TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी, स्मृति ईरानी ने नेताओं को दी नसीहत, VIP कल्चर छोड़ने को कहा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    ₹7 लाख करोड़ की रक्षा मंजूरी: क्या है AoN, कैसे बदल रही है भारत की सैन्य ताकत?

    ₹7 लाख करोड़ की रक्षा मंजूरी: क्या है AoN, कैसे बदल रही है भारत की सैन्य ताकत?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी, स्मृति ईरानी ने नेताओं को दी नसीहत, VIP कल्चर छोड़ने को कहा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    ₹7 लाख करोड़ की रक्षा मंजूरी: क्या है AoN, कैसे बदल रही है भारत की सैन्य ताकत?

    ₹7 लाख करोड़ की रक्षा मंजूरी: क्या है AoN, कैसे बदल रही है भारत की सैन्य ताकत?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अमेरिका को अपना लोकतंत्र ‘रिपेयर’ करने की ज़रूरत है, भारत से सीख सकते हैं

स्वतंत्र होने के करीब 245 वर्ष बाद भी अमेरिका का लोकतंत्र परिपक्व नहीं हो पाया!

Ruchi Mehra द्वारा Ruchi Mehra
26 June 2022
in चर्चित, विश्व
america

Source- TFIPOST.in'

Share on FacebookShare on X

अमेरिका पूरी दुनिया को लोकतंत्र को लेकर ज्ञान बांटता हैं। वो विश्व को अमेरिका से सीखने की सलाह भी देता है। परंतु यहां सवाल यह है कि क्या दुनिया को ऐसे देश से सीखने की जरूरत है जहां महिलाओं से गर्भपात का अधिकार ही छीना जा रहा हो?

जी हां, अमेरिका में अब गर्भपात संवैधानिक अधिकार नहीं रहेगा। अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में हाल ही में एक बड़ा फैसला सुनाया। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पांच दशक पुराने गर्भपात को कानूनी मंजूरी देने वाले फैसले को पलटकर रख दिया है, जिसके बाद अमेरिकी महिलाओं के लिए गर्भपात के हक का कानूनी दर्जा समाप्त हो जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को लेकर पूरे अमेरिका में भारी विरोध हो रहा है। अमेरिका में कोर्ट के फैसले को लेकर बवाल मच गया। फैसले के विरुद्ध में महिलाओं सड़कों पर उतर आई हैं।  कोर्ट के इस निर्णय को अमेरिका को पीछे धकेलने वाला बताया जा रहा है।

संबंधितपोस्ट

UN का दोहरा रवैया? यूरोप में ‘Dialogue’, भारत के प्रदर्शन पर ‘Concern’, जानिए पूरा विवाद

अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश से भारत चिंतित, भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील

ग्रीनलैंड के बाद आइसलैंड पर ट्रंप की नजर? अमेरिकी झंडे वाले नक्शे ने बढ़ाई चिंता

और लोड करें

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसला देते हुए कहा कि संविधान गर्भपात का अधिकार नहीं देता। हमारी और Roe vs Wade केस को खारिज किया जा रहा। हालांकि कोर्ट की तरफ से यह भी साफ किया गया कि अमेरिका में सभी राज्य गर्भपात से संबंधित अपने नियम कानून बना सकते है।ऐसा माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आधे से अधिक अमेरिकी राज्य गर्भपात कानून को लेकर प्रतिबंध लागू कर सकते हैं। 13 राज्यों द्वारा पहले ही गर्भपात को गरकानूनी करार देने वाले कानून को पारित कर चुके हैं। यहां अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह कानून लागू हो जाएंगे।

और पढ़ें: पिछले 18 महीनों से भारत में अमेरिका का कोई राजदूत न होना दर्शाता है बाइडेन का दोहरा चरित्र

क्या है Roe vs Wade का मामला?

पूरा मामला Roe vs Wade से जुड़ा हुआ है। इसके बारे में विस्तार से जानने के लिए आपको लगभग 50 साल पीछे जाना होगा। अमेरिका के टेक्सास में रहने वाली के महिला जिनका नाम नॉर्मा मैककॉर्वी था। उन्होंने कोर्ट में गर्भपात के लिए एक याचिका लगाई थी।  अदालती कार्यवाही में उनको ‘जेन रो’ नाम दिया गया। दरअसल, मैककॉर्वी अबॉर्शन कराना चाहती थीं। उनके पहले से दो बच्चे थे और वो तीसरा बच्चा नहीं चाहती थी। उस दौरान टेक्सास में गर्भपात असंवैधानिक था। केवल उन मामलों में ही महिलाओं को गर्भपात का अधिकार था जिनकी जान को खतरा हो।

साल 1973 में नौ जजों की बेंच ने 7:2 से फैसला मैककॉर्वी के पक्ष में सुनाया। तब कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि राज्य सरकारों के पास गर्भपात पर प्रतिबंध लगाने की शक्ति नहीं है। अदालत ने फैसला दिया था कि किसी भी महिला को गर्भपात कराना है या फिर नहीं, यह फैसला लेने का अधिकार उनको है। Roe vs Wade मामले में कोर्ट का यह फैसला ऐतिहासिक था, जिसके बाद एक तय सीमा तक गर्भपात की इजाजत अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई थीं। अब कोर्ट ने इसी 5 दशक पुराने फैसले को पलटा है, जिसके बाद अमेरिका में भारी तनाव की स्थिति है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला महिला विरोधी है, जो महिलाओं को उनसे जुड़े फैसले लेने के अधिकार को छीनता है। इसके साथ ही यह फैसला महिलाओं की जान के साथ भी खिलवाड़ ही है।

बाइडेन फैसले के विरोध में

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा कोर्ट के इस फैसले को बड़ी दुखद गलत बताया है। जो बाइडेन ने कहा कि अदालत का यह फैसला अमेरिका को 150 साल पीछे धकेल देगा। देश को संबोधित करते हुए जो बाइडेन ने कहा- “स्पष्ट तौर पर अदालत द्वारा एक ऐसे संवैधानिक अधिकार को छीना है, जो अमेरिकियों का मौलिक अधिकार भी था। मेरे अनुसार यह सर्वोच्च न्यायालय द्वारा की गई एक दुखद गलती है।”

बाइडेन ने आश्वासन देते हुए यह भी कहा कि वो उन राज्यों में गर्भपात संबंधी नियमों के मद्देनजर महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण के लिए अपनी क्षमतानुसार हरसंभव प्रयास करेंगे, जहां इन्हें प्रतिबंधित किया जाएगा। इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी कोर्ट के इस फैसले का विरोध करते हुए इसे लाखों अमेरिकियों की आवश्यक क्षमता पर हमला बताया। बाइडेन ने कहा कि राजनेताओं को उन फैसला में हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जो कि महिलाओं और चिकित्सक के बीच होगा।

और पढ़ें: उइगर पुरुषों की जबरन नसबंदी, महिलाओं का गर्भपात और फिर उन्हें कंसंट्रेशन कैंप में भेज रहा चीन

ट्रंप फैसले से खुश

इसके विपरित पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अदालत के इस फैसले के समर्थन में है। ट्रंप ने कोर्ट के फैसले की सराहना करते हुए एक साक्षात्कार में कहा- “यह फैसला संविधान का पालन और अधिकारों को बहाल करने जैसा है। इस तरह का फैसला बहुत पहले ही आ जाना चाहिए था।“

गर्भपात को लेकर चौंकाने वाली रिपोर्ट

यहां ध्यान देने वाली बात यह भी है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से कुछ दिनों पहले अमेरिका में महिलाओं के गर्भपात से जुड़ी एक रिपोर्ट भी सामने आई थीं। रिपोर्ट के बताया कि साल 2020 में अमेरिकी महिलाओं के गर्भपात के मामलों में बढ़ोत्तरी देखने को मिलीं। इस दौरान अमेरिका ने हर पांच में से एक महिला ने गर्भपात कराया। ‘गुट्टमाकर इंस्टीट्यूट’ की एक रिपोर्ट के अनुसार 2020 में अमेरिका में 9,30,000 से अधिक गर्भपात के मामले सामने आए। 

अमेरिका को भारत से सीख लेने की जरूरत

अमेरिका के मुकाबले भारत में देखा जाए तो गर्भपात से जुड़ा कानून काफी बेहतर है। भारत में शर्तों के साथ एक निश्चित अवधि के दौरान महिलाओं को गर्भपात कराने की अनुमति है। गर्भपात तभी हो सकता है जब भ्रूण 12 हफ्ते से ज्यादा का न हो। भारत में गर्भपात से जुड़ा मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी कानून 1971 में बनाया गया था, जिसमें बीते साल ही यानी 2021 में संशोधन किया गया। भारत में कोई डॉक्टर तभी गर्भपात कर सकता है, जब भ्रूण 12 सप्ताह से अधिक का ना हो। हालांकि इसके लिए ठोस वजह होना जरूरी है। नए कानून के अनुसार गर्भपात के लिए कई श्रेणियां बनाई गई है। विशेष परिस्थितियों में महिलाओं के गर्भपात के लिए समयसीमा को बढ़ाकर 20 सप्ताह से 24 सप्ताह कर दिया गया।

इसमें बलात्कार पीड़ित महिलाएं, कैटंबिक व्यभिचार (यानी किसी नजदीक द्वारा यौन उत्पीड़ना) का शिकार महिलाओं और नाबालिग को 24 हफ्ते तक गर्भपात की इजाजत दी जाती है। इसके अतिरिक्त गर्भवास्था के दौरान जिन महिलाओं की वैवाहिक स्थिति बदल गई हो (यानी विधवा हो गई हो या फिर तलाक हो गया हो) और दिव्यांग महिलाओं को भी 24 हफ्तों तक अबॉर्शन कराने का अधिकार मिलता है। भ्रूण में अगर ऐसी विकृति या फिर गंभीर बीमारी हो, उसके जन्म के बाद मानसिक या शारीरिक विकृति आने और गंभीर विकलांगता का शिकार होने का खतरा हो,  इस स्थिति में भी महिलाएं 24 हफ्तों के भीतर गर्भपात करा सकती हैं।

यानी इससे साफ है कि गर्भपात को लेकर भारत में अमेरिका से कहीं बेहतर है। भारत में गर्भपात का फैसला महिलाओं को लेने का अधिकार दिया जाता है न कि उन पर इस तरह का सख्त कानून थोपा जाता है। अगर महिलाओं या फिर भ्रूण किसी को कोई समस्या हो या फिर उनकी जान को खतरा हो, तो गर्भपात कराने की इजाजत दी जाती है। परंतु अमेरिका में इन सभी मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रखकर महिलाओं से गर्भपात के अधिकार को छीना जा रहा है। ऐसे में जो अमेरिका हर किसी को सीखने का ज्ञान बांटता हैं, उसे जरूरत है कि वो भारत से सीखे कि उसे किसी तरह महिलाओं को उनके जीवन और शरीर से जुड़े फैसले लेने की स्वतंत्रता देनी चाहिए।

और पढ़ें: ओह! तुम्हारे सुर कैसे बदल गए, अमेरिका ने ‘मानवाधिकार’ की बांसुरी बजाना बंद किया

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: ‘गुट्टमाकर इंस्टीट्यूट’अमेरिकागर्भपातजो बाइडेनभारतमहिलाओं
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

अब कपड़ा उद्योग में नहीं रहेगा बांग्लादेश का वर्चस्व, भारत जल्द लेकर आ रहा है PLI स्कीम

अगली पोस्ट

कथित पत्रकार रवीश कुमार ‘पांडे’ को ‘ब्राह्मण बस्ती’ से क्या समस्या है?

संबंधित पोस्ट

अमित शाह के दौरे से सुरक्षा,
चर्चित

राष्ट्रीय एकता दिवस पर अमित शाह ने सरदार पटेल को दी श्रद्धांजलि, बोले- 1,218 दिनों में बनाया एकजुट भारत

31 October 2026

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर देशभर में राष्ट्रीय एकता...

दिलजीत दोसांझ के गानों पर झूमा दिल्ली
चर्चित

दिलजीत दोसांझ के गानों पर झूमा दिल्ली, बोले- पंजाबी धुन पर थिरकतें दिखें फैंस; CRPF जवान को किया सम्मानित

31 October 2026

पंजाबी गानों की धुन, हजारों फैंस का उत्साह और आसमान में चमकती आतिशबाजी। शुक्रवार शाम दिल्ली का जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ के...

Char Dham Helicopter Crash: बद्रीनाथ से उड़ान भरते ही पहाड़ से टकराया हेलिकॉप्टर, 2017 से अब तक चारधाम में 5 बड़े हादसे
चर्चित

Char Dham Helicopter Crash: बद्रीनाथ से उड़ान भरते ही पहाड़ से टकराया हेलिकॉप्टर, 2017 से अब तक चारधाम में 5 बड़े हादसे

30 October 2026

Char Dham Helicopter Crash: बद्रीनाथ से उड़ान भरने के करीब एक घंटे बाद शुक्रवार को उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ में एक हेलिकॉप्टर हादसे...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India Built Rudra and Prachand. Now It Wants to Make Their Gun at Home.

India Built Rudra and Prachand. Now It Wants to Make Their Gun at Home.

00:03:14

INS Samarthak: The Indigenous Warship Built to Do More Than One Job VO:

00:03:01

Why Is India Investing in Underwater Weapons?

00:02:10

How DRDO Is Making India's Military Communications More Secure

00:03:28

How Ice on Aircraft Wings Can Turn Deadly

00:03:19
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited