TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    डिया गठबंधन की बैठक से पहले दिल्ली में पोस्टर वार,

    इंडिया गठबंधन की बैठक से पहले दिल्ली में पोस्टर वार, राहुल गांधी पर विपक्षी नेताओं के पुराने बयान चर्चा में

    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा

    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा, मोदी पर पश्चिमी दबाव को किया खारिज; भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का किया समर्थन

    राजीव गांधी

    जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

    Cockroach Janta Party

    Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    डिया गठबंधन की बैठक से पहले दिल्ली में पोस्टर वार,

    इंडिया गठबंधन की बैठक से पहले दिल्ली में पोस्टर वार, राहुल गांधी पर विपक्षी नेताओं के पुराने बयान चर्चा में

    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा

    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा, मोदी पर पश्चिमी दबाव को किया खारिज; भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का किया समर्थन

    राजीव गांधी

    जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

    Cockroach Janta Party

    Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

पंजाब जीत के बाद अब AAP का होगा बंटाधार, केजरीवाल लेंगे राजनीतिक संन्यास!

AAP का टूटना तय है!

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
11 March 2022
in मत
Kejriwal

Source- Google

Share on FacebookShare on X

अरविंद केजरीवाल का विवादों से पुराना नाता रहा हैं, पर जो भी हो इस आदमी ने अकेले दम पर पंजाब में 92 सीट जीत लिया है। 117 सदस्यीय पंजाब के विधानसभा में 92 सीटें जीतना निश्चित रूप से कोई आसान उपलब्धि नहीं थी। दरअसल, चुनाव में विजय उपरांत किसी पार्टी का सर्वोच्च नेता सबसे ज्यादा सुखी, निश्चिंत और सुरक्षित महसूस करता है लेकिन केजरीवाल के संदर्भ में ऐसा नहीं है, क्योंकि पंजाब में आम आदमी पार्टी की प्रचंड जीत से केजरीवाल की मुश्किलें प्रचंड रूप से बढ़ गई हैं। ऐसा हो सकता है उन्हें आम आदमी पार्टी से बाहर भी निकाल फेंका जाए या फिर यह जीत आम आदमी पार्टी में गृह युद्ध भी छेड़ सकती है। वैसे भी आम आदमी पार्टी के परंपरा, प्रतिष्ठा और अनुशासन में अपने सम्मानित नेताओं को पार्टी से निकाल फेंकना रीति-नीति रही है।

केजरीवाल के साथ भी अगर कुछ ऐसा ही हो जाए तो कोई नई बात नहीं होगी। अब हम ऐसा क्यों कह रहे हैं, इसके पीछे के तर्को और तथ्यों से आपको अवगत करा देते हैं और वैसे भी राजनीति संभावनाओं का ही खेल है। संभावनाएं और समीकरण बनते बिगड़ते रहते हैं। आज का राजा कल का रंक और फकीर भी हो सकता है। इस आर्टिकल में हम विस्तार से जानेंगे कि आखिर क्यों पंजाब में आम आदमी पार्टी को मिली बड़ी जीत न सिर्फ केजरीवाल के लिए बड़ा सिरदर्द साबित होगी, बल्कि उन्हें एक दोयम दर्जे का मुख्यमंत्री भी सिद्ध कर सकती है?

संबंधितपोस्ट

बीजेपी ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और त्रिपुरा में बदले प्रदेश अध्यक्ष, जानें क्या होने वाला है नया

भगवंत मान को ‘पोलोनियम’ से मारने की धमकी — कितना खतरनाक है यह ज़हर और क्यों बढ़ी चिंता?

मस्जिदों में कुत्ते बांधने वाली पाकिस्तानी सेना: खैबर पख्तूनख्वा के विद्रोह से टूटा ‘एक पाकिस्तान’ का भ्रम, भारत के लिए रणनीतिक दृष्टि से बड़ा अवसर

और लोड करें

और पढ़ें: झूठ के पुलिंदे पर टिका है अरविंद केजरीवाल का शिक्षा मॉडल !

केजरीवाल का अहंकार

हम सभी जानते हैं कि केजरीवाल राजनीतिक रूप से एक महत्वाकांक्षी व्यक्ति हैं। सत्ता ही उनका एकमात्र सिद्धांत है। हम लोगों के मन में हमेशा से एक भ्रम रहा है कि केजरीवाल एक प्रशासनिक व्यक्ति या फिर एक सामाजिक कार्यकर्ता है, पर ऐसा नहीं है। केजरीवाल ने एक कपटी राजनेता की तरह इन दोनों चीजों का इस्तेमाल, जनता को दिग्भ्रमित करके सत्ता हासिल करने के लिए किया है। उन्होंने अन्ना हजारे, प्रशांत भूषण, आशीष खेतान और कुमार विश्वास सरीखे नेताओं का प्रयोग कर लोकपाल के मुद्दे को एक बड़े जनआंदोलन में परिवर्तित किया और उन्हें ही पार्टी से निकाल दिया। योगेंद्र यादव और कपिल मिश्रा जैसे इसके संस्थापक सदस्यों को भी केजरीवाल ने निकाल फेंका और ऊपर से जन लोकपाल के अपने वादे को वो आज तक पूरा नहीं कर सके, पर इस भ्रमजाल के माध्यम से वह सत्ता के शिखर पर अवश्य पहुंच गए। पर, अभी भी उनके मन से राजनीतिक सर्वोच्चता को प्राप्त करने की अभिलाषा गई नहीं है।

महत्वाकांक्षा के भूखे हैं केजरीवाल

केजरीवाल भी जानते हैं कि दिल्ली एक केंद्रशासित प्रदेश है और केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त गवर्नर के अधीन इसकी प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था है। उनके जिम्मे सिर्फ जनता का विकास और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े मुद्दे हैं। परंतु स्वयं को तथाकथित सामाजिक कार्यकर्ता और आम आदमी के रूप में चिन्हित करने वाले केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्रीपद से खुश नहीं हैं, क्योंकि वो बस दिखावे के सीएम है। वह ज्यादा से ज्यादा ताकत और पुलिस तथा प्रशासनिक व्यवस्था पर अपना कब्जा चाहते हैं। इसीलिए, वह दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा भी दिलवाना चाहते हैं, पर केंद्र में मोदी सरकार के रहते ऐसा नहीं हो सकता है। अतः केजरीवाल दिल्ली के बाहर के किसी राज्य पर अपना नियंत्रण स्थापित करने के लिए आतुर हैं और वह राज्य है-पंजाब।

और पढ़ें: केजरीवाल के प्रधानमंत्री बनने के सपने को बर्बाद कर रहे हैं कुमार विश्वास!

भगवंत मान बनाम केजरीवाल की लड़ाई होगी शुरू

पंजाब जीतने के बाद अब भगवंत मान राज्य के मुख्यमंत्री बनेंगे और वो वहां के निर्विवाद नेता होंगे। उनके पास केजरीवाल से भी 20-30 अधिक विधायकों का समर्थन होगा। इससे दिल्ली से बाहर आम आदमी पार्टी के लिए एकमात्र लोकसभा सीट हासिल करने वाले भगवंत मान का कद काफी बढ़ जाएगा। वैसे भी भगवंत मान के प्रभाव के आगे पंजाब में केजरीवाल की एक नहीं चलती। हालांकि, केजरीवाल पंजाब पर कब्जा करना चाहते हैं, पर उनके इस रास्ते में सबसे बड़ा रोड़ा भगवंत मान ही हैं। केजरीवाल की महत्वाकांक्षा का खुलासा कुमार विश्वास भी कर चुके हैं। जिसमें उन्होंने कहा था कि जब पंजाब में खालिस्तानी ताकतों का समर्थन करने के लिए उन्होंने केजरीवाल को रोका तो केजरीवाल ने कहा कि या तो वह पंजाब के मुख्यमंत्री बनेंगे या फिर स्वतंत्र खालिस्तान के प्रथम प्रधानमंत्री। उनकी इसी कथन से उनके कुटिल नियत और गलत उद्देश्य का पर्दाफाश होता है।

पर, अपने इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए उन्होंने कठिन श्रम भी किया है। शायद इसीलिए पंजाब में केजरीवाल को प्रचंड बहुमत मिली है अन्यथा किसान आंदोलन का समर्थन तो कांग्रेस और अकाली दल के नेताओं ने भी किया था और विकास के मुद्दे पर भी पंजाब में आम आदमी पार्टी ने कोई अप्रत्याशित झंडे भी नहीं गाड़े, पर जीत उसे ही मिली है। मतलब साफ है, केजरीवाल ने खालिस्तानियों का समर्थन प्राप्त कर पंजाब में आम आदमी पार्टी के लिए अंडरकरेंट का निर्माण किया और जीत हासिल की। हालांकि, इसमें एक पेंच भी है। भगवंत मान भी राजनीतिक रूप से कोई नादान व्यक्ति नही हैं और महत्वाकांक्षा उनकी भी उतनी ही है जितनी केजरीवाल की है। उन्होंने कई मौकों पर केजरीवाल को अपनी बात मानने के लिए मजबूर किया है। अपनी राह में रोड़ा बनने वाले गुरप्रीत गोगी को उन्होंने जबरदस्ती आम आदमी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया था। यहां तक कि मजीठिया से माफी मांगने के मुद्दे पर उन्होंने केजरीवाल को स्पष्टीकरण तक देने के लिए बाध्य कर दिया।

और पढ़ें: रूस-यूक्रेन संकट का असर – भारत करेगा चार गुना ज्यादा अनाज निर्यात

भगवंत मान के सामने केजरीवाल की लाचारगी तब दिखी जब न चाहते हुए भी केजरीवाल को आम जनसभा के सामने प्रत्यक्ष रुप से भगवंत मान को आम आदमी पार्टी कामुख्यमंत्री चेहरा घोषित करने के लिए बाध्य होना पड़ा था। अब इन्हीं दोनों की महत्वकांक्षा आम आदमी पार्टी में कलह का कारण बनने वाली है और इस लड़ाई में घी डालने का काम आम आदमी पार्टी के ही दिग्गज नेता करेंगे, जो केजरीवाल और भगवंत मान से खार खाए बैठे हैं या फिर वो जो आम आदमी पार्टी में और अधिक ताकत और रुतबा हासिल करना चाहते हैं, जैसे कि मनीष सिसोदिया और संजय सिंह सरीखे नेता। ये नेता या तो भगवंत मान की मदद करेंगे या फिर केजरीवाल की, ताकि उनका रास्ता साफ हो सके। भगवंत मान की छवि एक दारूबाज और अक्षम नेता के रूप में है, जबकि विकास का ढोंग करने वाले केजरीवाल के विकास पुरुष की छवि भी ठंडी पड़ चुकी है। सार्वजनिक रूप से कमजोर हो चुके यह दोनों नेता पार्टी को न सिर्फ कमजोर करेंगे, बल्कि तोड़ भी देंगे। तो तैयार हो जाइए आनेवाले समय में आम आदमी पार्टी का विघटन और गृहयुद्ध देखने के लिए।

Tags: अरविंद केजरीवालआम आदमी पार्टीपंजाबभगवंत मान
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

यूपी में दमदार जीत के साथ योगी ने तोड़ डाले कई बड़े रिकॉर्ड्स

अगली पोस्ट

AAP का पंजाब की सत्ता में आना किसी दु:स्वप्न से कम नहीं है

संबंधित पोस्ट

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!
चर्चित

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!

27 May 2026

उत्तर पूर्व भारत के रणनीतिक और राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राज्य असम से एक बेहद बड़ी और युगांतकारी खबर सामने आई है। असम विधानसभा...

Keral Muslim Leauge
इतिहास

मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

19 May 2026

1947 मे भारत के विभाजन के जो अनेक कारक (factors) रहे, उनमे मुस्लिम लीग प्रमुख हैं। मुस्लिम लीग ने ही अलग मुस्लिम राष्ट्र की मांग...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

00:03:22

Rudram 2 Success: Made in India Missile Ready To Crush Enemy Radars| DRDO’s Big Breakthrough

00:03:46

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited