TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    राजीव गांधी

    जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

    Cockroach Janta Party

    Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    बीजेपी में बदलाव

    हिमाचल नगर निगम चुनाव में भाजपा का दबदबा, 4 में से 3 नगर निगमों पर जमाया कब्जा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    राजीव गांधी

    जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

    Cockroach Janta Party

    Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    बीजेपी में बदलाव

    हिमाचल नगर निगम चुनाव में भाजपा का दबदबा, 4 में से 3 नगर निगमों पर जमाया कब्जा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

दिल्ली में जल्द ही होंगे 1,152 शराब के ठेके

केजरीवाल ने दिल्ली को ही 'ठेका' बना दिया है!

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
27 February 2022
in समीक्षा
Kejriwal

Source- Google

Share on FacebookShare on X

हम सभी जानते है कि जनता भोली होती है। पर, दिल्ली की जनता तो कुछ ज्यादा ही भोली निकली और यह भोलापन फ्री-फ्री 1008 बार फ्री ढोंगपुरुष केजरीवाल जी महाराज के लिए वरदान साबित हुआ! विकास और मुफ्तखोरी के लालच में हम बनते गए और वो बनाते गए और बदले में हम उन्हें चुनाव जीताते गए। अब जब वो पूरे देश में चुनाव लड़ रहे हैं, तो सबसे बड़ा प्रश्न ये उठता है कि लोकपाल, भ्रष्टाचार और विकास के नाम पर केजरीवाल को वोट देनेवाली दिल्ली की भोली जनता को क्या मिला? उत्तर है चमचमाती हुई दारू की बोतल। इसी विकास का प्रबंध करने के लिए फ्री पुरुष केजरीवाल ने दिल्ली में शराब की बिक्री पूरी तरह निजी हाथों में सौंप दी है।

और पढ़ें: केजरीवाल के प्रधानमंत्री बनने के सपने को बर्बाद कर रहे हैं कुमार विश्वास!

संबंधितपोस्ट

दिल्ली के साकेत में इमारत गिरने से 6 लोगों की मौत, अवैध निर्माण पर उठे सवाल

दिल्ली में AC से मौत: हौज खास आग हादसे ने उजागर किया भारत का खामोश गर्मियों वाला खतरा

दिल्ली में धूल प्रदूषण और शहरी जलभराव से निपटने के लिए बड़े सड़क पुनर्विकास योजना की शुरुआत

और लोड करें

केजरीवाल ने दिल्ली को ही ठेका बना दिया है

नई आबकारी नीति के तहत राजधानी को 32 जोन में बांटकर 849 लाइसेंस आवंटित किए गए हैं। इसके तहत प्रत्येक जोन में 8-9 वार्ड हैं और प्रत्येक वार्ड में 4 दारू की दुकानें खोलने की योजना है, अर्थात् हर जोने में 26-27 दारू की दुकानें संचालित होगी। हर इलाके में आसानी से शराब उपलब्ध हो, इसके लिए दिल्ली के वार्डों को जोन में विभाजित किया गया है। केजरीवाल के इस अथक प्रयास से विकास का अभूतपूर्व मॉडल स्थापित होगा, जिससे दिल्ली को 1,152 शराब के ठेके मिलेंगे, जहां से आपको सस्ती, सुंदर और मस्ती से भरी हुई बोतल मिल जाएगी, जिसे दिल्ली की जनता फ्री के मिले पानी में मिलाकर एक बड़ा पेग तैयार करेगी और फिर फ्री के AC में बैठकर ‘फ्री पुरुष’ का महिमामंडन करेगी और कहेगी, ‘अजी, लोकपाल जाए तेल लेने, हम तो आम आदमी हैं जी। शाम को 6 पेग के बाद हमें और क्या चाहिए? और सबसे बड़ी बात दारू पीने से खांसी भी तो दूर होती है।’

आपको पता है दिल्ली में 280 म्यूनिसिपल वार्ड हैं। वर्ष 2015 तक राजधानी में केवल 250 शराब के ठेके थे। यानि 30 वार्ड ऐसे भी थे, जहां शराब की कोई दुकान नहीं थी। लेकिन विकास पुरुष केजरीवाल की कृपा से न सिर्फ हर गली-कूचे, टोले-मोहल्ले और स्कूल-अस्पताल, बल्कि मंदिर-मस्जिद के पास भी आपको ठेका और उस ठेके के ठेकेदार नशे में धुत मिल जाएंगे। पहले दिल्ली में ठेका हुआ करता था, अब केजरीवाल ने दिल्ली को ही ठेका बना दिया है। बड़ा, वृहद और विराट ठेका!

और पढ़ें: झूठ के पुलिंदे पर टिका है अरविंद केजरीवाल का शिक्षा मॉडल !

दिल्ली में हर 9 हजार की आबादी पर एक ठेका

ध्यान देने वाली बात है कि दिल्ली की आबादी 1.9 करोड़ है। इसमें लगभड़ 65 प्रतिशत आबादी अर्थात् 1.15 करोड़ की आबादी 18-65 वर्ष के बीच है। यही आबादी दारू की सबसे बड़ी उपभोक्ता भी है और इन्हीं के विकास के लिए केजरीवाल ने न सिर्फ आबकारी नीति में परिवर्तन किया, बल्कि ठेकों का निजीकरण भी किया और साथ ही 1152 ठेके खोलने की योजना भी बनाई। इसके साथ ही केजरीवाल सरकार ने दारू पीनेवाले लोगों की उम्र 25 से घटाकर 21 तक कर दी है। हां, वो और बार बात है कि इतने दिनों में ट्रैफिक से जूझ रही दिल्ली को एक भी फ्लाइओवर नहीं मिला, पर दारू तो मिली। इतनी मिली की अगर पीने वालों की जनसंख्या और ठेकों के हिसाब से गुणा-गणित लगाया जाए, तो दिल्ली में हर 9 हज़ार की आबादी पर एक ठेका उपलब्ध है।

धारावी के बाद दिल्ली की मलिन बस्तियों को देश के सभी महानगरों में सबसे गंदी बताई जाती हैं। 69 वें राष्ट्रीय सेवा योजना दौर के तहत दिल्ली में किए गए एक सर्वेक्षण से पता चला है कि राजधानी में लगभग 6,343 मलिन बस्तियां थी, जिनमें दस लाख से अधिक घर थे, जहां इसकी कुल आबादी का 52 प्रतिशत निवास करता था। DUSIB की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में लगभग 22% लोग अभी भी खुले में शौच करते हैं।

दिल्ली में शहरी गरीबों की दुर्दशा

दिल्ली दुनिया का छठा सबसे बड़ा महानगर है और फिर भी, इसका एक तिहाई निवास झुग्गी बस्तियों का हिस्सा है, जिनके पास कोई बुनियादी संसाधन नहीं है। सरकारी अधिकारियों द्वारा बिना किसी उचित योजना के शहर बेतरतीब ढंग से विकसित हो गया है। शहर की आधी से अधिक आबादी झुग्गी-झोपड़ियों में रहती है, जिन्हें सबसे बुनियादी जरूरतें भी उपलब्ध नहीं हो पाती हैं। गंदा जमा पानी, बंद नालियां, संकरी गलियां, तंग घर और कचरे के ढेर राष्ट्रीय राजधानी में मलिन बस्तियों की कुछ विशेषताओं में से हैं। सैनिटरी खराब है और पानी की आपूर्ति अनियमित है। पर, झुग्गी-झोपड़ी और स्लम में रहनेवाली इस आधी आबादी को बुनियादी सुविधाएं मुहैया करने के बजाए विकास पुरुष ने इन्हें दारू थमा दी है, ताकि ये लोग उनके उस वादे को भी भूल जाएं, जिसमें उन्होंने इन बस्तियों का कायाकल्प करने का वादा किया था।

वर्ष 2020 के एक सर्वेक्षण के अनुसार, अधिकांश परिवारों ने बताया था कि यदि लॉकडाउन लंबे समय तक जारी रहा तो वे भूखे मर जाएंगे। सभी आर्थिक गतिविधियों के बंद होने के कारण दिल्ली में रिवर्स माइग्रेशन की लहर देखी गई, जब हजारों प्रवासी श्रमिक अपने गृह नगरों को वापस चले गए। लगभग 70 प्रतिशत झुग्गीवासियों का रोजगार छीन गया। पिछले कुछ महीनों में उनके कर्ज-बकाया में 12 प्रतिशत वृद्धि और मजदूरी में 10 प्रतिशत की कटौती ने उनकी रीढ़ की हड्डी तोड़ दी, लेकिन केजरीवाल ने शराब की दुकान खोल दी।

और पढ़ें: केजरीवाल का वित्तीय ज्ञान यानी ‘काला अक्षर भैंस बराबर’

झूठ के पुलिंदे पर टिकी हुई है केजरीवाल सरकार

केजरीवाल शासन के दो स्तंभ शिक्षा और स्वास्थ्य रहे हैं, पर यह पूरी चालाकी से फैलाया गया भ्रम है। मोहल्ला क्लीनिक आज भी दवाई, मास्क की कमी, लंबित वेतन और ढहते बुनियादी ढांचे से जूझ रहे हैं। मूल रूप से यह गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सुविधावाला अस्पताल है, जिसे केजरीवाल ने री-ब्रांडिंग कर के पेश कर दिया। जहां तक स्कूल की बात है तो घोषणापत्र में वादा किए गए 500 नए स्कूलों में से केवल 30 ही स्कूल बन पाये, लेकिन केजरीवाल ने मात्र 8,000 नए क्लासरूम बनाकर शिक्षापुरुष का ढ़ोल पीट दिया। आपको बता दें कि सरकारी स्कूल में बुनियादी सुविधाओं और पानी एवं शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय आप सरकार की खिंचाई भी कर चुकी है।

70 बिन्दु के अपने घोषणापत्र का 7 प्रतिशत पूरा करने में भी केजरीवाल विफल रहें है। ऊपर से उन्होंने न सिर्फ लोकपाल बल्कि शराब के मामले में भी उन्होंने अपने गुरु अन्ना को धोखा दिया। एक ओर दिल्ली जहां प्रदूषण, पानी, आधारभूत संरचना, ट्रैफिक, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्लम से जूझ रही है, वहीं केजरीवाल ताहिर हुसैन और अमानतुल्लाह खान जैसे दंगाइयों के बल पर चुनाव जीत रहे हैं। उन्होंने फ्री सेवा के नाम पर जनता को रिश्वत देकर मत पाने के कृत्य का सरकारीकरण कर दिया है। शर्म आनी चाहिए, ऐसे नेताओं को!

Tags: अरविंद केजरीवालदिल्ली
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

ये तो गजब हो गया, सपा ने बताया कि 10 मार्च को नतीजा बीजेपी के पक्ष में ही जाएगा!

अगली पोस्ट

सुपरपावर अमेरिका यूक्रेन से अपने नागरिकों को लाने में विफल रहा, लेकिन भारत प्लेन भर-भर कर ला रहा है

संबंधित पोस्ट

CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!
चर्चित

CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!

22 May 2026

पिछले कुछ दिनों से भारतीय सोशल मीडिया स्पेस, खासकर इंस्टाग्राम पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) नामक एक डिजिटल अभियान ने तहलका मचा रखा है। मीम्स,...

गवर्नर ने मांगा समर्थन का सबूत: क्या तमिलनाडु में विजय के साथ हो रहा है अन्याय?
चर्चित

गवर्नर ने मांगा समर्थन का सबूत: क्या तमिलनाडु में विजय के साथ हो रहा है अन्याय?

7 May 2026

तमिलनाडु की राजनीति आज एक ऐसे चौराहे पर खड़ी है जहाँ लोकतंत्र की परिभाषा और राज्यपाल के अधिकारों के बीच सीधी जंग छिड़ गई है।...

Modi in BJP Head Office
चर्चित

आखिर कैसे आए ये चुनाव परिणाम ?

6 May 2026

पांच राज्यों के चुनाव परिणामों पर कोई एक सुसंबद्ध टिप्पणी संपूर्ण स्थितियों का विश्लेषण नहीं कर सकता। सारे राज्यों के राजनीतिक समीकरण और स्थानीय मुद्दे...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Rudram 2 Success: Made in India Missile Ready To Crush Enemy Radars| DRDO’s Big Breakthrough

Rudram 2 Success: Made in India Missile Ready To Crush Enemy Radars| DRDO’s Big Breakthrough

00:03:46

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited