इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) की अहम बैठक से पहले दिल्ली में राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाने वाले पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों में कई विपक्षी नेताओं के पुराने बयानों को दिखाया गया है, जिनमें राहुल गांधी की कार्यशैली और नेतृत्व की आलोचना की गई थी।
कांग्रेस का कहना है कि इस बैठक में देशभर के 23 राजनीतिक दल शामिल हो रहे हैं। हालांकि, आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। वहीं, डीएमके नेता एमके स्टालिन के भी कांग्रेस से नाराज होने की चर्चा है।
पोस्टरों में एनसीपी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार का बयान भी शामिल है। उन्होंने पहले कहा था कि राहुल गांधी में निरंतरता (Consistency) की कमी है। महाराष्ट्र और हरियाणा में कांग्रेस की हार के बाद भी राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठे थे।
केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन का बयान भी पोस्टरों में दिखाया गया है। उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी राष्ट्रीय स्तर के नेता हैं, लेकिन उनमें उतनी राजनीतिक समझ नहीं है जितनी कांग्रेस के एक सामान्य कार्यकर्ता में होती है।
आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल के उस बयान को भी पोस्टरों में जगह दी गई है, जिसमें उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान लोगों से कांग्रेस को वोट न देने की अपील की थी। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का कांग्रेस पर किया गया व्यंग्य भी पोस्टरों में शामिल है।
इसके अलावा, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पुराना बयान भी पोस्टरों में लगाया गया है। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस अपनी विश्वसनीयता खो रही है और उस पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता।
डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन का बयान भी पोस्टरों में दिखाया गया है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं की तुलना ऐसे लोगों से की थी, जो उसी नाव में छेद करते हैं जिसमें वे खुद सफर कर रहे होते हैं।
दिल्ली में लगी इस पोस्टरबाजी ने इंडिया गठबंधन की बैठक से पहले राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। अब सभी की नजर इस बैठक पर है कि विपक्षी दल एकजुटता का कितना मजबूत संदेश दे पाते हैं।






























