TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

आखिर क्यों काशी विश्वनाथ का वित्तीय प्रबंधन अंग्रेज़ों के हाथों में दिया जा रहा है?

अगर इस तरह के प्रोजेक्ट विदेशी कंपनियों को जाते हैं, तो इससे देश को ही नुकसान होगा!

Abhinav Kumar द्वारा Abhinav Kumar
23 November 2021
in चर्चित
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर

Source- Google

Share on FacebookShare on X

काशी विश्वनाथ ट्रस्ट संचालन- लगभग डेढ़ साल पहले, प्रधानमंत्री ने अपने आत्मनिर्भर भारत भाषण में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अपने दृष्टिकोण को रेखांकित किया था। हालांकि, नौकरशाह तथा सरकारी कर्मचारी प्रधानमंत्री मोदी के इस दृष्टिकोण को अपनाने और एक आत्मनिर्भर भारत की दिशा में काम करने में बहुत रोड़ा बन रहे हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO)  की ओर से बार-बार मिलने वाली चेतावनियों और निर्देशों के बावजूद, ऐसा प्रतीत होता है कि देश का स्थायी प्रतिष्ठान (नौकरशाही) देश नहीं, बल्कि स्वयं के लक्ष्यों की उन्नति की दिशा में काम कर रहा है!

इसी तरह का आदर्श उदाहरण काशी विश्वनाथ धाम (कॉरिडोर) परियोजना को लेकर भी है। इसके आईटी समाधान और राजस्व मॉडल को डिजाइन करने का अनुबंध किसी भारतीय कंपनी के बजाए एक ब्रिटिश कंपनी Ernst & Young को दिया गया है। काशी विश्वनाथ धाम (कॉरिडोर) का प्रबंधन काशी विश्वनाथ ट्रस्ट (केवीटी) बोर्ड द्वारा किया जाएगा, जिसने ब्रिटिश कंपनी को परियोजना देने का फैसला किया है।

संबंधितपोस्ट

नए साल का जश्न मनाने गोवा, शिमला की जगह अयोध्या, मथुरा, काशी पहुंच रहे युवा

हिन्दू तीर्थ क्षेत्रों के अनोखे अर्थशास्त्र को जानिए!

प्रिय उदारवादियों, कम से कम अपने ‘आदरणीय बापू’ की बात तो सुन लो

और लोड करें

और पढ़े: भारतीय कंपनियां तेजी से वैश्विक कंपनियों का अधिग्रहण कर रही हैं

इस विदेशी कंपनी को हर साल दिए जाएंगे 27 करोड़

बीते रविवार को TOI से बात करते हुए, बोर्ड के अध्यक्ष और संभागीय आयुक्त दीपक अग्रवाल ने कहा कि “ई एंड वाई को अक्टूबर के मध्य में केवी धाम के संचालन और रख रखाव के लिए एक मॉडल तैयार करने के लिए निविदा प्रक्रिया के माध्यम से सलाहकार नियुक्त किया गया था।” उन्होंने आगे कहा, “कंपनी ने आज हमारे सामने अपना पहला प्रेजेंटेशन दिया। हमने प्रस्तावित मॉडल में कुछ सुझाव दिए हैं, जिन्हें 10 नवंबर को अगली प्रस्तुति में शामिल किया जाएगा। तब तक Request for proposal (RFP) and Expression of interest (EOI)  की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।”

सरकार ने केवी मंदिर परिसर के आधुनिकीकरण में 700 करोड़ रुपये खर्च किए हैं और आधुनिकीकरण के बाद, यह भारत के सांस्कृतिक केंद्र के रूप में जाना जायेगा। टीसीएस, विप्रो, इंफोसिस जैसे भारतीय आईटी कंसलटेंसी दुनिया भर में जाने जाते हैं, लेकिन काशी विश्वनाथ ट्रस्ट ने इस परियोजना को एक विदेशी कंपनी को देने का फैसला किया।

और पढ़े: विंडलास स्टील: Batman Begins और POTC जैसी फिल्मों के लिए परिधान की आपूर्ति करती है देहरादून की फर्म

किसी विदेशी कंपनी को प्रोजेक्ट देना तो भूल ही जाइए, काशी विश्वनाथ ट्रस्ट को गैर-भारतीय कंपनियों को इसके लिए बोली लगाने की अनुमति भी नहीं देनी चाहिए थी। आने वाले वर्षों में ट्रस्टों को हजारों करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है और इस धन का उपयोग वाराणसी और देश भर के अन्य शहरों में धार्मिक कार्यों के लिए किया जा सकता है।

दीपक अग्रवाल ने आगे कहा, “ट्रस्ट केवी मंदिर के मामलों को दान के माध्यम से देखता है, जिसका उपयोग केवल मंदिर के लिए किया जा सकता है। परिसर का क्षेत्रफल अब 5 लाख वर्ग फुट तक हो गया है, जिसमें मंदिर चौक, गेस्ट हाउस, बहुउद्देशीय हॉल, क्लिनिक और धर्मशाला, तीर्थ सुविधा केंद्र, 70 दुकानें, वाराणसी गैलरी और संग्रहालय, कैफेटेरिया और शौचालय सहित 23 प्रमुख भवनों का निर्माण किया जा रहा है।” Ernst & Young को परिसर के लिए राजस्व मॉडल और आईटी समाधान डिजाइन करने के लिए प्रति वर्ष 27 करोड़ रुपये मिलेंगे।

जानबूझकर विदेशी कंपनियों को बड़े अनुबंध देते हैं नौकरशाह!

गौरतलब है कि यह ब्रिटिश कंपनी, जो चार बड़ी अकाउंट कंपनियों में से एक है, इसका वार्षिक राजस्व 40 बिलियन डॉलर से अधिक है और यूनाइटेड किंगडम की सरकार के लिए सबसे बड़े करदाताओं में से एक है। भारतीय नौकरशाह भारत से गरीबी उन्मूलन के लिए अपना जीवन समर्पित करने के बजाय ब्रिटेन को समृद्ध बनाने के लिए काम कर रहे हैं। वरिष्ठ नौकरशाह चाहते हैं कि उनके बच्चे और पोते-पोतियां बहुराष्ट्रीय कंपनियां (एमएनसी) में नौकरी करें और इसके लिए वे देश हित को दांव लगाने से भी पीछे नहीं हटते। इसके लिए वे घरेलू कंपनियों कॉन्ट्रैक्ट देने के बजाय जानबूझकर विदेशी कंपनियों को बड़े अनुबंध देते हैं।

काशी विश्वनाथ ट्रस्ट का प्रबंधन इसके लिए अधिक पैसा खर्च कर सकता था और हिंदुओं की उदारता को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि राजस्व की कोई कमी नहीं होगी, लेकिन बावजूद इसके एक ब्रिटिश कंपनी को ठेका देने का फैसला किया गया। यदि ऐसी प्रमुख परियोजनाएं, जिनका राजस्व कम है, लेकिन उनका संस्कृति महत्व अधिक है, इनका कॉन्ट्रैक्ट विदेशी कंपनियों को दी जाएगी, तो आत्मनिर्भर भारत का सपना शायद ही हासिल हो पाएगा।

और पढ़े: राम मंदिर का बहीखाता अब दिग्गज भारतीय कंपनी TCS के पास होगा

नौकरशाहों पर एक्शन लेना जरुरी!

बता दें कि राम मंदिर ट्रस्ट फंड का प्रबंधन कॉरपोरेट दिग्गज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) को सौंपा गया है, जो एक डिजिटल अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर विकसित कर रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ-साथ देश भर के मुख्यमंत्री कार्यालयों (सीएमओ) को सख्त एडवाइजरी जारी करनी चाहिए कि अगर इस तरह के प्रोजेक्ट विदेशी कंपनियों को जाते हैं तो नौकरशाहों पर एक्शन लिया जाएगा। जब तक इन नौकरशाहों को नौकरी खोने का डर नहीं होगा, वे आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में काम नहीं करेंगे!

Tags: Ernst & Youngकाशी विश्वनाथ
शेयर79ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

UK ने चुपचाप COVAXIN को दी मंजूरी!

अगली पोस्ट

कांग्रेस को UP में हराने के लिए फिर सामने आए मणिशंकर अय्यर

संबंधित पोस्ट

राम मंदिर दान जांच
चर्चित

राम मंदिर दान जांच: मंदिर की चढ़ावा व्यवस्था में कथित सिस्टमगत अनियमितताओं के बीच आठ लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

26 June 2026

अयोध्या के राम मंदिर की वह वित्तीय व्यवस्था, जिसे सबसे पवित्र और पूरी तरह पारदर्शी माना जाना चाहिए था, अब संदेह के घेरे में है।...

केतन अग्रवाल मर्डर केस: पिता का दावा- हत्या से चार दिन पहले भी सिया ने की थी जान लेने की कोशिश
क्राइम

केतन अग्रवाल मर्डर केस: पिता का दावा- हत्या से चार दिन पहले भी सिया ने की थी जान लेने की कोशिश

24 June 2026

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में एक नया और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। यह दावा खुद केतन के पिता विशाल अग्रवाल...

गिलगित-बाल्टिस्तान
चर्चित

गिलगित-बाल्टिस्तान: विकास, अधिकार और राजनीतिक भागीदारी के बीच संतुलन की तलाश

24 June 2026

गिलगित-बाल्टिस्तान को लेकर चर्चा लंबे समय से भू-राजनीति, सीमा विवादों और रणनीतिक महत्व के नजरिए से होती रही है। वर्षों तक इस क्षेत्र को मुख्य...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41

Gilgit Baltistan's Youth Rising: The Fight for Dignity, Rights and Self Governance

00:03:08

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11

Inside the Doklam Face-Off: How India Backed Bhutan and Held the Line During the 73 Day Standoff

00:03:11

Why the 2017 Doklam Standoff Became a Major Strategic Wake Up Call For India | Chicken Neck

00:03:11
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited