राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से जुड़े 180 संगठनों में 40 ऐसे मुखौटे संगठन हैं जिन्हें महाराष्ट्र सरकार ने अर्बन नक्सली घोषित कर रखा है।
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

‘राहुल गांधी की यात्रा में अर्बन नक्सली’: जानिए कौन है लाल आतंकियों का ‘बुद्धिजीवी वर्ग’, महाराष्ट्र में आ गया बिल

फडणवीस ने कहा कि अर्बन नक्सलियों ने भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारों को अस्थिर करने की साजिश रचने के लिए नेपाल में मीटिंग की थी

Akash Sharma Nayan द्वारा Akash Sharma Nayan
20 December 2024
in चर्चित, राजनीति
राहुल गांधी अर्बन नक्सली

राहुल गांधी की यात्रा में शामिल थे अर्बन नक्सली: देवेंद्र फडणवीस

Share on FacebookShare on X

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि भारत जोड़ो यात्रा में अर्बन नक्सली संगठन शामिल थे। महाराष्ट्र विधानसभा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अर्बन नक्सलियों ने भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारों को अस्थिर करने की साजिश रचने के लिए नेपाल में मीटिंग की थी। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मामले के तार टेरर फंडिंग से जुड़ रहे हैं, ATS ने इसकी जांच शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से जुड़े 180 संगठनों में 40 ऐसे मुखौटे संगठन हैं जिन्हें महाराष्ट्र की सत्ता में रही कांग्रेस-एनसीपी सरकार ने अर्बन नक्सली घोषित कर रखा है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले 15 नवंबर, 2024 को नेपाल की राजधानी काठमांडू में अर्बन नक्सलियों की एक बैठक हुई थी।

संबंधितपोस्ट

मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

धर्मेंद्र प्रधान का संसद में सम्मान के साथ स्वागत, NDA ने दिया एकजुटता का संदेश; इस्तीफे के बाद पहली बार पहुंचे संसद

पटना में बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, कई लोग घायल

और लोड करें

इस बैठक में ईवीएम का विरोध करने और महाराष्ट्र समेत अन्य भाजपा शासित राज्यों में ईवीएम को हटाकर बैलेट पेपर से चुनाव कराने पर बात की गई थी। इस बैठक में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने वाले कई संगठनों ने भाग लिया था। फडणवीस ने यह भी कहा कि भारतीय चुनावों में विदेशी हस्तक्षेप के पर्याप्त सबूत हैं। विपक्ष अपने कंधों का इस्तेमाल किसी और को करने दे रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र सरकार अर्बन नक्सल पर रोक लगाने के लिए विधानसभा में ‘महाराष्ट्र स्पेशल पब्लिक सिक्योरिटी एक्ट-2024’ पेश कर चुकी है।

आतंक की दुनिया में इस्लामिक आतंकवाद से बड़ा कोई दूसरा आतंकवाद नहीं है, लेकिन यदि यह कहा जाए कि भारत में हिंसक हमलों में होने वाली सबसे अधिक मौतों का कारण वामपंथी आतंकवाद है तो लोग आश्चर्य से भर जाते हैं। वास्तव में यह एक कड़वा सच है कि भारत में आतंकवाद से होने वाली सबसे अधिक मौतों का कारण जिहादी नहीं, बल्कि वामपंथी हैं।

वामपंथी आतंकवाद और अर्बन नक्सल:

अर्बन नक्सल को विस्तार से समझने से पहले वामपंथी आतंकवाद को समझना होगा। भारत में वामपंथी आतंकवाद इस कदर हावी है कि यदि इस पर रोक नहीं लगाई गई तो यह बहुत जल्द लोकतंत्र के लिए नासूर बन जाएगा। अमेरिका द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार सीरिया और इराक में कहर बरपाने वाले इस्लामिक स्टेट और अफगानिस्तान के लिए नासूर बने तालिबान के बाद भारत का नक्सली संगठन विश्व का तीसरा सबसे हिंसक आतंकी संगठन है। अर्बन नक्सल

दरअसल, वामपंथ आतंक की दुनिया का एक ऐसा नाम है जिसने क्रांति के नाम पर पूरी दुनिया में भीषण नरसंहार किया है। वामपंथी विचारधारा, जिहादियों की मानसिकता से कहीं अधिक कुत्सित विचारधारा है। बेशक वामपंथी आतंक लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और आईएसआईएस जैसे इस्लामी आतंकवाद से अलग है लेकिन मंसूबे सभी के एक हैं।

वामपंथियों की निर्ममता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि क्रांति के नाम पर ‘लाल आतंकियों’ द्वारा की गई हत्याओं की संख्या प्रथम व द्वितीय विश्वयुद्ध में मारे गए सैनिकों की कुल संख्या से कहीं अधिक है। लाल आतंकियों की मंशा हमेशा से यही रही है कि वर्ग संघर्ष के नाम पर जनता को भड़काया जाए और फ़िर सिंहासन में बैठकर, सत्ता की जूतियों तले आम-आवाम को आसानी से कुचला जा सके।

यूँ तो मार्क्स और लेनिन के नक्शे कदम पर चलने वाले वामपंथी, देश को हिंसक लाल रंग में रंग देने के लिए हर रोज़ कोई न कोई रणनीति तैयार करते रहते हैं किन्तु आज जब पूरा देश कोरोना के ख़िलाफ़ युद्धरत है तब लाल आतंकी राष्ट्रीय एकता को विध्वंस कर आतंक फैलाने के लिए निश्चित ही कोई न कोई व्यूह रचना तैयार कर रहे होंगे।

वास्तव में, वामपंथ कोई सामान्य मसला नहीं है, बल्कि यह आतंकवाद का ऐसा घिनौना रूप है जिसे जड़ से समाप्त करना बेहद जरूरी हो गया है। वामपंथी वर्तमान राजनीतिक, आर्थिक व्यवस्था को ध्वस्त कर नई माओवादी व्यवस्था लाना चाहते हैं, ये हमेशा से ही भारतीय संविधान, न्याय व्यवस्था समेत विकास के तमाम मुद्दों का विरोध करने के साथ-साथ समाज को उकसाने के लिए सशस्त्र संघर्ष को भी बल देते रहे हैं।

सरकारी आंकड़ों की माने तो पिछले 9-10 वर्षों में जनजातीय इलाकों और जंगलों में इन लाल आतंकियों के आतंक में कमी आयी है, लेकिन इस दौरान यह लाल आतंक जंगल से निकलकर शहर तक जा पहुंचा है। आज देश के कई बड़े शहरों में आतंक के नए आकाओं के रूप में पढ़े-लिखे अर्बन नक्सलियों की नई पीढ़ी तैयार हो चुकी है। इस नई पीढ़ी का काम शहर में अर्बन नक्सलियों की एक ऐसी पौध तैयार करना है जो कि नक्सलवाद के विचार को फैलाने में हर तरीके से मदद कर सके।

वास्तव में, अर्बन नक्सलवाद तथाकथित बुद्धिजीवियों की उस गैंग का नाम है जो माओवाद को बैक डोर से सपोर्ट करती है। इस गैंग में ऐसे प्रबुद्ध वर्ग को सम्मिलित किया जाता है जिनसे युवा वर्ग प्रभावित हो, या फिर जिनके प्रभाव से अर्बन नक्सलियों की इस गैंग के सदस्यों की संख्या में इज़ाफ़ा हो सके।

जानकार मानते हैं कि अर्बन नक्सलवाद को बढ़ावा देना नक्सलियों की सोची समझी रणनीति का हिस्सा है, यही नहीं वर्तमान में नक्सलियों की असली ताक़त व चेहरा भी अर्बन नक्सली ही हैं। देश की सियासत में कब्ज़ा करने का मंसूबा पाले जंगल में छिपे हुए माओवादी जब कमज़ोर हो रहे होते हैं तब उनके लिए हथियार और फंड की व्यवस्था कराने की जिम्मेदारी अर्बन नक्सलियों की ही होती है। राहुल गांधी अर्बन नक्सली

क़ायदे से समझें तो अर्बन नक्सलियों ने ही कमज़ोर होते माओवाद को असली ताकत प्रदान की है। जंगल से गांव और गांव से शहर तक के माओवादियों के सफर को अर्बन नक्सलियों ने आसान कर दिया है, इसके अलावा सरकारी तंत्र से जुड़ी हुई सारी खबरों और सूचनाओं का आदान-प्रदान भी अर्बन नक्सलियों के माध्यम से ही होता है।

मतलब साफ है कि जंगल और आदिवासी इलाकों में आतंक फैलाने के बाद वामपंथी आतंकियों का नया गढ़ है ‘अर्बन एरिया’ यानी कि शहरी क्षेत्र, जहाँ शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे छात्रों को बहला-फुसलाकर पहले वामपंथी बनाया जाएगा और फिर उकसाकर आतंकी।

पूर्व प्रोफेसर और राजनीतिक विश्लेषक एस. आर. उपाध्याय कहते हैं, “अर्बन नक्सलवाद, वामपंथी आतंकवाद विचारधारा की उस श्रेणी का नाम है जो आतंकियों की सहायता करने के अलावा देश के अंदर हिंसा भड़काने के लिए योजना भी तैयार करती है, भीमा कोरेगांव में हुई हिंसा इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है कि अर्बन नक्सलियों ने जंगल के आतंक को शहरों तक पहुंचा दिया है।”

वामपंथी आतंकी अपनी विचारधारा मजबूत करने और सत्ता में स्थापित होने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हो सकते हैं। नई योजना के अंतर्गत लाल आतंकियों ने देश के अंदर चल रहे विभिन्न लोकतांत्रिक आंदोलनों जैसे आदिवासियों, मजदूरों और किसानों के आंदोलन में घुसपैठ करना शुरू कर दिया है। इन लोकतांत्रिक आंदोलनों में घुसपैठ के बाद आंदोलनकारियों को हिंसा के लिए उकसाना भी वामपंथी आतंकियों की रणनीति का ही हिस्सा है।

यह स्पष्ट है कि इस देश के शहर ही पूंजीपतियों और शिक्षाविदों की शक्ति के केंद्र हैं, यही नहीं शहरों में ही प्रशासन, न्यायपालिका, विधायिका, सेना आदि की प्रभावी उपस्थिति है, ऐसे में लाल आतंकियों का पहला निशाना शहर ही हैं क्योंकि यदि शहरों में हिंसा और अराजकता का माहौल पैदा कर दिया गया तो राज्य के अधिकांश संसाधन शहरों की सुरक्षा में व्यस्त हो जाएंगे और फ़िर जंगलों को सत्ता का केंद्र मान कर बैठे हुए माओवादी ‘गोरिल्ला सेना’ के ज़रिए शेष क्षेत्रों में कब्ज़ा करने और सत्ता को चुनौती देने के मकसद में कामयाब हो जाएंगे। राहुल गांधी अर्बन नक्सली

वर्तमान परिदृश्य में हमें यह समझना होगा कि वामपंथी आतंकी व उनका समर्थन करने वाली शक्तियाँ किसी व्यक्ति विशेष या दल की विरोधी नहीं हैं बल्कि वह इस राष्ट्र की विरोधी हैं, इसलिए तमाम राजनीतिक दलों को माओवादियों और तथाकथित बुद्धिजीवियों के समर्थन में खड़े न होकर उनका खुलकर विरोध करना चाहिए।

निःसन्देह वामपंथी आतंकवादियों के समर्थन में खड़े होने पर कुछ राजनीतिक दलों को वोट बैंक में लाभ होने की संभावना दिखाई दे रही हो, किन्तु यदि वे दल लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास करते हैं तो वे भी माओवादियों की नज़र में विरोधी ही हैं और आज भले ही वामपंथी इन दलों के साथ मिलकर देश को तोड़ने की चाल चल रहे हों लेकिन यदि उन्हें मौका मिला तो ये उग्रवादी सत्ता की लालसा में भीषण नरसंहार करेंगे।

इतिहास गवाह है कि वामपंथियों ने जिन देशों में सत्ता पाई है वहां बिना किसी कारण करोड़ों लोगों की हत्याएं कर दी गईं और उन हत्याओं को वामपंथी सही भी ठहराते आए हैं, तो फिर यदि इन वामपंथियो को हिन्दुस्तान में सत्ता स्थापित करनी होगी तो ये निश्चित ही आतंक का रास्ता अपनाएंगे।

वास्तव में यह हैरान करता है कि कुछ लोग ऐसे खतरनाक तत्वों का समर्थन केवल इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें हर मसले पर वर्तमान सरकार का विरोध करना है, जबकि वामपंथी आतंकवाद का समर्थन, सरकार का विरोध नहीं बल्कि राष्ट्र का विरोध है।

Tags: Bharat Jodo YatraBJPMaharashtraNepalRahul GandhiUrban Naxalismअर्बन नक्सलीदेवेंद्र फडणवीसनेपालभाजपामहाराष्ट्रराहुल गाँधी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

तब तस्लीम रहमानी था, अब प्रियंका भारती हैं… TRP के लिए हिन्दू धर्मग्रंथ फाड़ते हैं, अन्य मजहबी किताबों को छूने की भी हिम्मत नहीं

अगली पोस्ट

लड़कियों का तस्कर कट्टरपंथी तालेब बना हत्यारा, जर्मनी के क्रिसमस बाजार में BMW से मौत का तांडव

संबंधित पोस्ट

बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक
चर्चित

मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

7 August 2026

बड़ी ख़बर दिल्ली से है, जहां बीजेपी आलाकमान ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ अहम बैठकें की हैं। सूत्रों की...

थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट
चर्चित

थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

4 August 2026

एअर इंडिया की थाइलैंड के फुकेत से दिल्ली आ रही एक उड़ान सोमवार को अचानक आए तेज टर्बुलेंस की चपेट में आ गई। टर्बुलेंस इतना...

र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है
चर्चित

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

25 July 2026

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट के पेपर लीक विवाद ने आखिरकार एक बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। पिछले कई हफ्तों से...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39

INS NIPUN: MEET INDIA’S NEW DSV

00:03:05

POJK ERUPTS IN PROTEST

00:02:53

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

00:58:34

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

00:03:23
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited