TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जबसे MBS सत्ता में आये हैं, तबसे सऊदी अब कूटनीतिक skills को मजबूत करने में जुटा है

Vikrant Thardak द्वारा Vikrant Thardak
8 January 2021
in चर्चित, मत
Saudi Arab
Share on FacebookShare on X

इस्लामिक दुनिया में शुरू से ही अरब देशों और खासकर सऊदी अरब का सबसे ज़्यादा प्रभाव रहा है। वर्ष 1960 में OPEC की स्थापना के साथ ही तेल की बढ़ती मांग के दम पर सऊदी अरब की GDP तेज रफ़्तार से बढ़ने लगी। वर्ष 1973 में जहां इस देश की GDP सिर्फ 15 बिलियन डॉलर थी, तो वहीं वर्ष 1980 तक यह 184 बिलियन डॉलर हो गयी। इस दौरान सऊदी अरब की छवि सिर्फ तेल बेचने वाले एक देश के तौर पर स्थापित हुई। इस दौरान सऊदी अरब ने इस्लामिक जगत को प्रभावित करने वाले कई वैश्विक मुद्दों, जिनमें फिलिस्तीन और कश्मीर सबसे अहम थे, उसको ज़ोर शोर से उठाया! तेल के दम पर ही वैश्विक राजनीति पर सऊदी अरब ने दबदबा दिखाना शुरू किया। वर्ष 1973 में अमेरिका पर OPEC द्वारा लगाया गया “तेल प्रतिबंध” इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। वर्ष 1973 में जब अरब देशों और इज़रायल के बीच युद्ध हुआ था, तो अमेरिका ने इज़रायल की सहायता की थी, जिससे नाराज़ होकर सऊदी अरब के नेतृत्व में ही OPEC ने अमेरिका को तेल देने से ही साफ़ मना कर दिया था! सऊदी अरब तेल के दम पर दुनिया का शहँशाह बन चुका था, जो सुपरपावर अमेरिका को भी अपने सामने झुका सकता था।

हालांकि, सऊदी अरब की शौहरत और रुतबे का एक ही आधार था और वो था तेल! 21वीं सदी आते-आते अमेरिका भी तेल के मामले में आत्मनिर्भर होने लगा और इसके साथ ही तेल बाज़ार पर सऊदी अरब का प्रभाव भी कम होने लगा। इस सदी में विकसित दुनिया हरित ऊर्जा की बात करने लगी, जिसके कारण Saudi Arab को अपने भविष्य की चिंता होने लगी। जो शौहरत उसने तेल के दम पर हासिल की थी, वही तेल अपनी कीमत खोने जा रहा था। ऐसे में सऊदी की सत्ता के गलियारों में उदय होता है सऊदी अरब के मौजूदा क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का, जिन्हें उनके परिवार और पिता द्वारा कई प्रकार के तिगडम लगाकर इस कुर्सी तक पहुंचाया गया है। उन्होंने सऊदी के सामने खड़ी इस विशाल समस्या को पहचाना और वर्ष 2016 में अपनी विज़न 2030 स्कीम को लॉंच किया, जिसका एक मात्र मकसद था सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था को तेल से दूर लेकर जाना और सऊदी अरब को एक बिजनेस हब के तौर पर विकसित करना!

संबंधितपोस्ट

फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

भारत में मई की भीषण गर्मी की आहट: असमान बारिश के बीच IMD ने दी लू (Heatwave) के दिनों में बढ़ोतरी की चेतावनी

ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

और लोड करें

मोहम्मद बिन सलमान को आज सऊदी अरब का अघोषित शासक माना जाता है, जो आज अपने देश की स्पष्ट और प्रभावी कूटनीति को आगे बढ़ा रहे हैं और खास बात यह है कि उसके केंद्र में “तेल” नहीं है। सऊदी अरब आज खुलकर ऐसे दांव-पेच खेल रहा है, जिससे हर दिन यह सुनिश्चित होता जा रहा है कि तेल की मांग में भारी गिरावट के बाद भी Saudi Arab का विश्व में वही स्थान बरकरार रहेगा, जो अभी देखने को मिलता है। MBS के नेतृत्व में Saudi Arab भारत, चीन और अब रूस जैसे देशों के साथ अपनी अपारंपरिक दोस्ती को और मजबूत करता जा रहा है और इसके पीछे MBS की शानदार कूटनीति का ही कमाल है।

उदाहरण के लिए भारत के साथ सऊदी अरब की दोस्ती ही ले लीजिये! वर्ष 2019 में PM मोदी अक्टूबर महीने में सऊदी अरब पहुंचे थे और MBS के विज़न 2030 को अपना भरपूर समर्थन दिया था। उसी दौरान भारत और Saudi Arab एक दूसरे के Strategic partners बने थे और तब सऊदी अरब ने भारत में 100 बिलियन डॉलर के निवेश करने का भी ऐलान किया था। MBS के नेतृत्व में भारत-सऊदी अरब अब बस व्यापारी नहीं रहे हैं, बल्कि रणनीतिक साझेदार बन चुके हैं। यही कारण है कि MBS अब पाकिस्तान को दरकिनार कर भारत के साथ अपने रिश्ते और यहाँ तक कि सैन्य रिश्ते मजबूत करते जा रहे हैं। पाकिस्तान को डंप करना सऊदी अरब का एक बड़ा कूटनीतिक कदम था, जिसे MBS ने कर दिखाया।

इसी प्रकार सऊदी अरब के नेतृत्व में ही अरब देश इज़रायल के साथ अपने रिश्ते समान्य करने को लेकर राज़ी हुए हैं। अपने सबसे कट्टर दुश्मन और अपने सबसे बड़े खतरे ईरान को ठिकाने लगाने के लिए MBS इज़रायल को गले लगाने से भी पीछे नहीं हटे! उनके इस फैसले का उनके परिवार तक में विरोध हुआ, लेकिन वो पीछे नहीं हटे। Abraham Accords को साइन करने के बाद ना सिर्फ UAE को अब अमेरिका से घातक एफ़-35 विमान मिलने वाले हैं, बल्कि अरब देशों के लिए अधिक व्यापारिक अवसर भी उपलब्ध होने वाले हैं।

MBS के नेतृत्व में ही सऊदी अरब चीन और अमेरिका के बीच चल रहे शीत युद्ध के दौरान अपने देश को बेहतर स्थिति में बनाए रखने में सफल हुए हैं। जब सऊदी अरब को अमेरिका के ट्रम्प प्रशासन की ओर से मुश्किलों का सामना करना पड़ा, तो Saudi Arab ने बड़ी ही चालाकी से अपने यहाँ चीन को बुलाकर अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम को आगे बढ़ाने का बड़ा फैसला ले लिया! पिछले वर्ष अगस्त महीने में आई एक रिपोर्ट के अनुसार चीन की सहायता से सऊदी अरब ने अपने यहाँ Uranium ore से Uranium yellow cake बनाने के लिए एक facility को स्थापित किया था, जिसके बाद अमेरिका में इसके प्रति खासा चिंता प्रकट की गयी। हालांकि, उसके बाद अमेरिका ने ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम के खिलाफ कई बड़े कदम उठाए हैं, जिसने दोबारा Saudi Arab को अमेरिका की तरफ धकेला है। इसमें कमांडर सुलेमानी और ईरान के टॉप न्यूक्लियर वैज्ञानिक की हत्या शामिल है। इस प्रकार Saudi Arab ने अमेरिका और चीन के बीच विवाद को अपने लिए अवसर में परिवर्तित करने की भरपूर कोशिश की है।

इसी कड़ी में अब सऊदी अरब रूस के साथ भी अपने रिश्ते मजबूत करने की कोशिशों में जुटा है और उसके बल पर वह रूस के दोस्त ईरान के लिए और मुश्किलें पैदा करने की फिराक में है। हाल ही में सऊदी अरब ने OPEC प्लस के तहत रूस के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत उसने प्रति दिन करीब 1 मिलियन बैरल तेल कम उत्पादन करने का फैसला लिया है और रूस को अपनी उत्पादकता बढ़ाने को कहा है, जिसका रूस को बड़ा आर्थिक फायदा होगा! इस प्रकार सऊदी अरब अब रूस को अपने साथ लेकर आने की कोशिश कर रहा है ताकि उसके दुश्मन ईरान के लिए वह और मुश्किलें खड़ी कर सके!

हाल ही में Saudi Arab ने क़तर के साथ पिछले तीन सालों से जारी विवाद और blockade को भी समाप्त करने का फैसला लिया है और क़तर के साथ दोबारा अपने कूटनीतिक और आर्थिक रिश्ते स्थापित करने का ऐलान किया है। यह एक ऐसा फैसला है, जिसने दोबारा ईरान को बड़ा झटका दिया है। सऊदी अरब तुर्की को नुकसान पहुंचाने के लिए भी उसके खिलाफ अघोषित व्यापारिक प्रतिबंधों का ऐलान कर चुका है, जिसका मोरक्को और कई अरब देशों ने भी अनुसरण किया है।

इन फैसलों से साफ़ है कि सऊदी अरब अब MBS के नेतृत्व में कूटनीति का champion बन चुका है, जिसके जरिये अब वह वैश्विक ताकतों के साथ अपने रिश्तों को बेहतर करता जा रहा है, ताकि उसके लिए व्यापारिक अवसरों की कोई कमी ना हो! Saudi Arab अब तेल का बस एक व्यापारी नहीं रहा है, बल्कि आगामी दशकों तक में एक बड़े व्यापरिक केंद्र के तौर पर अपनी पहचाने बनाने की कोशिशों में सफ़ल होता जा रहा है।

शेयर16ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भारत ने दी चीन को घातक चेतावनी, अग्नि मिसाइल को चीन सीमा पर तैनात करने की प्रक्रिया हुई तेज

अगली पोस्ट

वामपंथियों के साथ शशि थरूर ने जिसे ‘हिन्दू फासिस्ट’ दिया था करार, निकला उन्हीं का प्रशंसक

संबंधित पोस्ट

ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया
चर्चित

ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

2 May 2026

नरेंद्र मोदी सरकार ने 81,000 करोड़ रुपये की 'ग्रेटर निकोबार परियोजना' का डेटा के साथ कड़ा बचाव किया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना...

चुनावी रणभेरी के बीच भाजपा का बड़ा दावा: शहजाद पूनावाला ने कहा— ‘पूरे देश में चल रही है NDA की लहर, बंगाल में परिवर्तन तय’
चर्चित

चुनावी रणभेरी के बीच भाजपा का बड़ा दावा: शहजाद पूनावाला ने कहा— ‘पूरे देश में चल रही है NDA की लहर, बंगाल में परिवर्तन तय’

30 April 2026

भारत के लोकतांत्रिक महापर्व के नतीजे 4 मई को घोषित होने वाले हैं, लेकिन उससे पहले ही सियासी गलियारों में दावों और प्रतिदावों का दौर...

Exit Poll 2026: बंगाल और असम में खिलेगा ‘कमल’ या ममता का ‘खेला’ होगा भारी? केरल में UDF और तमिलनाडु में DMK की लहर
चर्चित

Exit Poll 2026: बंगाल और असम में खिलेगा ‘कमल’ या ममता का ‘खेला’ होगा भारी? केरल में UDF और तमिलनाडु में DMK की लहर

29 April 2026

29 अप्रैल 2026 की शाम भारतीय राजनीति के लिए एक बड़े सस्पेंस की शुरुआत लेकर आई है। पश्चिम बंगाल में दूसरे और अंतिम चरण के...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited