TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा

    पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा, भारत-कनाडा ट्रेड डील को साल के अंत तक पूरा करने की तैयारी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा

    पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा, भारत-कनाडा ट्रेड डील को साल के अंत तक पूरा करने की तैयारी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

वो युद्ध जब मराठाओं ने टीपू को बुरी तरह हराया, उसका किला जीता, और मोटी रकम वसूली

EX-EMPLOYEE द्वारा EX-EMPLOYEE
2 November 2017
in इतिहास
टीपू मराठाओं
Share on FacebookShare on X

विन्द्य पर्वतमाला के दक्षिण में कभी भी किसी एक शक्ति का एकाधिकार नहीं रहा। अधिकांशतः इस क्षेत्र में विभिन्न शक्तियों के मध्य त्रिपक्षीय संघर्ष देखा गया है। इसमें से एक संघर्ष 10 वीं शताब्दी में चेरा, पांडिया या चोल राज्यों के मध्य हुआ और एक 18 वीं शताब्दी में निजाम, टीपू और मराठा राज्यों के मध्य हुआ। 1761 में, पानीपत के तृतीय युद्ध में मराठाओं को पराजय का सामना करना पड़ा और इस युद्ध में हुई पराजय ने मराठाओं को कुछ समय के लिए शक्तिहीन कर दिया। इसी अवधि के दौरान मैसूर और हैदराबाद में दो नए शासकों के रुप में हैदर अली और निजाम उभरकर सामने आए। इसी दौरान मराठा साम्राज्य ने माधव राव को पेशवा की उपाधि से सम्मानित किया और पेशवा माधव राव ने यह सुनिश्चित भी किया कि अभी भी मराठाओं की शक्ति में बहुत अधिक ह्रास नहीं हुआ है, वे चाहे तो पुन: उस शक्ति को प्राप्त कर सकते हैं।

इस प्रकार, मराठाओं ने सबसे पहले पानीपत के युद्ध में हुई अपनी पराजय और अपने नुकसान का बदला लेने के लिए हैदर अली और उसके बाद उसके पुत्र टीपू सुल्तान के संपूर्ण साम्राज्य को पूरी तरह से नष्ट करने का कार्य किया। 1764 से 1772 के मध्य, मराठाओं ने मुरारराव घोरपड़े के नेतृत्व में हुए युद्धों की एक श्रृंखला में हैदर अली को पराजित किया। हैदर अली, इस पराजय के बाद मराठा से बदला लेने के लिए बेताब हो उठा और उसने अपना बदला लेने के लिए एक ऐसे समय का चुनाव किया, जब 1775 से 1782 के मध्य मराठा साम्राज्य अपने आंतरिक विवादों को सुलझाने में व्यस्त था, इस अवधि में हुए युद्ध को प्रथम एंग्लो मराठा युद्ध के रुप में जाना जाता है। 1776 में, हैदर अली ने मुरारराव घोरपड़े के गृहनगर गूटी को चारों ओर से घेर लिया और उसे अपना बंदी बना लिया, आजीवन कारावास के तहत एक कैदी के रुप में ही उसकी मृत्यु हो गई, मुरारराव घोरपड़े को, हैदर अली की कैद से छुड़ाने में मराठाओं के हाथ कोई सफलता नहीं लगी।

संबंधितपोस्ट

पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

मराठा ‘चाणक्य’ जिसने बचा कर रखा मराठा सम्राज्य: तब अंग्रेज-निजाम-टीपू से था ख़तरा, बुद्धि से सबको दी मात

मराठा के मोहिते जिन्होंने औरंगजेब को कई बार धराशाही किया

और लोड करें

इससे प्रोत्साहित होकर हैदर अली, निरन्तर आगे बढ़ता गया और उसने दत्तवाड़, गजेंद्रगढ़ जैसे राज्यों पर अपना कब्जा कर लिया और ऐसे राज्यों,  जिन पर हैदर अली ने अभी-अभी कब्जा किया था, उन्हें एक अलग प्रांत के रूप में नामित किया।

अब मराठाओं ने अंग्रेजो के खिलाफ अपने नए सेनापति के रुप में नाना फड़णवीस का चुनाव किया, जिनके नेतृत्व मे उन्हें सफलता भी प्राप्त हुई, इसके पश्चात मराठाओं ने टीपू सुल्तान से बदला लेने का निर्णय लिया, जो उस समय मैसूर के सम्राट थे।

मराठाओं ने, टीपू सुल्तान के खिलाफ, युद्ध भूमि का नेतृत्व करने के लिए तुकोजी राव होलकर का चुनाव किया। जिन्हें हरिपंत फड़के और मलोजीराजे घोरपड़े जैसे महान सेनापतियों का समर्थन प्राप्त था। उस समय निजाम और हैदराबाद के शासक असफ जाह भी हैदर अली के अत्याचारों से परेशान हो चुके थे, उन्होंने भी हैदर अली और उसके पुत्र टीपू सुल्तान के खिलाफ, मराठाओं की मदद करने का निर्णय लिया और मराठाओं के साथ मिलकर एक संयुक्त सेना का निर्माण करके जून 1786 में, गजेंद्रगढ़ राज्य पर आक्रमण कर दिया।

मराठाओं की घुड़सवार सेना के सामने, टीपू सुल्तान की पैदल सेना, किसी भी रूप से मुकाबला करने योग्य नहीं थी, इसके साथ-साथ मराठाओं की सेना के सेनापति गणेश व्यंकजी के तहत मराठा तोपखाने भी निरन्तर टीपू सुल्तान की सेना पर कहर बरसा रहे थे। मराठाओं द्वारा युद्ध भूमि में तोप का प्रयोग करने से  मराठाओं की घुड़सवार सेना की ताक़त और अधिक बढ़ गयी। मराठा ने मैसूर की पैदल सेना को वहीं का वहीं रोक दिया और मराठाओं की घुड़सवार सेना ने, टीपू सुल्तान की पैदल सेना को दो फाड़ कर के रख दिया।

जिसका परिणाम टीपू सुल्तान के लिए अत्यधिक विनाशकारी सिद्ध हुआ। युद्ध में टीपू सुल्तान की सेना को से मराठाओं की सेना द्वारा घोर पराजय का सामना करना पड़ा।

मराठाओं ने, टीपू सुल्तान को न केवल गजेंद्रगढ़ के किले का आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर किया, बल्कि मराठाओं ने टीपू सुल्तान से युद्ध क्षतिपूर्ति के रुप में 48 लाख रुपये और वार्षिक कर के रुप में 12 लाख रुपये देने के लिए कहा और साथ ही मराठाओं ने टीपू सुल्तान को उन 4 बकाया राशियों का भुगतान करने के लिए भी कहा जो कि उनके पिता हैदर अली पर बकाया थीं।

गजेंद्रगढ़ का युद्ध, दक्कन के इतिहास की एक सबसे बड़ी ऐतिहासिक घटना थी क्योंकि इस युद्ध में दो-दो क्षेत्रीय महाशक्तियाँ शामिल थीं, अर्थात टीपू सुल्तान और मराठा दोनों यह भलीभाँति जानते थे कि वे एक दूसरे पर केवल अपनी शक्ति बर्बाद कर रहे हैं जोकि पूर्णतः व्यर्थ थी। उन्हें एहसास हुआ कि इस साधारण प्रतिशोध की जगह, उनके लिए अपना ध्यान ईस्ट इंडिया कंपनी की ओर केंद्रित करना अधिक बेहतर होगा।

मराठा और मैसूर साम्राज्यों के बीच व्याप्त शत्रुता तब समाप्त हुई, जब पूर्व  मान्यता के आधार पर, मैसूर के नवाब का पद एक नये उत्तराधिकारी ने संभाला। ईस्ट इंडिया कंपनी ने उनमें से किसी का भी साथ नहीं दिया, संकट के समय तटस्थ रहकर मराठाओं और टीपू सुल्तान दोनों को अत्यधिक क्रोधित कर दिया और ।

मराठाओं के आक्रामक युद्ध की वजह से, टीपू सुल्तान के साम्राज्य का विस्तार उत्तर और कृष्णा नदी के पूर्व दोनों ओर से बंद हो गया। टीपू सुल्तान की सैन्य प्रतिभा को लेकर उनकी अत्यधिक बढ़ा-चढ़ा कर प्रशंसा की जाती है परन्तु सच ये है कि मराठाओं, निजाम और आखिरकार अंग्रेजों ने भी टीपू सुल्तान को आसानी से पराजित किया था। टीपू सुल्तान रॉकेट साइंस में अग्रणी हो सकते थे, लेकिन उनकी तथाकथित प्रतिभा शायद ही कभी किसी युद्ध के क्षेत्र में दिखाई दी हो, उन्होंने कभी भी किसी शत्रु के खिलाफ कोई निर्णायक विजय हासिल नहीं की। सच कहे तो टीपू सुलतान के अंत की शुरुआत गजेंद्रगढ़ के युद्ध से ही प्रारम्भ हुआ।

Tags: टीपू सुल्तानमराठा
शेयर170ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भाजपा राजस्थान जीतेगी या हारेगी? एक राजस्थानी भाई की माने तो स्थिति ये है

अगली पोस्ट

मोदी लहर या राहुल तरंग? मत-प्रतिशत से सीट का अनुमान लगाने पर हिमाचल व गुजरात की स्थिति साफ़ है

संबंधित पोस्ट

22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था
इतिहास

‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

28 September 2026

भारत के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों की चर्चा भगत सिंह का नाम लिए बगैर हमेशा अधूरी ही मानी जाएगी। भगत सिंह का योगदान इतिहास के...

Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh
इतिहास

पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

25 September 2026

प्रभावशाली व्यक्तित्व प्रखर चिंतक, एकात्म मानववाद एवं अंत्योदय दर्शन के प्रणेता दीनदयाल उपाध्याय उनकी वैचारिक दृष्टि आचार व्यवहार से कार्यकर्ता  बहुत कुछ सीखते थे ।...

सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर
इतिहास

मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

22 September 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से शुरू हुए सेवा अभियान को हरियाणा में हजारों वर्ष पुरानी सभ्यतागत विरासत से जोड़ने की एक अनूठी पहल की...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

China and the Philippines Are Fighting a War With Maps, Not Missiles

China and the Philippines Are Fighting a War With Maps, Not Missiles

00:05:55

ONGC finds gas off Odisha: Can the Mahanadi basin fuel India’s energy future?

00:07:22

India-Russia Relations: Putin की रणनीति और भारत के लिए आगे क्या? | Maj Gen Deepak Mehra (Retd)

00:12:10

The Su-57 Question: Is India Taking a Huge Risk by Waiting for AMCA only ? IAF | Stealth fighter

00:05:37

Beginning Of Saudi Arabia's End ? A Case Study...

00:16:00
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited