TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

भूतकाल और वर्तमान के 7 अजूबों के नाम और सक्षिप्त इतिहास

TFI Desk द्वारा TFI Desk
15 December 2021
in इतिहास
7 अजूबों के नाम
Share on FacebookShare on X

प्राचीन 7 अजूबों के नाम

प्राचीन विश्व में सबसे पहले 7 अजूबे का विचार हेरोडोटस और कल्लिमचुस को आया था. सबसे पहले लगभग 2200 साल पहले दुनिया के सात अजूबे आये थे. उस समय 7 अजूबों के नाम थे –

(1) ग्रेट पिरामिड ऑफ़ गिज़ा,

संबंधितपोस्ट

सहारनपुर के देवबंद में ईद पर भड़काऊ भाषण का मामला, यूपी ATS ने मौलाना को हिरासत में लिया

क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

“ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

और लोड करें

(2) हैंगिंग गार्डन ऑफ़ बेबीलोन,

(3) स्टेचू ऑफ़ ज़ीउस अट ओलम्पिया ,

(4) टेम्पल ऑफ़ आर्टेमिस ,

(5) माउसोलस का मकबरा ,

(6) कोलोसुस ऑफ़ रोडेज ,

(7) लाइटहाउस ऑफ़ अलेक्सान्दिरा

इन सभी 7 अजूबो में सिर्फ ग्रेट पिरामिड ऑफ़ गिज़ा बचा हुआ है. जिसके कारण इसे अब एक 7 अजूबों से अलग एक विशेष स्थान दिया गया है. बाकि सभी अब नष्ट हो चुके है. इसके बाद कई देश के इंजिनियर और शोधकर्ताओं ने अपने अपने हिसाब कई लिस्ट निकाली, लेकिन उसे पुरे विश्व से सहमति नहीं मिली.

21 सदी के 7 अजूबों के नाम

1999 में सात अजूबे को नए तरीके से सबके सामने लाने के लिए स्विट्ज़रलैंड के ज्यूरिक में न्यू 7 वंडर फाउंडेशन बनाया. जिसके तहत कैनेडा में एक साईट बनवाई गई. जिसमें विश्व भर की 200 कलाकृति थी. इसमें एक पोल शुरू हुआ.

जिसमें लगभग 100 मिलियन लोगों ने नेट एवं फोन के द्वारा अपना वोट दिया. इन 200 एंट्री में से 7 एंट्री को चुनना था. इस परियोजना में इन्टरनेट के द्वारा एक इन्सान एक ही बार 7 अजूबों के नाम चुन कर वोट कर सकता था, लेकिन फ़ोन के द्वारा एक इन्सान कई वोट दे सकता था. वोटिंग 2007 तक चली . जिसका परिणाम 7 जुलाई 2007 को लिस्बन में सबसे सामने आया.

7 अजूबों के नाम (7 Seven Wonders Name) इस प्रकार है-

7 अजूबों के नाम – चीन की दीवार, पेट्रा, ताजमहल,  क्राइस्ट रिडीमर,  माचू पिच्चु,  कोलोसम,  चीचेन इट्ज़ा

चीन की दिवार The Great Wall of China – चीन की दीवार का निर्माण सातवीं शताब्दी से 16 वीं शताब्दी तक हुआ था. यह महान कलाकृति इतनी मजबूत, और विशाल है कि इसे ग्रेट वाल ऑफ़ चाइना कहा गया. चीन की विशाल दीवार मिट्टी और पत्थर से बनी एक किलेनुमा दीवार है जिसे चीन के विभिन्न शासको के द्वारा उत्तरी हमलावरों से रक्षा के लिए पाँचवीं शताब्दी ईसा पूर्व से लेकर सोलहवी शताब्दी तक बनवाया गया.

इसकी विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की इस मानव निर्मित ढांचे को अन्तरिक्ष से भी देखा जा सकता है. यह विशाल दिवार पूर्व के दंदोंग से शुरू होकर पश्चिम में लोप लेक तक फैली है. चीन की दीवार लगभग 6400 किलोमीटर तक फैली है, और यह 35 फीट ऊँची है.

पेट्रा History of Petra – पेट्रा का निर्माण 312 ईसा पूर्व में हुआ था. साउथ जॉर्डन में बसे पेट्रा शहर की कलाकृति सात अजूबों में शामिल है. यह एक एतेहासिक और पुरातात्विक शहर है. यह मुख्य रूप से नाबतीयन नामक प्राचीन लोगों द्वारा बसाई गई बस्ती थी. ये शहर बहुत फेमस है.

इस शहर को रोस सिटी भी कहा जाता है, क्यूंकि यहाँ को पत्थर काटकर कलाकृति बनी है. वो सब लाल रंग की है. इसका निर्माण 312 BC के लगभग हुआ था. इस शहर में चट्टानों को काटकर वास्तुकला का निर्माण हुआ है, साथ ही यहाँ पानी की नालीनुमा प्रणाली है, यही वजह है यह जॉर्डन का मुख्य आकर्षण है.

ताजमहल history of Taj Mahal – ताजमहल को भारत की शान कहा जाता है.यह दुनिया के सात अजूबों में से एक है.यह अपनी खूबसूरत कलाकारी, आकृति की वजह से इसे अजूबा बोला गया था. ताजमहल का निर्माण 1632 में शाहजहाँ ने अपनी पत्नी मुमताज की याद बनवाया था.

इसे एक प्यार की निशानी के तौर पर देखा जाता है. सफ़ेद संगमरमर का बना ताजमहल अपने अंदर खुबसुरती को समेटे हुए है. ताजमहल भारत के आगरा शहर में स्थित है. इसे बनवाने में 15 साल का समय लगा था.ताजमहल की सुन्दरता को देखने के लिए, देश दुनिया से लोग दूर दूर से आते है.

माचू पिच्चु history of Machu Picchu – दक्षिण अमेरिका के पेरू में स्थित माचू पिच्चु एक एक कोलम्बस-पूर्व युग, इंका सभ्यता से संबंधित ऐतिहासिक स्थल है. यह समुद्र तल से 2,430 मीटर की ऊँचाई पर उरुबाम्बा घाटी, जिसमे से उरुबाम्बा नदी बहती है, के ऊपर एक पहाड़ पर स्थित है.यह दुनिया के सातवे अजूबो में से एक है. पुरातत्वविदों का मानना है कि माचू पिच्चु का निर्माण राजा पचाकुती ने 1400 के आस पास करवाया था.

1911 में अमेरिका के इतिहासकार हीरम बिंघम ने इसकी खोज की थी. और इसे दुनिया के सामने लाया. 1983 में यूनेस्को इसे विश्व की धरोहर घोषित किया. यहाँ इंका सभ्यता की कलाकृति को आज भी देखा जा सकता है.

और पढ़े: मुंबई में 10 सबसे बेस्ट घुमने की जगह जहाँ सभी को जाना चाहिये

क्राइस्ट दी रिडीमर History of Christ the Redeemer – ब्राज़ील के रियो डी जेनेरो में स्थापित ईसा मसीह की एक प्रतिमा है. जिसे दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा आर्ट डेको स्टैच्यू माना जाता है. दुनिया एकलौते जीवते परमेश्वर येशु मसीह की 38 मीटर, लगभग 130 फीट ऊँची और 28 मीटर चौड़ी यह प्रतिमा दुनिया के अजूबों में से एक है. येशु मसीह की इस मूर्ती का निर्माण 1922 में शुरू हुआ था.

जो 12 अक्टूबर 1931 को इस जगह पर स्थापित किया गया था. इसका वजन 635 टन (700 शॉर्ट टन) है और तिजुका फोरेस्ट नेशनल पार्क में कोर्कोवाडो पर्वत की चोटी पर स्थित है

रोम का कोलोसियम Roman Colosseum History – रोम के इडली में बसा ये एक विशाल स्टेडियम यहां का मुख्य कारण है. इसका निर्माण 72 AD में शुरू होकर 80 AD में पूरा हुआ था. कहा जाता है कि यहाँ जानवरों की लड़ाई, खेल कूद, संस्कृतिक कार्यक्रम होते थे.

यह 24 हजार वर्गमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है. इस जैसी आकृति को बनाने की कोशिश कई इंजिनियरों द्वारा की गई. पर आज तक कोई इसे बना नहीं पाया है. यहाँ 50 हजार से 80 हजार लोग बैठ सकते है.

चीचेन इट्ज़ा Chichen Itza – चिचेन इट्ज़ा कैनकन के पश्चिम में 200 किलोमीटर की दूरी पर युकाटन राज्य में स्थित है. इसका निर्माण AD 600 में हुआ था. यह मेक्सिको के सबसे संरक्षित पुरातात्विक स्थलों में से एक है. इट्ज़ा जातीय-वंश समुदाय का नाम है जिसने स्पेनिश विजय से पहले मैक्सिको के उत्तरी प्रायद्वीप पर शासन किया था. यहां हर साल 1.4 मिलियन पर्यटक घुमने आते है.

चिचेन इत्ज़ा का माया मंदिर 5 किलोमीटर में फैला हुआ है. यह 79 फीट ऊँचा है. जो पत्थरों से पिरामिड की आकृति का बना है. इस मंदिर में उपर जाने के लिए चारों दिशाओं से सीढियां बनी है. यहां टोटल 365 सीढियां है. हर दिशा से 91 सीढियां है. कहते है, हर एक सीढ़ी एक दिन का प्रतिक है. उपर 365 दिन के लिए एक बड़ा चबूतरा बना हुआ है.

और पढ़े: द्वितीय विश्व युद्ध कब हुआ, कारण, परिणाम और इसका अंत?

शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

देवेंद्र फडणवीस: चुनावों के देवता

अगली पोस्ट

वड़ोदरा स्थित मदर टेरेसा के संगठन पर युवतियों के जबरन धर्म परिवर्तन का मामला हुआ दर्ज

संबंधित पोस्ट

इंक़लाब भगत सिंह
इतिहास

क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

23 March 2026

लिख रहा हूँ मैं अंजाम जिसका कल आग़ाज आयेगा, मेरे लहू का हर एक कतरा इंक़लाब लायेगा। मैं रहूँ या न रहूँ पर यह वादा हैं...

Shahidi Diwas
इतिहास

भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

23 March 2026

लाहौर सेंट्रल जेल में दिनांक 23 मार्च 1931 के दिन का आरम्भ बड़ा ही सामान्य था लेकिन यह दिन तब तक ही सामान्य रहा जब...

22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था
इतिहास

‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

23 March 2026

भारत के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों की चर्चा भगत सिंह का नाम लिए बगैर हमेशा अधूरी ही मानी जाएगी। भगत सिंह का योगदान इतिहास के...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited