TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा

    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा, मोदी पर पश्चिमी दबाव को किया खारिज; भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का किया समर्थन

    राजीव गांधी

    जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

    Cockroach Janta Party

    Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा

    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा, मोदी पर पश्चिमी दबाव को किया खारिज; भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का किया समर्थन

    राजीव गांधी

    जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

    Cockroach Janta Party

    Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

बिहार चुनाव का वोट गणित

Toyaj Bhushan Mishra द्वारा Toyaj Bhushan Mishra
12 November 2015
in समीक्षा
बिहार चुनाव का वोट गणित
Share on FacebookShare on X

बिहार चुनाव महागठबंधन की महाजीत के साथ समाप्त हो चुका है | आरोप-प्रत्यारोप का एक स्वाभाविक दौर शुरू हुआ है | छीछालेदर की जो कसर चुनाव में रह गयी थी वो दिवाली की रात जलने में असफल पटाखों की तरह अब निकल रही | बिहार की राजनीति का ज़रा सा भी ज्ञान न रखने वाला व्यक्ति भी आपको ये बताते नहीं थकेगा कि किस तरह भाजपा अपने नेताओं की बदजुबानी और असंतुष्ट ‘विभीषणों’ के कारण पराजय को प्राप्त हुयी | अगर आप अटल बिहारी वाजपेयी एवं कुछ अन्य नेताओं को छोड़ दें तो भाजपा ने पूर्व में भी परिमार्जित-भाषा के कोई विशेष मानक स्थापित नहीं किये थे | वैसे भी चुनाव बिहार का था, नेताओं को जितनी जरूरत वाणी पर नियंत्रण रखने की थी उससे कहीं ज़्यादा जरूरत थी विश्लेषकों को अपनी अपेक्षाओं पर नियंत्रण की | बिहार के चुनाव ऐसे ही होते रहे हैं और निकट भविष्य में भी कोई परिवर्तन अपेक्षित नहीं |

नेता तो फिर भी सुधर जाएंगे पर गैर-जिम्मेदाराना बयानों को देश पर अकस्मात आन पड़ी प्राकृतिक आपदा जैसा भीषण बना कर दिखाने वाला मीडिया कहीं नहीं जाने वाला | सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय जब तक अरुण जेटली जी के पास है तब तक मीडिया वाले उनको दिन भर ‘असहिष्णु’ कह कर शाम को ‘सहिष्णुता’ का पाठ पढ़ा सकते हैं | लोकसभा के जिस चुनाव में भाजपा से खड़े होकर कई आयाराम-गयाराम भी सांसद हो लिए उसमें उनके जैसा बड़ा नेता हार जाए तो समझ लीजिये कि नेता द्वारा स्थानीय कारकों की उपेक्षा और मीडिया प्रबंधन में भारी लापरवाही की गयी है | यही कारण था कि मीडिया बिहार चुनाव के दौरान उनकी सरकार को परत दर परत उधेड़ता गया और वो मूक दर्शक ही बने रहे |

संबंधितपोस्ट

कनाडा ने भारत की ईमानदारी को किया स्वीकार,कार्नी की यात्रा से पहले कूटनीतिक रिश्तों में बदलाव

जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

जब भारत का लोकतंत्र मजबूत खड़ा है, हाइड्रोजन बम से दावे नहीं चलेंगे: राहुल गांधी के आरोप पर बीजेपी का जवाब

और लोड करें

जहाँ तक बात विभीषणों की है तो भारत का इतिहास पटा पड़ा है ‘जयचंदों’ के महिमा-मण्डन से | वैसे भी नाम और काम अगर रावण सरीखा हो तो अंजाम भी रावण ही होता है | इसके लिए किसी विभीषण के विश्वासघात की आवश्यकता नहीं |

फिर क्या कारण थे भाजपा की हार के? विकास का मुद्दा? ये भी नहीं हो सकता! किसी भी दिन का अखबार उठा लीजिये |भारतीय-अर्थव्यवस्था के सुधरने के सन्दर्भ में कोई भी खबर न हो, ऐसा संभव नहीं ! जमीनी स्तर पर नीतियों का प्रभाव दिखने में अभी कुछ और वक़्त लगेगा पर भारतीय वोटर अब ऐसा भी अबोध नहीं कि उसको सरकार की मंशा का अंदाजा तक न लगे | बिहार चुनाव किसी टेस्ट मैच जितना अप्रत्याशित था पर ऐसा क्या हो गया कि फॉलो-ओन नितीश का हो गया और पारी से हार भाजपा की हो गयी ! स्वयं प्रधानमन्त्री की जिह्वा पर मानो अमूल विराजमान था | फिसलती रही और बिहार जाता रहा | आखिरी गेंद पर छक्का हर बार नहीं लगता | पड़ोस के मुल्क में जरूर लगा करता है और वहाँ आपकी हार पर पटाखे भी जलते हैं | क्रिकेट मैच की हार पर, अन्यथा न लें |  हार का कारण भाजपा के मुख्यमंत्री पद के दावेदार जितना रहस्यमयी नहीं है | जब जीतना ही नहीं था तो व्यर्थ किसी एक को दावेदार घोषित कर बाकी दस को नाराज़ क्यों करते |

सारा खेल ही सीट-बँटवारे का नहीं वोट-बँटवारे का था | इस थ्योरी पर आगे बढ़ने से पहले जरूरत है बिहार विधानसभा 2010 और लोकसभा 2014 के वोटों के गणित को समझने की |

सबसे पहले बात लोकसभा चुनाव की | मान लिया जाए कि महागठबंधन उस समय भी प्रभावी था और सभी ‘सेक्युलर’ पार्टियां एक साथ ‘साम्प्रदायिक’ मोदी जी के विरूद्ध चुनाव लड़ी थीं | भाजपा का बिहार में कुल वोट प्रतिशत था : 29.86% | इसमें पासवान जी की पार्टी लोजपा का भी 6.50 प्रतिशत जोड़ दें तो होता है 36.36% | असंगठित विपक्ष वाले किसी भी चुनाव में विजयी होने वाले उम्मीदवार को कम-ज़्यादा कर के लगभग इतने ही प्रतिशत वोट प्राप्त होते हैं | लोकसभा चुनाव में विपक्ष असंगठित था इसलिए बड़ी ही सरलता से अधिकतर सीटों पर भाजपा को जीत मिली | अब ज़रा असंगठित विपक्ष के वोट प्रतिशत पर भी नज़र डालें जो कि था तो मोदी-विरोधी ही लेकिन अपने आपसी वैचारिक मतभेद के चलते चुनाव में मोदी-विरोध को ज़्यादा सुनियोजित तरीके से तरजीह न दे सका | कांग्रेस-जेडीयू-राजद का संयुक्त वोट प्रतिशत था : 45.06% | अगर हम मान लें कि महागठबंधन के एक साथ चुनाव लड़ने पर वोटों का ट्रांसफर भी इसी अनुपात में होता तो यकीन मानिए आज आनंदीबेन पटेल गुजरात की मुख्यमंत्री न होतीं | मोदी आज भी Vibrant Gujarat Summit की मेजबानी कर रहे होते और हमारा देश आज भी ‘सहिष्णु’ होता |

2

अख्खड़ से दिखने वाले लालू जी ये बात समझ चुके थे | समझ तो अमित शाह भी गए थे महागठबंधन के गठन उपरान्त | सपा को अलग करने के प्रयास में सफल भी रहे | पर किसी अन्य व्यक्ति को अपनी महत्त्वाकांक्षी विकास परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार के समर्थन की उतनी आवश्यकता नहीं थी जितनी अखिलेश यादव को थी | अतः महागठबंधन का और विघटन संभव नहीं था |

यही विश्लेषण को बिहार के 2010 के विधानसभा चुनाव में फिट कर के देखते हैं | जिन सीटों  पर भाजपा लड़ी वहाँ भाजपा का वोट प्रतिशत था : 39.56 % और जेडीयू का : 38.77% | मतलब साफ़ है कि सुशासन बाबू नितीश भी भाजपा के साथ जहाँ-जहाँ से लड़े वहाँ का अभी औसत वोट प्रतिशत 40 % का बैरियर पार न कर सका | अगर उस समय राजद,लोजपा और कांग्रेस मिलकर कर महागठबंधन बना लेते तो बिहार में नितीश की सरकार न बन पाती |  यही है वोटों की गणित |3

अबकी बार जब भाजपा नितीश के वोटरों के समर्थन के बिना मैदान में उतरी तब भी उसको 24.4% वोट मिले जबकि 2010 में नितीश को लेकर उसको 39.56% | स्पष्ट है कि ये भाजपा समर्थक थे जिनका वोट 2010 में भारी संख्या में नितीश जी को मिला था जिसको अब उन्होंने अपना समर्थक बना लिया है | इस बिहार चुनाव में जो भी महागठबंधन के विपरीत चुनाव लड़ता उसका भी भाजपा जैसा ही हाल होता, चाहे वो सुशासन बाबू होते या किंग-मेकर लालू | संगठन में बड़ी शक्ति होती है और जहाँ एक-एक वोट जुड़ता है वहाँ विकास नहीं संगठित विरोध ही जीतेगा !

तो क्या ये मान लिया जाए कि आने वाले उत्तर प्रदेश चुनाव में भी यही कहानी दोहराई जायेगी | जी बिलकुल ! लाख विकास योजनाएं घोषित कर लीजिये पर विकास के मुद्दे पर अमरीकी राष्ट्रपति के चुनाव लड़े जाते है उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव नहीं | यहाँ तो जाति और धर्म ही चलेगा |भाजपा के लिए इससे बचने के दो ही उपाय हैं |

पहला, भाजपा को 40% से भी अधिक वोट मिलें तब महागठबंधन संगठित होकर भी कोई ख़ास उथल-पुथल नहीं कर पायेगा क्यूंकि कुछ प्रतिशत वोट निर्दलीय एवं अन्य छोटी मौका-परस्त पार्टियों को भी मिलते हैं जिनका प्रतिशत उत्तर प्रदेश में कहीं से भी अधिक होगा | सीट जीतना तो मुश्किल है पर आम आदमी पार्टी भी ठीक-ठाक संख्या में वोट प्रतिशत प्राप्त कर पाएगी |एक नज़र डालिये लोकसभा चुनाव में विजयी उम्मीदवारों के वोट प्रतिशत पर | चुनाव राष्ट्रीय स्तर का था इसलिए क्षेत्रीय पार्टियों को कम वोट मिले | इसके बाद भी 41 सीटों पर 40-50 % वोट से जीत संभव थी | 40% से अधिक वोट प्रतिशत उम्दा प्रदर्शन की श्रेणी में आता है जो मोदी लहर में ही संभव था | 2017 में शायद कोई मोदी लहर नहीं रहेगी | विधानसभा चुनावों में बहुत ही कम सीटों पर ये नज़ारा देखने को मिलेगा | कांटे की टक्कर वाली 20 सीटों पर 40% से भी कम वोट पर जीत हुयी थी | निष्कर्ष ये है कि महागठबंधन बनने की स्थिति में भाजपा को टक्कर देने के लिए लगभग 40% वोट  प्राप्त करना होगा जो कि बहुत ही मुश्किल होगा |सूबे में आदमी को विकास दिख जरूर रहा है पर ये कहना मुश्किल ही होगा कि ग्रामीण उत्तर प्रदेश में लोग प्रदेश एवं केंद्र द्वारा कराये गए कार्यों में अंतर समझेंगे। केंद्र सरकार की राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी वाली LED बंटवाना ऐसा ही कदम था जिसका श्रेय राज्य सरकार को मिला ।

4

दूसरा, भाजपा को कोई बड़ा सहयोगी दल मिल जाए | जी हाँ, इशारा साफ़ है | केंद्र के विकास पुरुष नरेन्द्र मोदी और राज्य के विकास प्रतीक अखिलेश यादव अगर चुनाव से पहले या बाद में कोई भी गठबंधन बनाते हैं तो इनको हराना असंभव ही होगा | उत्तर प्रदेश की राजनीति समझने वाला इस संभावना से कभी इंकार नहीं कर सकता | उत्तर प्रदेश के विकास के कोण से भी शायद यही एकमात्र विकल्प होगा | गैर-भाजपा सरकार में अखिलेश यादव ही मुख्यमंत्री होंगे | ऐसे में भाजपा के सामने चुनौती गंभीर है | सपा के साथ गए तो लोग नैतिकता का पाठ पढ़ाएंगे, न गए तो चुनावी-रणनीति का | फैसला मोदी जी को करना है | हाँ, जहाँ तक बात बिहार चुनाव की है तो ऐसा है कि अभिमन्यु भी चक्रव्युह के केवल छह द्वार भेदना जानता था सातवें में वीरगति को प्राप्त हुआ था । नरेन्द्र मोदी तो फिर भी साधारण व्यक्ति हैं । और फिलहाल अभी भी प्रधानमंत्री हैं ।

Featured Image Courtesy: mahanagartimes.net

Tags: उत्तर प्रदेश चुनावचुनावी विश्लेषणनरेन्द्र मोदीनितीश कुमारबिहार चुनावमहागठबंधनलालू प्रसाद यादव
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

अरविन्द केजरीवाल की “नई तरह की राजनीति”

अगली पोस्ट

जेएनयु के देशद्रोहियों, तुम लोग बुद्धिजीवी नहीं, गन्दगी फैलाने वाले मच्छर हो

संबंधित पोस्ट

CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!
चर्चित

CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!

22 May 2026

पिछले कुछ दिनों से भारतीय सोशल मीडिया स्पेस, खासकर इंस्टाग्राम पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) नामक एक डिजिटल अभियान ने तहलका मचा रखा है। मीम्स,...

गवर्नर ने मांगा समर्थन का सबूत: क्या तमिलनाडु में विजय के साथ हो रहा है अन्याय?
चर्चित

गवर्नर ने मांगा समर्थन का सबूत: क्या तमिलनाडु में विजय के साथ हो रहा है अन्याय?

7 May 2026

तमिलनाडु की राजनीति आज एक ऐसे चौराहे पर खड़ी है जहाँ लोकतंत्र की परिभाषा और राज्यपाल के अधिकारों के बीच सीधी जंग छिड़ गई है।...

Modi in BJP Head Office
चर्चित

आखिर कैसे आए ये चुनाव परिणाम ?

6 May 2026

पांच राज्यों के चुनाव परिणामों पर कोई एक सुसंबद्ध टिप्पणी संपूर्ण स्थितियों का विश्लेषण नहीं कर सकता। सारे राज्यों के राजनीतिक समीकरण और स्थानीय मुद्दे...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

00:03:22

Rudram 2 Success: Made in India Missile Ready To Crush Enemy Radars| DRDO’s Big Breakthrough

00:03:46

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited