लोक-कल्याण संचारक और संदेशवाहक देवर्षि नारद एवं वर्तमान पत्रकारिता की स्थिति
सूचना और संवाद मानव सभ्यता के प्राण हैं। भारतीय परंपरा में यदि संवाद-कला का कोई आदिपुरुष है तो वह देवर्षि नारद हैं। उन्हें ब्रह्मा का मानस-पुत्र, त्रिलोक-संचारी, वीणाधारी और ‘सूचना-वाहक’ कहा गया है। आज की पत्रकारिता, जो...























