TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा

    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा, मोदी पर पश्चिमी दबाव को किया खारिज; भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का किया समर्थन

    राजीव गांधी

    जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

    Cockroach Janta Party

    Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा

    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा, मोदी पर पश्चिमी दबाव को किया खारिज; भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का किया समर्थन

    राजीव गांधी

    जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

    Cockroach Janta Party

    Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

‘फ्री के प्रचार में वामपंथियों का जवाब नहीं’, वामपंथियों ने ‘Delhi Riots 2020’ की पब्लिसिटी इसके लॉन्च से पहले ही कर दी है

अब इस किताब के Launch होने पर इनका क्या होगा!

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
24 August 2020
in विश्व
दिल्ली Riots 2020
Share on FacebookShare on X

यदि आप प्रोपेगेंडा में लिप्त है, तो इसका एक रूल कभी न भूलें – ऐसा कोई कदम न उठायें जिससे आपके विरोधी का मुफ्त में प्रचार हो, और उसे नीचा दिखाने में आप अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मार लें। परंतु ये बात भारत की वामपंथी ब्रिगेड ने कभी सीखी ही नहीं है, और इसीलिए एक बार फिर वह मुंह की खाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। ‘दिल्ली Riots 2020’ नामक पुस्तक का उन्होंने मुफ्त में जिस तरह प्रचार किया है, उससे एक बार फिर सिद्ध होता है कि वामपंथी आज भारत में उपहास का पात्र क्यों बने हैं।

दरअसल, अभी हाल ही में दिल्ली Riots 2020 ऑनलाइन लॉन्च होने वाले थी, जो पूर्वोत्तर दिल्ली में भड़के दंगों पर आधारित थी। इसे मोनिका अरोड़ा, सोनाली चितालकर और डॉ प्रेरणा मल्होत्रा ने मिलकर लिखा था। यह पुस्तक दिल्ली के दंगों पर आधारित थी, और इसमें हर पक्ष की बात को सामने रख एक निष्कर्ष निकाला जाना था। इस पुस्तक के ऑनलाइन लॉन्च में भाजपा सांसद भूपेंद्र यादव और चर्चित नेता कपिल मिश्रा शामिल होने वाले थे।

संबंधितपोस्ट

नागपुर के भगवती मंदिर में चोरी: दर्शन के बहाने आया और देवी का मंगलसूत्र उड़ा ले गया

भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

RBI ने नहीं बेचा सोना, गलत रिपोर्ट पर ब्लूमबर्ग को लेना पड़ा यू-टर्न

और लोड करें

परंतु कपिल मिश्रा का नाम सामने आते ही वामपंथियों के छाती पर साँप लोटने लगे। जिस प्रकार से इन्होंने वर्षों तक नरेंद्र मोदी को गुजरात के दंगों के लिए जानबूझकर दोषी सिद्ध करने का असफल प्रयास किया, उसी प्रकार सभी साक्ष्य उनके विरुद्ध होने के बावजूद वामपंथी कपिल मिश्रा को ही दिल्ली के दंगों के लिए मुख्य दोषी बनाने पर तुले हुए हैं। बस, फिर क्या था, वामपंथियों ने प्रकाशक ब्लूम्सबरी इंडिया पर दबाव बनाना शुरू कर दिया, और आश्चर्यजनक रूप से उनकी मांगों को मानते हुए ब्लूम्सबरी इंडिया ने पुस्तक को लॉन्च होने से पहले ही हटा लिया।

इसकी शुरुआत हुई वामपंथी इतिहासकार विलियम डेलरिम्पल  से, जिन्होंने दिल्ली Riots 2020 पुस्तक के विरुद्ध मोर्चा संभाल लिया। साकेत गोखले नामक ट्विटर यूजर ने जब कपिल मिश्रा के ऑनलाइन लॉन्च में शामिल होने पर आपत्ति जताई और इस पुस्तक को हटाने की मांग की, तो विलियम डालरिमप्ल ने तुरंत उसकी मांगों को मानते हुए कहा कि वे इसके लिए व्यापक अभियान चलाएँगे।

अब ऐसे में वामपंथियों की पोस्टर गर्ल राणा अय्यूब कैसे पीछे रहती? राणा अय्यूब ने इस पुस्तक का विरोध करते हुए ट्वीट किया, “सरकार, न्याय प्रशासन और पुलिस ने मिलकर सच को दबाने का प्रयास किया है और शोषक को शोषित बनाने का प्रयास किया है। इसीलिए वे एक ऐसे पुस्तक [Delhi Riots 2020] को समर्थन दे रहे हैं, जो उनके एजेंडा को बढ़ावा दे रहा है, और ये पुस्तक अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता नहीं है”।

The state, the judiciary, the police has decided to label the oppressed as the oppressor, it has made the victims the accused in the Delhi pogrom. Releasing a book that validates this hate is enabling and endorsing the pogrom. This is not FoE for heavens sake

— Rana Ayyub (@RanaAyyub) August 23, 2020

इतना ही नहीं, जब दिल्ली Riots 2020 के प्रकाशन से आधिकारिक तौर पर ब्लूम्सबरी इंडिया ने हाथ पीछे खींच लिए, तो वामपंथी ऐसे खुश हुए मानो मॉस्को में लेनिन वापिस शासन संभालने के लिए आ गए हो। आरफा खानुम शेरवानी ने तो ऐसे ट्वीट किया, मानो गोल्ड स्पॉट ने दोबारा अपनी दुकान खोलने का निर्णय लिया हो। मोहतरमा ट्वीट करती है, “अति उत्तम खबर! ब्लूम्सबरी इंडिया ने हटाया प्रोपेगैंडा लिटेरेचर। सभी को बधाई जिन्होंने अपनी आवाज़ उठाई!” 

Excellent News ! @BloomsburyIndia withdraws publication of the Delhi Riots propaganda literature.
Congratulations to each one of you who raised their voice. https://t.co/BddLHV0J8I

— Arfa Khanum Sherwani (@khanumarfa) August 22, 2020

स्वरा भास्कर ने इस प्रतिबंध को उचित ठहराते हुए ट्वीट किया।

1. Deciding to not to publish a book is not a ‘Ban’.
2. This isn’t an opinion book. This is a book that‘s covering up a riot where people died & the state failed, where there is video evidence of complicity of law enforcement agencies with rioteers
Lies is Not a free speech issue

— Swara Bhasker (@ReallySwara) August 22, 2020

परंतु अपने अति उत्साह में इन प्रोपगैंडावादियों ने वही गलती की, जिसके कारण आज  नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री है, और ‘उरी’ एवं ‘तान्हाजी’ जैसी फिल्में ताबड़तोड़ पैसा कमाने में सफल हुई थी, और वो गलती है – ज़रूरत से ज़्यादा अटेन्शन देना। यदि आप प्रोपेगैंडा में विश्वास रखते हैं, तो आपको ज्ञात होना चाहिए कि ऐसी किसी भी वस्तु को अपना समय और अटेन्शन न दे, जो शुरू शुरू में आपके लिए हानिकारक न हो, लेकिन अत्यधिक अटेन्शन देने पर आप ही के अरमानों पर ज़बरदस्त पानी फेरता है! पर अफसोस, इतनी अकल वामपंथियों में कहाँ।

इसी पर प्रकाश डालते हुए टीएफ़आई के संस्थापक अतुल मिश्रा ने अपने विस्तृत ट्विटर थ्रेड में लिखा, “अब ये पुस्तक चर्चा का विषय बन चुकी है और प्रकाशित होने से पहले ही एक बहुत बड़ी हिट बन चुकी है। लोग अब इसे दो उद्देश्यों से ही खरीदेंगे – आखिर है क्या इसमें?, इसे दबाने का प्रयास क्यों किया गया?”

अपने थ्रेड में वे आगे लिखते हैं, “परंतु अब भी कुछ प्रश्न बाकी है। क्या इस पुस्तक को प्रकाशक मिलेगा? शायद मिल भी चुका है। क्या ये बिकेगी? इसकी बिक्री दौड़ेगी! तो हारा कौन? वामपंथी ही हारे, और उन्हें लगा कि वे जीते हैं! मैं अगर वामपंथी होता, तो अपने प्रिय मित्र को इसके बारे में बताता भी नहीं, परंतु यही तो समस्या है। वे विजय की भावना को ही असल विजय समझ लेते हैं, और इसीलिए वे दिन प्रतिदिन पराजित होते हैं!” 

It becomes a major talking point and the book is a hit even before it goes to print.

Now people will buy for 2 reasons:

1) What is in the book?
2) What do the leftists want to hide?

I see a potential number 1 best seller.

— Atul Kumar Mishra (@TheAtulMishra) August 23, 2020

लेकिन मामला यहीं पे खत्म नहीं हुआ है। दिल्ली Riots 2020 पुस्तक की लेखिकाओं में से एक मोनिका अरोड़ा के अनुसार इस पुस्तक को प्रकाशित करने की ज़िम्मेदारी गरुड़ प्रकाशन ने ली ली है। इस पुस्तक की लोकप्रियता कितनी बढ़ चुकी है, इसका अंदाज़ा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि इस निर्णय की घोषणा होते ही लोगों ने इसकी प्री बुकिंग इतनी की कि गरुड़ प्रकाशन की साइट कुछ समय के लिए क्रैश हो गई। गरुड़ प्रकाशन वही एजेंसी है जिसने वास्तविक भारतीय नायकों का गुणगान करती ‘Saffron Swords’, सिंधु सरस्वती सभ्यता का गुणगान करती ‘The Saraswati Civilization’, और शहरी नक्सलियों पर प्रकाश डालती ‘Urban Naxals’ जैसी प्रसिद्ध पुस्तकें प्रकाशित की हैं।

शेयर30ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘ये डील हमारे लिए खतरा है’, UAE-Israel के समझौते से सबसे ज्यादा नुकसान तुर्की को होने वाला है

अगली पोस्ट

‘बातचीत से बात नहीं बनी तो सैन्य कार्रवाई करेंगे’, चीन द्वारा कैलाश का अपमान करने पर CDS रावत की चीन को दो टूक

संबंधित पोस्ट

तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,
AMERIKA

तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

23 May 2026

अमेरिका में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है, जब अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (DNI) तुलसी गबार्ड ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा...

कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस
यूरोप

चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

22 May 2026

यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काया कैलस एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई हैं, जब उन्होंने चीन के साथ यूरोप की...

‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?
अमेरिकाज़

‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

22 May 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों एक बेहद अजीब और संवेदनशील दुविधा में फंस गए हैं। यह मामला सिर्फ व्हाइट हाउस की फाइलों या अंतरराष्ट्रीय...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

00:03:22

Rudram 2 Success: Made in India Missile Ready To Crush Enemy Radars| DRDO’s Big Breakthrough

00:03:46

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited