TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नितिन नबीन के ताजपोशी में पीएम मोदी ने खुद को बताया कार्यकर्ता , बीजेपी ऑफिस में जश्न का माहौल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    विदेश मंत्रालय का स्पष्ट जवाब: 500% अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा

    ईरान पर ट्रंप का गुस्सा, देश तबाह करने की बात

    ट्रंप की ईरान को खुली धमकी: कहा- पूरा देश तबाह कर देंगे

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नितिन नबीन के ताजपोशी में पीएम मोदी ने खुद को बताया कार्यकर्ता , बीजेपी ऑफिस में जश्न का माहौल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    विदेश मंत्रालय का स्पष्ट जवाब: 500% अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा

    ईरान पर ट्रंप का गुस्सा, देश तबाह करने की बात

    ट्रंप की ईरान को खुली धमकी: कहा- पूरा देश तबाह कर देंगे

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अमेरिका को अपना लोकतंत्र ‘रिपेयर’ करने की ज़रूरत है, भारत से सीख सकते हैं

स्वतंत्र होने के करीब 245 वर्ष बाद भी अमेरिका का लोकतंत्र परिपक्व नहीं हो पाया!

Ruchi Mehra द्वारा Ruchi Mehra
26 June 2022
in चर्चित, विश्व
america

Source- TFIPOST.in'

Share on FacebookShare on X

अमेरिका पूरी दुनिया को लोकतंत्र को लेकर ज्ञान बांटता हैं। वो विश्व को अमेरिका से सीखने की सलाह भी देता है। परंतु यहां सवाल यह है कि क्या दुनिया को ऐसे देश से सीखने की जरूरत है जहां महिलाओं से गर्भपात का अधिकार ही छीना जा रहा हो?

जी हां, अमेरिका में अब गर्भपात संवैधानिक अधिकार नहीं रहेगा। अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में हाल ही में एक बड़ा फैसला सुनाया। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पांच दशक पुराने गर्भपात को कानूनी मंजूरी देने वाले फैसले को पलटकर रख दिया है, जिसके बाद अमेरिकी महिलाओं के लिए गर्भपात के हक का कानूनी दर्जा समाप्त हो जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को लेकर पूरे अमेरिका में भारी विरोध हो रहा है। अमेरिका में कोर्ट के फैसले को लेकर बवाल मच गया। फैसले के विरुद्ध में महिलाओं सड़कों पर उतर आई हैं।  कोर्ट के इस निर्णय को अमेरिका को पीछे धकेलने वाला बताया जा रहा है।

संबंधितपोस्ट

आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

ट्रंप की ईरान को खुली धमकी: कहा- पूरा देश तबाह कर देंगे

और लोड करें

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसला देते हुए कहा कि संविधान गर्भपात का अधिकार नहीं देता। हमारी और Roe vs Wade केस को खारिज किया जा रहा। हालांकि कोर्ट की तरफ से यह भी साफ किया गया कि अमेरिका में सभी राज्य गर्भपात से संबंधित अपने नियम कानून बना सकते है।ऐसा माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आधे से अधिक अमेरिकी राज्य गर्भपात कानून को लेकर प्रतिबंध लागू कर सकते हैं। 13 राज्यों द्वारा पहले ही गर्भपात को गरकानूनी करार देने वाले कानून को पारित कर चुके हैं। यहां अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह कानून लागू हो जाएंगे।

और पढ़ें: पिछले 18 महीनों से भारत में अमेरिका का कोई राजदूत न होना दर्शाता है बाइडेन का दोहरा चरित्र

क्या है Roe vs Wade का मामला?

पूरा मामला Roe vs Wade से जुड़ा हुआ है। इसके बारे में विस्तार से जानने के लिए आपको लगभग 50 साल पीछे जाना होगा। अमेरिका के टेक्सास में रहने वाली के महिला जिनका नाम नॉर्मा मैककॉर्वी था। उन्होंने कोर्ट में गर्भपात के लिए एक याचिका लगाई थी।  अदालती कार्यवाही में उनको ‘जेन रो’ नाम दिया गया। दरअसल, मैककॉर्वी अबॉर्शन कराना चाहती थीं। उनके पहले से दो बच्चे थे और वो तीसरा बच्चा नहीं चाहती थी। उस दौरान टेक्सास में गर्भपात असंवैधानिक था। केवल उन मामलों में ही महिलाओं को गर्भपात का अधिकार था जिनकी जान को खतरा हो।

साल 1973 में नौ जजों की बेंच ने 7:2 से फैसला मैककॉर्वी के पक्ष में सुनाया। तब कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि राज्य सरकारों के पास गर्भपात पर प्रतिबंध लगाने की शक्ति नहीं है। अदालत ने फैसला दिया था कि किसी भी महिला को गर्भपात कराना है या फिर नहीं, यह फैसला लेने का अधिकार उनको है। Roe vs Wade मामले में कोर्ट का यह फैसला ऐतिहासिक था, जिसके बाद एक तय सीमा तक गर्भपात की इजाजत अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई थीं। अब कोर्ट ने इसी 5 दशक पुराने फैसले को पलटा है, जिसके बाद अमेरिका में भारी तनाव की स्थिति है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला महिला विरोधी है, जो महिलाओं को उनसे जुड़े फैसले लेने के अधिकार को छीनता है। इसके साथ ही यह फैसला महिलाओं की जान के साथ भी खिलवाड़ ही है।

बाइडेन फैसले के विरोध में

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा कोर्ट के इस फैसले को बड़ी दुखद गलत बताया है। जो बाइडेन ने कहा कि अदालत का यह फैसला अमेरिका को 150 साल पीछे धकेल देगा। देश को संबोधित करते हुए जो बाइडेन ने कहा- “स्पष्ट तौर पर अदालत द्वारा एक ऐसे संवैधानिक अधिकार को छीना है, जो अमेरिकियों का मौलिक अधिकार भी था। मेरे अनुसार यह सर्वोच्च न्यायालय द्वारा की गई एक दुखद गलती है।”

बाइडेन ने आश्वासन देते हुए यह भी कहा कि वो उन राज्यों में गर्भपात संबंधी नियमों के मद्देनजर महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण के लिए अपनी क्षमतानुसार हरसंभव प्रयास करेंगे, जहां इन्हें प्रतिबंधित किया जाएगा। इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी कोर्ट के इस फैसले का विरोध करते हुए इसे लाखों अमेरिकियों की आवश्यक क्षमता पर हमला बताया। बाइडेन ने कहा कि राजनेताओं को उन फैसला में हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जो कि महिलाओं और चिकित्सक के बीच होगा।

और पढ़ें: उइगर पुरुषों की जबरन नसबंदी, महिलाओं का गर्भपात और फिर उन्हें कंसंट्रेशन कैंप में भेज रहा चीन

ट्रंप फैसले से खुश

इसके विपरित पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अदालत के इस फैसले के समर्थन में है। ट्रंप ने कोर्ट के फैसले की सराहना करते हुए एक साक्षात्कार में कहा- “यह फैसला संविधान का पालन और अधिकारों को बहाल करने जैसा है। इस तरह का फैसला बहुत पहले ही आ जाना चाहिए था।“

गर्भपात को लेकर चौंकाने वाली रिपोर्ट

यहां ध्यान देने वाली बात यह भी है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से कुछ दिनों पहले अमेरिका में महिलाओं के गर्भपात से जुड़ी एक रिपोर्ट भी सामने आई थीं। रिपोर्ट के बताया कि साल 2020 में अमेरिकी महिलाओं के गर्भपात के मामलों में बढ़ोत्तरी देखने को मिलीं। इस दौरान अमेरिका ने हर पांच में से एक महिला ने गर्भपात कराया। ‘गुट्टमाकर इंस्टीट्यूट’ की एक रिपोर्ट के अनुसार 2020 में अमेरिका में 9,30,000 से अधिक गर्भपात के मामले सामने आए। 

अमेरिका को भारत से सीख लेने की जरूरत

अमेरिका के मुकाबले भारत में देखा जाए तो गर्भपात से जुड़ा कानून काफी बेहतर है। भारत में शर्तों के साथ एक निश्चित अवधि के दौरान महिलाओं को गर्भपात कराने की अनुमति है। गर्भपात तभी हो सकता है जब भ्रूण 12 हफ्ते से ज्यादा का न हो। भारत में गर्भपात से जुड़ा मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी कानून 1971 में बनाया गया था, जिसमें बीते साल ही यानी 2021 में संशोधन किया गया। भारत में कोई डॉक्टर तभी गर्भपात कर सकता है, जब भ्रूण 12 सप्ताह से अधिक का ना हो। हालांकि इसके लिए ठोस वजह होना जरूरी है। नए कानून के अनुसार गर्भपात के लिए कई श्रेणियां बनाई गई है। विशेष परिस्थितियों में महिलाओं के गर्भपात के लिए समयसीमा को बढ़ाकर 20 सप्ताह से 24 सप्ताह कर दिया गया।

इसमें बलात्कार पीड़ित महिलाएं, कैटंबिक व्यभिचार (यानी किसी नजदीक द्वारा यौन उत्पीड़ना) का शिकार महिलाओं और नाबालिग को 24 हफ्ते तक गर्भपात की इजाजत दी जाती है। इसके अतिरिक्त गर्भवास्था के दौरान जिन महिलाओं की वैवाहिक स्थिति बदल गई हो (यानी विधवा हो गई हो या फिर तलाक हो गया हो) और दिव्यांग महिलाओं को भी 24 हफ्तों तक अबॉर्शन कराने का अधिकार मिलता है। भ्रूण में अगर ऐसी विकृति या फिर गंभीर बीमारी हो, उसके जन्म के बाद मानसिक या शारीरिक विकृति आने और गंभीर विकलांगता का शिकार होने का खतरा हो,  इस स्थिति में भी महिलाएं 24 हफ्तों के भीतर गर्भपात करा सकती हैं।

यानी इससे साफ है कि गर्भपात को लेकर भारत में अमेरिका से कहीं बेहतर है। भारत में गर्भपात का फैसला महिलाओं को लेने का अधिकार दिया जाता है न कि उन पर इस तरह का सख्त कानून थोपा जाता है। अगर महिलाओं या फिर भ्रूण किसी को कोई समस्या हो या फिर उनकी जान को खतरा हो, तो गर्भपात कराने की इजाजत दी जाती है। परंतु अमेरिका में इन सभी मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रखकर महिलाओं से गर्भपात के अधिकार को छीना जा रहा है। ऐसे में जो अमेरिका हर किसी को सीखने का ज्ञान बांटता हैं, उसे जरूरत है कि वो भारत से सीखे कि उसे किसी तरह महिलाओं को उनके जीवन और शरीर से जुड़े फैसले लेने की स्वतंत्रता देनी चाहिए।

और पढ़ें: ओह! तुम्हारे सुर कैसे बदल गए, अमेरिका ने ‘मानवाधिकार’ की बांसुरी बजाना बंद किया

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: ‘गुट्टमाकर इंस्टीट्यूट’अमेरिकागर्भपातजो बाइडेनभारतमहिलाओं
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

अब कपड़ा उद्योग में नहीं रहेगा बांग्लादेश का वर्चस्व, भारत जल्द लेकर आ रहा है PLI स्कीम

अगली पोस्ट

कथित पत्रकार रवीश कुमार ‘पांडे’ को ‘ब्राह्मण बस्ती’ से क्या समस्या है?

संबंधित पोस्ट

ICC का बांग्लादेश को अल्टीमेटम: भारत में खेलो या वर्ल्ड कप से बाहर निकलो
क्रिकेट

ICC का बांग्लादेश को अल्टीमेटम: भारत में खेलो या वर्ल्ड कप से बाहर निकलो

21 January 2026

तेवर दिखा रहे बांग्लादेश को एक बार फिर BCCI ने उसकी हैसियत दिखा दी है, लेकिन इस बार ICC के ज़रिए। दरअसल ICC ने बांग्लादेश...

कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत
चर्चित

आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

21 January 2026

हिंदी में एक मुहावरा है - जिसकी लाठी उसकी भैंस। ये मुहावरा कम से कम मौजूदा वर्ल्ड ऑर्डर या फिर कूटनीति में बिल्कुल मुफीद साबित...

ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर
चर्चित

ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

21 January 2026

ईरान में हालिया घटनाक्रम सिर्फ ईरान की आंतरिक उथल–पुथल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके व्यापक क्षेत्रीय और वैश्विक निहितार्थ हैं। पश्चिम एशिया के इस...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited