TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    यूसीसी ने विवाह पंजीकरण प्रक्रिया को ऑनलाइन बनाया

    यूसीसी का एक साल ,ऑनलाइन प्रक्रिया से आसान हुआ विवाह पंजीकरण

    नितिन नवीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे

    बूथ स्तर तक होगा भाजपा के नए अध्यक्ष नितिन नबीन का स्वागत, पार्टी आलाकमान ने बनाई संगठन तक पहुँच बढ़ाने की रणनीतिs

    पाकिस्तान बंग्लादेश विवाद

    बांग्लादेश विवाद : पाकिस्तान ने 2026 T20 वर्ल्ड कप से पीछे हटने की चेतावनी

    नितिन नवीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे

    बिहार से पहली बार भाजपा को राष्ट्रीय अध्यक्ष, नितिन नवीन आज करेंगे नामांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    यूसीसी ने विवाह पंजीकरण प्रक्रिया को ऑनलाइन बनाया

    यूसीसी का एक साल ,ऑनलाइन प्रक्रिया से आसान हुआ विवाह पंजीकरण

    नितिन नवीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे

    बूथ स्तर तक होगा भाजपा के नए अध्यक्ष नितिन नबीन का स्वागत, पार्टी आलाकमान ने बनाई संगठन तक पहुँच बढ़ाने की रणनीतिs

    पाकिस्तान बंग्लादेश विवाद

    बांग्लादेश विवाद : पाकिस्तान ने 2026 T20 वर्ल्ड कप से पीछे हटने की चेतावनी

    नितिन नवीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे

    बिहार से पहली बार भाजपा को राष्ट्रीय अध्यक्ष, नितिन नवीन आज करेंगे नामांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

तख्तापलट के डर से नेहरू ने सेना में नहीं बनने दिया तालमेल, 70 सालों बाद ‘चीफ ऑफ डिफेंस’ के मायने

Abhinav Kumar द्वारा Abhinav Kumar
18 August 2019
in रक्षा, रणनीति
सेना पीएम मोदी

PC: NewsState

Share on FacebookShare on X

‘’बलं विद्या च विप्राणां राज्ञः सैन्यं बलं।‘’ यानी विद्या ही ब्राह्मणों का बल है, राजा का बल सेना है। आचार्य चाणक्य ने अर्थशास्त्र में लिखा था कि किसी राष्ट्र की आन्तरिक शान्ति व्यवस्था तथा बाहरी सुरक्षा के लिए सेना अतिआवश्यक है। सेना को मजबूत और सुदृढ़ बनाना राजा का काम होता है और मौजूदा दौर की बात करें तो लोकतन्त्र में राजा की भूमिका में प्रधानमंत्री होता है। यह प्रधानमंत्री का दायित्व है कि वह अपने राष्ट्र की सेना को अपने दुश्मन देशों की सेना से ज्यादा ताकतवर बनाए। भारतीय परिपेक्ष्य में भी ऐसा ही हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सेना को डेटरेंस के लिए निरंतर मजबूत किया जा रहा है ताकि दुश्मन देश आँख उठा कर भी न देख सके।

इसी क्रम में पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से एक बड़ी घोषणा की और कहा कि सेना को संगठित करने के लिए ‘चीफ़ ऑफ डिफेंस स्टाफ’ की नियुक्ति की जाएगी जिससे सेना के तीनों अंगों में निर्णायक क्षमता बढ़ेगी। हालांकि यह पहली बार नहीं है कि ‘चीफ़ ऑफ डिफेंस स्टाफ’ कि मांग उठी हो। आजादी के पहले यह पद ब्रिटिश शासन काल में ‘कमांडर-इन-चीफ’ के नाम से जाना जाता था। स्वतन्त्रता के बाद भी लॉर्ड माउंटबैटन ने इस पद को बनाए रखने की सलाह दी थी लेकिन जवाहर लाल नेहरू ने इसे अस्वीकार कर दिया था। नेहरू का यह फैसला कितना भारी पड़ा वह हम वर्ष 1962 की चीन से मिली करारी हार में देख सकते है।

संबंधितपोस्ट

भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

पीएम मोदी ने गायों के साथ मनाया संक्राति का त्योहार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

रैमजेट पावर्ड शेल ? तोप का ये गोला क्यों साबित होने वाला है गेमचेंजर ?

और लोड करें

दरअसल, जवाहर लाल नेहरू को रणनीतिक और सैन्य मामलों की बहुत कम या कोई समझ नहीं थी इसलिए उन्हें रक्षा मामलों में नौकरशाहों और राजनीतिक नेताओं ने निर्देशित किया। सेना को लेकर उनके मन में कोई विचार ही नहीं थे, इस वजह से उन्होंने कई ऐसे फैसले लिए जिससे भारत को बुनियादी और बड़े पैमाने पर काफी नुकसान का सामना करना पड़ा।

जवाहर लाल नेहरू ने ब्रिटिश परंपराओं और कामों से प्रभावित होकर, एक प्रसिद्ध ब्रिटिश वैज्ञानिक पीएमएस ब्लैकेट को रक्षा क्षेत्र का सलाहकार नियुक्त किया जिन्हें रक्षा और सुरक्षा रणनीतियों की कोई विशेष जानकारी नहीं थी। द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद शीत युद्ध की शुरुआत और चीन की सत्ता में कम्युनिस्टों के आने से बढ़ने वाले खतरों व चुनौतियों के बारे में भी उन्हें कोई ज्ञान नहीं था। इस कारण से स्वतन्त्रता के बाद के दिनों में भारत रक्षा रणनीति में दिशाहिन रहा।

इतना ही नहीं वर्ष 1947 में सेना मुख्यालय में सैन्य सचिव मेजर जनरल रुद्र ने अपने संस्मरणों में लिखा है कि जब जनरल लॉकहार्ट कमांडर-इन-चीफ थे, तब उन्होंने सितंबर 1947 में आने वाली चुनौतियों और प्रतिरक्षा के लिए प्रधानमंत्री नेहरू के समक्ष योजनाओं का एक शोध पत्र प्रस्तुत किया था। इस पर नेहरू ने चिल्लाते हुए कहा “बकवास! सब बकवास! हमें किसी रक्षा योजना की आवश्यकता नहीं है। हमारी नीति अहिंसा की है। हम किसी को सैन्य खतरा नहीं मानते हैं। सेना को खदेड़ो। हमारी सुरक्षा खतरों को पूरा करने के लिए पुलिस ही काफी है।” इस बात की पुष्टि मेजर जेनरल कुलदीप सिंह बाजवा ने अपनी पुस्तक जम्मू-कश्मीर वॉर 1947-1948 में की है। किसी देश के प्रधानमंत्री की ऐसी मानसिकता से सेना का मनोबल गिरना लाजिमी है।

स्वतन्त्रता के बाद नए-नए सत्ता में आए नेहरू और उनके मंत्री परिषद के कुछ मंत्रियों को यह भी अशंका था कि एक शक्तिशाली और एकीकृत सेना उनकी राजनीतिक आकांक्षा को चुनौती दे सकती है इसलिए अपने शासनकाल में नेहरू ने आधिकारिक वरीयता में सैन्य नेतृत्व के कद को कम कर दिया था। उन्होंने कई रक्षा नियुक्तियों, संरचनाओं और सुरक्षा तंत्रों को भंग कर दिया जो सशस्त्र बलों के बीच वैचारिक एकता, एकीकरण और संयुक्तता को बढ़ावा दे सकते थे।

पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने हर वह कदम उठाए जिससे सेना एकजुट ना रह पाये।

इन गलतियों में सबसे बड़ी गलती रही उनके कमांडर-इन-चीफ के पद को निरस्त करना। नेहरू को यह डर था कि सेना कहीं तख्तापलट न कर दे जो विश्व के अफ्रीका और मध्य एशिया के कुछ देशों में देखने को मिल रहा था। सत्ता के लिए वह इतने भूखे थे कि उन्होंने देश के हित के बारे में कभी नहीं सोचा। लॉर्ड माउंटबेटन ने नेहरू को यह सुझाव दिया था कि वे किसी को ‘कमांडर इन चीफ’ बनाए लेकिन नेहरू ने इस सुझाव को अस्वीकार कर दिया था।

इस पर लॉर्ड माउंटबेटन ने कहा था, ‘नेहरू ने पहले इस तरह के पोस्ट का विरोध किया था क्योंकि इससे भारतीय राजनीतिज्ञों को महान ‘कमांडर इन चीफ इन इंडिया’ के विचार को समाप्त करने की प्रेरणा मिलेगी। चीन से युद्ध के पहले भी लॉर्ड माउंटबेटन ने तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल थिमया को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बनाने का सुझाव दिया था लेकिन फिर से रक्षा मंत्री कृष्णन मेनन के दबाव में आकार प्रधानमंत्री नेहरू ने इसे अस्वीकार कर दिया। जनरल थिमय्या और कृष्णा मेनन के बीच का आपसी विवाद किसी से छिपा नहीं था लेकिन इसका खामियाजा देश को भुगतना पड़ा और चीन से हार के कारण विश्व में भारत की साख को गहरा धक्का भी लगा।

जवाहरलाल नेहरू के इस फैसले का सेना पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ा साथ ही राजनीतिक नेतृत्व और नौकरशाही के पर भी इसका प्रभाव देखने को मिला है। जवाहरलाल नेहरू की अनेक गलतियों में से यह एक बड़ी गलती साबित हुई जो भारत को भरी पड़ी तथा चीन से हार का सामना करना पड़ा।

सेना के वर्चस्व को कम करने के लिए उन्होंने न सिर्फ कमांडर इन चीफ का पद हटाया अपितु सेना की संख्या में भी भरी कटौती की थी वह भी तब जब चीन तिबाट पर चढ़ाई कर रहा था। यह जानते हुए भी नवंबर 1950 में जब चीन ने पहले ही तिब्बत में प्रवेश कर लिया, नेहरू ने संसद में एक बहस के दौरान घोषणा की कि उन्होंने रक्षा खर्च और सेना के आकार को कम करने के लिए रक्षा मंत्रालय को निर्देश दिया था। इसके परिणामस्वरूप वर्ष 1951 में सेना के 50,000 सैनिकों को हटा दिया गया था।

नेहरू की सेना के लिए इस मानसिकता का असर वर्ष 1962 की युद्ध के दौरान दिखाई दिया, जब हमारे सशस्त्र बल तालमेल के बिना ही एक संगठित चीनी सेना के खिलाफ लड़े और भारत को हार का सामना करना पड़ा था। हार के बावजूद, नेहरू का व्यामोह इतना अधिक था कि उन्होंने सीडीएस नियुक्त करने की मांग से इनकार कर दिया और फिर आगे आने वाली सभी सरकारों ने इस प्रवृत्ति को जारी रखा। हालांकि कारगिल युद्ध में जीत के बाद भी देश की सुरक्षा व्यवस्था में खामियों का पता लगाने के लिए गठित समिति ने भी चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ के नियुक्ति की पैरवी की थी। इसके बाद नरेश चंद्र टास्क फोर्स ने भी चीफ्स ऑफ स्टॉफ कमेटी के स्थाई प्रमुख के नियुक्ति की पैरवी की थी।

लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन सुझावों के 20 वर्ष बाद इसे पूरा करने का जज्बा दिखाया है। बता दें कि दिसंबर, 2015 में नौसेना के विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य पर सवार होकर पीएम मोदी ने कंबाइंड कमांडर्स कांफ्रेंस को संबोधित करने के दौरान ही ‘चीफ ऑफ डिफेंस’ बनाने का संकेत दे दिया था। तब भी उन्होंने कहा था, “संयुक्त रूप से शीर्ष अधिकारी की ज़रूरत लंबे समय से बनी हुई है। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों को तीनों सेनाओं के कमांड का अनुभव होना चाहिए। हमारी सेना के वरिष्ठ सैन्य प्रबंधन में सुधार की ज़रूरत है। अतीत में दिए गए कई सैन्य सुधार के प्रस्तावों को लागू नहीं किया जा सका है, यह दुखद है। मेरे लिए यह प्राथमिकता का विषय है।” इस बार 73वें स्वतन्त्रता दिवस के मौके पर इस बड़े बदलाव का ऐलान भी कर दिया। इससे सेना के तीनों अंगों को बदलते तकनीक और वक्त के साथ युद्ध के दौरान तालमेल करने में मदद मिलेगी। ‘चीफ ऑफ डिफेंस’ तीनों सेनाओं के प्रभारी होंगे। इससे तीनों सेनाओं को एक नेतृत्व प्राप्त होगा। आचार्य चाणक्य ने भी एक सेनापति रखने का संदेश अपनी पुस्तक अर्थशास्त्र में दिया है। उन्होंने लिखा है:

अल्पबीजहतं क्षेत्रं हतं सैन्यमनायकम् ।

अर्थात कम बीज से खेत तथा बिना सेनापति वाली सेना नष्ट हो जाती है। प्रधानमंत्री ने कहा ये व्यवस्था इसलिए की गई है क्योंकि आज के समय में तीनों सेनाओं का साथ चलना बेहद जरूरी है। तीनों सेनाएं एक साथ चलें तभी देश सुरक्षित रहेगा।

 

 

 

Tags: पं. नेहरूपीएम मोदीभारतीय सेनारक्षा मंत्रालय
शेयर1513ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

रामचन्द्र गुहा के इस मोदी विरोधी लेख की हर लाइन, हर शब्द, हर अक्षर पूरी तरह बकवास और कूड़ा है

अगली पोस्ट

अमित शाह ने एक भाषण में शेहला राशिद के फलते-फूलते राजनीतिक करियर को तबाह कर दिया

संबंधित पोस्ट

चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है
भारत

अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

17 January 2026

अमेरिका द्वारा ईरान पर बढ़ते दबाव को देखते हुए भारत को चाबहार बंदरगाह की लगातार चिंता सता रही है, इसे ध्यान में रखते हुए भारत...

भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।
भारत

भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

17 January 2026

भारतीय नौसेना ऐसे उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर आगे बढ़ रही है, जो पानी के साथ-साथ पारंपरिक रनवे से भी उड़ान भरने...

भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।
चर्चित

भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

15 January 2026

भारत के लिए एक खुशखबरी है, भारत और फ्रांस के बीच भारतीय वायुसेना (IAF) के लिए 114 राफेल F4 लड़ाकू विमानों की खरीद को लेकर...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited