TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

गरीब नहीं, अफ़ग़ानिस्तान है 3 ट्रिलियन डॉलर का मालिक; ये संभला तो South Asia की सूरत बदल जाएगी

सोने के अंडे देने वाली मुर्गी है अफ़ग़ानिस्तान! यहाँ शांति बहाल करनी ही होगी!

Abhinav Kumar द्वारा Abhinav Kumar
30 July 2020
in साउथ एशिया
Afghanistan
Share on FacebookShare on X

अफगानिस्तान का नाम सुनते ही एक ऐसे देश का चित्र उभर कर आता है जो कई वर्षों से युद्धग्रस्त रहा है, और इस युद्ध के कारण न तो जनता को सुरक्षा प्राप्त है और न ही खाना। पहले रूस फिर तालिबान उसके बाद अमेरिका के हस्तक्षेप के बाद अब चीन ने अफगानिस्तान पर अपनी नजरें गड़ा दी हैं। परंतु इस देश के गर्भ में ऐसा खजाना है जो युद्ध की विभीषिका से जूझ रहे अफगानिस्तान को एक नया जीवन दे सकता है। लगभग 3 ट्रिलियन के इस खनिज खजाने से न सिर्फ Afghanistan विदेशी हस्तक्षेप से दूर हो सकता है, बल्कि विश्व में लिथियम जैसे खनिज पदार्थ का प्रमुख एक्स्पोर्टर भी बन सकता है।

दरअसल, अमेरिका के भूगर्भ वैज्ञानिकों ने वर्ष 2010 में करीब 3 ट्रिलियन डॉलर मूल्य के खनिज के भंडारों का पता लगाया था। भूगर्भ वैज्ञानिकों के अनुसार अफगानिस्तान में लोहे, तांबे, कोबाल्ट, सोने और लीथियम के बड़े भंडार मौजूद हैं। तब अमेरिकी सैन्य मुख्यालय पेंटागन के एक पत्र में कहा गया था कि खनिजों भंडारों का उपयोग कर Afghanistan लीथियम उत्पादन के मामले में “सऊदी अरब” बन सकता है।

संबंधितपोस्ट

Assam Floods: बाढ़ ने बढ़ाई तबाही, मरने वालों की संख्या 4 हुई, 37 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित

तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

नोएडा की गैलेक्सी वेगा सोसायटी में लिफ्ट में फंसीं चार बच्चियां, आधे घंटे तक बंद रहीं

और लोड करें

यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने खनिजों के अपने व्यापक वैज्ञानिक अनुसंधान के माध्यम से निष्कर्ष निकाला है कि अफगानिस्तान में 60 मिलियन मीट्रिक टन तांबा, 2.2 बिलियन टन लौह अयस्क, 1.4 मिलियन टन rare earth elements (REE) जैसे लैंटम तथा सेरियम, नियोडिमियम, और एल्युमिनियम, सोना, चांदी, जस्ता, पारा और लिथियम का भंडार मिल सकता है।

USGS का अनुमान है कि हेलमंड प्रांत में खाननेशिन में लगभग 1.1.-1.4 मिलियन मीट्रिक टन REE मौजूद होगी। कुछ रिपोर्टों का अनुमान है कि Afghanistan के REE संसाधन पृथ्वी पर सबसे बड़े हैं। बता दें कि REE आधुनिक तकनीक का अनिवार्य हिस्सा बन गए हैं। उनका उपयोग सेल फोन, टीवी, हाइब्रिड इंजन, कंप्यूटर, लेजर और बैटरी में किया जाता है। खोजे गए सबसे बड़े खनिज भंडार लोहे और तांबे के हैं, और मात्रा काफी बड़ी है जो अफगानिस्तान को दोनों का एक प्रमुख विश्व उत्पादक बनाने के लिए पर्याप्त है।

पेंटागन के अधिकारियों ने कहा कि गजनी प्रांत में स्थान ने बोलीविया के बड़े पैमाने पर लिथियम जमा करने की क्षमता दिखाई, जो अब दुनिया का सबसे बड़ा ज्ञात लिथियम भंडार है।

अफगानिस्तान में मौजूद खनिज भंडारों का पता लगाने का काम सोवियत यूनियन ने 1980 के दशक में शुरू किया था।1989 में सोवियत यूनियन के विघटन के बाद यह कार्यक्रम रुक गया लेकिन इससे जुड़े अफगानिस्तान के लोगों ने उस दौरान बनाए गए चार्ट और मैप को संभाल कर रखा, तथा काबुल में स्थित Afghan Geological Survey की लाइब्ररी में जमा करा दिया। वर्ष 2006 में अमेरिकी अधिकारियों के हाथ यही चार्ट्स लग गए और शुरू हुआ अमेरिकी पड़ताल। अमेरिका ने कई विमान और उपकरण का इस्तेमाल कर आखिर में यह निष्कर्ष निकाला कि Afghanistan में करीब एक ट्रिलियन के खनिज भंडार मौजूद हैं।  परंतु एक रिपोर्ट में यह कहा गया था कि इन भंडारों की कीमत अमेरिकी अनुमान से 3 गुना अधिक है।

अफगानिस्तान में 1,400 से अधिक खनिज क्षेत्र हैं जिनमें खनिजों जैसे बाराइट, क्रोमाइट, कोयला, तांबा, सोना, लौह अयस्क, सीसा, प्राकृतिक गैस, पेट्रोलियम, कीमती और अर्ध-कीमती पत्थर, नमक, सल्फर, तालक और जस्ता  पाये जाते हैं। उच्च गुणवत्ता वाले पन्ना, लापीस लजुली, लाल गार्नेट और माणिक भी Afghanistan में मौजूद है। यह सभी खनिजों को पाने और इस्तेमाल के लिए आज विश्व आतुर है। संगमरमर या मारबल अफगानिस्तान के कई प्राकृतिक संसाधनों में से एक है, जो – खनन क्षेत्र में निवेश के साथ आर्थिक सहायता के लिए विदेशी निर्भरता को हमेशा के लिए समाप्त कर सकता है।

हालांकि, 3 ट्रिलियन डॉलर की सम्पदा होने के बावजूद Afghanistan की सरकार को खनन से मिलने वाले राजस्व में हर साल लगभग 300 मिलियन डॉलर का नुकसान होता है।

अगर अफगानिस्तान के पास इतनी बड़ी संख्या में खनिज भंडार थे तो आज फिर भी अफगानिस्तान इस टूटे-फूटे हालात में क्यों है? इसके कई उत्तर हैं, पहला, तालिबान और दूसरा, भ्रष्टाचार। Afghanistan में कोई भी कंपनी निवेश करने से पहले तालिबान के हमलों के बारे में हजार बार सोचती है।

यही कारण है कि खराब सुरक्षा, उचित कानूनी ढांचे की कमी, के साथ भ्रष्टाचार ने पूरे Afghanistan के विकास को रोक दिया है। खराब इन्फ्रास्ट्रक्चर ट्रांसपोर्ट और एक्सपोर्ट को मुश्किल बनाता है, जबकि अफगान सरकार द्वारा लगाए गए उच्च रॉयल्टी और टैक्स से संभावित निवेशक हतोत्साहित होता है।

जबकि तालिबान और ISIS जैसे आतंकी संगठन अवैध रूप से संसाधनों का खनन कर उन्हें पड़ोसी देशों तथा ब्लैक मार्केट में बेच कर खूब कमाई कर रहे हैं। ग्लोबल विटनेस की जांच के अनुसार, तालिबान और ISIS दोनों को इस तरह के अवैध खनन का फायदा हुआ है। अनुमान के मुताबिक तालिबान अकेले talc के खनन से 2.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर से 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर प्रति वर्ष कमाता है, जो कि अफीम के बाद उनके राजस्व का मुख्य स्रोत बन चुका है।

अफगानिस्तान में कई देशों का हस्तक्षेप भी उसके आज तक गरीब रहने का कारण है। उत्तरी Afghanistan प्राकृतिक गैस भंडार से समृद्ध है और दशकों से रूस का ध्यान आकर्षित किया है। जर्मनी अपने ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए हेलमंद प्रांत में अफगान लिथियम जमा पर नजर गड़ाए हुए है। वहीं चीन ने भी प्राकृतिक संसाधनों के इस होड़ में अफगानिस्तान से 100 बिलियन डॉलर का कॉपर निकालने की योजना पर हस्ताक्षर कर चुका है। वर्ष 2007 में,चीन की कंपनी ने काबुल के पास $ 3 बिलियन के लिए भूमि लीज पर ली थी। परंतु पुरातत्वविदों ने उसी स्थान पर 5,000 साल पुराने बौद्ध शहर की खोज की जहां दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कॉपर जमा है। आज भी Mes Aynak में चीन का यह प्रोजेक्ट रुका पड़ा है।

वहीं, अमेरिका ने अफगानिस्तान में मौजूद रहने के बावजूद उद्योगों के विकास के लिए एक एकीकृत रणनीति नहीं बनाई है। हालांकि, ट्रम्प प्रशासन ने Energy Resource Governance Initiative (ERGI) की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य उच्च मांग वाले खनिजों के खनन को बढ़ावा देना है। अब तक, ERGI पहल में कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, बोत्सवाना, पेरू, अर्जेंटीना, ब्राजील, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, नामीबिया, फिलीपींस और ज़ाम्बिया शामिल थे, अब Afghanistan के महत्व को देखते हुए उसे भी शामिल किया जा सकता है। इससे अफगानिस्तान आर्थिक रूप से लाभान्वित हो सकता है और अमेरिका के साथ दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी सुनिश्चित कर सकता है।

यदि व्यापक, यथार्थवादी और दीर्घकालिक रणनीतिक दृष्टिकोण के साथ मजबूत नीतियों को नहीं अपनाया जाता है, तो अफगानिस्तान फिर से संघर्ष और गृह युद्ध चक्र में फंस कर रह जाएगा। अफगानिस्तान लंबे समय से विदेशी सहायता पर निर्भर देश रहा है। खनिज संपदा का समुचित दोहन ही ऐसा एक चीज है जो अफगानिस्तान की अस्थिर अर्थव्यवस्था को संभवत: एक स्थिर स्थिति में स्थानांतरित कर सकती है। इन संसाधनों को यदि ठीक से मैनेज किया जाता है तो Afghanistan अपनी आर्थिक सफलता की नई कहानी लिख सकता है। मजबूत नीतियां, स्पष्ट नीति निर्देश के साथ मजबूत संस्थागत व्यवस्था घरेलू और विदेशी दोनों निवेशकों को आकर्षित करने का मार्ग प्रशस्त करेगी। खनिज संसाधनों का बेहतर प्रबंधन स्थायी आर्थिक विकास और शांति का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। शायद आने वाले अफगान प्रशासन के लिए यह खनिज संसाधनों पर आधारित आर्थिक रणनीति को जमीनी हकीकत देने का एक सुनहरा अवसर है। यही नहीं ऐसे दो तरीके हैं जिनसे अफगानिस्तान एक विकसित और शांत देश बन सकता है – पहला, जहां अफगानिस्तान स्थिर तथा संप्रभु है और तेजी से विकसित कर रहा है

दूसरा, वह देश जहां तालिबान और चीन जैसी ताकतों का गुलाम जो इस देश को फिर से युद्ध क्षेत्र में बदल कर अपने फायदे के लिए काम करता रहेगा।

लोकतांत्रिक दुनिया को यह सुनिश्चित करना होगा कि Afghanistan पहला रास्ता अपनाए न कि दूसरा। विश्व को तालिबन और चीन जैसे ताकतों से संयुक्त रूप से निपटना चाहिए और अफगानिस्तान को खुद के निर्माण में मदद करनी चाहिए, जिससे अंततः क्षेत्र का विकास होगा। अफगानिस्तान भारत का प्राकृतिक साझेदार है। यह आने वाले दशक में भारत की विशाल गैस / ऊर्जा की मांगों को पूरा करने में मदद कर सकता है।

 

शेयर27ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

“अपनी मातृभाषा में पढ़िये”, नई शिक्षा नीति देश की शिक्षा प्रणाली में क्रांति ला देगी

अगली पोस्ट

चीन ने अब QUAD का भी डुप्लीकेट Version बनाया है, और ये भी क्वालिटी में ‘Poor’ है

संबंधित पोस्ट

अंतरराष्ट्रीय मंच पर शांति और अपने घर में आतंक, नागरिकों पर बम: पाकिस्तान की गजब की एक्टिंग
AMERIKA

अंतरराष्ट्रीय मंच पर शांति और अपने घर में आतंक, नागरिकों पर बम: पाकिस्तान की गजब की एक्टिंग

14 October 2025

जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ मिस्र के शर्म-अल-शेख़ में आयोजित शांति सम्मेलन के मंच पर खड़े होकर शांति और स्थिरता का उपदेश दे रहे...

गाजा में शांति, पर पाकिस्तान में जिहाद की आग: TLP ने लाहौर को किया लहूलुहान
एशिया पैसिफिक

गाजा में शांति, पर पाकिस्तान में जिहाद की आग: TLP ने लाहौर को किया लहूलुहान

13 October 2025

गाजा की धरती पर जब बमों की आवाज़ थमी, जब वर्षों बाद वहां की हवा में पहली बार राहत की सांस घुली, तब पाकिस्तान की...

बगराम पर बनता नया समीकरण: अमेरिका के खिलाफ भारत की कूटनीतिक हुंकार
AMERIKA

मोदी सरकार ने बगराम पर अमेरिका-पाकिस्तान दोनों को चित करने की पूरी प्लानिंग कर ली है , लेकिन कैसे?

10 October 2025

अफगानिस्तान के बगराम एयरबेस को लेकर छिड़ी कूटनीतिक जंग में भारत अब निर्णायक भूमिका निभा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंशा है कि...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

What's Really Behind Xinjiang's Global Supply Chains?

What's Really Behind Xinjiang's Global Supply Chains?

00:03:26

IRAN HITS UAE OIL TANKERS

00:03:28

THE CAMPS AFTER URUMQI

00:03:51

BANGKOK PUB FIRE HORROR

00:04:07

Vietnam Speedboat Tragedy: How 15 Indian Tourists Lost Their Lives

00:03:35
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited