TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘घायल’ राघव का ‘घातक’ पलटवार: 22 दिनों में कैसे ढह गया AAP का राज्यसभा किला? समझें बगावत की पूरी इनसाइड स्टोरी

    ‘घायल’ राघव का ‘घातक’ पलटवार: 22 दिनों में कैसे ढह गया AAP का राज्यसभा किला? समझें बगावत की पूरी इनसाइड स्टोरी

    दिल्ली की राजनीति में महाविस्फोट: राघव चड्ढा का ‘AAP’ से इस्तीफा; 2/3 सांसदों के साथ BJP में विलय का ऐलान-  बोले ‘मैं गलत पार्टी में सही आदमी था’

    दिल्ली की राजनीति में महाविस्फोट: राघव चड्ढा का ‘AAP’ से इस्तीफा; 2/3 सांसदों के साथ BJP में विलय का ऐलान- बोले ‘मैं गलत पार्टी में सही आदमी था’

    ‘बुझने से पहले फड़फड़ा रहा है TMC का दीया’: दमदम में गरजे पीएम मोदी; बंगाल चुनाव के पहले चरण के बाद ‘परिवर्तन’ का नया शंखनाद

    ‘बुझने से पहले फड़फड़ा रहा है TMC का दीया’: दमदम में गरजे पीएम मोदी; बंगाल चुनाव के पहले चरण के बाद ‘परिवर्तन’ का नया शंखनाद

    ‘सबक सिखाएंगे’: बीजेपी उम्मीदवारों पर हमले के बाद हिमंता बिस्वा सरमा की चेतावनी; बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान ने बदली सियासी बिसात

    ‘सबक सिखाएंगे’: बीजेपी उम्मीदवारों पर हमले के बाद हिमंता बिस्वा सरमा की चेतावनी; बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान ने बदली सियासी बिसात

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    आस्था के साथ ‘जहरीला’ खिलवाड़: वैष्णो देवी के खजाने में मिला नकली चांदी का अंबार, 550 करोड़ की उम्मीद और 30 करोड़ की कड़वी सच्चाई

    आस्था के साथ ‘जहरीला’ खिलवाड़: वैष्णो देवी के खजाने में मिला नकली चांदी का अंबार, 550 करोड़ की उम्मीद और 30 करोड़ की कड़वी सच्चाई

    बाबासाहब डॉ भीमराव आंबेडकर, इस्लाम, मुस्लिम

    ‘भारत पर इस्लामी आक्रमण होगा, तो किस तरफ होंगे सेना के मुस्लिम’? अंबेडकर को था संदेह, लिखा – इस्लाम के लिए हमारा देश दारुल हर्ब

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘घायल’ राघव का ‘घातक’ पलटवार: 22 दिनों में कैसे ढह गया AAP का राज्यसभा किला? समझें बगावत की पूरी इनसाइड स्टोरी

    ‘घायल’ राघव का ‘घातक’ पलटवार: 22 दिनों में कैसे ढह गया AAP का राज्यसभा किला? समझें बगावत की पूरी इनसाइड स्टोरी

    दिल्ली की राजनीति में महाविस्फोट: राघव चड्ढा का ‘AAP’ से इस्तीफा; 2/3 सांसदों के साथ BJP में विलय का ऐलान-  बोले ‘मैं गलत पार्टी में सही आदमी था’

    दिल्ली की राजनीति में महाविस्फोट: राघव चड्ढा का ‘AAP’ से इस्तीफा; 2/3 सांसदों के साथ BJP में विलय का ऐलान- बोले ‘मैं गलत पार्टी में सही आदमी था’

    ‘बुझने से पहले फड़फड़ा रहा है TMC का दीया’: दमदम में गरजे पीएम मोदी; बंगाल चुनाव के पहले चरण के बाद ‘परिवर्तन’ का नया शंखनाद

    ‘बुझने से पहले फड़फड़ा रहा है TMC का दीया’: दमदम में गरजे पीएम मोदी; बंगाल चुनाव के पहले चरण के बाद ‘परिवर्तन’ का नया शंखनाद

    ‘सबक सिखाएंगे’: बीजेपी उम्मीदवारों पर हमले के बाद हिमंता बिस्वा सरमा की चेतावनी; बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान ने बदली सियासी बिसात

    ‘सबक सिखाएंगे’: बीजेपी उम्मीदवारों पर हमले के बाद हिमंता बिस्वा सरमा की चेतावनी; बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान ने बदली सियासी बिसात

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    आस्था के साथ ‘जहरीला’ खिलवाड़: वैष्णो देवी के खजाने में मिला नकली चांदी का अंबार, 550 करोड़ की उम्मीद और 30 करोड़ की कड़वी सच्चाई

    आस्था के साथ ‘जहरीला’ खिलवाड़: वैष्णो देवी के खजाने में मिला नकली चांदी का अंबार, 550 करोड़ की उम्मीद और 30 करोड़ की कड़वी सच्चाई

    बाबासाहब डॉ भीमराव आंबेडकर, इस्लाम, मुस्लिम

    ‘भारत पर इस्लामी आक्रमण होगा, तो किस तरफ होंगे सेना के मुस्लिम’? अंबेडकर को था संदेह, लिखा – इस्लाम के लिए हमारा देश दारुल हर्ब

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

UP में एक बार फिर 2014 जैसी जीत दोहराएगी BJP और ऐसा हुआ तो NDA को देश में मिलेगी 300 से ज्यादा सीटें

TFI Desk द्वारा TFI Desk
11 March 2019
in मत
उत्तर प्रदेश चुनाव

PC : Amar Ujala

Share on FacebookShare on X

लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व आम चुनाव की रणभेरी बज चुकी है। इसी के साथ ही सियासी लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश पर सबकी नजरें आ टिकी हैं। कहते हैं कि दिल्ली की सत्ता का रास्ता यूपी से होकर गुजरता है। इस राज्य को दिल्ली की राजनीति का दिल माना जाता है। यही कारण हैं कि इस सूबे की सियासी धड़कनें कुछ ज्यादा ही तेज होती हैं। इस बार के चुनाव में यूपी के चुनावी समीकरण कुछ अलग से हैं। इसके कई कारण भी हैं। आम चुनावों में पहली बार समाजवादी पार्टी और बहुजन समाजवादी पार्टी एक साथ आई हैं। वहीं कांग्रेस ने पहली बार प्रियंका गांधी के हाथ में कमान सौंपी है। दूसरी तरफ करीब बीस साल बाद केंद्र और राज्य में बीजेपी की सरकार है। ये सब समीकरण कुछ इस तरह हैं कि, इस आम चुनाव में राज्य में बीजेपी के सामने 2014 जैसी जीत दोहराने की चुनौती है, कांग्रेस के सामने अपना अस्तित्व बचाने की चुनौती है और सपा व बसपा के सामने यूपी की राजनीति में बने रहने की चुनौती बनी हुई है। सपा-बसपा गठबंधन के लिए तो यह चुनाव किसी लिटमस परीक्षण से कम नहीं होगा। जैसे-जैसे मौसम में गर्मी बढ़ती जाएगी और चुनाव की तारीखें नजदीक आती जाएगी वैसे ही आने वाले दिनों में यूपी का सियासी पारा भी तेज होता जाएगा।

देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस की बात करें तो यूपी की सियासी जमीन पर कांग्रेस ने इस बार अपना ब्रह्मास्त्र चलाया है। पार्टी ने इस बार अपनी नैया प्रियंका गांधी के हाथों में थमाई है लेकिन यूपी के चुनावी समीकरणों को साधने में यह पार्टी इतनी पीछे है कि प्रियंका गांधी द्वारा नैया पार लगाने की संभावना बहुत अल्प है।

संबंधितपोस्ट

जिस कानून का नहीं अस्तित्व, उसके आधार पर कोर्ट ने सुना दिया फैसला: भड़के इलाहाबाद HC ने रद्द कर सुनाई खरी-खरी

उत्तर प्रदेश भाजपा में संगठन बदलाव की तैयारी शुरू- 14 दिसंबर को होगा नए प्रदेश अध्यक्ष का ऐलान

वाराणसी के मंदिर में हनुमान चालीसा बजने पर कट्टरपंथी मुस्लिम ने लगाई रोक कहा- “मेरे कानों तक आवाज ना आए”: क्यों बार-बार हिंदुओं की पूजा-पाठ और आस्था पर हमले होते हैं?

और लोड करें

अपमान के घूंट से बचने के लिए अकेली लड़ेगी कांग्रेस

विपक्षी पार्टियों की ओर से कांग्रेस पर एसपी-बीएसपी गठबंधन की मदद करने का दबाव बनाया जा रहा है लेकिन इस गठबंधन ने कांग्रेस के लिए सिर्फ दो सीटें छोड़ने की बात कह इस पार्टी को तगड़ा झटका दिया है। ये दो सीटें अमेठी और रायबरेली हैं। देश की सबसे पुरानी पार्टी इस अपमान से बचने के लिए अब अकेले ही यूपी के चुनावी रण में उतरने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में अपनी 11 उम्मीद्वारों की पहली सूची जारी कर यह बता दिया था कि वह सपा-बसपा के गठबंधन में शामिल नहीं होने जा रही। कांग्रेस ने जिन 11 सीटों पर अपने उम्मीद्वार खड़े किये हैं, उनमें से 9 पर पहले से ही सपा और बसपा द्वारा अपने उम्मीद्वार खड़े किये जा चुके हैं। इन सीटों पर कांग्रेस द्वारा उतारे गए उम्मीद्वारों में अधिकांश ने पार्टी को 2009 के चुनाव में जीत दिलाई थी। इससे स्पष्ट है कि, कांग्रेस अपमान का घूंठ पीकर गठबंधन में शामिल होने के बजाय अकेले ही चुनाव में उतरना चाहती है।

अपने साथ-साथ गठबंधन की उम्मीदों पर भी पानी फेरेगी कांग्रेस

सवाल यह है कि कांग्रेस के अकेले लड़ने के निर्णय से पार्टी को कितना कुछ हासिल हो सकता है। इसका जवाब है कि, इससे सिर्फ और सिर्फ कांग्रेस अपमान का घूंट पीने से बच जाएगी जो उसको सपा-बसपा गठबंधन से मिल रहा था। इसके अलावा अगर कांग्रेस अपनी पूरी ताकत भी झोंक दे तब भी वह उत्तर प्रदेश में कुछ खास हासिल नहीं कर पाएगी। अलग से चुनाव लड़ने पर कांग्रेस अपने साथ-साथ गठबंधन की उम्मीदों पर भी पानी फेर सकती है। वह इसलिए क्योंकि कांग्रेस को अगर पिछड़ी जातियों के अच्छे-खासे वोट मिल जाते हैं तो पिछड़ी जातियों के वोटों की कमी के कारण गठबंधन बेजान रहेगा और कांग्रेस फ़िलहाल इतनी मज़बूत नहीं हैं कि वह अपने दम पर चुनाव जीत सके। गठबंधन के वोट कटने से सीधे-सीधे बीजेपी को ही फायदा होगा। अगर कांग्रेस अगड़ी जातियों को लुभाने में कामयाब रहती हैं तो वह बीजेपी के लिए नुकसानदायक हो सकती थी लेकिन यूपी में योगी के रहते यह मुमकिन नहीं लग रहा।

सपा और बसपा दोनों को ही चुकानी पड़ रही गठबंधन की कीमत

दूसरी तरफ यह लोकसभा चुनाव सपा और बसपा गठबंधन के भविष्य को भी तय करने वाला है। कभी घोर प्रतिद्वंद्वी रही समाजवादी पार्टी और बहुजन समाजवादी पार्टी ने भाजपा को हराने के लिए अपने तमाम गिले-शिकवे भुलाकर हाथ मिलाया है। साथ आने के बावजूद भी इन दोनों पार्टियों में अंदरूनी लड़ाई अभी भी जिंदा है। दरअसल, सीट बंटवारे के बाद दोनों पार्टियों से वो नेता, जिनके खाते में कोई सीट नहीं आई है, पार्टी से किनारा कर रहे हैं। उदाहरण के तौर पर महागठबंधन में सीट न मिलने से समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद राकेश सचान कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। उन्होंने अखिलेश सिंह पर हमला बोलते हुए कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक साल पहले उन्हें फतेहपुर सीट से लोकसभा का प्रत्याशी घोषित किया गया था, बाद में उन्हें धोखे में रखकर यह सीट सपा-बसपा के गठबंधन में बसपा को दे दी गई। इसके अलावा भी दोनों पार्टियों के बड़े नेता गठबंधन में अपने आप को नकारा हुआ महसूस कर रहे हैं। बस्ती लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के एक और नेता ब्रज किशोर सिंह भी टिकट न मिलने से आहत होकर भाजपा के कईं नेताओं के संपर्क में हैं। जनवरी में एसपी के नेता शिवकुमार बेरिया पहले ही शिवपाल सिंह यादव की पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी से जुड़ चुके हैं।

उधर बीएसपी से भी नेताओं का पलायन जारी है। सीतापुर से बसपा के पूर्व सांसद कैसर जहां ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। टिकट न मिलने की वजह से जलाऊं से बसपा के पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी भी भाजपा के साथ संपर्क में हैं। अनुरागी ने अपने बयान में कहा ‘मैं आगामी चुनाव जरूर लडूंगा, पार्टी आपको बाद में स्वयं पता चल जाएगा।’ कुल मिलाकर दोनों पार्टियों से बागी नेता कांग्रेस और भाजपा में शामिल हो रहे हैं जिसका सबसे ज्यादा फायदा कोई उठाएगा तो वो है भाजपा।

सपा बसपा गठबंधन के लिए एक बड़ी समस्या मुलायम सिंह यादव और शिवपाल सिंह यादव की पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी भी है। आज भी मुलायम के चाहने वालों की समाजवादी पार्टी में कमी नहीं हैं। ये लोग बसपा के साथ गठबंधन के खिलाफ रहे हैं। इनकी नाराजगी भी अखिलेश यादव पर समय-समय पर भारी पड़ती रही है।

2014 जैसी जीत दोहराना ही है बीजेपी का लक्ष्य

दूसरी तरफ योगी आदित्यनाथ शासित यूपी में भाजपा इस समय सबसे मजबूत है। बीजेपी यहां 2014 की जीत दोहराने की रणनीति पर काम कर रही है। साल 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने यहां 71 सीटें और उसके सहयोगी अपना दल ने दो सीटें जीती थीं। इस बार भी भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने 73 से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य तय किया है। 2014 के चुनाव में उत्तर प्रदेश में मोदी लहर थी लेकिन इस बार मोदी के साथ योगी भी हैं जिससे पार्टी सूबे में और मजबूत हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पिछले कुछ महीनों से उत्तर प्रदेश और अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी की तरफ खास ध्यान दे रहे हैं। बीजेपी का विशेष जोर युवा मतदाताओं को भी आकर्षित करने पर है। इसके लिए बीजेपी राज्य में ‘मेरा पहला वोट मोदी को’ अभियान चला रही है। भाजपा को उम्मीद है कि युवा मतदाता 2014 की जीत को दोहराने में उसकी मदद करेंगे।

तो देश में 300 से ज्यादा सीटें जीतेगी एनडीए 

आईएएनएस के लिए सी-वोटर द्वारा किए गए ताजा सर्वे के मुताबिक यूपी में जीत के आधार पर ही अगली लोकसभा का रूपरेखा निर्धारित होगी। इस सर्वे के मुताबिक अगर उत्तर प्रदेश में महागठबंधन नहीं होता है, तो एनडीए को फायदा होगा और बीजेपी 2014 के नतीजों को दोहरा सकती है व 72 सीटों पर कब्जा कर सकती है। अब जबकि कांग्रेस यूपी में अपने उम्मीद्वारों को उतार चुकी है तो ऐसे में यह सर्वे बीजेपी के लिए बड़ी खुशखबरी है। सर्वे के अनुसार महागठंधन नहीं होने की सूरत में एनडीए 300 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज करेगा।

जब बहती है पश्चिम से पूर्व की ओर चुनावी बयार तो होता है बीजेपी को फायदा

वहीं मतदान की तारीखों की घोषणा के बाद एक और समीकरण बीजेपी के पक्ष में आ गया है। उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों के लिए सात चरणों में चुनाव होंगे। ये चुनाव पश्चिमी उत्तर प्रदेश से शुरू होकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में खत्म होंगे। दिल्ली की सीमा से लगे निर्वाचन क्षेत्रों में सबसे पहले वोट डाले जाएंगे, वहीं बिहार की सीमा से लगे निर्वाचन क्षेत्रों के वोट अंतिम चरण में डाले जाएंगे। अब पिछले 15 सालों के चुनावी नतीजों पर गौर करें तो यह बात निकलकर सामने आती है कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव के परिणाम (अन्य कारकों के साथ) इस पर भी निर्भर करते हैं कि राज्य में वोट पश्चिम से पूर्व की तरफ डाले जाते हैं या इसके विपरीत डलते हैं। ऐसा देखा गया है कि, जब उत्तर प्रदेश में चुनावी बयार पश्चिम से पूर्व की ओर बहती है तो उत्तर प्रदेश में बीजेपी ही जीतती है। वहीं सवर्ण आरक्षण लागू होने के बाद एक बार फिर से यूपी में बीजेपी की लहर बनने लगी थी जिसने एयर स्ट्राइक के बाद तेजी से गति पकड़ी है। ये सब समीकरण बताते हैं कि, उत्तर प्रदेश में एक बार फिर बीजेपी भारी संख्या में लोकसभा सीटें जीतने की ओर आगे बढ़ रही है और अगर बीजेपी यूपी में 2014 जैसी जीत दोहराती है तो एनडीए को देश में 300 से ज्यादा सीटें लाने से कोई नहीं रोक सकता।

Tags: उत्तर प्रदेशलोकसभा चुनाव
शेयर2187ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

रिपब्लिक टीवी ने किया खुलासा, कैसे एयर स्ट्राइक के सबूत मिटाने की पाकिस्तान ने की कोशिश

अगली पोस्ट

मोदी सरकार ने पाकिस्तान में जाने वाले सिंधु जल के हिस्से को रोक दिया है

संबंधित पोस्ट

लोकतंत्र का महाकुंभ: बंगाल और तमिलनाडु में वोटिंग के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त, सबसे भारी मतदान ने बदली सियासी हवा
चर्चित

लोकतंत्र का महाकुंभ: बंगाल और तमिलनाडु में वोटिंग के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त, सबसे भारी मतदान ने बदली सियासी हवा

24 April 2026

भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 24 अप्रैल 2026 की तारीख स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गई है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुए मतदान ने...

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव
चर्चित

क्या ‘युवा संकल्प’ बदलेगा बंगाल का भविष्य ? असंतोष…संभावनाएँ और परिवर्तन की दस्तक !

21 April 2026

बंगाल की माटी में बदलाव की चाह कोई अचानक उठी हुई लहर नहीं है, यह एक लंबे समय से संचित असंतोष, आकांक्षा और संभावनाओं का...

PM मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन: ‘विपक्ष ने नारी शक्ति के सपनों की भ्रूण हत्या की’, महिला आरक्षण बिल गिरने पर छलका प्रधानमंत्री का दर्द
चर्चित

PM मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन: ‘विपक्ष ने नारी शक्ति के सपनों की भ्रूण हत्या की’, महिला आरक्षण बिल गिरने पर छलका प्रधानमंत्री का दर्द

18 April 2026

भारतीय राजनीति के इतिहास में कुछ क्षण ऐसे होते हैं जो दशकों तक याद रखे जाते हैं। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा '131वां संविधान...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited