बेंच ने सरकार के उस विवादास्पद सरकारी...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

00:04:16

China's War on Human Rights Lawyers: The Legacy of the 709 Crackdown

00:03:57

IRAN EYES RED SEA GAMBIT

00:02:34

US- IRAN CONFLICT INTENSIFIES

00:03:05

Mass Detentions and Enforced Disappearances: The Aftermath of July 5

00:03:20
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited