TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

    बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

    ऑपरेशन सिंदूर 2:0

    दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

    शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं

    कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

    सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया है कि राष्ट्रपति या गवर्नर को किसी भी तय न्यायिक समयसीमा के भीतर बिलों पर मंजूरी देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

    विधेयकों को मंजूरी देने के लिए समयसीमा से बाध्य नहीं हैं राष्ट्रपति और राज्यपाल , प्रेसिडेंट मुर्मू के सवालों पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या जवाब दिया, और ये क्यों महत्वपूर्ण हैं?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    शिप बेस्ड ISBM लॉन्च के पाकिस्तान के दावे में कितना दम है

    पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

    ऑपरेशन सिंदूर 2:0

    दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

    जैवलिन मिसाइल

    अमेरिका ने भारत को बताया “मेजर डिफेंस पार्टनर”, जैवलिन मिसाइल समेत बड़े डिफेंस पैकेज को दी मंजूरी, पटरी पर लौट रहे हैं रिश्ते ?

    बांग्लादेश और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की मुलाकात

    ‘हसीना’ संकट के बीच NSA अजित डोभाल की बांग्लादेश के NSA से मुलाकात के मायने क्या हैं?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में हड़कंप: असीम मुनीर की सेना हाई अलर्ट पर, एयर डिफेंस सक्रिय, भारत की ताकत और रणनीति ने आतंकियों और पड़ोसी को किया सतर्क

    दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में हड़कंप: असीम मुनीर की सेना हाई अलर्ट पर, एयर डिफेंस सक्रिय, भारत की ताकत और रणनीति ने आतंकियों और पड़ोसी को किया सतर्क

    राजनाथ सिंह ने दिखाया आईना, यूनुस को लगी मिर्ची: बांग्लादेश की नई दिशा, भारत की नई नीति

    राजनाथ सिंह ने दिखाया आईना, यूनुस को लगी मिर्ची: बांग्लादेश की नई दिशा, भारत की नई नीति

    आईएनएस सह्याद्री गुआम में: भारत की नौसेना का बहुपक्षीय सामरिक प्रदर्शन, एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता और एशिया-प्रशांत में नेतृत्व

    आईएनएस सह्याद्री गुआम में: भारत की नौसेना का बहुपक्षीय सामरिक प्रदर्शन, एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता और एशिया-प्रशांत में नेतृत्व

    ढाका में पाकिस्तानी सक्रियता: यूनुस सरकार, नौसेना प्रमुख की यात्रा और भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा पर खतरे की समीक्षा

    ढाका में पाकिस्तानी सक्रियता: यूनुस सरकार, नौसेना प्रमुख की यात्रा और भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा पर खतरे की समीक्षा

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    बी.एन राउ का संविधान निर्माण में बड़ा योगदान है

    क्या बेनेगल नरसिंह राउ थे संविधान के असली निर्माता ? इतिहास ने उनके योगदान को क्यों भुला दिया ?

    26 नवंबर भारतीय संविधान दिवस

    संविधान दिवस: भारतीय चिंतन परंपरा की दृष्टि से संविधान 

    Fate’s Play: Cultural Games That Echo Ancient Tales of Luck

    Fate’s Play: Cultural Games That Echo Ancient Tales of Luck

    श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने निभाई ‘पालकी सेवा’ की रीति

    श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने निभाई ‘पालकी सेवा’ की रीति

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    भारत की वैज्ञानिक विजय: ‘नैफिथ्रोमाइसिन’, कैंसर और डायबिटीज के मरीजों के उम्मीदों को मिली नई रोशनी, जानें क्यों महत्वपूर्ण है ये दवा

    आत्मनिर्भर भारत की वैज्ञानिक विजय: ‘नैफिथ्रोमाइसिन’, कैंसर और डायबिटीज के मरीजों के उम्मीदों को मिली नई रोशनी, जानें क्यों महत्वपूर्ण है ये दवा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

    बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

    ऑपरेशन सिंदूर 2:0

    दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

    शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं

    कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

    सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया है कि राष्ट्रपति या गवर्नर को किसी भी तय न्यायिक समयसीमा के भीतर बिलों पर मंजूरी देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

    विधेयकों को मंजूरी देने के लिए समयसीमा से बाध्य नहीं हैं राष्ट्रपति और राज्यपाल , प्रेसिडेंट मुर्मू के सवालों पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या जवाब दिया, और ये क्यों महत्वपूर्ण हैं?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    शिप बेस्ड ISBM लॉन्च के पाकिस्तान के दावे में कितना दम है

    पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

    ऑपरेशन सिंदूर 2:0

    दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

    जैवलिन मिसाइल

    अमेरिका ने भारत को बताया “मेजर डिफेंस पार्टनर”, जैवलिन मिसाइल समेत बड़े डिफेंस पैकेज को दी मंजूरी, पटरी पर लौट रहे हैं रिश्ते ?

    बांग्लादेश और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की मुलाकात

    ‘हसीना’ संकट के बीच NSA अजित डोभाल की बांग्लादेश के NSA से मुलाकात के मायने क्या हैं?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में हड़कंप: असीम मुनीर की सेना हाई अलर्ट पर, एयर डिफेंस सक्रिय, भारत की ताकत और रणनीति ने आतंकियों और पड़ोसी को किया सतर्क

    दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में हड़कंप: असीम मुनीर की सेना हाई अलर्ट पर, एयर डिफेंस सक्रिय, भारत की ताकत और रणनीति ने आतंकियों और पड़ोसी को किया सतर्क

    राजनाथ सिंह ने दिखाया आईना, यूनुस को लगी मिर्ची: बांग्लादेश की नई दिशा, भारत की नई नीति

    राजनाथ सिंह ने दिखाया आईना, यूनुस को लगी मिर्ची: बांग्लादेश की नई दिशा, भारत की नई नीति

    आईएनएस सह्याद्री गुआम में: भारत की नौसेना का बहुपक्षीय सामरिक प्रदर्शन, एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता और एशिया-प्रशांत में नेतृत्व

    आईएनएस सह्याद्री गुआम में: भारत की नौसेना का बहुपक्षीय सामरिक प्रदर्शन, एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता और एशिया-प्रशांत में नेतृत्व

    ढाका में पाकिस्तानी सक्रियता: यूनुस सरकार, नौसेना प्रमुख की यात्रा और भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा पर खतरे की समीक्षा

    ढाका में पाकिस्तानी सक्रियता: यूनुस सरकार, नौसेना प्रमुख की यात्रा और भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा पर खतरे की समीक्षा

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    बी.एन राउ का संविधान निर्माण में बड़ा योगदान है

    क्या बेनेगल नरसिंह राउ थे संविधान के असली निर्माता ? इतिहास ने उनके योगदान को क्यों भुला दिया ?

    26 नवंबर भारतीय संविधान दिवस

    संविधान दिवस: भारतीय चिंतन परंपरा की दृष्टि से संविधान 

    Fate’s Play: Cultural Games That Echo Ancient Tales of Luck

    Fate’s Play: Cultural Games That Echo Ancient Tales of Luck

    श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने निभाई ‘पालकी सेवा’ की रीति

    श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने निभाई ‘पालकी सेवा’ की रीति

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    भारत की वैज्ञानिक विजय: ‘नैफिथ्रोमाइसिन’, कैंसर और डायबिटीज के मरीजों के उम्मीदों को मिली नई रोशनी, जानें क्यों महत्वपूर्ण है ये दवा

    आत्मनिर्भर भारत की वैज्ञानिक विजय: ‘नैफिथ्रोमाइसिन’, कैंसर और डायबिटीज के मरीजों के उम्मीदों को मिली नई रोशनी, जानें क्यों महत्वपूर्ण है ये दवा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अक्षम सरकारी स्कूल देश के राजकोष पर बोझ बन चुके हैं, उनका निजीकरण करना आवश्यक है

यह आवश्यक है कि सरकारी स्कूलों का public-private partnership यानी पीपीपी मॉडल के तहत विकास हो!

Yashwant Singh द्वारा Yashwant Singh
2 September 2021
in समीक्षा
सरकारी स्कूल निजीकरण
Share on FacebookShare on X

सरकारी स्कूल का निजीकरण किया जाए और उसे पीपीपी मॉडल पर चलाया जाए

जब शासन के बाद अंग्रेज गए तब भारत की साक्षारता दर 18 प्रतिशत के आस-पास थी। जैसे-तैसे करके आज भी देश 70 प्रतिशत का आंकड़ा छु पाया है और वह भी तब जब नाम लिखने और हस्ताक्षर करने को पढ़ाई का आधार माना जाता है। भारत में दुनिया के सबसे ज्यादा ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट निकलते है फिर भी हमारे यहां कुछ अनोखा ज्ञान नहीं मिल पाता है। कारण है बुनियादी शिक्षा और अब जरूरत है कि सरकारी स्कूल का निजीकरण किया जाए और उसे पीपीपी मॉडल पर चलाया जाए। यह आवश्यक है कि सरकारी स्कूल और निजी क्षेत्र के स्कूलों के बीच public-private partnership बनाने के लिए नीति आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए कदम उठाए जाए।

भारत एक ऐसा देश है जहां जनता अपना पेट काट कर भी अपने बच्चों को पढ़ाना चाहती है। आज हमारे देश में पढ़ाई के स्तर को उच्च स्तर पर लेजाने में सबसे बड़ा अवरोध सरकारी स्कूल है। हमारे यहां 1 से 12 तक के स्कूलों को तीन हिस्सों में बांटा जाता है। प्राथमिक विद्यालय, माध्यमिक विद्यालय और उच्च माध्यमिक विद्यालय। कई जगह सिर्फ प्राथमिक विद्यालय और माध्यमिक विद्यालय के नाम पर पढ़ाया जाता है। इन स्कूलों को चलाने के लिए सन 2019-20 में 6.43 लाख करोड़ रुपए खर्च किये गए थे, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा 56, 537 करोड़ रुपए दिए गए थे।

संबंधितपोस्ट

पीएम मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की अहम बैठक आज, विकसित राज्य के दृष्टिकोण पर मुख्यमंत्रियों के साथ करेंगे चर्चा

भारत को गोरा-भूरा साहब और मुगलों से मुक्त कराने के पीएम मोदी के प्रयास में ‘कर्तव्य पथ’ एक और मील का पत्थर है

मोदी सरकार की एक से बढ़कर एक योजनाएं दर्शा रही हैं नीति आयोग का महत्व

और लोड करें

अब एक तरफ आंकड़ो को रख दीजिए और दूसरी ओर जर्जर हालत में पड़े हुए विद्यालयों को याद करिए। गंध आती, बिना रोशनी और पुराने खिड़कियों से बना हुआ ईंटे का भवन ही आपके दिमाग में आएगा। छात्रों को बैठने के लिए बेंच और कुर्सी नहीं है, दरी बिछाकर पढ़ाया जाता है और तो और, इन सबके बावजूद अगर शिक्षक बढ़िया हो तब भी लोग स्कूल भेजे लेकिन यहां तो स्थिति और बुरी तरह खराब है। शिक्षक पढ़ाते नहीं, स्कूल नहीं जाते, कई जगहों पर तो उनके नाम पर कोई और पढ़ा रहा होता है। मिड डे मील के नाम पर आये दिन कुछ न कुछ बुरी खबर आती रहती है। गदहिया स्कूल, खिचड़ी स्कूल से बदनाम सरकारी स्कूलों में बहुत कुछ बदलने की आवश्यकता है। यही कारण है कि हम आप में से कोई मजबूरी में ही अपने बच्चों को पढ़ाना चाहता है। प्राइवेट स्कूलों में हर महीने का 2000 रुपये देकर भी लोग अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए मजबूर है। परंतु उससे अधिक आवश्यक हो गया है कि सरकारी स्कूल का निजीकरण किया जाए।

अब आप यह कह सकते हैं कि प्राइवेट स्कूल में फीस ज्यादा ली जाती है इसलिए ऐसी व्यवस्था है। हालांकि तथ्य कुछ और ही है। नीति आयोग के अनुसार सरकारी स्कूल में हर एक बच्चे पर 80,000 रुपया खर्च किया जाता है। 80,000 रुपया! अगर प्राइवेट में 3500 भी हर महीने का फीस ही तब भी साल का 42,000 रुपये ही खर्च किया जाता है। सरकारी व्यय के सामने फिर भी यह आधा है। दिक्कत है रवैये में, सरकारी स्कूल में नौकरी पाएं शिक्षक की जवाबदेही तय ही नहीं होती है। अगर CBSE मान्यता प्राप्त स्कूल में बोर्ड्स के रिजल्ट खराब आते है तो टीचर को घसीटा जाता है। प्राइवेट स्कूलों की सफलता ही उनके रिजल्ट पर निर्भर होती है। सरकारी शिक्षक इस चीज से मुक्त होता है। हेडमास्टर बनाये गए व्यक्ति का संपर्क ऊपर हो जाता है तो वजीफा मिले न मिले, खाना मिले न मिले, उसकी जवाबदेही तय नहीं होती है।

बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2010 से 2014 के बीच 1.13 करोड़ छात्र सरकारी स्कूल छोड़ दिए हैं। वहीं दूसरी तरफ प्राइवेट स्कूल में 1.85 करोड़ बच्चों ने एडमिशन लिया। 2014-15 में 3 लाख 70 हजार सरकारी स्कूल ऐसे थे जहां 50 से कम बच्चे पढ़ते है। ये स्कूल भारत के कुल सरकारी स्कूल का 36% है।

2010-11 और 2015-16 के बीच, निजी स्कूलों की संख्या 35% बढ़ी जबकि सरकारी स्कूल की संख्या 1% बढ़ी। इसके अलावा, एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) पर 1.16 लाख करोड़ रुपये (17.7 बिलियन डॉलर) खर्च किए जाने के बावजूद इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में 2009 और 2014 के बीच सीखने की गुणवत्ता में गिरावट आई है।

पंजाब शिक्षा बोर्ड ने इसी चुनौती से निपटने के लिए अपने स्कूलों में निजीकरण किया था और उसके बाद जो हुआ, वो अविश्वसनीय था। 2020 में कुल 2 लाख 72 हजार 432 नए छात्र सरकारी स्कूल में दाखिला लिए। ह्यूमन रिसोर्स डिवेलपमेंट में पंजाब पूरे देश में दूसरे स्थान पर काबिज है। कुछ अनोखा या अद्वितीय बदलाव नहीं किया गया, पंचायत स्तर पर नोडल अधिकारी बैठाया गया, तथा स्कूलों के रखरखाव की जिम्मेदारी निजी क्षेत्र को दी गई। स्कूल में छात्रों के घटने पर स्कूल की जवाबदेही को तय किया गया।

भारत के शीर्ष नियोजन निकाय, नीति आयोग ने 2017 में जारी अपनी रिपोर्ट में सिफारिश की थी कि Non-performing सरकारी स्कूलों को public-private partnership यानी पीपीपी मॉडल के तहत प्राइवेट प्लेयर को सौंप दिया जाना चाहिए। मतलब, थिंक टैंक चाहता था कि निजी क्षेत्र सरकारी स्कूल को गोद ले। थिंक टैंक ने यह भी नोट किया था, “प्रति स्कूल छात्रों की औसत संख्या 12.7 थी, जिस पर प्रति बच्चा औसत वार्षिक खर्च 80,000 रुपये था। इन स्कूलों के शिक्षकों का कुल (वार्षिक) वेतन बिल 2014-15 में 9,440 करोड़ रुपये था।

यह भी पढ़ें- क्या PM मोदी ने OBC और EWS के लिए अतिरिक्त आरक्षण की शुरुआत कर दी है? प्रतिक्रिया देने से पहले पढ़ें

जब नीति आयोग द्वारा सुझाई गई सिफारिशों को लागू करने की बात आती है तो मोदी सरकार अभी भी अपने विकल्पों पर विचार कर रही है। पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री, रमेश पोखरियाल निशंक ने पिछले साल लोकसभा में टिप्पणी की थी कि केंद्र की प्राथमिक शिक्षा का निजीकरण करने की कोई योजना नहीं है। हालाँकि, यह वही सरकार है जिसने अपनी नीतियों के केंद्र में ‘reform’ को रखा है, इसलिए उम्मीद है कि जल्द या बाद में इस पर कार्रवाई हो सकती है।

अगर निजीकरण करने के बाद ऐसे आंकड़े आते है तो यह संकेत है कि सरकारों को दूसरा रास्ता देखना होगा। शिक्षा का व्यापार हो चुका है। जरूरी है कि इस व्यापार को रोककर लोकहित व्यवस्था बनाई जाए। खैर नीति आयोग तो इस तरफ कदम उठाने के लिए तैयार दिख रहा है, देखना यह है कि वह ऐसे करने में सफल होती है या नहीं। बढ़िया शिक्षा, बढ़िया आधारभूत ढांचे, एडवांस स्तर की पढ़ाई और Extracurricular गतिविधि के लिए निजी क्षेत्र से हाथ मिलाना कहीं से भी बुरी बात नहीं है।

Tags: public-private partnershipनीति आयोगप्राइवेट स्कूल
शेयर152ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

पाक परस्त अलगाववादी सैयद अली शाह गिलानी के लिए कोई जुलूस नहीं, बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद कैसे सब बदल गया है

अगली पोस्ट

लक्षद्वीप में शराबबंदी पर वाह-वाह और मथुरा में हाय-हाय – वामपंथियों के दोहरे मापदंडों हर दिन चकित करते हैं

संबंधित पोस्ट

आतंकवाद को भावुकता की आड़ में ढकने की कोशिश
चर्चित

दिल्ली धमाका: ‘वाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ की बर्बरता को कैसे ‘ह्यूमनाइज़’ कर रहे हैं  The Wire जैसे मीडिया संस्थान ?

17 November 2025

NIA ने स्पष्ट कर दिया है कि दिल्ली में लाल किले के पास हुआ धमाका, सामान्य हमला नहीं बल्कि फिदायीन हमला था। यानी आई-20 कार...

अष्टलक्ष्मी की उड़ान: प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर से उभरती विकास, संस्कृति और आत्मगौरव की नई कहानी
चर्चित

अष्टलक्ष्मी की उड़ान: प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर से उभरती विकास, संस्कृति और आत्मगौरव की नई कहानी

10 November 2025

पूर्वोत्तर भारत, जिसे कभी दिल्ली की नीतिगत दृष्टि में हाशिए का इलाका माना जाता था, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृष्टि में भारत के विकास...

वंदे मातरम्, विभाजन की मानसिकता और मोदी का राष्ट्रवादी दृष्टिकोण – इतिहास, संस्कृति और आत्मगौरव का विश्लेषण
इतिहास

वंदे मातरम्, विभाजन की मानसिकता और मोदी का राष्ट्रवादी दृष्टिकोण – इतिहास, संस्कृति और आत्मगौरव का विश्लेषण

10 November 2025

भारत के राजनीतिक और सांस्कृतिक इतिहास में वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि एक चेतना और राष्ट्र की आत्मा का उद्घोष रहा है। यह...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

00:06:59

Dhurandar: When a Film’s Reality Shakes the Left’s Comfortable Myths

00:06:56

Tejas Under Fire — The Truth Behind the Crash, the Propaganda, and the Facts

00:07:45

Why Rahul Gandhi’s US Outreach Directs to a Web of Shadow Controversial Islamist Networks?

00:08:04

How Javelin Missiles Will Enhance India’s Anti-Tank Dominance?

00:06:47
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2025 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2025 TFI Media Private Limited