TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा

    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा, मोदी पर पश्चिमी दबाव को किया खारिज; भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का किया समर्थन

    राजीव गांधी

    जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

    Cockroach Janta Party

    Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा

    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा, मोदी पर पश्चिमी दबाव को किया खारिज; भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का किया समर्थन

    राजीव गांधी

    जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

    Cockroach Janta Party

    Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

रूस ख़ामोशी से कई मोर्चों पर चीन के खिलाफ युद्ध लड़ रहा है, और जीत भी रहा है

रूस की ये रणनीति बेमिसाल है

Abhinav Kumar द्वारा Abhinav Kumar
24 August 2020
in विश्व
रूस
Share on FacebookShare on X

अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव को देख कर जब सभी ने यह सोचा कि वर्तमान विश्व व्यवस्था अब इन दोनों देशों के बीच चल रहे पावरप्ले पर केन्द्रित हो गया है तभी पुतिन के नेतृत्व में रूस भी अब अपनी मौजूदगी दर्ज करने लगा है। एक तरफ डोनाल्ड ट्रम्प चीन और CCP के खिलाफ धमाकेदार युद्ध छेड़ा चुके हैं तो वहीं, रूस भी चीन को धीरे-धीरे ही सही लेकिन बड़ी चोट दे रहा है। यानि क्रेमलिन भी पेंटागन की तरह ही प्रभावी रूप से कई मोर्चों पर चीन के खिलाफ शीत युद्ध छेड़े हुए है और वह जीत भी रहा है।

रूस का शुरू से ध्यान उन देशों को निशाना बनाना रहा है जहां किसी अन्य महाशक्ति का प्रभाव होता है। रूस ऐसे देशों को अस्त-व्यस्त करने के लिए वहां की सरकार को गिरा कर, सैन्य जुंटाओं को ध्वस्त कर या तानाशाहों को अस्थिर कर या फिर उन देशों की सरकारों को उग्रवाद या जिहादी आतंकवाद से लड़ने में मदद कर अपना प्रभाव जमाने की कोशिश करता है। बेलारूस, सोमालिया, सोमालिलैंड, Eritrea, सूडान, मध्य अफ्रीकी गणराज्य, मोजाम्बिक माली और मेडागास्कर जैसे देशों में रूस इसी तरह से अपना प्रभाव जमा चुका है। सबसे खास बात है कि कुछ वर्ष पूर्व तक इन देशों में चीन का प्रभुत्व था। यानि चीन इन देशों में रूस के हाथों मात खा चुका है।

संबंधितपोस्ट

भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

RBI ने नहीं बेचा सोना, गलत रिपोर्ट पर ब्लूमबर्ग को लेना पड़ा यू-टर्न

अरुणाचल प्रदेश पर चीन के दावों को लेकर पेमा खांडू का पलटवार, बोले- भारत की सीमा चीन नहीं, तिब्बत से लगती है

और लोड करें

उदाहरण के लिए, बेलारूस को ले लीजिए, जहां कई बार से निर्वाचित राष्ट्रपति Alexander Lukashenkoने एक बार फिर से खुद को इस पूर्वी यूरोपीय देश का निर्वाचित राष्ट्रपति घोषित किया है। हालांकि, बेलारूस में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हो रहा है जिससे Lukashenko की सरकार के पतन का खतरा है। चुनावों से पहले Lukashenko ने रूस पर बेलारूसी मतदान प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का भी आरोप लगाया।

बेलारूसी राष्ट्रपति चुनाव से पहले 29 जुलाई को Minsk  में 33 कथित रूसी भाड़े के सैनिकों को हिरासत में लिया गया था, जिन पर बेलारूस के अधिकारियों ने क्रेमलिन द्वारा नियंत्रित एक निजी सैन्य कंपनी वैगनर के साथ जुड़े होने का आरोप लगाया था। बता दें कि Lukashenko आर्थिक सहयोग के लिए चीन के काफी करीब आ चुका है जिसके कारण अब रूस वहां की सरकार के पीछे पड़ चुका है।

बेलारूस में रूसी भागीदारी के कारण ही यूरोपीय संघ या पश्चिमी देश बेलारूसी विरोध प्रदर्शन के समर्थन से परहेज कर रहे हैं।

लेकिन रूस चीन से केवल पूर्वी यूरोप में ही नहीं लड़ रहा है, बल्कि रूस ने चीन को संसाधन संपन्न अफ्रीकी महाद्वीप में कई झटके दे चुका है। अफ्रीका में चीन को नया झटका माली से आया, जहां माली सेना के दो कर्नल- Malick Diaw और Sadio Camara ने देश के राष्ट्रपति Ibrahim Boubacar Keita के खिलाफ तख्तापलट कर शासन अपने हाथ में ले लिया। अब यह खबर आ रही है कि इन दोनों के रूस से संबंध थे। दोनों ने रूसी प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया था सेना से ट्रेनिंग ले कर तख्तापलट से कुछ ही हफ्ते पहले आए थे।

माली के भीतर हुए सैन्य तख्तापलट में रूस के सीधे शामिल होने का आरोप लगाया जा रहा है। यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि सरकार के बदलने से यहाँ सबसे अधिक नुकसान चीन का होना है क्योंकि माली भी BRI पर हस्ताक्षर कर चुका है। चीन की योजना थी कि वह माली के जरीये अफ्रीका के पूरे सहेल क्षेत्र को अपने कब्जे में ले लेगा लेकिन अब माली में तख़्तापलट से उसके सपने को एक जोरदार झटका लगा है।

दरअसल, रूस के पास अफ्रीका के लिए कुछ प्रमुख योजनाएं हैं। उदाहरण के लिए अगर हॉर्न ऑफ अफ्रीका को देखा जाए तो वह खाड़ी देशों की ओर शक्ति दिखाने और अदन की खाड़ी के माध्यम से स्वेज नहर तक पहुंचने का एक प्रमुख रणनीतिक क्षेत्र है। इस क्षेत्र पर सभी महाशक्तियां अपने दबदबे को बनाए रखना चाहती हैं।

चीन का जिबूती में पहले से एक रणनीतिक सैन्य अड्डा है, लेकिन अब मॉस्को भी सोमालीलैंड और इरिट्रिया में अपनी उपस्थिति बढ़ाकर इस ओर कदम बढ़ा रहा है। रूस सोमालिलैंड के Port of Berbera में एक नौसेना बेस खोलने की योजना बना रहा है और इरिट्रिया में एक नौसैनिक logistics centre के लिए भी बातचीत कर रहा है।

इसके सफल हो जाने के बाद रूस चीन और अमेरिका के साथ उन देशों में शामिल हो जाएगा जिनके पास स्वेज नहर के साथ जिबूती में सैन्य अड्डे हैं। दिलचस्प बात यह है कि रूस के साथ निकटता के कारण स्व-घोषित देश सोमालीलैंड ने चीन को नकार दिया है। हाल ही में, सोमालीलैंड ने चीन को नकारते हुए उसके आपत्तियों के बावजूद ताइवान के साथ द्विपक्षीय संबंध स्थापित किए।

वहीं 1,500 मील दक्षिण में रूस अफ्रीकी महाद्वीप के पूर्वी तट के पास वनीला द्वीप देशों में अपनी उपस्थिति बढ़ा रहा है। NYT के अनुसार, रूसी सैन्य परिवहन विमान पिछले साल उत्तरी मोज़ाम्बिक में उतरे थे, और अमेरिकी अधिकारियों का भी मानना है कि वर्तमान में 160 वैगनर समूह की टुकड़ियाँ वहाँ तैनात हैं। मोजाम्बिक में इस्लामिक स्टेट के आतंकियों का प्रभाव बढ़ गया था जिससे लड़ने के लिए उसे इन सैनिकों की आवश्यकता है।

हाल के दिनों में रूस ने अफ्रीका में अपनी उपस्थिति भयंकर स्तर से बढ़ाई है। केवल तीन हफ्ते पहले, एक जर्मन दैनिक Bild ने एक जर्मन विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया था कि रूस छह अन्य देशों में बेस का निर्माण करना चाहता था।

कहा जा रहा है कि इन छह देशों में रूस सैन्य ठिकानों के निर्माण की अनुमति दी जा चुकी है। इन देशों में मध्य अफ्रीकी गणराज्य, मिस्र, इरिट्रिया, मेडागास्कर, मोज़ाम्बिक और सूडान हैं। लीक हुए दस्तावेज़ में यह भी खुलासा हुआ , “2015 के बाद से रूस ने अफ्रीका के 21 देशों के साथ सैन्य सहयोग समझौता किया है।

अगर देखा जाए तो रूस ने अफ्रीका में चीन की कीमत पर अपने प्रभाव को बढ़ाया है। चीन भू-रणनीतिक कारणों से अफ्रीका के हॉर्न पर तथा और वेनिला द्वीप देशों के समृद्ध संसाधन के लिए अपना प्रभाव जमाना चाहता था लेकिन अब रूस ने चीन को हटा कर अपने प्रभाव को जमाने का इंतजाम कर लिया है। बढ़ते रूसी प्रभाव से अमेरिका भी शांत नजर आ रहा है क्योंकि वाशिंगटन वैसे भी इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति कम कर रहा है।

मॉस्को के लिए, यह समय पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण खोई हुई कूटनीतिक ऊंचाइयों को हासिल करने का अवसर है। अमेरिका और चीन वैसे भी शीत युद्ध की ओर बढ़ चुके हैं, जिससे रूस को बिना शोर किए अपनी उपस्थिती बढ़ाने का मौका मिला है। इसके अलावा, चीन खुद मास्को के खिलाफ हथियार नहीं उठा सकता क्योंकि आज जिस तरह से वह भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया, ताइवान के साथ अमेरिका से घिर चुका है। वैसे समय में चीन रूस के रूप में एक और खतरनाक दुश्मन को बर्दाश्त नहीं कर सकता है। यानि अगर यह कहा जाए कि रूस कई मोर्चों पर चीन के खिलाफ एक प्रभावी युद्ध लड़ रहा है और साथ में उसे धूल चटा रहा है तो ये कहना गलत नहीं होगा।

शेयर65ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

पंजाब कांग्रेस में सियापे से डरे अमरिंदर सिंह गांधी परिवार को टॉप चेयर पर चाहते हैं

अगली पोस्ट

CM योगी का “1 District, 1 Product” का विचार धमाकेदार है, PM मोदी इसे पूरे देश में लागू करना चाहते हैं

संबंधित पोस्ट

तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,
AMERIKA

तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

23 May 2026

अमेरिका में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है, जब अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (DNI) तुलसी गबार्ड ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा...

कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस
यूरोप

चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

22 May 2026

यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काया कैलस एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई हैं, जब उन्होंने चीन के साथ यूरोप की...

‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?
अमेरिकाज़

‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

22 May 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों एक बेहद अजीब और संवेदनशील दुविधा में फंस गए हैं। यह मामला सिर्फ व्हाइट हाउस की फाइलों या अंतरराष्ट्रीय...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

00:03:22

Rudram 2 Success: Made in India Missile Ready To Crush Enemy Radars| DRDO’s Big Breakthrough

00:03:46

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited