TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

गोवा में प्रचंड बहुमत से सरकार बनाएगी BJP लेकिन विपक्ष में कांग्रेस नहीं AAP बैठेगी

भगवामय होगा गोवा!

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
12 January 2022
in राजनीति
गोवा पार्टी

Source- Google

Share on FacebookShare on X

गोवा में राजनीति इस समय अभूतपूर्व प्रवाह और पहेली की स्थिति में है। हर दिन, भारत के पश्चिमी तट पर इस छोटे से राज्य के नेता और विधायक राजनीतिक निष्ठा बदल रहे हैं। आने वाले कुछ ही महीनों में राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। राजनीतिक पार्टी जोर-शोर से अपनी तैयारियों में लग गई हैं। आगामी चुनाव को लेकर राज्य की राजनीतिक गलियारों में हलचले तेज हो गई है। आरोप-प्रत्यारोप के दौर शुरु हो गए हैं और साथ ही साथ प्रदेश में दल बदल का खेल भी शुरु हो गया है, जिसने गोवा के लोगों को एक गहरी दुविधा में डाल दिया गया है कि आखिर 2022 के सबसे चर्चित विधानसभा चुनाव में वोट किसे दिया जाए।

पिछले तीन महीनों में, 40 सदस्यीय विधानसभा के करीब 15 विधायकों ने अपनी राजनीतिक संबद्धता बदल ली है। इसके अलावा, स्थानीय राजनीतिक नेता और पूर्व विधायक लगातार दल बदल कर रहे हैं, जिससे राजनीतिक दल भी यह अनुमान नहीं लगा पा रहें हैं कि आखिर गोवा चुनाव 2022 में कौन करेगा कमाल, किसके हिस्से में जाएगी सत्ता की चाबी और कौन बनेगा राज्य का अगला मुख्यमंत्री। मौजूदा समय में राज्य में प्रमोद सावंत के नेतृत्व में भाजपा की सरकार है, जो राज्य के विकास के लिए तत्पर होकर लगातार काम कर रही है।

संबंधितपोस्ट

PM मोदी से राघव चड्ढा की अचानक मुलाकात, पंजाब चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज

मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

धर्मेंद्र प्रधान का संसद में सम्मान के साथ स्वागत, NDA ने दिया एकजुटता का संदेश; इस्तीफे के बाद पहली बार पहुंचे संसद

और लोड करें

गोवा में विधानसभा चुनावों के ऐलान से पहले कई नेताओं ने अपनी पार्टी बदल ली। पार्टी बदलने वालों में सबसे ज्यादा विधायक कांग्रेस (Congress) से रहे, जिनको भाजपा में अपना भविष्य उज्जवल नजर आया। इसके अलावा, तृणमूल कांग्रेस, गोवा फॉरवर्ड पार्टी और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी भी ऐसी पार्टियां रहीं, जहां से कई विधायकों ने भाजपा का रुख कर लिया। मौजूदा समय में राज्य में कांग्रेस की लुटिया गोल होती दिख रही है, जबकि आम आदमी पार्टी और टीएमसी अपनी स्थिति सुधारने के लिए चुनाव लड़ने वाले हैं। इस आर्टिकल में हम आगामी चुनाव को लेकर गोवा में भाजपा, आप, टीएमसी और कांग्रेस की स्थिति पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

और पढ़ें कांग्रेस के दो CM आपस में लड़ रहे हैं और चाहते हैं कि PM मोदी संकट का समाधान करें!

गोवा में भाजपा का वर्चस्व

वर्ष 2017 में भाजपा ने गोवा फॉरवर्ड पार्टी (GFP) और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (MGP) जैसे क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन कर गोवा में सरकार बनाई। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता मनोहर पर्रिकर इस गठबंधन के मुख्य नायक रहें और इस नींव में दरार के बावजूद उन्होंने गठबंधन को एकजुट रखा था। हालांकि, 2019 में पर्रिकर की मृत्यु के बाद भाजपा ने पॉलिटिकल इंजीनियरिंग से खुद को सत्ता में बनाए रखा। मौजूदा समय में 12-सदस्यीय मंत्रिमंडल में सात दलबदलुओं की उपस्थिति से यह स्पष्ट होता है कि इस बार भी सत्ता की चाबी भाजपा के हाथों में ही है। ध्यान देने वाली बात है कि 27 साल में पहली बार ऐसा होगा कि गोवा चुनाव के लिए भाजपा के पास पर्रिकर नहीं होंगे। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मत है कि भगवा पार्टी अव्यवस्थित है, परंतु आरएसएस के नियंत्रण और मोदी की नीतियों के कारण पार्टी का चुनावी अभियान पुनः पटरी पर लौट रहा है। कई ओपिनियन पोल के अनुसार भाजपा इस बार औसतन 25 सीटों के साथ सरकार बनाने में सफल होगी।

गोवा अक्सर भाजपा खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ है। वर्ष 2002 के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की ऐतिहासिक बैठक गोवा में ही हुई थी, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी नरेंद्र मोदी को गुजरात के मुख्यमंत्री के पद से हटाना चाहते थे पर, लाल कृष्ण आडवाणी और पार्टी के अन्य नेताओं ने उन्हें बचा लिया!

नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री मोदी बनने  की नींव भी यहीं से पड़ी जब गोवा के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने नरेंद्र मोदी को भाजपा लोकसभा अभियान का चेहरा बनाने की खुली मांग की।

AAP का बढ़ सकता है वोट शेयर

गोवा विधानसभा चुनाव 2017 में आम आदमी पार्टी (AAP) ने लगभग 6 फीसदी वोट शेयर हासिल किया था। इस बार पार्टी अधिक संसाधनों और कार्य योजना के साथ मैदान में उतरी है। हालांकि, पिछले पांच वर्षों में, पार्टी एक भी ऐसे नेता का पोषण नहीं कर पाई, जो राज्य में पार्टी का नेतृत्व कर सके। पार्टी के पास अभी भी ऐसा कोई नेता नहीं है, जो पूरे गोवा में प्रसिद्ध हो। पार्टी के राज्य संयोजक राहुल म्हाम्ब्रे अपने गृहनगर मापुसा से इतर कहीं लोकप्रिय नहीं हैं और इसी तरह, अमित पालेकर को ज्यादातर लोग एक वकील के रूप में जानते है न कि एक राजनेता के रूप में।

आप का गोवा अभियान तीन प्राथमिक कारकों पर टिका है, जिसमें राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की छवि, अन्य दलों के लोकप्रिय नेताओं को शामिल करना और विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं का झूठा और फ्री का वादा शामिल है। इसके लिए पार्टी ने दयानंद नार्वेकर, महादेव नाइक, अलीना सलदान्हा, प्रतिमा कौटिन्हो और पूर्व भाजपा नेता गणपत गांवकर जैसे नेताओं को पहले ही शामिल कर लिया है।

और पढ़ें: ISIS भर्ती रैकेट चलाती पकड़ी गई कांग्रेस के पूर्व विधायक की बहू

टीएमसी के पास नहीं है चेहरा

टीएमसी की गतिविधि पूरी तरह से राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर के नेतृत्व वाली कंसल्टेंसी फर्म, इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) द्वारा संचालित है। नेताओं के साथ बातचीत करने, टीएमसी में शामिल करने, अभियान की रूपरेखा तैयार करने और यहां तक ​​कि दैनिक प्रचार में संभावित उम्मीदवारों की सहायता करने तथा अन्य पार्टियों के साथ गठबंधन करने तक, सब कुछ I-PAC द्वारा निर्धारित किया जाता है। गोवा की सबसे पुरानी पार्टी, महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (MGP) के साथ हाथ मिलाने का TMC का हालिया निर्णय दोधारी तलवार साबित हो सकता है, क्योंकि MGP अध्यक्ष दीपक धवलीकर और विधायक सुदीन धवलीकर ने सनातन संस्था जैसे दक्षिणपंथी संगठनों का सार्वजनिक रूप से समर्थन किया है।

इसके अलावा, पिछले दस दिनों में दो MGP उम्मीदवार, प्रवीण अर्लेकर और प्रेमेंद्र शेत ने पार्टी के गढ़ पेरनेम और मयेम निर्वाचन क्षेत्रों से “टीएमसी-एमजीपी गठबंधन” का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया है। जबकि शेत पहले ही भाजपा में शामिल हो चुके हैं, दूसरी ओर अर्लेकर भगवा पार्टी के साथ उन्नत बातचीत कर रहे हैं। राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को देखते हुए यह तो तय हो गया है कि गोवा में ममता की दाल नहीं गलने वाली। गोवा में टीएमसी के पास न तो चेहरा है और न ही कैडर। इसके साथ-साथ उनमें गोवा के विचारधारा की कमी भी है। महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के साथ गठबंधन करने से मुस्लिम और क्रिश्चियन वोट बैंक भी उनसे छिटक जायेंगे। रही बात भगवा वोटों की, तो TMC से गठबंधन के कारण वो सारे वोट भाजपा के खाते में जाना निश्चित है। अतः इस चुनाव में ममता सिर्फ मुसलमानों का वोट काटकर भाजपा को फायदा पहुंचाने वाली हैं।

कांग्रेस की डूबती नैया

सालसेट, मोरमुगाओ, तिस्वाड़ी, क्यूपेम और बर्देज़ तालुकाओं में, लगभग 17 सीटें हैं, जहां अल्पसंख्यक मतदाता 40 फीसदी से अधिक हैं और जहां वे चुनावी परिणामों को महत्वपूर्ण रूप से निर्धारित करते हैं। इतना ही नहीं, राज्य में ऐसी सात और सीटें हैं, जहां अल्पसंख्यकों के पास 25 प्रतिशत से अधिक वोट हैं। कांग्रेस को जीत के लिए प्रेरित करने हेतु यह पर्याप्त है या नहीं, यह देखा जाना बाकी है? हम ऐसा इसलिए कह रहें है, क्योंकि ममता बनर्जी और AAP की एंट्री ने गोवा में कांग्रेस को छिन्न-भिन्न कर दिया है। ममता ने जहां उनके संगठन को ध्वस्त करते हुए लुईजिन्हो फलेरियो (गोवा के पूर्व कांग्रेस सीएम) के पूरे खेमे को TMC में मिला लिया, तो वहीं AAP उनके कैडर वोटर और विचारधारा को खा रही है। लाचार और अशक्त आलाकमान सिर्फ कांग्रेस की डूबती नैया को देख रहा है। ऐसे में यह अनुमान है कि आगामी चुनाव में कांग्रेस मात्र 4-5 सीटों पर सिमट जाएगी।

और पढ़ें: हरीश रावत करेंगे कांग्रेस से बगावत या बनेंगे बलि का बकरा?

गोवा में भाजपा की जीत पक्की

बताते चलें कि मनोहर पर्रिकर के स्वर्गवास से पार्टी में एक लोकप्रिय राजनेता का निर्वात सा उत्पन्न हो गया है। हालांकि, पार्टी इसको भरने के लिए पीएम मोदी और प्रमोद सामंत का भरपूर प्रयोग कर रही है, पर गोवा की राजनीतिक विविधता को देखते हुए मनोहर पर्रिकर जैसा कोई नहीं लगता। ओपिनियन पोल में भाजपा जीतते हुए दिखाई दे रही है, लेकिन उसे पश्चिम बंगाल की गलतियों को न दोहराते हुए जमीन से जुड़े अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं पर भरोसा करना होगा। भाजपा जीत तो रही है, लेकिन उसे यह ध्यान रखें होगा को चुनाव जीत सत्ता पाने से भी जरूरी पर्रिकर के पोजिशन को भरना है। संभावनाओं पर बात करें तो आम आदमी पार्टी राज्य में मुख्य विपक्षी पार्टी बनती दिख रही है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस भी इस बार एक अच्छा विकल्प साबित हो सकती है, जबकि कांग्रेस का सिमटना तय है। गोवा में भाजपा पिछले 10 सालों से सत्ता में है। हालांकि, इस बार किसकी तकदीर में सिहांसन होगा, ये तो जनता ही तय करेगी।

Tags: आम आदमी पार्टीकांग्रेसप्रमोद सावंतभाजपा
शेयर14ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

धर्मविरोधी देवदत्त पटनायक सरकारी कार्यक्रम में ‘गणमान्य अतिथि’? सवाल उठना स्वाभाविक है

अगली पोस्ट

मुगल नहीं चालुक्य, पल्लव और राष्ट्रकूट वंश हमारे इतिहास की किताबों में अधिक ध्यान देने योग्य हैं

संबंधित पोस्ट

Devender Mahto Ranchi student protest
चर्चित

Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

10 August 2026

रांची में छात्रों और युवा अभ्यर्थियों का आक्रोश चरम पर पहुंच चुका है। 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव करने निकले हजारों छात्रों को पुलिस...

Gen Z voter and BJP
राजनीति

क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

9 August 2026

हाल ही में नीट (NEET) पेपर लीक और छात्र आंदोलनों के बाद दिए गए अपने एक बयान में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी...

बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक
चर्चित

मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

7 August 2026

बड़ी ख़बर दिल्ली से है, जहां बीजेपी आलाकमान ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ अहम बैठकें की हैं। सूत्रों की...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

00:03:42

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39

INS NIPUN: MEET INDIA’S NEW DSV

00:03:05

POJK ERUPTS IN PROTEST

00:02:53

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

00:58:34
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited