TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नितिन नबीन के ताजपोशी में पीएम मोदी ने खुद को बताया कार्यकर्ता , बीजेपी ऑफिस में जश्न का माहौल

    मोटेगी की यह भारत यात्रा उनकी 2026 की पहली विदेश यात्रा का हिस्सा थी

    हिंद-प्रशांत में चीन की बढ़ती सक्रियता के बीच भारत–जापान संबंध और मजबूत

    भारत और यूएई के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी

    ईरान संकट के बीच भारत पहुंचे UAE राष्ट्रपति, पीएम मोदी से अहम रणनीतिक बातचीत

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत और यूएई के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी

    ईरान संकट के बीच भारत पहुंचे UAE राष्ट्रपति, पीएम मोदी से अहम रणनीतिक बातचीत

    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नितिन नबीन के ताजपोशी में पीएम मोदी ने खुद को बताया कार्यकर्ता , बीजेपी ऑफिस में जश्न का माहौल

    मोटेगी की यह भारत यात्रा उनकी 2026 की पहली विदेश यात्रा का हिस्सा थी

    हिंद-प्रशांत में चीन की बढ़ती सक्रियता के बीच भारत–जापान संबंध और मजबूत

    भारत और यूएई के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी

    ईरान संकट के बीच भारत पहुंचे UAE राष्ट्रपति, पीएम मोदी से अहम रणनीतिक बातचीत

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत और यूएई के बीच समग्र रणनीतिक साझेदारी

    ईरान संकट के बीच भारत पहुंचे UAE राष्ट्रपति, पीएम मोदी से अहम रणनीतिक बातचीत

    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

सुनो सुब्रमण्यम स्वामी, मनोवैज्ञानिक परामर्श लेने का समय आ गया है

प्रधानमंत्री को हिजड़ा बोलकर अपनी मानसिक कुंठा को दिखा रहे हैं स्वामी

Utkarsh Upadhyay द्वारा Utkarsh Upadhyay
3 March 2022
in राजनीति
सुनो सुब्रमण्यम स्वामी, मनोवैज्ञानिक परामर्श लेने का समय आ गया है

source- google

Share on FacebookShare on X

बढ़ती उम्र के साथ, आदमी सठिया जाता है। अब सुब्रमण्यम स्वामी को ही देख लीजिए, सत्ता की आपक इतनी है कि किसी को भी कुछ भी बोलने से पहले वह एक बार भी नहीं सोचते हैं।  सामान्य जीवन की ही बात कर लें, तो व्यक्ति जिस भी संगठन- संस्था से जुड़ाव रखता है उसकी जवाबदेही और प्रतिबद्धता उतनी ही होती है जितनी वो उस संस्था से अपने प्रति अपेक्षित करता है। इस क्रम में भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद बहुत ही पिछड़े खिलाडी रहे हैं। अब हाल तो यह है कि उनपर न तो पार्टी विश्वास करती है और न ही कोई राजनीतिक पंडित। इन सभी के अपने-अपने तथ्य और आधार हैं परंतु सबसे सामान्य कारण उनके दो मुंहे और अड़ियल व्यवहार को बताया जाता है।

Now that it is clear that what Russia has done in Ukraine violates BRICS Resolution in Delhi Declaration of last year. Will Modi have the guts to tell Putin to back off?

— Subramanian Swamy (@Swamy39) March 1, 2022

संबंधितपोस्ट

पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

आंध्र प्रदेश में भाजपा का विस्तार अभियान: अटल–मोदी सुपारिपालन यात्रा की शुरुआत

और लोड करें

रूस-यूक्रेन विवाद में भारत के पक्ष का तटस्थ होने पर सुब्रमण्यम स्वामी अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ही निशाने पर ले रहे हैं। निशाने पर लेने तक तो ठीक था, पर निकृष्टता की सारी हदें पार करते हुए सुब्रमण्यम स्वामी ने पीएम मोदी को ही सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर गरियाना शुरू कर दिया है।

ऐसे में वो भाजपा के नेता हों न हों, भाजपा के किसी भी समूह से जुड़े हो न हों, परंतु अपने देश के प्रधानमंत्री के प्रति ऐसी घटिया शब्दावली का प्रयोग करना उनकी संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है। रूस-यूक्रेन विवाद पर ज्ञान बिखेरने की चेष्टा करने वाले स्वामी ने मंगलवार (1 मार्च) को एक ट्वीट में दावा किया, “अब जब यह स्पष्ट हो गया है कि रूस ने यूक्रेन में जो किया है वह पिछले साल के दिल्ली घोषणापत्र में ब्रिक्स प्रस्ताव का उल्लंघन करता है। क्या प्रधानमंत्री के अंदर हिम्मत है कि वह अब भी रूस के साथ रहेंगे?” उन्होंने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से रूस को अपने सैन्य आक्रमण को रोकने के लिए निर्देश देने के लिए कहा।

और पढ़ें- राज्य सभा सदस्यता समाप्त होते देख, सुब्रमण्यम स्वामी ने चूमा TMC का हाथ

No, he's caught between a rock & a hard place, the best is to play neutral which he is doing

— #HINDU sandy kapur (@AndyKapur1) March 1, 2022

इसी पर एक ट्विटर यूजर (@AndyKapur1)  ने जोर देकर कहा, “नहीं, वह (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) एक चट्टान और एक कठिन जगह के बीच फंस गए है, सबसे अच्छा है कि वह तटस्थ होकर खेले, जो वह कर रहेहैं। ” प्रतिक्रिया से नाराज स्वामी ने “भारत सरकार’ को ‘अक्षम’ करार देने के साथ साथ स्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘राजनीतिक हिजड़ा’ करार दिया। स्वामी ने दावा किया, “1.4 अरब सुसंस्कृत लोगों का प्रधानमंत्री राजनीतिक हिजड़ा नहीं हो सकता।”

A Prime Minister of 1.4 billion cultured people cannot be a political hijda

— Subramanian Swamy (@Swamy39) March 1, 2022

महत्वाकांक्षी स्वामी अब झल्ला गये हैं-

यह उस व्यक्ति के शब्द हैं जिसको अब तक भाजपा और संघ के बीच की एक बड़ी धुरी बताया जाता था। अपने हिंदुत्ववादी बयानों से सदैव ख्याति प्राप्त करने के बाद स्वामी को जो सम्मान, कद-पद और प्रतिष्ठा मिली वास्तव में अब वो उसकी जड़ें खोद चुके हैं। यह उनकी अकर्मण्यता और दूषित मानसिकता को परिभाषित कर चुका है।

यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि यह पहली बार नहीं है जब स्वामी ने देश के संबंध में अपने फैसलों और मुद्दों पर पीएम मोदी को घेरने का काम किया है। नवंबर 2021 में, स्वामी ने अरुणाचल प्रदेश में भारतीय क्षेत्र पर चीन के कब्जे पर पीएम से सवाल करते हुए ट्वीट किया था। “क्या मोदी अब यह भी स्वीकार करेंगे कि चीन ने हमारे क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है और मोदी और उनकी सरकार, चीन के कब्जे में एक-एक इंच वापस पाने का प्रयास करेंगे?” उसने सवाल करते हुए स्वामी ने कहा था।

और पढ़ें- सुब्रमण्यम स्वामी का यह बौद्धिक पतन बेहद दुखदायी है

दिसंबर 2021 में स्वामी ने ट्वीट किया था, उन्होंने पीएम और वित्त मंत्री की आलोचना करते हुए आरोप लगाया था कि वे अर्थशास्त्र के बारे में बहुत कम जानती हैं, “सरकार न तो अर्थशास्त्र समझती है, न ही पीएम जानते है और न ही वित्त मंत्री।”

भाजपा भी इनसे किनारा करना शुरू कर चुकी है-

यह सब सुब्रमण्यम स्वामी यूँही नहीं कर रहे, उनको नाकारा साबित कर चुकी भाजपा उन्हें दिन-प्रतिदिन साइडलाइन कर रही थी। इसी मध्य उन्हें भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति में “विशेष आमंत्रित सदस्य” की सूची से वंचित कर दिया था। अब जिसका संगठन से ही नौ दो ग्यारह करने का काम हो गया, ऐसे में उसके मंत्री बनने के स्वप्नों की पूर्ति कैसे ही होती। यह स्वामी के अब तक के कर्मकांडों का ही नतीजा है जो उन्हें राज्यसभा के अतिरिक्त और कोई भी जिमेदारी नहीं दी गई। यह उनके पुराने AIADMK के साथ मिल वाजपेयी सरकार को गिराने में षड्यंत्रकारी संलिप्तता को करारा तमाचा है जो उनकी पार्टी विरोधी गतिविधियों का सबसे पुराना नमूना था।

स्वामी की आरज़ू इतनी बढ़ गई थी कि अरुण जेटली, सुषमा स्वराज और अन्य सभी को प्रमोशन मिलने के साथ ही उन्हें मंत्री न बनाया जाना उनके EGO का समूल नाश कर रहा था। अबतक मुंह ताक रहे सुब्रमण्यम स्वामी इसी आस में अपनी सियासी बिसात बिछा रहे थे कि एक न एक दिन उन्हें विदेश या वित्त या कोई भी एक बड़ा मंत्रालय मिलेगा, पर जैसी करनी वैसी भरनी के सिद्धांत पर भाजपा ने स्वामी को “बेटा, तुमसे न हो पाएगा..!!” कहकर उन्हें दुलत्ती मार दी। इसी से खिसियाए स्वामी के सबर का बांध टूट गया और बड़बोलेपन में उन्होंने पीएम मोदी को “राजनीतिक हिजड़ा” कह दिया।

और पढ़ें- कभी BJP, कभी तृणमूल- सुब्रमण्यम स्वामी का घटिया अवसरवाद!  

सौ बात की एक बात यह है कि कितनी भी मत-भिन्नता क्यों न हो जाए, एक राजनीतिक शिष्टाचार और सूचिता की डोर नहीं टूटनी चाहिए। सुब्रमण्यम स्वामी ने इस बार अपने राजनीतिक ताबूत में अंतिम कील पीएम मोदी के प्रति अभद्र टिप्पणी के साथ ठोक दी है। अब उनके राजनीतिक भविष्य की मंगलकामना वो स्वयं ही करेंगे, और सब तो उन्हें धुत्कारते ही नज़र आएँगे क्योंकि एक नेता को तब ही इज़्ज़त मिलती है जब वो स्थिरता और सौम्यता का परिचय दे और स्वामी इन सभी में दोयम दर्ज़े पर खड़े नज़र आ रहे हैं।

Tags: नरेंद्र मोदीभाजपासुब्रमण्यम स्वामी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

पाकिस्तान को सब देशों ने मिलकर चोक कर दिया है!

अगली पोस्ट

मास्टरकार्ड ने रूस में कर दिया खेला अब पीएम मोदी को देना चाहिए RuPay कार्ड को बढ़ावा

संबंधित पोस्ट

युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल
भारत

नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

20 January 2026

नोएडा के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की शनिवार रात एक गहरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उसके आख़िरी पलों की बेहद...

युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल
भारत

नितिन नबीन के ताजपोशी में पीएम मोदी ने खुद को बताया कार्यकर्ता , बीजेपी ऑफिस में जश्न का माहौल

20 January 2026

भारतीय जनता पार्टी में नवीन अध्याय की शुरुआत हो गई है। मंगलवार को भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन औपचारिक रूप से पार्टी के 12वें...

मोटेगी की यह भारत यात्रा उनकी 2026 की पहली विदेश यात्रा का हिस्सा थी
भारत

हिंद-प्रशांत में चीन की बढ़ती सक्रियता के बीच भारत–जापान संबंध और मजबूत

20 January 2026

भारत–जापान संबंध अब एक व्यावहारिक क्रियान्वयन चरण में प्रवेश कर रहे हैं, जहाँ व्यापक रणनीतिक दृष्टिकोण से वास्तविक परिणामों की ओर कदम बढ़ाया जा रहा...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited